उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए बिल के विरोध में सड़क पर उतरे छात्र—युवा

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कई जिलाें में प्रदर्शन

लखनऊ, 27 जनवरी (हि.स.)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून को लेकर मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के कई जिलों में अलग-अलग जगहाें पर प्रदर्शन किए गए । अधिकारियाें काे ज्ञापन देकर कानून वापस लेने की मांग की गई। वहीं, कानपुर में भाजपा नेता ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिख कर कानून रद्द करने की मांग की है।

उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए यूजीसी के नए नियमाें काे लेकर पूरे देशभर में विराेध हाे रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सैकड़ों छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। छात्रों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम से उनकी पढ़ाई और भविष्य पर असर पड़ रहा है। धरना प्रदर्शन से विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

इसी तरह कानपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा मोर्चा जूही मंडल उपाध्यक्ष आकाश ठाकुर ने यूजीसी के नए नियमाें का अनोखे और बेहद भावुक तरीके से विरोध किया है। उन्होंने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखकर इन नियमाें पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। भाजपा नेता का मानना है कि यह नियम भविष्य में समाज और शिक्षण संस्थानों में भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा कानपुर में स्थानीय लोग और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ।

वाराणसी जिले में अस्सी चौराहे के निकट निवास करने वाले भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुधीर मिश्रा ने कहा कि यूजीसी बिल 2026 का विरोध व्यापक है। इस बिल को समय रहते हुए केंद्र सरकार को संशोधित कर लेना चाहिए। वहीं, यूजीसी बिल के विरोध में भारतीय जनता पार्टी से ही जुड़े बूथ स्तर से लेकर महानगर स्तर तक के तमाम चेहरों ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बिल संशोधन की मांग रखी है। वही, वाराणसी के जिला मुख्यालय पर भी यूजीसी बिल को लेकर कुछ संगठनों ने प्रदर्शन पर अपना विरोध जताया है।

जौनपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को सवर्ण आर्मी के हजारों कार्यकर्ताओं ने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को सौंपा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सवर्ण आर्मी के प्रवीण तिवारी ने बताया कि यह यूजीसी बिल को समाप्त करने के लिए किया जा रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि यूजीसी के इस बिल को वापस लिया जाए। रायबरेली जिले में भाजपा किसान मोर्चा के नेता रमेश बहादुर सिंह व हिन्दू रक्षा दल ने सभी सवर्ण जातियों के सांसदों को चूड़ियां भेजा। जनपद बिजनाैर में यूजीसी बिल के विरोध में आज सवर्ण समाज, सवर्ण आर्मी और क्षत्रिय राजपूत सभा समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल महिला शोभा शर्मा ने कहा कि जब पहले से ही एससी-एसटी एक्ट लागू है, तो सरकार को यूजीसी एक्ट लाने की क्या आवश्यकता है।

अलीगढ़ में राष्ट्रवादी छात्र संगठन ने यूजीसी के नए कानूनों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए यूजीसी का प्रतीकात्मक पुतला फूंक कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्कर शर्मा ने कहा कि हिंदू छात्र-छात्राओं में विभाजन वाले काले यूजीसी कानून को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किया गया!

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