अजीत पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने जताई साजिश की आशंका

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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

कोलकाता, 28 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजीत पवार की विमान हादसे में हुई मौत को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग की है।

इस दुखद घटना के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रस्तावित दिल्ली दौरा स्थगित कर दिया। वह हुगली के सिंगूर में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाते समय मीडिया से बातचीत कर रही थीं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अजीत पवार जल्द ही भाजपा नीत एनडीए से अलग होकर विपक्षी इंडी गठबंधन में लौटने की तैयारी में थे। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली थी कि सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने भी इस ओर संकेत दिया था।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों पर भरोसा न जताते हुए कहा कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर सकतीं। इसलिए केवल शीर्ष अदालत की निगरानी में जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा,“आज सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की विमान दुर्घटना में मौत की खबर से मैं स्तब्ध हूं। देश में लोगों की सुरक्षा नहीं है, यहां तक कि राजनीतिक नेताओं की भी नहीं। विपक्षी दलों का भविष्य क्या होगा, यह सोचने वाली बात है। वह सत्तारूढ़ गठबंधन में थे, लेकिन हाल में उनके रुख को लेकर अलग संकेत मिल रहे थे।”

उन्होंने आगे कहा,“आज जो कुछ हुआ, उसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हमें केवल सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, किसी अन्य एजेंसी पर नहीं। सभी एजेंसियां पूरी तरह से खरीदी जा चुकी हैं। यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।”

उल्लेखनीय है कि एनसीपी प्रमुख एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की बुधवार सुबह एक छोटे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई। इस हादसे में पायलट और अजीत पवार के सुरक्षा कर्मियों समेत कुल पांच लोगों की जान चली गई।

जानकारी के अनुसार, विमान ने सुबह करीब आठ बजे मुंबई से उड़ान भरी थी और लगभग 45 मिनट बाद बारामती हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अजीत पवार को स्थानीय निकाय चुनावों से पहले चार महत्वपूर्ण जनसभाओं में शामिल होना था।

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