अब डॉक्टर नहीं, एआई करेगा मरीजों का इलाज…

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कैंट का हेल्थ सिस्टम होगा हाई-टेक

बरेली, 19 फरवरी (हि.स.) । कैंट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं अब पारम्परिक ढर्रे से निकलकर हाई-टेक मॉडल की ओर बढ़ने जा रही हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से इलाज की प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

इसी कड़ी में स्वास्थ्य क्षेत्र में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्रांति” विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन की पहल पर हुआ।

व्याख्यान में प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. मधु रैकवार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान बन चुकी है। एआई तकनीक के माध्यम से गंभीर बीमारियों की समय रहते सटीक पहचान संभव हो रही है। डिजिटल डायग्नोस्टिक्स से जांच रिपोर्ट तेजी से तैयार हो रही है, जबकि रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन का जोखिम कम हो रहा है। मरीजों के डेटा का विश्लेषण कर उन्हें अधिक प्रभावी और व्यक्तिगत इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है।

कार्यक्रम में टेलीमेडिसिन की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि एआई आधारित टेलीमेडिसिन सिस्टम से दूर-दराज के मरीज घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही इलाज में पारदर्शिता बढ़ेगी। मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से उपचार में त्रुटियों की सम्भावना भी कम होगी।

डॉ. तनु जैन ने कहा कि कैंट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। व्याख्यान का उद्देश्य अस्पताल और कार्यालय स्टाफ को डिजिटल बदलाव के लिए तैयार करना है, ताकि भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने एआई के लाभ, चुनौतियों और व्यवहारिक उपयोग को लेकर सवाल पूछे। अंत में आरएमओ डॉ. वंदना ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताया। व्याख्यान ने साफ संकेत दिया कि बरेली कैंट में इलाज की तस्वीर अब तेजी से बदलने वाली है।

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