सीएम ने जीबी पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने वहां 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर, नई कैथ लैब तथा अत्याधुनिक न्यूरो आईसीयू व ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स जनता को समर्पित किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह सहित अन्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जीबी पंत अस्पताल में स्थापित 256-स्लाइस सीटी स्कैनर अपनी श्रेणी का अत्यंत आधुनिक उपकरण है और उत्तर भारत में यह पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसे किसी सरकारी अस्पताल में स्थापित किया गया है। यह मशीन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और एंजियोग्राफी से जुड़ी बीमारियों की त्वरित और सटीक पहचान में सहायक सिद्ध होगी तथा कई मामलों में जीवन रक्षक की भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि न्यूरो विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पंत अस्पताल में फिलिप्स की अत्याधुनिक एंजियोरियन मोनोप्लेन न्यूरो कैथ लैब की स्थापना की गई है। जिससे गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज को काफी हद तक डॉक्टर्स को मदद मिलेगी। उन्होंने आगे जानकारी दी कि अस्पताल के पुराने न्यूरो आईसीयू को पूरी तरह से नवीनीकृत कर 16-बेड का आधुनिक न्यूरो आईसीयू विकसित किया गया है, जहां 24 घंटे गहन निगरानी और विशेष उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

इस अवसर पर डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जीबी पंत अस्पताल में 256-स्लाइस सीटी स्कैनर, न्यूरो कैथ लैब और अत्याधुनिक न्यूरो आईसीयू की शुरुआत दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देती है। उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से अब दिल्ली के नागरिकों को न्यूरो और डायग्नोस्टिक उपचार के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर सुलभ इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि न्यूरो आईसीयू को नवीनतम तकनीक से अपग्रेड किया गया है और नया कैथ लैब शुरू किया गया है, जिससे स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर और अन्य जटिल न्यूरो समस्याओं का त्वरित इलाज संभव हो पाएगा। यह सुविधाएँ विशेष रूप से गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगी। उन्होंने दोहराया कि आधुनिक तकनीक और समय पर उपचार ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि हर मरीज को नई तकनीक पर आधारित बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

मशीनों की विशेषताएं –

स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर : करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर उत्तर भारत का पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसमें “ऑलवेज-ऑन” स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक उपलब्ध है। इस तकनीक की मदद से शरीर के अंदरूनी अंगों की बेहद स्पष्ट और सटीक जांच कुछ ही सेकंड में संभव हो सकेगी। इससे हृदय रोग, कैंसर, मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों, स्ट्रोक और एंजियोग्राफी जैसी जटिल जांचों में तेज़ और सही निदान हो पाएगा। साथ ही, इसमें रेडिएशन की मात्रा भी कम रखी गई है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और बेहतर होगी।

न्यूरो कैथ लैब : अस्पताल में 9 करोड़ रुपये की लागत से न्यूरो कैथ लैब भी शुरू की गई है। इस लैब में स्ट्रोक के इलाज, ब्रेन ट्यूमर, एन्यूरिज्म और अन्य गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के लिए उन्नत उपचार संभव हो सकेंगे। इस लैब के माध्यम से प्रति वर्ष 1,200 से अधिक मरीजों को उन्नत और समयबद्ध इलाज का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में मृत्यु और विकलांगता के जोखिम को कम किया जा सकेगा।

आधुनिक न्यूरो आईसीयू : करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड वाला आधुनिक न्यूरो आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स भी शुरू किया गया है। यह न्यूरो आईसीयू उन्नत रोगी निगरानी प्रणालियों, विशेष ऑपरेटिव सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ से युक्त है, जिससे गंभीर न्यूरो-क्रिटिकल एवं पोस्ट-ऑपरेटिव मरीजों को समग्र और सुरक्षित देखभाल उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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