
पार्श्वनाथ जैन मंदिर गाजियाबाद में मुख्समंत्री योगी आदित्यनाथ
गाजियाबाद। पार्श्वनाथ जैन मंदिर परिसर सोमवार को उस समय भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण से गूंज उठा, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ “जीत” कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, स्वागत नारों और जैन समुदाय के गरिमामय आयोजन के बीच मुख्यमंत्री योगी का आगमन पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
सुबह लगभग 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर पहुंचे, जहां जैन मुनियों ने उन्हें शाल ओढ़ाकर और मंगल सूत्र प्रदान कर विशेष स्वागत किया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी सजावट, फूलों की बंदनवार और पवित्र प्रतीकों से सजाया गया था। “जीत” कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र और शांतिपाठ के साथ हुई, जिसमें सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से सहभागिता की। इसके बाद जैन धर्माचार्यों ने कार्यक्रम की महत्ता और जैन दर्शन में ‘जीत’ यानी आत्मविजय की अवधारणा को विस्तृत रूप से समझाया।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में जैन समुदाय द्वारा समाज के नैतिक उत्थान, अहिंसा, सत्य और संयम की परंपरा को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि जैन संतों की शिक्षाएं आज के समय में मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। योगी ने कहा कि “जैन समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण, व्यापारिक ईमानदारी, शिक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आत्मविजय का मार्ग ही समाज को सही दिशा देता है, और यही संदेश ‘जीत’ कार्यक्रम पूरे देश को देता है।”
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सबके लिए समान अवसर के सिद्धांत पर काम कर रही है। “हमारा संकल्प है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था, विकास और अवसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन लाया जाए। जिस प्रकार जैन समाज शुचिता और अनुशासन का पालन करता है, वही भावना यदि समाज के हर वर्ग में आए तो देश को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री योगी ने पार्श्वनाथ भगवान की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जैन धर्म की अहिंसा और करुणा की शक्ति मानवता को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि जैन दर्शन में ‘जीत’ का अर्थ बाहरी प्रतिस्पर्धा से प्राप्त विजय नहीं बल्कि अपने अंदर के लोभ, मोह, क्रोध और अहंकार पर विजय पाना है। मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे इस आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में अपनाएं और समाज को सकारात्मक दिशा देने में योगदान दें।
उन्होंने जैन संतों से आशीर्वाद लेते हुए कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कई धार्मिक केंद्रों को विकसित कर रही है ताकि भारत की संस्कृति और अध्यात्मिक धरोहर को विश्व स्तर पर पहचान मिले।
कार्यक्रम के दौरान जैन समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समाज के विभिन्न संगठनों की ओर से अभिनंदन पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में प्रदेश में धार्मिक सौहार्द और विकास की गति मजबूत हुई है। कई वक्ताओं ने जैन समुदाय के हित में लिए गए निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में जैन समाज के युवा और महिला मंचों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें जैन धर्म की शिक्षाओं और भगवान पार्श्वनाथ के जीवन पर आधारित लघु प्रस्तुतियां शामिल थीं। मंदिर परिसर में लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल में जैन इतिहास, जैन साहित्य और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सामग्री को लोगों ने विशेष रुचि से देखा।
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर गाजियाबाद को लेकर कई विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और यातायात सुधार को लेकर बड़े स्तर पर कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि गाजियाबाद को NCR का एक मॉडल जिला बनाया जाए जहां नागरिक सुविधाएं और सुरक्षा दोनों उच्च स्तर पर हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारी सरकार का फोकस बिना भेदभाव के विकास पर है। प्रदेश की प्रगति ही राष्ट्र की प्रगति है। जैन समाज जैसे अनुशासित और शांतिप्रिय समाज की भागीदारी से प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से और भी तेजी से होगा।”
कार्यक्रम के अंत में जैन धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री योगी को शुभाशीर्वाद दिया और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और सौहार्द की कामना की। “जीत” कार्यक्रम आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत सफल रहा और जैन समाज तथा स्थानीय नागरिकों के लिए यह दिन लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।


