कोकराझाड़ में मॉब लिंचिंग के बाद पुलिस की हवाई फायरिंग

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आंसू गैस, सेना का फ्लैग मार्च , असम के कोकराझाड़ में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित

कोकराझाड़ (असम), 20 जनवरी (हि.स.)। असम के कोकराझाड़ जिले के कारिगांव में मंगलवार को मॉब लिंचिंग में दाे युवकाें की माैत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घटना के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।असम के कोकराझाड़ में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गईं।

उल्लेखनीय है कि, कारिगांव में मवेशी चोरी के संदेह को लेकर ग्रामीणों ने कुछ युवकों पर हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक सुनील मुर्मू ने मंगलवार काे दम तोड़ दिया। घटना में चार अन्य लोग घायल हुए हैं। नका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

लिंचिंग की घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई। आक्रोशित लोगों ने कथित रूप से चार घरों और एक स्कॉर्पियो वाहन में आग लगा दी। इससे गांव और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। हालात को काबू में करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग के साथ-साथ आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। इसके अलावा, इलाके में सेना द्वारा फ्लैग मार्च किया गया और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो कंपनियां तैनात की गई हैं।

पुलिस ने घटना में शामिल कई उपद्रवियों की पहचान भी कर ली है। अब तक इस मामले में 29 लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने विदेश दौरे के दौरान ही घटना की जानकारी ली और राज्य के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह को हालात पर कड़ी नजर रखने तथा शीघ्र सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

असम के कोकराझाड़ में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित

कोकराझाड़ (असम), 20 जनवरी (हि.स.)। असम सरकार ने कोकराझाड़ जिले में उत्पन्न गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

सरकारी आदेश के अनुसार, 19 जनवरी की रात कोकराझाड़ थाना अंतर्गत कारिगांव आउटपोस्ट के पास मंसिंह रोड पर एक स्कॉर्पियो वाहन द्वारा दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर मारे जाने की घटना हुई। वाहन में सवार तीन बोडो युवकों को आसपास के आदिवासी ग्रामीणों ने कथित तौर पर पीट दिया, जबकि स्कॉर्पियो वाहन को आग के हवाले कर दिया गया।

इस घटना के बाद बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके चलते कारिगांव आउटपोस्ट के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, कुछ घरों और एक कार्यालय भवन में आगजनी की तथा कारिगांव आउटपोस्ट पर भी हमला किया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात किया गया है ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन को जिले में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका बनी हुई है।

सरकार ने यह भी आशंका जताई है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग भड़काऊ संदेश और अफवाहें फैलाने के लिए किया जा सकता है। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोबाइल-इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई है। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान वॉयस कॉल सेवाएं और फिक्स्ड टेलीफोन लाइनों पर आधारित ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू रहेंगी। आदेश का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह अधिसूचना असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी द्वारा राज्यपाल के आदेश से जारी की गई है।

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