उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का याेगी करेंगे शिलान्यास

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नोएडा, 13 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला 21 फरवरी को रखी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव इसका शिलान्यास करेंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुवल रूप से शामिल होगे।

यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि यमुना सिटी में एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएगी। कंपनी को सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इस यूनिट का शिलान्यास 21 फरवरी को सेक्टर-28 में होगा। यूनिट की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित कर सकते हैं। समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा संबंधी तमाम व्यवस्थाओं पर काम शुरू हो गया है। कंपनी यमुना सिटी में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी। इससे करीब चार हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह कंपनी 2,40,000 यूनिट स्माल पैनल ड्राइवर आईसी, डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण करेगी। इसके लिए प्रतिदिन 19 हजार केवीए बिजली की जरूरत पड़ेगी। 2000 एमएलडी पानी प्रतिदिन लगेगा। इस समारोह को लेकर अफसरों को जानकारी दे दी गई है। हालांकि, अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।

यह इकाई के लगने से भारत की सेमीकंडक्टर के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। वाहन, कंप्यूटर, लैपटॉप, सेलफोन आदि में सेमीकंडेक्टर सबसे अहम पार्ट है। इसकी कमी से मोटर मार्केट में दिक्कत हो रही है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर का उत्पादन होगा। सेमीकंडक्टर एक सिलिकॉन चिप होती है। इनका इस्तेमाल कंप्यूटर, सेलफोन, गैजेट, वाहनों, माइक्रोवेव ओवन आदि में होता है। ये किसी उत्पाद को नियंत्रित करने के साथ मेमोरी फंक्शन को ऑपरेट करती है। कंप्यूटर, सेलफोन, गैजेट्स, वाहनों की मांग बढ़ने पर सेमीकंडक्टर की मांग भी बढ़ जाती है। रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते सेमीकंडक्टर मांग के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। देश में कार की वेटिंग बढ़ने का एक कारण यह भी बताया जाता है।

उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर इकाई लगाने के लिए कंपनी को शत प्रतिशत एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के तहत उत्तर प्रदेश सरकार कंपनी को 75 प्रतिशत लैंड सब्सिडी, 100 करोड़ कैपिटल सब्सिडी, रिसर्च एंड डवलपमेंट के लिए दो करोड़, 10 वर्ष के लिए पीएफ सहित अन्य लाभ मिलता है। भारत सरकार से लाभ पाने के लिए भी छूट मिलती है। सेमीकंडक्टर के लिए अब तक कुल पांच कंपनियां आवेदन कर चुकी हैं । सेक्टर-28 में पहली इकाई को जमीन भी मिल चुकी है। इसके अलावा टार्क कंपनी ने 125 एकड़ और भारत सेमी सिस्टम, कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड 50-50 एकड़, एडिटेक सेमीकंडक्टर को 100 एकड़ में अपनी यूनिट स्थापित करने का निवेश प्रस्ताव रखा है। इन इकाइयों को सेक्टर-10 में जगह दी जाएगी। हालांकि, इन कंपनियों को फिलहाल मंजूरी का इंतजार है।

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