वार्षिकी 2025) : उपलब्धियों और प्रगति का एक उल्लेखनीय अध्याय बनकर उभरा पूर्वोत्तर भारत

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गुवाहाटी, 28 दिसंबर (हि.स.)। विदा हो रहे वर्ष 2025 में पूर्वोत्तर भारत ने शिक्षा, विज्ञान, बुनियादी ढांचा, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज कीं। हिन्दुस्थान समाचार की इस वार्षिकी में वर्ष भर की प्रमुख सफलताओं पर संक्षिप्त दृष्टि डाली जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 जनवरी को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में असम की ‘हातिबंधु’ पहल की सराहना की, जिसे मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास बताया गया। 10 फरवरी को ‘परीक्षा पे चर्चा’ में त्रिपुरा के सिपाहिजला जिले के बिलोनिया उपमंडल स्थित श्री आर्य कॉलोनी उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र प्रीतम दास ने प्रधानमंत्री से संवाद किया।

मिजोरम को आधिकारिक रूप से 20 मई को भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया। अरुणाचल प्रदेश में 22 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने 5,100 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी दिन त्रिपुरा के उदयपुर स्थित माताबाड़ी में पुनर्निर्मित त्रिपुरेश्वरी मंदिर का भी उद्घाटन किया गया।

गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20 दिसंबर को 1.4 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में निर्मित, लगभग 4000 करोड़ की लागत वाले नए टर्मिनल का उद्घाटन हुआ। साथ ही नामरूप में 12 लाख मैट्रिक टन उत्पादन क्षमता वाले यूरिया संयंत्र की आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। 21 दिसंबर को प्रधानमंत्री ने कहा कि औद्योगिकीकरण और संपर्क असम के सपनों को साकार कर रहे हैं तथा केंद्र की पाम ऑयल मिशन योजना पूर्वोत्तर को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाएगी।

प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नद में नौकायन करते हुए असम के 25 चयनित स्कूली विद्यार्थियों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ के तहत संवाद भी किया। 25 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जोरहाट (ऊपरी असम) की आइशी प्रिशा बरुवा को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इसी समारोह में मिजोरम की बाल गायिका एस्थर नामते को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए यही सम्मान प्रदान किया गया।

शिक्षा और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में असम में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के चलते स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी आई। सिलचर स्थित एनआईआईटी द्वारा विकसित न्यूरल चिप और तकनीकी नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। असम के आर्यन जिशान को दो क्षुद्रग्रहों की खोज के लिए नासा द्वारा सम्मानित किया गया। असम के 11 जिलों में 6 जनवरी से ‘गुणोत्सव 2025’ का प्रथम चरण प्रारंभ हुआ, जिसमें 14,11,874 विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया। इस कार्यक्रम की मूल भावना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना रही।

बुनियादी ढांचे और पुरस्कारों की बात करें तो गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल को ‘अंतरराष्ट्रीय स्थापत्य पुरस्कार 2025’ से नवाजा गया। समाज और उद्योग में योगदान के लिए कई विशिष्ट नागरिकों को ‘असम एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025’ प्रदान किए गए।

अर्थव्यवस्था, निवेश और उद्योग के क्षेत्र में ‘एडवांटेज असम 2.0’ शिखर सम्मेलन के दौरान राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। असम की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग छह लाख करोड़ रुपये के निकट पहुंच गया। भविष्य में रोजगार सृजन के लिए जागीरोड में सेमीकंडक्टर हब और उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों की दिशा में बड़े कदम उठाए गए।

जिला और सामाजिक विकास में गोलाघाट जिले को सामुदायिक समरसता और सामाजिक उत्थान के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान 2025’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समग्र रूप से वर्ष 2025 असम के लिए शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, खेल और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में स्मरणीय रहा।

त्रिपुरा ने भी 2025 में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज कीं। जन भागीदारी अभियान और पीएम जनमन कार्यक्रम के लिए राज्य को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। 15,584 से अधिक आवासों का निर्माण, 141 नए आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना और 38,014 घरों में नल से जल आपूर्ति जैसे विकास कार्य पूरे किए गए। पश्चिम मजलिशपुर ग्राम पंचायत को ग्रामीण ई-गवर्नेंस में राष्ट्रीय रजत पुरस्कार प्राप्त हुआ। व्यवसायिक सुधार कार्ययोजना के अंतर्गत ‘टॉप अचीवर अवॉर्ड’ से त्रिपुरा को सम्मानित किया गया।

ऊर्जा क्षेत्र में त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड को ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार’ मिला। स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में त्रिपुरा ने उत्तर-पूर्व में अग्रणी स्थान हासिल किया। त्रिपुरा ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों के लिए मात्र आठ महीनों में लगभग 389.75 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। मनरेगा के तहत केंद्र के औसत से अधिक कार्यदिवस सृजित किए गए।

शिक्षा और मानव विकास में त्रिपुरा को भारत का तीसरा पूर्ण साक्षर राज्य होने की मान्यता मिली। एआईटीटी 2025 में राज्य के युवा छात्र सैमुअल देवबर्मा को उत्तर-पूर्व में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ। शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार से 240.5 करोड़ रुपये की सहायता मिली, जिससे 20 शहरी क्षेत्रों में पेयजल, सोलर लाइट, सीसीटीवी और व्यावसायिक अवसंरचना का विकास हुआ। कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ अपराध दर में कमी आई और मादक पदार्थों की बरामदगी व नष्ट करने की कार्रवाई तेज हुई।

28 दिसंबर को ‘मन की बात’ के 129वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर की प्रेरणादायी महिला उद्यमियों—चूड़ाचांदपुर जिले की मार्गरेट रामथारसियेम और सेनापति जिले की चोकोने क्रिचेन—की विशेष रूप से सराहना की।

इस प्रकार, वर्ष 2025 पूर्वोत्तर भारत के लिए उपलब्धियों और प्रगति का एक उल्लेखनीय अध्याय बनकर उभरा।

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