मणिपुर: लिटन में तीसरे दिन भी आगजनी, सुरक्षा बल तैनात

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इंफाल, 10 फरवरी (हि.स.)। मणिपुर के उखरुल जिला के लिटन इलाके में मंगलवार को भी हिंसा की खबर सामने आई है। गोलीबारी और आगजनी की नई घटनाओं की खबरें आईं, जबकि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हालात सामान्य करने की लगातार कोशिशों में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह लगातार तीसरे दिन भी हिंसात्मक घटना देखी गयी। दावा किया गया है कि इलाके से गोलीबारी और आगजनी की खबरें सामने आईं। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालात को और बढ़ने से रोकने के लिए और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट को भी बंद किया गया है।

इस बीच मणिपुर पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 12.10 बजे के. लुंगविराम गांव में आग लगने की एक छोटी सी घटना हुई, जिससे एक घर को थोड़ा नुकसान हुआ। पास के इलाके से सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और कुल मिलाकर स्थिति सामान्य है।

कोंसाराम विलेज अथॉरिटी (केवीए) ने इस घटना की निंदा की है और राज्य और केंद्र सरकारों से तुरंत सुरक्षा बल तैनात करने, राहत के उपाय करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। जिला पुलिस अधिकारियों ने गांव वालों से संपर्क किया है और उन्हें इलाके में शांति का भरोसा दिलाया है।

इस बीच, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल रही है कि लिटन घटना के बाद कोंसाखुल के लोग कांटो सबल भाग गए हैं, जो झूठी निकली हैं। कुछ स्टूडेंट्स और परिवारों को छोड़कर कोई भी गांव वाला बाहर नहीं गया है, जिन्होंने नए स्कूल सेशन के शुरू होने की वजह से कुछ समय के लिए किराए पर रहने की जगह मांगी है। पुलिस ने लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें या उन्हें न फैलाएं।

ज्ञात हो कि 9 फरवरी को उप मुख्यमंत्री लोसी दिखो के नेतृत्व में विधायकों की एक टीम ने जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए लिटन का दौरा किया था। टीम ने दोनों समुदायों के नेताओं के साथ बैठक की और शांति बहाल करने में मदद के लिए संयम बरतने की अपील की। उप मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगजनी में शामिल लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

भाजपा विधायक गोविंद दास कोंथौजम और इबोमचा ने कहा कि हालात को काबू में करने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा रोकने के लिए और फोर्स तैनात की गई और समुदाय के नेताओं से बातचीत शुरू की गई।

खबर है कि यह हिंसा रविवार की रात को शुरू हुई। इसके पीछे की वजह बतायी गयी है कि शनिवार रात तांगखुल नागा और कुकी समुदाय के नशे में धुत दो लोगों के बीच कथित तौर पर मारपीट हुई थी। तांगखुल नागा व्यक्ति पर कथित तौर पर कुकी समुदाय के एक ग्रुप ने हमला किया, जिससे आगजनी हुई और बाद में अशांति फैल गई।

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