अन्य पदाधिकारियों ने घर में नजरबंद होने का लगाया आरोप, सोशल मीडिया में अपनी तस्वीरे भी जारी की

वाराणसी, 25 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार को मणिकर्णिकाघाट के सुंदरीकरण मामले को लेकर सियासत सर्द मौसम में भी उबलने लगी है। समाजवादी पार्टी (सपा) नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी का प्रतिनिधि मंडल मणिकर्णिकाघाट जाने के लिए तैयारी कर ही रहा था कि प्रशासन ने नेताओं को उनके घर के बाहर ही रोक लिया। सपा नेता और जनपद चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह को पुलिस बल ने रोका तो नाराज सांसद घर के बाहर कार्यकर्ताओं के साथ कुछ देर के लिए धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन हमें तथ्यों को जुटाने के लिए आगे बढ़ने से रोका जा रहा है।
सांसद वीरेन्द्र सिंह ने पुलिस अफसरों से कहा कि मणिकर्णिकाघाट पर आखिर में वास्तविकता है क्या, यह जानने के लिए हमलोग वहां जाना चाहते थे। जिला प्रशासन ने कहा कि हम छह लोगों को अनुमति देंगे तो हम लोग उस पर भी तैयार हो गए। जाने का रास्ता भी तय हो गया। इसके बावजूद प्रशासन का अपनी बात से मुकर जाना और पार्टी के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट करना सही नही है।
उधर, पार्टी के दर्जनों नेताओं ने सोशल मीडिया में घर में नजरबंद होने की जानकारी वाली तस्वीरें भी जारी की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार विपक्षी दलों की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। नेताओं का कहना है कि वे मणिकर्णिका घाट पर जाकर वहां की स्थिति और सच्चाई जानना चाहते थे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से जबरन रोक दिया। घाट पर मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने की घटना चिंंताजनक है।
मणिकर्णिकाघाट पर छिड़े सियासी संग्राम में घर में नजरबंद सपा नेता संदीप मिश्रा ने रविवार काे आरोप लगाया कि पुलिस ने आधीरात में ही उन्हें घर में रोक लिया। संदीप मिश्र ने बताया कि वे पार्टी के प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा नहीं थे, फिर भी उन्हें शिवपुर स्थित घर पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। उन्हाेंने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा कि वे 25 वर्षों से नियमित रूप से कालभैरव मंदिर जाते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें धार्मिक अधिकार से वंचित कर दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार संविधान की मर्यादा को ताक पर रखकर जनता की आस्था पर चोट कर रही है।
संदीप मिश्र ने तीखे शब्दों में कहा कि 2027 में जनता इस तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्हाेंने बताया कि सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पत्र जारी कर इस प्रतिनिधि मंडल की घोषणा की। इसमें तीन सांसदों और पूर्व मंत्रियों समेत 11 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस टीम में वाराणसी महानगर अध्यक्ष दिलीप डे, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव, सांसद वीरेंद्र सिंह, सांसद सनातन पाण्डेय, सांसद प्रिया सरोज, एसएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटेल, जानकी पाल, महेंद्र पाल, किशन दीक्षित और अजहर अली शामिल हैं।
#उत्तरप्रदेश #वाराणसी #मणिकर्णिकाघाट #समाजवादीपार्टी #सपा) #सांसदवीरेंद्रसिंह
