‘सोलर पावर’ से रोशन होगा कानपुर, सोलर सिटी बनने की राह पर बढ़ा शहर

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– 2,104 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरित ऊर्जा को बढ़ावा- 20,756 सोलर रूफटॉप के साथ यूपी में तीसरे स्थान पर है कानपुर

कानपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। औद्योगिक शहर कानपुर अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश हुए उत्तर प्रदेश बजट 2026–27 में हरित ऊर्जा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सौर, जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए 2,104 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसी के तहत कानपुर समेत प्रदेश के कई नगर निगमों को “सोलर सिटी” के रूप में विकसित करने की योजना को गति दी गई है।

सोलर सिटी परियोजना के लिए सीधे तौर पर अलग से बड़ी रकम नहीं बताई गई, लेकिन कुल 750 करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रावधान में कानपुर और अन्य शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करना शामिल है। ये बजट की धनराशि कानपुर जैसे शहरों में सोलर ऊर्जा के नेटवर्क, इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा पहलों को मजबूत करेगी।

यूपी में तीसरे स्थान पर है कानपुर

सोलर रूफटॉप के मामले में कानपुर प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। शहर में अब तक 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं। घरों में सोलर पैनल लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ भी मिल रहा है। नेट-मीटरिंग व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच सकते हैं, जिससे आम लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

कितना बदलेगा शहर?

– कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक नगर अब हरित ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

– बजट के प्रावधान सौर ऊर्जा के विस्तार को मजबूती देंगे, जिससे बिजली पर निर्भरता पारंपरिक स्रोतों पर कम होगी।

– सोलर रूफटॉप से बिजली बचत, पर्यावरण में सुधार, और जनता को सीधा फायदा मिलेगा।

बजट में क्या है खास?

– नगर निगम भवनों, स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों की छतों पर बड़े पैमाने पर सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने के लिए विशेष फंड।

– रिहायशी उपभोक्ताओं को सब्सिडी के साथ सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहन।

– इंडस्ट्रियल एरिया में कैप्टिव सोलर प्लांट को बढ़ावा, ताकि फैक्ट्रियों की बिजली लागत घटे।

– स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण (बैटरी स्टोरेज) पर निवेश, जिससे दिन में बनी सौर ऊर्जा का उपयोग रात में भी हो सके।

आम लोगों को क्या फायदा?

– बिजली बिल में 30–50% तक की संभावित बचत (रूफटॉप क्षमता पर निर्भर)।

– नेट-मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली बेचने का विकल्प खुलेगा।

– रोजगार के नए अवसर—इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और मैन्युफैक्चरिंग में स्थानीय युवाओं को काम।

– औद्योगिक शहर से अब ग्रीन सिटी की भी मिलेगी पहचान।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सोलर सिटी योजना के तहत सरकारी भवनों पर सोलर प्लांट लगाने का काम तेज किया जा रहा है। सोलर रूफटॉप के लिए जागरूक किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि कानपुर स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा मॉडल के रुप में प्रदेश में मिसाल बने।

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