कुछ लोग वाराणसी के विकास में बाधा बन रहे : याेगी आदित्यनाथ

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-मणिकर्णिका घाट पर चल रहे जीणोद्धार कार्यो को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रखी अपनी बात, विरोधी दलों पर साधा निशाना

वाराणसी, 17 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर चल पर चल रहे जीर्णोद्धार कार्यो को लेकर हमलावर विरोधी दलों के बयानों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है। शनिवार को वाराणसी आए मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले में सीधे कांग्रेस को निशाने पर लेकर कहा कि मठ-मंदिर के विवादित मुद्दे उठाकर सनातनी जनता को दिग्भ्रमित करने का काम हो रहा है। कांग्रेस लगातार भारत की आस्था को अपमानित करती रही है। मुख्यमंत्री यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़े जाने के आरोप और वायरल वीडियो पर कहा कि काशी को बदनाम करने की साजिश हुई। कुछ लोग काशी के विकास में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले काशी में कैसे हालात थे, यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। काशी में गंगा जल आचमन तो छोड़िए स्नान लायक भी नहीं था। आज ये घाट देशभर को आकर्षित कर रहे हैं। विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी साजिश रची गई थी। टूटी मूर्तियों को एक जगह लाकर उन्हें सोशल मीडिया के जरिए वायरल किया गया था। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट के मंदिर पुराने और जीर्णशीर्ण थे, अब उनका जीर्णोद्धार हो रहा है। यहां एआई से वीडियो बनाकर गुमराह करने की कोशिश हो रही है। आज हर कोई जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे इस प्रोजेक्ट के संरक्षण का हिस्सा बनेंगे।

मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए मणिकर्णिका घाट पर आए हुए लोगों को उचित सुविधा मिले, सुरक्षा मिले और उनके परिजन को गरिमामयी विदाई मिले, सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी के लिए ही यह काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि घाट पर शवदाह के दौरान या उसके बाद राख गंगा में न जाए, इसका ध्यान रखा जा रहा है। गंगा के जलस्तर को बनाए रखने पर उन्होंने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर को ध्यान में रख कर शवदाह प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि काशी अविनाशी है। काशी को लेकर हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में काशी अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए भौतिक विकास के कार्यों से नई ऊंचाई प्राप्त कर रही है। यह हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर के रूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप पिछले सालों में काशी में विकास कार्य हो रहा है। 55 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं काशी के लिए स्वीकृत हुईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि 100 साल पहले अन्नपूर्णा मंदिर की मूर्ति यूरोप पहुंचा दी गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास से मूर्ति वापस आई। इसके पहले किसी ने प्रयास नहीं किया। देश में भगवान राम और कृष्ण के प्रति कैसे-कैसे बयान दिए, क्या कुछ नहीं कहा। ये किसी से छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि मुगल औरंगजेब द्वारा तोड़े गए बाबा विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करने का सबसे पहला प्रयास अहिल्याबाई होल्कर ने किया था। कांग्रेस ने उनका सम्मान कभी नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहिल्याबाई होल्कर का सम्मान किया। कांग्रेस के नेताओं का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग 3-4 दिनों से झूठी तस्वीरें वायरल कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। ये वे लोग हैं, जिन्होंने अपने समय में इन विरासत को आगे नहीं बढ़ाया।

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