कानून का पालन ही नागरिक कर्तव्यः मोहन भागवत

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मुजफ्फरपुर, 26 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने 77वें गणतंत्र दिवस पर कहा कि हमारा धर्म क्या है इसका उपदेश देने वाला हमारा संविधान है। संविधान की प्रस्तावना पढ़ते रहने से नागरिक कर्तव्य आदि का बोध होता रहता है। कानून का पालन करना ही नागरिक कर्तव्य है।

सरसंघचालक डॉ. भागवत सोमवार को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित संघ कार्यालय- मधुकर निकेतन पर राष्ट्रध्वज फहराने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। डॉ. भागवत ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बहुत त्याग कर स्वाधीनता दिलाई है और हम सबको मिलकर देश को गणराज्य बनाए रखना है और मिलकर देश चलाना है।

उन्होंने राष्ट्रध्वज के तीनों तिरंगा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सबसे ऊपर त्याग और भारत की सनातन संस्कृति का भगवा रंग है। बीच में मन की निर्मलता का रंग सफेद है। लोग कर्मशील रहें, उन्नति एवं प्रगति के लिए, लक्ष्मी जी आती रहें वह रंग हरा है और यह सब धर्म के आधार पर चलता रहे इसलिए धम्म चक्र बीच में है।

सरसंघचालक भागवत ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना पढ़ते रहने से नागरिक कर्तव्य आदि का बोध होता रहता है और कानून का पालन करना ही नागरिक कर्तव्य है। हमारे देश में कुछ परंपरागत रूप से चलने वाले कानून भी हैं जिनका कहीं लिखित उल्लेख तो नहीं है परंतु भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनुष्य में मनुष्यता बनी रहे ऐसी परंपराएं चलती आ रही हैं। हम सबको मिलकर देश को दुनिया का सिरमौर बनाना है इसके लिए हम सबको आदर्श आचरण प्रकट करते रहना होगा।

कार्यक्रम में प्रांत संघचालक गौरीशंकर प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह बिसेन, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।———–

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