भारत-मलेशिया साझेदारी को मिलेगी नई गति

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आतंकवाद पर नो डबल स्टैंडर्ड्स, नो कंप्रोमाइज: प्रधानमंत्री मोदी

पुत्राजाया, 09 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मलेशिया दौरे के दूसरे दिन कहा कि मलेशिया में भारत के श्रमिकों के संरक्षण के लिए सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट, पर्यटन के लिए ग्रेटिस ई-वीजा तथा डिजिटल इंटरफेस यूपीआई का मलेशिया में लागू होना जैसे कदम दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को सरल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है। भारत-मलेशिया शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे और आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों का संदेश स्पष्ट है- नो डबल स्टैंडर्ड्स, नो कंप्रोमाइज।

मलेशिया की प्रशासनिक और न्यायिक राजधानी पुत्राजाया में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध अत्यंत विशेष हैं। दोनों देश समुद्री पड़ोसी हैं और सदियों से उनके लोगों के बीच गहरे और आत्मीय संबंध रहे हैं। आज मलेशिया भारतीय मूल की आबादी वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जो दोनों देशों के बीच मानवीय रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है।

2026 की पहली विदेश यात्रा में मलेशिया आकर प्रसन्नता हुई

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले वर्ष वह आसियान से जुड़े कार्यक्रम के लिए मलेशिया नहीं आ पाए थे, लेकिन आज वर्ष 2026 की पहली विदेश यात्रा में मलेशिया आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। बीते कुछ वर्षों में भारत-मलेशिया संबंधों ने नई गति पकड़ी है, जिसमें प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का विशेष योगदान रहा है।

आपसी संबंध गहरे हुए

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, अवसंरचना और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हुआ है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, बायोटेक और आईटी में आपसी निवेश बढ़ा है, जबकि पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क भी गहरे हुए हैं। इन उपलब्धियों से प्रेरित होकर दोनों देशों ने साझेदारी को अभूतपूर्व गति और गहराई देने का निर्णय लिया है।

आपसी सहयोग से करेंगे आतंकवाद का मुकाबला

सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया काउंटर टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और समुद्री सुरक्षा में आपसी सहयोग को और मजबूत करेंगे। रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाया जाएगा। एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी के अलावा सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।

भारतीय प्रवासी ‘लिविंग ब्रिज’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीईओ फोरम आयोजित होने से व्यापार और निवेश के नए अवसर खुले हैं और दोनों देश रणनीतिक विश्वास के जरिए आर्थिक परिवर्तन का रास्ता बनाएंगे। उन्होंने मलेशिया में भारतीय प्रवासियों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 30 लाख भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच एक ‘लिविंग ब्रिज’ हैं। उनके कल्याण के लिए उठाए गए कदम भारत-मलेशिया संबंधों को मानवीय आधार प्रदान करते हैं।

भारत-मलेशिया को तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम जोड़ता है

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और मलेशिया को तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भी जोड़ता है। मलेशिया में तमिल की मजबूत और जीवंत उपस्थिति शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।दृश्य -श्रव्य सहयोग से फिल्म और संगीत, विशेषकर तमिल फिल्में, दोनों देशों के लोगों को और करीब लाएंगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यूनिवर्सिटी एक्सचेंज, स्टार्टअप कनेक्ट और स्किल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को समर्थन देने के लिए मलेशिया में नया भारतीय कांसुलेट खोलने का भी निर्णय लिया गया है।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक विकास का इंजन बनकर उभरा

प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक विकास का इंजन बनकर उभर रहा है। भारत, आसियान के साथ पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और आसियान सेंट्रलिटी को प्राथमिकता देता है। उन्होंने मलेशिया की सफल आसियान अध्यक्षता के लिए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने सहमति जताई है कि आसियान-भारत व्यापार समझौते (आईटीजीए) की समीक्षा शीघ्र पूरी की जानी चाहिए। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई है। वैश्विक अस्थिरता के मौजूदा माहौल में भारत और मलेशिया की बढ़ती मित्रता दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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