मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई अव्यवस्था पर बड़ी कार्रवाई, आयोजनकर्ता फर्म ब्लैकलिस्टेड

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कानपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) परिसर में बीती 11 दिसंबर 2025 को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुई अव्यवस्थाओं के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में पता चला कि 635 वैवाहिक जोड़ों के लिए व्यवस्था होने के बावजूद केवल 561 जोड़े ही कार्यक्रम में शामिल हुए और उनके लिए सुविधाएं नाकाफी थीं। लगभग 12,342 लोगों की मौजूदगी के मुकाबले फर्म ने केवल 2100–2300 लोगों के लिए भोजन और बैठने की व्यवस्था की थी।

मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने मंगलवार को बताया कि अपर जिलाधिकारी नगर की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय संयुक्त जांच समिति ने आयोजन में कई गंभीर कमियां पाई। इनमें वेदियों और पूजन सामग्री की कमी, तय 25 फोटोग्राफरों की जगह सिर्फ दो फोटोग्राफर, जयमालाओं, लड्डू और ड्राई फ्रूट्स की अपर्याप्तता, छोटा पंडाल और सीमित कुर्सियां, अधूरी सजावट और एलईडी स्क्रीन शामिल हैं। समिति के अनुसार फर्म द्वारा की गई व्यवस्थाएं कुल आवश्यकता की केवल लगभग 45 प्रतिशत थीं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुमोदन के बाद आयोजनकर्ता फर्म नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट कर आगामी पांच वर्षों तक किसी भी सरकारी विभाग में काम करने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही बिल भुगतान में कटौती की जाएगी और दीवार घड़ियों की वितरण में 1.40 लाख रुपये की रकम काटी जाएगी। शेष 398 सामूहिक विवाहों के लिए पुराना ई-टेंडर निरस्त कर नई प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य कमियां:-

केवल 2100–2300 लोगों के लिए भोजन, तय मेनू के अनुसार नहीं

561 जोड़ों के लिए 370 वेदियां और पूजन सामग्री

सिर्फ दो फोटोग्राफर, जयमालाओं और लड्डू/ड्राई फ्रूट्स की कमी

पंडाल छोटा, बैठने की 3000 कुर्सियां, अधूरी सजावट और एलईडी स्क्रीन

प्रशासन की कार्रवाई:-

फर्म को ब्लैकलिस्ट और पांच वर्ष तक सरकारी काम पर रोक

बिलों में कमी के अनुसार कटौती

दीवार घड़ी वितरण में 1.40 लाख रुपये की कटौती

सुरक्षा राशि और ईपीबीजी जब्त

नई ई-टेंडर प्रक्रिया के निर्देश

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