सुप्रीम कोर्ट नीट पीजी के कट ऑफ मार्क्स को घटाने के एनबीईएमएस के फैसले पर हैरान, जवाब तलब

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नई दिल्ली, 06 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने नीट पीजी के कट ऑफ मार्क्स को घटाने के नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) के फैसले पर हैरानी जताई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हमें यह देखकर हैरानी हो रही है कि यह तरीका क्यों अपनाया गया। ये सभी रेगुलर डॉक्टर हैं। कोर्ट ने केंद्र और एनबीईएमएस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि ये फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पीजी की कोई सीट खाली न छूट जाए। दरअसल एनबीईएमएस ने 13 जनवरी को नीट पीजी काउंसलिंग के लिए कट-ऑफ काफी कम कर दी। इस बदलाव में सबसे अहम एससी-एसटी और ओबीसी कैटेगरी के लिए है जहां क्वालिफाईंग पर्सेंटाइल को 40वें पर्सेंटाइल से घटाकर जीरो पर्सेंटाइल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि 800 में से 40 लाने वाले भी मेडिकल पोस्टग्रेजुएशन कर सकते हैं।

इसके अलावा जनरल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाईंग पर्सेंटाइल को 50वां से घटाकर 7वां पर्सेंटाइल कर दिय गया है। जिससे कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 हो गया है। जनरल दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ को 45वें से घटाकर 5वें पर लाया गया है, जिससे स्कोर 255 से घटकर 90 हो गया है।

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