नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील

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अमित शाह बोले- चिंताओं का होगा समाधान

जगदलपुर, 09 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बचे हुए नक्सलियों से पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो भी नक्सली अब तक बचे हैं, वे हथियार डाल दें। सरकार उनकी सभी चिंताओं का समाधान करेगी और उन्हें सम्मान के साथ पुनर्वास प्रदान किया जाएगा।

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम महोत्सव 2026’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए दोहराया कि 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद की समस्या खत्म हो जाएगी। शाह ने कहा कि हम किसी से लड़ना नहीं चाहते, हमारी लड़ाई जनजातीय लोगों की सुरक्षा के खिलाफ नहीं है। ये जो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाते हैं, उन्हें यह मालूम नहीं कि किसी निर्दोष जनजातीय किसान का उस ओर पैर पड़ जाएगा, किसी बच्ची का पैर पड़ जाएगा और वे जीवन भर के लिए दिव्यांग हो जाएंगे।

शाह ने कहा कि जो लोग आत्मसपर्ण किए हुए हैं, उन्हें कोई आंच नहीं आने वाली है, लेकिन जो आदिवासी गांवों में गोली चलाएंगे, आईईडी लगाएंगे, स्कूलों को जलाएंगे, मोबाइल टावर बंद कर देंगे, अस्पताल जला देंगे, वे बख्शे नहीं जाएंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पंडुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु श्री राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है।

उन्होंने कहा कि आज हमारा बस्तर एक बेहतरीन विकास का ब्रांड बनकर देश के सामने आ रहा है। कई स्कूल जो 40 वर्षों से बंद थे, उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार ने खोला है। शाह ने कहा कि मेरा वादा है और संकल्प भी है कि देश के सारे जनजातीय संभागों में मेरा बस्तर 5 सालों में सबसे विकसित संभाग बन जाएगा

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाइल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास कोसों दूर था, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।

शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।

समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी उनकी (अमित शाह) मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भरी है।

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