द्रव्यवती नदी में सीधे ही अनट्रीटेड वाटर छोड़ा जा रहा,

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न्याय मित्र की रिपोर्टः अवैध पंपिंग से हो रही खेती

जयपुर, 19 फ़रवरी (हि.स.)। शहर की द्रव्यवती नदी के संरक्षण से जुडे मामले में नियुक्त न्यायमित्रों ने अदालती आदेश की पालना में हाईकोर्ट में अपनी निरीक्षण रिपोर्ट पेश की है। इसमें कहा गया कि गत 7 और 8 फरवरी को द्रव्यवती नदी पर बने एसटीपी प्लांट और रिवर फ्रंट सहित अन्य जगहों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में पता चला की विश्वकर्मा औद्योगिक एरिया, बनीपार्क आर्मी एरिया, विद्याधर नगर, सुशीलपुरा, रीको एसटीपी तरुछाया नगर, रेलवे ब्रिज फन किंगडम के पास, ग्रासफील्ड श्याम नगर के पास, आतिश मार्केट, बम्बाला पुलिया, मानसरोवर, नारायणा अस्पताल प्रताप नगर व राणा सांगा मार्ग पर अनट्रीटेड वाटर को सीधे ही द्रव्यवती में छोड़ा जा रहा है। वहीं गोनेर में अवैध तौर पर पंपिंग कर खेती की जा रही है। कई जगह पर रिवर फ्रंट का अवैध तरीके से उपयोग किया जा रहा है। वहां पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। वहीं एसटीपी प्लांट व रिवर फ्रंट पर संसाधनों की कमी है। एसटीपी प्लांट पर सफाई की व्यवस्था नहीं है। वहीं द्रव्यवती के प्लांट के सबस्टैंडर्ड होने के चलते चंदलाई बांध का पानी भी प्रभावित हो रहा है।

इसके जवाब में जेडीए ने कहा कि सुशीलपुरा पर जयपुर नगर निगम की सीवरेज लाइन, जो देहलावास एसटीपी के लिए है, वहां से सरप्लस फ्लो सीधा ही द्रव्यवती में डायवर्ट हो रहा है। वहीं अन्य जगहों पर भी कई नालों से भी अनट्रीटेड सीवरेज नगर निगम नदी में छोड़ रहा है। इसके अलावा विश्वकर्मा, सुदर्शनपुरा और सीतापुरा सहित सांगानेर सांगानेर औद्योगिक क्षेत्र से केमिकल वाला कचरा सीधे द्रव्यवती नदी में छोड़ा जा रहा है। जेडीए, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण की कार्रवाई कर रहा है। जेडीए ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी करने व दोषी इंडस्ट्रियल यूनिट्स को सील करने की कार्रवाई भी की है। अदालत में मामले की सुनवाई 19 मार्च को होगी। गौरतलब है कि पीएन मैंदोला ने द्रव्यवती नदी में अतिक्रमण व अवैध निर्माण को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी थी। इसमें कहा था कि इस नदी को प्रदूषित कर दिया है और इससे वास्तविक स्वरूप नष्ट हो रहा है। इसलिए इसे मूल स्वरूप में लाया जाए।

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