चीनी कम्युनिष्ट पार्टी के भाजपा-संघ नेताओं से मुलाकात ?

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चीन की सत्ताधारी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। यह पहले बीजेपी मुख्यालय गया और फिर दिल्ली स्थिति आरएसएस मुख्यालय पहुंचा। विशेषकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुई मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने भी इन मुलाकातों पर सवाल उठाये है। इन मुलाकातों को केवल औपचारिक शिष्टाचार बताकर नजरअंदाज करना सियासी क्षेत्रों में आसान नहीं माना जा रहा। गलवान घाटी की घटना के बाद इस तरह की कूटनीतिक और सियासी बैठकों के मायने अहम हैं। भाजपा नेता अरुण सिंह के नेतृत्व वाले दल से मिलने के बाद चीनी नेताओं ने आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की। इस दौरान यह बैठक करीब एक घंटे चली। यह शिष्टाचार भेंट चीनी पक्ष के अनुरोध पर हुई। चीन भारत के मित्र देशों में नहीं माना जाता है। मगर बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अमेरिका से ठन्डे गर्म रिश्तों के बाद इसे अहम् माना जा रहा है। यह भी साझी है चीन ने कभी भारत की सहायता नहीं की। यहाँ तक कि सुरक्षा परिषद् में भारत को स्थाई सदस्य बनाने में भी कभी आगे आकर समर्थन नहीं किया। विरोध जरूर किया। पाकिस्तान की गिनती भारत के दुश्मन देशों में की जाती है। चीन पाकिस्तान की सहायता करता रहा है और आज भी कर रहा है। चीन भारत का पडोसी देश जरूर है और इस नाते भारत से उसके रिश्ते सामान्य होने की उम्मीद की जाती है। चीन भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है तो उसे भारत से मिलकर रहना भी पड़ेगा। अब देखना है भारत चीन की दोस्ती परवान चढ़ेगी या नहीं। सब कुछ चीन के भरोसे पर टिकी है। चीन यदि सीमा विवाद सुलझाकर भारत को सुरक्षा परिषद् का स्थाई सदस्य बनने में रुकावट नहीं डाले तथा पाकिस्तान को अवांछित मदद नहीं करें तो दोनों देश प्रगति और विकास का मार्ग वरण कर सकते है। वैश्विक जगत में यह बहुत बड़ी बात होंगी।

बीजेपी के राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, ‘इंटरनेशन डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के वाइस मिनिस्टर सुन हैयान ने बीजेपी मुख्यालय का दौरा किया। बैठक के दौरान हमने बीजेपी और सीपीसी के बीच संवाद और बातचीत कैसे बढ़ाएं, इसपर चर्चा की।’ सीपीसी नेताओं से बैठक के बाद बीजेपी के विदेश मामलों के इंचार्ज डॉ विजय चौथाईवाले ने एक्स पर बताया कि ‘महासचिव अरुण सिंह की अगुवाई में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल और सीपीसी डेलिगेशन के बीच इंटर पार्टी कम्युनिकेशन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग भी शामिल हुए।’ चीन के स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस के मुताबिक जून 2024 के अंत में चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के कुल 10.27 करोड़ सदस्य थे। वहीं बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताती है। पार्टी का दावा है कि पिछले सदस्यता अभियान के बाद 2025 में इसके सदस्यों की संख्या 18 करोड़ से ज्यादा है।

गौरतलब है कि गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच रिश्तों में खटास आई थी. नागरिकों के बीच संपर्क भी टूट गया था। भारत ने चीनी कंपनियों और निवेश को लेकर कई पाबंदियां भी लगाई थीं। हालांकि अब रिश्तों में सुधार हो रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की चीन यात्रा के बाद रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें सीधी हवाई सेवाओं को बहाल करना भी शामिल है। भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और यहां जनता से चुनी हुई सरकार शासन करती है। चीन में एक पार्टी की तानाशाही है। अपनी विस्तारवादी नीति के लिए यह देश जाना है। हिंदी चीनी भाई भाई के नारे को भारत भुला नहीं है। भारत के साथ शत्रुता पूर्ण व्यवहार उसकी पहचान है। 

इसी बीच ट्रंफ टैरिफ ने एक बार फिर भारत और चीन के आपसी सम्बन्ध सुधरने का अवसर प्रदान किया है। दोनों देशों के बीच फिर से सकारात्मक बातचीत होती दिख रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमारे सदियों पुराने मित्र देश रूस ने चीन से कहा है की वह भारत से अपने सभी रिश्ते शांति के साथ निपटाएं। रूस का मानना है भारत, चीन और रूस एक होते है तो दुनिया की कोई ताकत इन्हें आँख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकते। इससे पूरी दुनिया की चाल और सत्ता का संतुलन ही बदल जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार तीनों देश लंबे समय अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। चीन युआन, रूस रूबल, और भारत रुपया ट्रेड को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में तीनों साथ आकर नई करेंसी या पेमेंट सिस्टम बना सकते हैं जो डॉलर को चुनौती देगा। चीन को भी अब समझ आ गया है कि भारत के साथ टकराव से दोनों देशों का नुकसान है। इसके अलावा चीन के इस बदले रुख के पीछे भारत की मजबूत रणनीति और सरहद पर तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा भी है। भारत ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सड़कों, पुलों, सुरंगों और हवाई पट्टियों का निर्माण तेज कर दिया है।

बाल मुकुन्द ओझा

डी 32, मॉडल टाउन, जगतपुरा रोड

जयपुर [ राजस्थान ]

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