
गौशालाओं की प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम हो स्थापित
जनगणना-2027 के लिए सभी जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का किया जाए गठन
दिनांकः 07 जनवरी, 2026
लखनऊः मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने आदेशित किया कि उप्र की सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाए।गौशालाओं की प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित हो।
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डालयुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि कुल 7466 पदों (15 विषयों) पर सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) (पुरुष/महिला शाखा) भर्ती के लिए परीक्षा-2025 का आयोजन 17, 18, 24 एवं 25 जनवरी, 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को निष्पक्ष, नकलविहीन एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने व्यापक एवं सुदृढ़ व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टैटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में सभी अभ्यर्थियों की डबल लेयर फ्रिस्किंग (पुलिस एवं कार्यकारी संस्था द्वारा) अनिवार्य रूप से कराई जाए। किसी भी दशा में कोई अभ्यर्थी अनुचित सामग्री लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश न कर सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सही अभ्यर्थी का ही परीक्षा में प्रवेश हो तथा सही प्रश्नपत्र सही समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे पूर्णतः क्रियाशील रहें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपद एवं आयोग स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से परीक्षा की सतत निगरानी की जाए। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सभी कार्मिकों का प्रशिक्षण समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए तथा परीक्षा के दौरान एसटीएफ एवं एलआईयू द्वारा सतर्कता बनाए रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में भी निर्देश दिए कि एडीएम स्तर के अधिकारियों को चिन्हित कर नोडल अधिकारी नामित किया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया और अधिक सुचारु एवं पारदर्शी हो सके। बैठक में बताया गया कि परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 12,36,239 है। इसमें से 15 विषयों में से 06 विषयों (गणित, हिन्दी, विज्ञान, सस्कृत, गृह विज्ञान एवं वाणिज्य) से सम्बन्धित 6,15,251 अभ्यर्थियों की परीक्षा माह दिसम्बर, 2025 में आयोजित करायी जा चुकी है।
मुख्य सचिव ने बेड एण्ड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे पॉलिसी-2025 के अंतर्गत जनपदों में लंबित होमस्टे एवं बेड एण्ड ब्रेकफास्ट प्रस्तावों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी से 30 जनवरी तक विशेष अभियान चलाकर इन लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कराकर स्वीकृति प्रदान की जाए तथा सर्टिफिकेट जारी किए जाएं। साथ ही पॉलिसी के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें पंजीकरण कराएं। इससे प्रदेश में होटल एवं होमस्टे की उपलब्धता बढ़ेगी तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
गौ-आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने शेष सभी गौशालाओं को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं की प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं जहां से इनकी सतत मॉनीटरिंग करते हुए सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर गौशालाओं से टैग करने के निर्देश दिए गए तथा चारागाह भूमि पर हरे चारे का उत्पादन करने पर बल दिया गया। बैठक में बताया गया कि हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर एवं रामपुर जनपदों में टैग्ड भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा आच्छादन किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने कुक्कुट विकास नीति-2022, बकरी पालन योजना, सूकर पालन योजना तथा भेड़ पालन योजना जैसी योजनाओं में अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। इन योजनाओं में लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने तथा नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं में भी पेंडिंग एप्लीकेशनों को शीघ्र निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने दुग्ध समितियों के सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराने पर भी जोर दिया गया। बैठक में उन्होंने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।
जनगणना-2027 के संबंध में मुख्य सचिव ने बताया कि इसके प्रथम चरण अर्थात हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना (एचएलओ) का क्षेत्रीय कार्य मई-जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश में कराया जाएगा। सभी जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन कर लिया जाए। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, आयुक्त नगर निगम, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी तथा जनगणना कार्य निदेशालय का प्रतिनिधि सदस्य होंगे तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) संयोजक होंगे। यह समिति जनगणना-2027 की प्रारंभिक तैयारियां, प्रशिक्षण, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना, जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करना, जनसंख्या गणना, आंकड़ों के प्रकाशन एवं सारणीकरण आदि कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराएगी। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स के लिए योग्य अधिकारियों का चयन कर उनका प्रशिक्षण समय से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
इससे पहले निदेशक (जनगणना कार्य), उत्तर प्रदेश श्रीमती शीतल वर्मा द्वारा जनगणना की प्रक्रिया, समय-सीमा एवं जनगणना-2027 की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
