पहले बड़े मदनी और अब अरशद मदनी ; दोनों ही खुलकर आसिम मुनीर की भाषा बोल रहे हैं । उन्हें सुप्रीमकोर्ट सुप्रीम नहीं लगता । वन्देमातरम बोलने वाले लोग इन मदनियों को मरी हुई कौम लगते हैं । दोनों मौलाना धर्मगुरु जिहाद का ऐलान खुले आम कर रहे हैं । उन्हें देश से नफरत है मुनीर से प्यार है । डाक्टरों के आतंकी मॉड्यूल पर सवाल खड़े करते हुए उनके लिए को वे जिहाद बताते हैं ?
ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि की कोर्ट में सुनवाई पर उन्हें एतराज है । कहते हैं कि सरेंडर मत करो चूंकि मुर्दा कौमें ही सरेंडर किया करती हैं। अल्फलाह यूनिवर्सिटी की वकालत करते हुए अरशद मदनी कहते हैं कि जब जब जुल्म होगा तब तब जिहाद होगा । महमूद मदनी साफ साफ बता रहे हैं कि जिहाद होगा , भारत के खिलाफ जिहाद होगा । अनपढ़ भी जिहाद करेंगे , उच्च शिक्षित भी और जीवन बचाने वाले डाक्टर भी जिहाद करेंगे ।
इन बयानों का क्या मतलब है ? भारत में कानून का राज है , संविधान का राज है , शरिया का राज नहीं है मदनी बंधुओं ? जैसा कि अंसार रजा ने कहा कि भारत का मुसलमान मदनी का समर्थन नहीं करता । भारत का मुसलमान सबसे सुरक्षित है देश के विकास में योगदान दे रहा है । दरअसल बिहार में वोटबैंक बनने के बावजूद जीत न पाने से मदनी हताश हैं । आमतौर पर अरशद मदनी इतना गर्म नहीं बोलते , महमूद मदनी को गरमाई के लिए छोड़ देते हैं । लेकिन इस बार वे भड़के हुए हैं ।
देश की मुस्लिम जनता ने राम मंदिर पर कोर्ट के वर्डिक्ट का सम्मान किया । देश में कहीं से भी दंगे की खबर नहीं आई , मंदिर बन भी गया । काशी मथुरा पर भी देर सवेर राम मंदिर जैसा ही फैसला आएगा , देश की पूरी जनता को मानना ही पड़ेगा । मदनी भाईजान , देश के परिपक्व लोकतंत्र पर भरोसा रखो , जिहाद जिहाद मत चिल्लाओ । आप दोनों किसी इस्लामिक मुल्क में नहीं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हो । ये भड़काऊ जिहादी धमकियां बंद करो ?
यदि मुल्ला आसिम मुनीर आपका आदर्श है , हाफिज सईद आपका मजहब है अथवा जाकिर नाइक आपका मसीहा है तो याद रखना ? इस देश की जनता आपके साथ नहीं है , मुस्लिम समाज भी आपके अलगाव के साथ नहीं है । इस देश में लोकतंत्र का निजाम है । ये हिंदुस्तान है मेरी जाँ आपके ख्वाबों का गलीचा नहीं ।
,,,,,,कौशल सिखौला


