ईरान के साथ ‘अर्थपूर्ण समझौते’ पर जोर

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ट्रंप बोले— परमाणु हथियार नहीं बना सकता तेहरान

वॉशिंगटन, 19 फरवरी (हि.स.)। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को ईरान के साथ एक “अर्थपूर्ण समझौता” करना ही होगा, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनी रह सके। वॉशिंगटन में अपने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन सार्थक समझौता करना आसान नहीं रहा है।

ट्रंप ने कहा, “अच्छी बातचीत हो रही है। वर्षों से यह साबित हुआ है कि ईरान के साथ अर्थपूर्ण समझौता करना आसान नहीं है। हमें ऐसा समझौता करना ही होगा, वरना हालात खराब हो सकते हैं।”

उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होगा तो मध्य पूर्व में शांति संभव नहीं है।”

इस बीच, जिनेवा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच परोक्ष वार्ता का एक दौर संपन्न हुआ। अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व विशेष दूत स्टीव विट्कॉफ और जारेड कुशनर ने किया, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए। इन वार्ताओं का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना बताया गया है।

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान जिनेवा वार्ता के दौरान अमेरिका की चिंताओं को दूर करने के लिए एक लिखित प्रस्ताव पेश कर सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि वार्ता सफल रहती है तो यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, लेकिन मतभेद गहरे होने के कारण समझौते का रास्ता अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

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