मप्र के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता ‘आशा’ ने दिया 5 शावकों को जन्म

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श्योपुर, 07 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस उपलब्धि के साथ भारत में जन्मे चीता शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर उक्त जानकारी साझा करते हुए एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें मादा चीता आशा अपने शावकों के साथ बैठी हुई है। उन्होंने इसे प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बताया और वन विभाग, फील्ड स्टाफ तथा पशु चिकित्सकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन का ही नतीजा है कि कूनो में चीते सुरक्षित माहौल में प्रजनन कर रहे हैं।

डीएफओ आर थिरूकुरल ने बताया कि आशा और उसके सभी शावक स्वस्थ्य हैं। कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। कूनो नेशनल पार्क में लगातार मिल रही सफलताएं चीता पुनर्स्थापना परियोजना की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। यह उचित निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और समर्पित टीमवर्क से वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता को भी प्रमाणित करता है।

गौरतलब है कि कूनो उद्यान में पहले से 27 चीते मौजूद थे। नए शावकों के जन्म के बाद पार्क में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है, जबकि प्रदेश में चीतों की संख्या कुल 35 पहुंच गई है। इनमें से तीन चीते फिलहाल मंदसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद हैं। यह देश की चीता संरक्षण यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है।

आगामी 28 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से आठ और चीतों को लाया जाना प्रस्तावित है। उससे पहले शावकों का जन्म होना चीता परियोजना के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह संकेत है कि कूनो का पर्यावरण चीता जैसे संवेदनशील वन्यजीव के लिए पूरी तरह अनुकूल बन चुका है। इससे न केवल कूनो की जैव विविधता को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत में चीता आबादी को भी नया विस्तार मिलेगा।__________________

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