सोना-चांदी के भावों में आए उछाल से ललचा रहे असामाजिक तत्व…….!

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उज्जैन, 03 फ़रवरी (हि.स.)। धार्मिक नगरी उज्जैन के तकरीबन हर गली मौहल्ले में कोई एक भगवान का मंदिर स्थापित है। आस्था और धार्मिक मान्यताओं के चलते भी कालोनियों से लेकर मौहल्लों तक में देव स्थान निर्मित करके, प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रतिमाओं को विराजीत किया गया है। इन मंदिरों में वर्ष भर धार्मिक गतिविधियां संचालित होती है। क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रतिदिन पूजन,अभिषेक किया जाता है।

इन रोजाना की गतिविधियों के चलते मंदिरों पर सामान्यतया प्रतिदिन सुबह से रात तक जहां चहल पहल रहती है वहीं मंदिरों में पूजा पाठ हेतु पुजारी तथा मंदिर के रखरखाव आदि के लिए सेवादार नियुक्ति रहते ही हैं। शहर की विभिन्न कालोनियों,मौहल्लों में मंदिरों का रखरखाव करने वाले भक्तों से चर्चा करने पर ज्ञात हुआ कि ऐसे मंदिरों में क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के श्रृंगार हेतु जन सहयोग से सोने-चांदी के गहने भी बनवाए गए हैं,जिनमें से कुछ सामान्यतया प्रतिदिन श्रृंगार के साथ पहनाए जाते हैं। विशिष्ट पर्वो के लिए बनवाए गए गहने लॉकर में रहते हैं।

इन भक्तों की माने तो सोना-चांदी के भावों में आए उछाल के कारण अब असामाजिक तत्वों की निगाह में मंदिर आ गए हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा अघोषित रूप से मंदिरों की इसी कारण से रैकी भी की ही जा रही होगी। ऐसे में मंदिरों में चोरी की वारदातों में वृद्धि होने की संभावना है। पिछले एक सप्ताह में हुई तीन चोरियां भी इसी कारण से हुई है। ताकि छोटे गहने,जोकि आम तौर पर भगवान को पहनाए ही जाते हैं,की चोरी भी उनके लिए भावों में आए उछाल के कारण हजारों से लाखों तक पहुंच सकती है।

इनकी है यह मांग

ऐसे में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों से चर्चा की गई तो उनकी पुलिस विभाग से मांग रही कि मंदिरों में वहां के भक्तों की टोलियों की बैठकें ली जाए ओर जन सहयोग से सीसीटीवी केमरे लगाए जाएं ताकि शरारती तत्वों द्वारा सोने-चांदी के गहनों की चोरी की नियत से मंदिर के ताले तोडऩे पर फुुटेज के आधार पर बदमाशों को पकड़ा जा सके।

इनका कहना है…

इस संबंध में एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि प्रमुख मंदिरों में तो सीसीटीवी केमरे लगे हुए है। अन्य मंदिरों में से अनेक में भक्तों द्वारा इतना व्यय उठाया नहीं जाने के कारण सीसीटीवी लगाना अनिवार्य नहीं किया जा सकता है। भक्तों की स्थानीय समितियां अपने स्तर पर पहल करके यह निर्णय लेती है तो स्वागत है। चोरियां बढऩे के मूल में सोने-चांदी के भावों में अत्यधिक उछाल आना है। ऐसे में वारदातें न हो,यह कहा नहीं जा सकता। वारदात रोकने का पुलिस का प्रयास पूरा है। रात्रि गश्त जारी है। फिर भी यदि श्रद्धालु चाहें और सीसीटीवी केमरे लगा लें तो बहुत ही अच्छा होगा।

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