केंद्रीय बजट में महिलाओं , बच्चों पर फोकस,जेंडर बजट बढ़कर 9.37 प्रतिशत

0
21

नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय बजट 2026–27 में महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बजट का स्वागत करते हुए इसे महिला-नेतृत्व वाले विकास और बच्चों के कल्याण को मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि देश के विकास की असली ताकत हैं।

बजट के मुताबिक, कुल केंद्रीय बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी बढ़कर 9.37 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष में 8.86 प्रतिशत थी।

अन्नपूर्णा देवी ने ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है। इस राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, आजीविका और देखभाल सेवाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।

रोजगार और स्किलिंग को मिलेगी नई रफ्तार

बजट में केयर सेक्टर को रोजगार का बड़ा जरिया माना गया है। इसके तहत बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे खासतौर पर महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल संस्थानों का विस्तार किया जाएगा। सरकारी और निजी भागीदारी से नए संस्थान खोले जाएंगे और पुराने संस्थानों को मजबूत किया जाएगा।

महिला उद्यमियों को बाजार और पहचान

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए बजट में शी (सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर) मार्ट्स की घोषणा की गई है। ये मार्ट्स महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराएंगे। इससे महिलाओं को उद्यमी बनने और दूसरों को रोजगार देने का अवसर मिलेगा।

बजट में मछली पालन, हथकरघा, हस्तशिल्प और खादी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को भी विशेष सहायता देने की बात कही गई है, जिससे पारंपरिक व्यवसायों को नई ताकत मिलेगी।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल

केंद्रीय बजट में दिव्यांगजनों के लिए भी कई नई योजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना और पीएम दिव्याशा केंद्रों को आधुनिक बनाना शामिल है। सरकार का दावा है कि इससे दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता और सम्मान बढ़ेगा।

मानसिक स्वास्थ्य और आपात सेवाओं पर जोर

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निमहंस -2 की स्थापना और रांची व तेजपुर के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा हर जिले में 24 घंटे ट्रॉमा और इमरजेंसी केयर सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा

उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बजट में हर जिले में स्टेम संस्थानों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे दूर-दराज के इलाकों की छात्राओं को पढ़ाई में मदद मिलेगी और ड्रॉप-आउट की समस्या कम होगी।

सरकार का कहना

सरकार के अनुसार केंद्रीय बजट 2026–27 सामाजिक और आर्थिक विकास को साथ-साथ आगे बढ़ाने वाला है। महिलाओं और बच्चों को केंद्र में रखकर किए गए ये प्रावधान विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here