
कोलकाता, 23 जनवरी (हि.स.)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से नेताजी से जुड़ी सभी गोपनीय फाइलों को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी नेताजी के लापता होने का रहस्य सुलझ नहीं पाया है, जो देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1945 के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी आज भी सामने नहीं आ सकी है। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने राज्य अभिलेखागार में मौजूद नेताजी से संबंधित सभी फाइलें काफी पहले ही सार्वजनिक कर दी थीं।
मुख्यमंत्री ने लिखा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेताजी के लापता होने का रहस्य आज तक अनसुलझा है। यह पूरे देश के लिए दुखद है। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर सभी दस्तावेज़ सार्वजनिक कर दिए हैं। मैं एक बार फिर भारत सरकार से अपील करती हूं कि नेताजी से जुड़ी सभी जानकारियों को सार्वजनिक किया जाए।”
नेताजी की जयंती इस वर्ष सरस्वती पूजा के दिन पड़ी है, जो पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय पर्व है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेताजी के सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के संदेश को याद करते हुए कहा कि उनका सच्चा सम्मान उन्हीं आदर्शों को अपनाने में है।
ममता बनर्जी ने कहा, “नेताजी जानते थे कि यह देश केवल हिंदुओं या केवल मुसलमानों का नहीं है। यह देश सभी का है हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पुरुष, महिलाएं, अमीर, गरीब, पंजाबी, तमिल, गुजराती और बंगाली। आज़ाद हिंद फौज धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का प्रतीक थी, जहां सभी ने मिलकर देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया।”
उन्होंने कहा कि यदि देशवासी वास्तव में नेताजी का सम्मान करना चाहते हैं, तो उन्हें जाति, धर्म और लिंग से ऊपर उठकर एकता, भाईचारे और सौहार्द के उनके आदर्शों को अपनाना होगा। सीएम ने कहा कि हम सब भारतीय हैं, यही हमारी पहचान है।
नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को तत्काल सार्वजनिक करे केंद्र : ममता बनर्जी
