प्रयागराज का माघ मेला क्षेत्र तीर्थस्थल है न कि राजनीति का अखाड़ा: शांडिल्य महाराज

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प्रयागराज, 27 जनवरी (हि.स.)। मौनी अमावस्या के माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई अविमुक्तेश्वरानंद की अभद्र टिप्पणी काे लेकर कई गुरुओं और साधु संताें में नाराजगी है।

श्रृंगवेरपुर धाम के पीठाधीश्वर श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी शांडिल्य महाराज ने इस मामले काे राजनीति रूप न देने की अपील की है। इस संबंध में मंगलवार को हिन्दुस्थान समाचार के संवाददाता ने श्रृंगवेरपुर धाम के पीठाधीश्वर श्रीमद जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी शांडिल्य महाराज ने बात की। शांडिल्य महाराज कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काे संगम तट पर पहुंचने से पहले रोका गया। यह तो ठीक था, लेकिन पुलिस ने बटुकों के साथ मारपीट सहित जो भी कार्रवाई की गई, वह कटु निंदनीय है। उस घटना के बाद अब जो भी माघ मेले में हो रहा है, वह ठीक नहीं है। उन्हाेंने कहा कि इस पूरे मामले को अब राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। माघ मेला क्षेत्र एक तीर्थ स्थल है न कि राजनीति का अखाड़ा।

उन्हाेंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। ऐसे पूज्य संत के खिलाफ धार्मिक स्थल से की गई कथित टिप्पणी का विरोध करते हुए उन्हाेंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मुख्यमंत्री के खिलाफ जो भी बोल रहे हैं, वह अपमानजनक एवं अभद्र भाषा है। यह संत की वाणी नहीं हो सकती। माघ मेले को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए। उन्हाेंने कहा कि सनातन धर्म के साधु-संत इस मामले को लेकर दो भाग में बट चुके हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह प्रकरण सनातनियों को दो भागों में बांटने की साज़िश रची जा रही है।

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