एआई शिखर सम्मेलनः ब्रिटेन एआई क्षेत्र में 1.6 अरब यूरो तक करेगा निवेश

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नई दिल्ली, 19 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई शिखर सम्मेलन के दौरान गुरुवार को ब्रिटेन ने अपनी पहली ऐतिहासिक एआई रणनीति की घोषणा की। इस पहल के तहत स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने का लक्ष्य रखा गया है।

ब्रिटेन इस क्षेत्र के लिए 1.6 अरब यूरो (लगभग 16,500 करोड़ रुपये) तक का निवेश करेगा, जो 2026-2030 की अवधि के लिए देश का सबसे बड़ा एकल निवेश क्षेत्र बन गया है।

हालिया ‘स्पेंडिंग रिव्यू सेटलमेंट’ के अनुसार ब्रिटेन की सबसे बड़ी सार्वजनिक अनुसंधान फंडर, ब्रिटेन अनुसंधान एवं नवाचार और विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग(डीएसआईटी) ने संयुक्त रूप से एआई को अगले 4 वर्षों के लिए अपना प्राथमिक निवेश क्षेत्र घोषित किया है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य कैंसर की जांच से लेकर स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ाना है, जिससे आम जनता के जीवन व सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हो सके।

नई रणनीति के तहत छह प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इनमें प्रौद्योगिकी विकास, एआई कौशल और हुनर, और अनुसंधान परिवर्तन शामिल हैं।

इस सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के उप-प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने कहा, “हम संभावना को विकास में बदल रहे हैं। कैंसर का जल्द पता लगाने से लेकर सार्वजनिक सेवाओं के लंबित कार्य को कम करने तक, एआई रिसर्च एक गेम-चेंजर साबित होगी।”

एआई प्रोग्राम की सीनियर रिस्पॉन्सिबल ओनर और इंजीनियरिंग एंड फिजिकल साइंसेज रिसर्च काउंसिल की एग्जीक्यूटिव चेयर प्रोफेसर शार्लेट डीन ने कहा, “एलन ट्यूरिंग और एडा लवलेस के देश के रूप में हमारी गणित और कंप्यूटर साइंस में गहरी जड़ें हैं। यह रणनीति हमारे अनुसंधान उत्कृष्टता को राष्ट्रीय लाभ और आर्थिक विकास में बदल देगी। इस विशाल निवेश के साथ, ब्रिटेन का लक्ष्य खुद को एक ‘एआई सुपरपावर’ के रूप में स्थापित करना है, जहां नवाचार का लाभ केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर सीधे नागरिकों की सेहत, संपत्ति और भलाई तक पहुंचे।

इस सम्मेलन में ब्रिटेन के उप-प्रधानमंत्री डेविड लैमी अपने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘एआई फॉर गुड’ है, जो भारत और ब्रिटेन के बीच तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खोलती है।

यह रणनीति न केवल तकनीक बल्कि करियर पर भी केंद्रित है। ब्रिटेन अनुसंधान और नवाचार ने अन्य क्षेत्रों में उच्च-भुगतान वाली नौकरियों और करियर फ्रेमवर्क का वादा किया है। इनमें रिसर्च सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और एथिक्स स्पेशलिस्ट शामिल है।

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