भूमाफिया,दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई−मुख्यमंत्री योगी

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मुख्यमंत्री ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं

लखनऊ, 12 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।

गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।

‘जनता दर्शन’ में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने मुख्यमंत्री योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारते हुए चॉकलेट दी। योगी ने अभिभावकों से कहा कि सर्दी में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।-

प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’ 100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई

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साउथ सुपरस्टार प्रभास की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपने तीन दिन पूरे कर लिए हैं। रिलीज के पहले दिन जहां फिल्म को जबरदस्त ओपनिंग मिली थी, वहीं दूसरे और तीसरे दिन इसकी रफ्तार में गिरावट आई। हालांकि इसके बावजूद फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली है। दर्शकों के बीच प्रभास की स्टार पावर अब भी साफ नजर आ रही है।

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘द राजा साब’ ने रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को 19.1 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही फिल्म का घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 108 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, पहले दिन 53 करोड़ और दूसरे दिन 27 करोड़ की तुलना में तीसरे दिन कमाई में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है। करीब 400 करोड़ रुपये के भारी बजट में बनी इस फिल्म के लिए आगे की राह आसान नहीं मानी जा रही है।

‘धुरंधर’ की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

दूसरी ओर, रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ ने एक बार फिर अपनी मजबूती साबित की है। रिलीज के एक महीने बाद भी फिल्म का जादू दर्शकों पर कायम है। छठे रविवार यानी 38वें दिन फिल्म ने 6.15 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया है, जिसके साथ भारत में इसकी कुल कमाई 805.65 करोड़ रुपये हो चुकी है। लगातार दमदार प्रदर्शन के चलते ‘धुरंधर’ अब भी बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है।

नेपाल के पूर्व गोरखा सैनिक−दिव्यांग पर्वतारोही हरि बुद्ध ने रचा इतिहास

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सात महाद्वीपों की ऊंची चोटियों पर फहराया देश का झंडा

काठमांडू, 12 जनवरी (हि.स.)। नेपाल के रोल्पा जिले के मिरुल गांव में 46 वर्ष पहले जन्मे हरि बुद्ध मगर आज साहस और जिजीविषा का प्रतीक बन चुके हैं। पूर्व गोरखा सैनिक मगर ने अंटार्कटिका स्थित माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर तीन दिन की कठिन चढ़ाई पूरी कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 06 जनवरी को शिखर पर पहुंचकर अपने लक्ष्य को पूरा किया।

माउंट विंसन के शिखर पर नेपाल का झंडा फहराने के बाद उन्होंने उस क्षण को जादुई बताया। उन्होंने कहा, “जहां तक नजर जाती थी, बर्फ ही बर्फ थी। वह अनुभव स्वर्ग जैसा था।” मगर 06 जनवरी की रात 10 बजे अपने नेपाली पर्वतारोहण दल के साथी अभिरल राय, मिंगमा शेरपा और जांगबू शेरपा के साथ माउंट विंसन के शिखर पर पहुंचे। वे अंटार्कटिका के यूनियन ग्लेशियर बेस कैंप से रवाना हुए थे। इस कैंप पर 24 घंटे दिन रहता है।

मगर ने दोनों घुटनों के ऊपर से पैर कटने के बावजूद सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बनने का कीर्तिमान बनाया है। इस दौरान उन्होंने माइनस-25 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को भी सहन किया। उन्होंने कहा, “अपनी क्षमताओं को पहचानकर हम हर दिन अपने सपनों के एवरेस्ट पर चढ़ सकते हैं। मैं इस बात का जीवंत प्रमाण हूं कि कड़ी मेहनत सफलता दिलाती है।”

मगर ने वर्ष 2010 में अफगानिस्तान में ब्रिटिश सेना के साथ सेवा के दौरान आईईडी विस्फोट में घायल होने के बाद अपने दोनों पैर खो दिए थे। इसके बाद उन्होंने कई वर्षों तक शारीरिक और मानसिक रूप से कड़ा प्रशिक्षण लेकर इस रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि की तैयारी की। अपने संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगता को कभी भी महत्वाकांक्षाओं की सीमा नहीं बनना चाहिए।

माउंट विंसन की चढ़ाई के दौरान की कठिनाइयों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि तेज हवाओं और अत्यधिक ठंड ने उन्हें अपनी सीमाओं तक पहुंचा दिया। मेरी उंगलियां जम गई थीं और चेहरे पर ठंड से जलन हो रही थी। कई बार मुझे खुद पर संदेह हुआ।

उन्होंने बताया कि अडिग आत्मविश्वास ने ही उन्हें इन परिस्थितियों से उबारा। युद्धकालीन अनुभवों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हर कार्य में चुनौतियां होती हैं, लेकिन स्वयं पर विश्वास और अथक प्रयास से सफलता संभव है।

उन्होंने कहा, “ मुझे विश्वास है कि इससे नेपाल का गौरव भी बढ़ेगा। इस यात्रा में साथ देने वाले सभी लोगों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।” मगर ने अपनी ‘सेवन समिट्स’ यात्रा की शुरुआत 13 अगस्त 2019 को फ्रांस के मों ब्लां (4,809 मीटर) से की। इसके बाद उन्होंने 08 जनवरी 2020 को तंजानिया के किलिमंजारो (5,895 मीटर) और 19 मई 2023 को माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर चढ़ाई की।

मगर ने 28 जून 2024 को उत्तरी अमेरिका के डेनाली (6,190 मीटर), 22 फरवरी 2025 को दक्षिण अमेरिका के अकोंकागुआ (6,961 मीटर) और न्यू गिनी के पंकक जया (4,884 मीटर) को फतह किया। अंत में इस साल छह जनवरी को अंटार्कटिका के माउंट विंसन पर चढ़कर मिशन पूरा किया। उन्होंने यह उपलब्धि विश्वभर के दिव्यांग समुदाय को समर्पित करते हुए कहा कि यह सगरमाथा की धरती से साहस और दृढ़ता का शक्तिशाली संदेश है।

काठमांडू के मेयर बालेन शाह देंगे इस्तीफा, ओली के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे

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काठमांडू, 12 जनवरी (हि.स.)। काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह (बालेन) मेयर पद से इस्तीफा देकर आगामी आम चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ झापा–5 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

उनके सचिवालय के अनुसार, वह इसके लिए आवश्यक तैयारी में जुटे हुए हैं। झापा–5 नेकपा (एमाले) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली का निर्वाचन क्षेत्र है। ओली यहां से लगातार निर्वाचित होते रहे हैं।

सचिवालय ने बताया कि बालेन उसी निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला करने की तैयारी के तहत झापा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। रविवार को भी बालेन ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) झापा के अध्यक्ष प्रकाश पाठक सहित अन्य नेताओं से बातचीत की।

बालेन के निजी सचिव भूपदेव शाह ने कहा, “मेयर साहब झापा–5 से केपी ओली के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। हमारी टीम वहां मत सर्वेक्षण भी कर रही है। इसी क्रम में आज भी उन्होंने वहां के नेताओं से मुलाकात कर स्थिति को समझा।” शाह के अनुसार, वह 19 जनवरी तक अपने पद से इस्तीफा देकर 20 तारीख को नामांकन दाखिल करने के लिए झापा जाने की योजना बना रहे हैं।

साबरमती में पतंगोत्सव, मोदी संग जर्मन चांसलर ने उड़ाई हनुमान पतंग

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अहमदाबाद, 12 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी मौजूद रहे। महोत्सव में भारत–जर्मनी मैत्री की झलक देखने को मिली, जब दोनों नेताओं ने स्वयं पतंग उड़ाकर पतंगबाजी का आनंद लिया।

प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज के रिवरफ्रंट पहुंचने पर उनका पारंपरिक अंदाज में जोरदार स्वागत किया गया। कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और लोक संगीत की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

उद्घाटन के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज खुले वाहन में सवार होकर महोत्सव स्थल का भ्रमण करते नजर आए। इस दौरान दोनों नेताओं ने खास तौर पर डिजाइन की गई पतंगें उड़ाईं।

इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे। इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव अपनी व्यापक भागीदारी के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना है। महोत्सव में इस वर्ष 50 देशों के 135 विदेशी पतंगबाज, भारत के 13 राज्यों के 65 प्रतिभागी और गुजरात के 16 जिलों से 871 पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर ने पतंग म्यूजियम और हेरिटेज वॉक का भी दौरा किया और विभिन्न किस्म की पतंगों की जानकारी ली।

।उल्लेखनीय है कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का यह दौरा व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में भारत-जर्मनी सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रहा है। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है, जिसमें रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए नई शक्ति और आत्मविश्वास की कामना की । उन्होंने कहा कि यह दिव्य अवसर युवाशक्ति के संकल्प को और सशक्त करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर स्वामी विवेकानंद को भारतीय युवाशक्ति का सशक्त प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके विचार और कर्म राष्ट्र निर्माण की दिशा में मार्गदर्शक हैं।युवा

राष्ट्र-निर्माण की आधारशिलाः प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का यह दृढ़ विश्वास था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवा अपने जोश, ऊर्जा और जुनून के बल पर हर संकल्प को साकार करने की क्षमता रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का युवा आत्मविश्वास, नवाचार और परिश्रम के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा, तकनीक और सेवा के क्षेत्र में योगदान दें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया- “अङ्गणवेदी वसुधा कुल्या जलधिः स्थली च पातालम्। वल्मीकश्च सुमेरुः कृतप्रतिज्ञस्य वीरस्य॥”

प्रधानमंत्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प वाले वीर के लिए सीमित साधन भी विशाल बन जाते हैं और कठिनाइयां अवसर में परिवर्तित हो जाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का युवा इसी संकल्प के साथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

इतिहास के पन्नों में 13 जनवरी : गांधीजी का आमरण अनशन और अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का जन्म

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भारतीय इतिहास में 13 जनवरी की तारीख विशेष महत्व रखती है। यह दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आमरण अनशन और भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जन्म से जुड़ा हुआ है।

वर्ष 1948 में 13 जनवरी को महात्मा गांधी ने हिन्दू–मुस्लिम एकता और देश में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से आमरण अनशन शुरू किया था। यह अनशन उन्होंने उस समय कलकत्ता (अब कोलकाता) में किया, जब देश विभाजन के बाद सांप्रदायिक हिंसा और उन्माद की आग में झुलस रहा था। गांधीजी का यह कदम साम्प्रदायिक तनाव के खिलाफ एक नैतिक और अहिंसक संघर्ष का प्रतीक बना।

इस अनशन में हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में हिन्दू, सिख और पाकिस्तान से आए शरणार्थी भी थे। गांधीजी की शांति की अपील का व्यापक असर हुआ। 18 जनवरी 1948 को सुबह करीब 11:30 बजे, विभिन्न संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने गांधीजी से मुलाकात की और शांति बनाए रखने से जुड़ी उनकी शर्तों को स्वीकार किया। इसके बाद गांधीजी अनशन तोड़ने के लिए सहमत हुए। यह घटना भारतीय इतिहास में अहिंसा और सामाजिक सद्भाव की एक मिसाल मानी जाती है।

इसी तारीख से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का जन्म। 13 जनवरी 1949 को पटियाला में जन्मे राकेश शर्मा ने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। वे 3 अप्रैल 1984 को सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान सोयुज टी-11 से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। अंतरिक्ष से भारत को देखकर उनका प्रसिद्ध वाक्य “सारे जहाँ से अच्छा” आज भी देशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

राकेश शर्मा न केवल पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री थे, बल्कि वे दुनिया के शुरुआती अंतरिक्ष यात्रियों में भी शामिल रहे। बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना में सेवा जारी रखी और 1987 में विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए।

इस प्रकार, 13 जनवरी की तारीख भारतीय इतिहास में अहिंसा, एकता और वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रतीक बनकर दर्ज है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1607 – स्पेन में राष्ट्रीय दिवालिएपन की घोषणा के बाद ‘बैंक ऑफ जेनेवा’ का पतन हुआ।

1709- मुगल शासक बहादुर शाह प्रथम ने सत्ता संघर्ष में अपने तीसरे भाई कमबख्श को हैदराबाद में पराजित किया।

1818- उदयपुर के राणा ने मेवाड़ के संरक्षण के लिये अंग्रेज़ों के साथ संधि की।

1842 – ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी की सेना के अधिकारी डॉ. विलियम ब्राइडन ‘आंग्ल अफ़गान युद्ध’ में जिंदा बचे रहने वाले इकलौते ब्रिटिश सदस्य रहे।

1849 – द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध के दौरान चिलियांवाला की प्रसिद्ध लड़ाई शुरू हुई।

1889- असम के युवाओं ने अपनी साहित्यिक पत्रिका ‘जोनाकी’ का प्रकाशन शुरू किया।

1910 – न्यूयॉर्क शहर में दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण प्रारम्भ हुआ।

1948- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये आमरण अनशन शुरू किया।

1988 – चीन के राष्ट्रपति चिंग चियांग कुमो का निधन।

1993 – अमेरिका और उसके सहयोगियों ने दक्षिणी इराक़ में नो फ़्लाई ज़ोन लागू करने के लिए इराक पर हवाई हमले किए।

1995 – बेलारूस नाटो का 24वां सदस्य देश बना।

1999 – नूर सुल्तान नजरवायेव पुन: कजाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए।

2002 – पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के संदेश को भारत ने सकारात्मक बताया, चीनी प्रधानमंत्री झू रोंगजी 6 दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे।

2006 – परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर सैन्य आक्रमण से ब्रिटेन ने इन्कार किया।

2007 – महिलाओं के प्रति भेदभाव दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का 37वाँ अधिवेशन न्यूयार्क में शुरू।

2008 – चाय निर्माण कंपीन मारवल चाय को संयुक्त अरब अमीरात से एक लाख किलोग्राम चाय के निर्माण का आर्डर मिला।

2008 – मैसिडोनिया में सैन्य विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 11 लोग मरे।

2009 – जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष बनाए गए।

2010 – अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के कारण जर्मनी की अर्थव्यवस्था में साल 2009 के दौरान 5% की गिरावट दर्ज की गई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यह सबसे बड़ी गिरावट है।

2020 – लाहौर हाई कोर्ट ने उस विशेष अदालत को ‘असंवैधानिक’ करार दिया, जिसने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को संगीन देशद्रोह का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी।

2020 – ओडिशा के फिल्म निर्माता मनमोहन महापात्र का भुवनेश्वर में निधन हो गया।

2020 – स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दुर्लभ बीमारियों पर एक नीति मसौदा जारी किया। इस मसौदे का मुख्य उद्देश्य उन गरीब लोगों को 15 लाख रुपये की सहायता प्रदान करना है जो उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते। मसौदे को ‘दुर्लभ रोग 2020’ नाम दिया गया।

जन्म

1876 – बदलू सिंह – भारतीय सेना की 29वीं लांसर्स रेजिमेंट में रिसालदार थे।

1896 – दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे – भारत के प्रसिद्ध कन्नड़ कवि और साहित्यकार।

1911 – शमशेर बहादुर सिंह, हिन्दी कवि।

1913 – सी. अच्युत मेनन – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिज्ञ तथा केरल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।

1919 – मर्री चेन्ना रेड्डी – उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल थे।

1926 – शक्ति सामंत, प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक।

1928 – मनमोहन सूरी – भारतीय यांत्रिक इंजीनियर और केंद्रीय यांत्रिक इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुर के निदेशक थे।

1938 – शिवकुमार शर्मा – प्रसिद्ध भारतीय संतूर वादक थे।

1939 – वजूभाई वाला – भारतीय जनता पार्टी के जानेमाने राजनेता हैं।

1949 – राकेश शर्मा, पहले भारतीय और 138 अंतरिक्ष यात्रियों में से एक।

1957 – रेजवाना चौधरी बन्न्या – प्रसिद्ध रवीन्द्र संगीत गायिका हैं जो भारत के पड़ौसी देश बांग्लादेश से हैं।

1978 – अश्मित पटेल, भारतीय अभिनेता।

1978 – मेजर मोहित शर्मा – भारतीय सेन्य अधिकारी थे, जिन्हें मरणोपरांत ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया था।

निधन

1921 – आर.एन. माधोलकर – भारतीय राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने एक अवधि तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

1964 – शौक बहराइची – प्रसिद्ध शायर।

1976 – अहमद जान थिरकवा – भारत के प्रसिद्ध तबला वादक।

2018 – सरस्वती राजामणि – भारत की सबसे कम उम्र की महिला जासूस थीं।

2018 – अमृत तिवारी – भारतीय दंत चिकित्सक थीं।

2020 – मनमोहन महापात्र – उड़िया फिल्मों के प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक थे।

2024 – प्रभा अत्रे – प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीत गायिका थीं।

महत्वपूर्ण दिवस

-अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय)।

-राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 11 जनवरी- 17 जनवरी तक।

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हाईवा की टक्कर से स्कार्पियो सवार एक ही परिवार के चार युवकों की मौत

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गढ़वा, 12 जनवरी (हि.स.) । झांरखंड राज्य के ढ़वा थाना क्षेत्र के बेलचंपा गांव के पास अज्ञात हाईवा की भीषण टक्कर से स्कार्पियो सवार एक ही परिवार के चार युवकों की रविवार की रात मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि स्कार्पियो पूरी तरह चकनाचूर हो गई और शव वाहन में बुरी तरह फंस गया। मृतकों की पहचान पलामू जिले के पांडु थाना क्षेत्र के लवर पांडु गांव निवासी लखन पासवान के पुत्र नरेंद्र कुमार पासवान (30), शंभु पासवान का पुत्र जितेंद्र पासवान (28), विश्रामपुर थाना क्षेत्र के भंडार गांव निवासी मनोज पासवान का पुत्र बादल पासवान (20)तथा अशोक पासवान का पुत्र बिक्की कुमार (18) के रूप में हुई है। चारों आपस में करीबी रिश्तेदार थे।

जानकारी के अनुसार सभी युवक स्कार्पियो से श्रीबंशीधर नगर थाना क्षेत्र के बिलासपुर गांव गए थे, जहां जितेंद्र पासवान की मौसेरी बहन की सगाई थी। समारोह की खुशियां लेकर देर रात लौटते समय बेलचंपा गांव के पास तेज रफ्तार हाईवा ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कार्पियो सड़क किनारे पिचक गई, जबकि हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया।

सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कटर मशीन की मदद से वाहन को काटकर कड़ी मशक्कत के बाद चारों शव बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल पहुंचते ही स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जवान बेटों की लाशें देखकर पूरा परिसर शोक में डूब गया।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि गढ़वा–रेहला मार्ग पर रात के समय हाईवा व अन्य भारी वाहनों की तेज रफ्तार आम हो चुकी है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पुलिस ने बताया कि अज्ञात हाईवा की तलाश की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के आधार पर चालक की पहचान की जाएगी।

पाले की ठिठुरन बढ़ी, दिल्ली एनसीआर में जमी सफेद चादर

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बागपत, 12 जनवरी (हि.स.)।

दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सोमवार का दिन पाला की सफेद चादर से ढाका दिखाई दिया। पाला की ठंड से लोगों की कंपकपी छूट गई। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का मानना है कि अभी और पाला पढ़ने की संभावना है।

दिल्ली एनसीआर में सोमवार को पारा गिरकर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। सुबह 2 डिगी पारा गिरने से लोगो की कपकपी छूट गयी गयी। खेतों में पाला की सफेद चादर से किसान भी परेशान हो गए। हाथ पैर सुन्न हो गए। पाला के कारण हाथ पैर की उंगलियां भी दर्द करने लगी। हालांकि यह पारा गेंहू की फसल के लिए वरदान है , किसान कृष्ण त्यागी का कहना है कि जितना पाला पड़ेगा गेंहू की फसल अच्छी होगी। लेकिन यही पाला आलू की फसल को नुकसान पहुंचाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ अनंत कुमार का कहना है अभी सर्दी बढ़ेगी। जितना पाला पड़ेगा धूप भी उतनी ही निकलेगी। दिन में सर्द हवाएं रहने से सर्दी का असर देखने को मिलेगा। कृषि बैज्ञानिक अनंत कुमार का कहना है। आलू, सरसों, व सब्जी की खेती करने वाले किसान फसलों को हल्का पानी दे जिससे फसल पर पाला का असर कम हो जाएगा। दिल्ली एनसीआर बागपत जिले में सोमवार को गिरे पारे के कारण स्कूलों को जाते बच्चे भी इससे प्रभावित दिखाई दिए। कई दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को फिर स्कूल खुल गए। लेकिन सर्दी का असर अभी कम नही है जिससे छोटे बच्चों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।

विकसित केरल के बिना विकसित भारत संभव नहीं: अमित शाह

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नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना विकसित केरल से होकर गुजरती है। नया भारत तभी आकार ले सकता है, जब केरल अपने पूर्ण सामर्थ्य के साथ आगे बढ़े।

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित केरल कौमुदी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘न्यू इंडिया, न्यू केरल’ की अवधारणा को विकसित भारत के विजन में समाहित किया है। विकसित भारत का अर्थ है कि देश का हर राज्य अपनी सर्वोत्तम क्षमता तक विकास करे। इसी दृष्टि से विकसित केरल भी विकसित भारत का अभिन्न हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा केरल बनाना है जो विकसित हो, सुरक्षित हो और जहां हर व्यक्ति की आस्था का सम्मान किया जाए।

अमित शाह ने कहा कि आधारभूत संरचना, शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक विकास और व्यक्ति की आय में वृद्धि यही ‘विकसित केरल’ की परिकल्पना है। विकसित केरल में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए और धर्म या समुदाय से परे हर प्रकार की आस्था और विश्वास की रक्षा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार आकांक्षी भारत की बात करती है। एक ऐसा भारत, जिसमें भविष्य को लेकर विश्वास, प्रगति की भावना और आत्मनिर्भरता हो। इसी से न्यू इंडिया का निर्माण होता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर राज्य का समग्र विकास आवश्यक है। सरकार ऐसी राजनीति में विश्वास करती है, जहां राजनीति से अधिक प्रदर्शन को महत्व दिया जाए।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में प्रदर्शन आधारित राजनीति की शुरुआत की है, जहां शिकायतों के बजाय संकल्प पर विश्वास किया जाता है। शिकायतें हमेशा रहेंगी, लेकिन उन्हें दूर करने की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर जोर देती है।

अमित शाह ने कहा कि केरल में अपार संभावनाएं हैं। यहां की संस्कृति, साहित्य और शिक्षा के प्रति लगाव ने इसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। आयुर्वेद से लेकर आईटी, खेल से लेकर स्टार्टअप और बैकवाटर्स से लेकर बौद्धिक विमर्श तक, केरल ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। हालांकि, सत्ता में आने-जाने वाली दो गठबंधनों की राजनीति ने राज्य में ठहराव की स्थिति पैदा की है।

उन्होंने कहा कि हालिया स्थानीय निकाय चुनावों ने केरल की राजनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। गृह मंत्री ने केरल की जनता से नई सोच, नए नेतृत्व और नई राजनीति को अपनाने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही विकसित केरल की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी भारतीय इतिहास के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अक्षय ऊर्जा से लेकर ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण तक समग्र विकास की परिकल्पना की है। साल 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो 11 वर्षों में चौथे स्थान पर पहुंच गया है और दिसंबर 2027 से पहले तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में न केवल आर्थिक विकास हुआ है, बल्कि आधारभूत संरचना में लगभग 610 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आज विश्व के 50 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं। सरकार ने 60 करोड़ गरीबों को आवास, गैस कनेक्शन, पेयजल, बिजली, मुफ्त राशन और 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया है। इस दौरान 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष और स्टार्टअप के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। अनुसंधान एवं विकास के कई क्षेत्रों में भारत शीर्ष देशों में शामिल है और पेटेंट पंजीकरण में भी अग्रणी बनकर उभरा है। यह संकेत है कि भविष्य भारत का है।

अमित शाह ने कहा कि केवल प्रेषण आधारित अर्थव्यवस्था के सहारे केरल का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने पर्यटन, शिक्षा, समुद्री व्यापार, आयुर्वेद, मसाले, आईटी, डाटा स्टोरेज और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा विकास मॉडल चाहिए, जिसमें हर नागरिक स्वयं को उसमें प्रतिबिंबित होता देख सके।

गृह मंत्री ने कहा कि सतही तौर पर कानून-व्यवस्था ठीक लग सकती है, लेकिन अदृश्य खतरों की पहचान और उनका निराकरण आवश्यक है। पीएफआई पर प्रतिबंध के समय राज्य की दोनों सत्तारूढ़ गठबंधनों ने इसका विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या पीएफआई और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल को एकजुट रख सकते हैं।

अमित शाह ने सबरीमला मंदिर में सोने की चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि न्याय केवल हो ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखे भी।

उन्होंने कहा कि केरल में सत्ता में रही दोनों गठबंधनों ने एक-दूसरे के कार्यकाल के भ्रष्टाचार की जांच नहीं की। सहकारी घोटाला, एआई कैमरा घोटाला, पीपीपी घोटाला और अन्य मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि केरल की जनता भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहती है, तो एक बार उनकी सरकार को अवसर देना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने केरल को 72,000 करोड़ रुपए दिए, जबकि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार ने 3.13 लाख करोड़ रुपए विकास के लिए प्रदान किए। इसके अतिरिक्त बुनियादी ढांचे, सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और शहरी विकास के लिए अलग से हजारों करोड़ रुपए दिए गए।

अमित शाह ने कहा कि केरल कौमुदी ने क्षेत्रीय भाषाओं की पत्रकारिता में एक विश्वसनीय स्वर के रूप में अपनी पहचान बनाई है और यह केरल की जनता की आत्मा की आवाज बन चुका है।