पश्चिम बंगाल से पकड़े गए लॉरेंस विश्नोई गैंंग के तीन गुर्गे

0

,कबड्डी खिलाड़ी की हत्या में थे शामिल

कोलकाता, 12 जनवरी (हि.स.)। पंजाब के कबड्डी खिलाड़ी राणा बालाचौरिया की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हावड़ा से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपित कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को गोलाबाड़ी थाना पुलिस ने पंजाब निवासी तीन गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान करण पाठक, तरणदीप सिंह और आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद आरोपित पंजाब से फरार होकर नेपाल के रास्ते गंगटोक पहुंचे और वहां से दोबारा भारत में दाखिल हुए।

घटना 15 दिसंबर, 2025 की है, जब एक मैच के दौरान कबड्डी खिलाड़ी राणा बालाचौरिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि आरोपित सेल्फी लेने के बहाने राणा के करीब पहुंचे और अचानक उन पर गोलियां चला दीं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पंजाब पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी हुई थी।

जांच में सामने आया है कि भारत लौटने के बाद आरोपित कुछ दिनों तक कोलकाता में छिपे रहे। पुलिस को आशंका थी कि वे पश्चिम बंगाल से फरार होने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, रविवार रात आरोपित हावड़ा स्टेशन से ट्रेन पकड़कर भागने की फिराक में थे।

इसी दौरान खुफिया जानकारी मिलने पर एसटीएफ ने गोलाबाड़ी थाना पुलिस को सतर्क किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हावड़ा इलाके से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपितों से पूछताछ के जरिए गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और हत्या के पीछे की साजिश का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाया जाएगा।-

मोदी करेंगे राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन

0

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रमंडल देशों के संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का 15 जनवरी को नई दिल्ल्ी में उद्घाटन करेंगे। इसमें करीब 42 देशों के 61 पीठासीन अधिकारी एवं 15 स्वायत्तशासी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को यहां संसद भवन परिसर के एनेक्सी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक चलेगा। पहले दिन कार्यकारी परिषद की बैठक होगी और अगले दिन श्री मोदी 15 जनवरी को ऐतिहासिक संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक का उद्घाटन करेंगे। बैठक के आखिरी दिन 16 जनवरी को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सीएसपीओसी में शामिल प्रतिनिधियों को दोपहर का भोज देंगे। सीएसपीओसी की स्थायी कार्य परिषद में 15 सदस्य होते हैं जिनमें पांच सदस्य कोरम के लिए होने आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न विश्ववि‍द्यालयों एवं संस्थानों में पढ़ने वाले ऐसे वि‍द्यार्थियों एवं नौजवानों को भी आमंत्रित किया गया है जिनकी संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं को सीखने में दिलचस्पी है। उन्हें दर्शक दीर्घा में बिठाया जाएगा। ऐसे युवाओं से भविष्य में संसदीय प्रकल्पों में काम भी लिया जा सकता है।

बिरला ने कहा कि 28वें सीएसपीओसी के अध्यक्ष के रूप में वह (लोकसभा अध्यक्ष) 14 जनवरी 2026 को दिल्ली के लाल किला स्थित संगीति कॉन्फ्रेंस हॉल में शाम 7.30 बजे स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक से पूर्व स्थायी समिति के सदस्य और दिल्ली पहुंच चुके लगभग 40 संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के लिए लाल किले का विशेष भ्रमण कार्यक्रम भी रखा गया है। इसके बाद उनके सम्मान में लाल किला परिसर में रात्रि भोज का आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की पृष्ठभूमि बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि 1969 में कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स के तत्कालीन अध्यक्ष लूसिएन लामुरू के प्रयास से अस्तित्व में आया यह संगठन राष्ट्रमंडल के 53 संप्रभु देशों की राष्ट्रीय संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों एक मंच पर लाता है। इसका मकसद संसदों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों में निष्पक्षता और न्यायपूर्ण आचरण को प्रोत्साहित कर लोकतंत्र की प्रणालियों की समझ और ज्ञान को बढ़ावा देते हुए संसदीय संस्थाओं का विकास करना है।

उन्होंने कहा कि श्री मोदी 15 जनवरी को संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में सुबह साढे 10 बजे 28वें सीएसपीओसी का उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण देंगे। इसके बाद वे राष्ट्रमंडल एवं स्वायत्त संसदों के अध्यक्षों से अनौपचारिक संवाद करेंगे तथा समूह चित्र लिया जाएगा। उनका कहना था कि सम्मेलन में शामिल होने के लिए अब तक 42 देशों की संस्तुति आ चुकी है। उन्होंने एक सवाल पर स्पष्ट किया कि बंगलादेश में संसद के अस्तित्व में नहीं होने के कारण वहां से कोई नहीं आएगा। इसी तरह से पाकिस्तान भी इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि 15 स्वायत्तशासी संगठनों को भी इसमें आमंत्रित किया गया है जिनमें अंतरराष्ट्रीय संसदीय संघ (आईपीयू) के अध्यक्ष भी शामिल है।

श्री बिरला ने कहा कि सम्मेलन के दौरान चार सत्र होंगे संसद में जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नवाचार, निगरानी और अनुकूलन के बीच संतुलन, सोशल मीडिया और उसका सांसदों पर प्रभाव, संसद के प्रति जनसमझ बढ़ाने और मतदान से परे नागरिक सहभागिता के नवाचारी उपाय तथा सांसदों एवं संसदीय अधिकारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण पर विषयों पर विशेष सत्रों का आयोजन होगा। इनमें दो विषय पहले दिन और दो विषय आखिरी दिन चर्चा के लिए रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि संविधान सदन में लोकसभा एवं राज्यसभा के पुराने कक्षों में समानांतर सत्रों में चर्चाएं होंगी। 16 जनवरी को सम्मेलन के समापन पर सीएसपीओसी की अध्यक्षता अगले देश को सौंप दी जाएगी। सम्मेलन के बाद मेहमानों को पर्यटन के लिए जयपुर ले जाया जाएगा। इसके अलावा भी वे यदि कहीं और जाना चाहें तो उनके लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत 1969 में गठित सीएसपीओसी सम्मेलन का अब तक तीन बार आयोजन कर चुका है और ये सारे आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ही हुए हैं। भारत की मेजबानी में सीएसपीओसी का दूसरा सम्मेलन 1971, आठवां 6 से 8 जनरवरी 1986 तथा बीसवां सीएसपीओसी 4 से 8 जनवरी 2010 को हुआ था। साल 2010 में हुए सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था और उसके 16 साल बाद अब यह सम्मेलन भारत में हो रहा है। उनका कहना था कि 27वें सीएसपीओसी की अध्यक्षता जनवरी 2024 तक युगांडा के पास थी और अब 28वें सीएसपीओसी की अध्यक्षता भारत कर रहा है।

कर्नल होशियार सिंह दहिया की पत्नी और बेटे से मिले वरुण धवन

0

अभिनेता वरुण धवन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर-2’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसमें वह परमवीर चक्र से सम्मानित कर्नल होशियार सिंह दहिया की भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में वरुण ने पीवीसी दहिया की पत्नी धनो देवी और उनके बेटे कर्नल सुशील कुमार दहिया से मुलाकात की। इसकी खास तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की हैं। इन तस्वीरों के साथ अभिनेता ने एक भावुक नोट भी लिखा। इस नोट फैंस का दिल छू लिया है।

वरुण धवन ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “मुझे पीवीसी होशियार सिंह दहिया की पत्नी श्रीमती धनो देवी जी और उनके बेटे कर्नल सुशील कुमार दहिया से मिलकर बहुत सम्मान मिला। उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनका आशीर्वाद पाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैं सचमुच बहुत-बहुत आभारी हूं। जय हिंद।” वरुण के इस पोस्ट पर निर्माता निधि दत्ता और अभिनेता मनीष पॉल समेत कई सेलेब्स ने दिल वाले इमोजी के जरिए प्रतिक्रिया दी है।

फिल्म ‘बॉर्डर-2’ 1997 की सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का आध्यात्मिक सीक्वल है, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की अनकही और साहसिक कहानियों पर आधारित है। फिल्म में वरुण धवन के साथ ‘सनी देओल’ और दिलजीत दोसांझ जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। देशभक्ति और भारतीय सेना के शौर्य को दर्शाती यह फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

शाहरुख के साथ स्क्रीन शेयर चाहते हैं हॉलीवुड अभिनेता विल स्मिथ

0

हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता विल स्मिथ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी दमदार अदाकारी और सुपरहिट फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले विल स्मिथ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बॉलीवुड में काम करने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने खुलासा किया कि वह हिंदी सिनेमा का हिस्सा बनने को लेकर पहले ही बॉलीवुड के दिग्गज सितारों सलमान खान और अमिताभ बच्चन से बातचीत कर चुके हैं। यही नहीं, विल ने यह भी बताया कि उन्होंने शाहरुख खान से सीधे तौर पर किसी फिल्म में लेने की गुज़ारिश की है।

हाल ही में दुबई में अपने नेशनल ज्योग्राफिक शो ‘पोल टू पोल विद विल स्मिथ’ के प्रीमियर से पहले दिए गए इंटरव्यू में विल ने कहा कि वह सलमान खान से मुलाकात कर चुके हैं और दोनों के बीच कुछ आइडियाज पर चर्चा भी हुई थी। इसके अलावा, उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की कोशिशों का जिक्र करते हुए बताया कि बिग बी ने मजाकिया अंदाज में उन्हें ‘बिग डब्ल्यू’ कहा था, जिसके बाद दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग हो गई।

शाहरुख खान के साथ काम करने की ख्वाहिश जाहिर करते हुए विल स्मिथ ने कहा कि पिछले कुछ सालों में उन्हें कई ऑफर्स मिले, लेकिन कोई भी प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने शाहरुख खान से सीधे कहा है कि वह उन्हें किसी फिल्म में लें। दिलचस्प बात यह है कि विल स्मिथ पहले भी बॉलीवुड से जुड़ चुके हैं और वह फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ के एक गाने में टाइगर श्रॉफ के साथ कैमियो करते नजर आए थे।

नूपुर सेनन और स्टेबिन बेन ने हिंदू रीति-रिवाज से की शादी

0

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सैनन की छोटी बहन नुपुर सैनन इन दिनों अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। नुपुर ने मशहूर गायक स्टेबिन बेन के साथ दो रीति-रिवाजों से विवाह रचाया। 10 जनवरी को दोनों ने क्रिश्चियन परंपरा के अनुसार शादी की, जबकि इसके अगले दिन यानी 11 जनवरी को हिंदू रीति-रिवाज से भव्य विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

नुपुर और स्टेबिन की शादी का जश्न राजस्थान के खूबसूरत शहर उदयपुर में रखा गया था। फेयरमोंट होटल में आयोजित इस निजी समारोह में सिर्फ परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल हुए। बॉलीवुड से दिशा पाटनी और मौनी रॉय भी इस खास मौके पर मौजूद रहीं।

सोशल मीडिया पर सामने आए शादी के वीडियो में वरमाला के बाद नुपुर और स्टेबिन स्टेज पर एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आ रहे हैं। नुपुर लाल रंग के पारंपरिक लहंगे में बेहद खूबसूरत दिख रही हैं, जबकि स्टेबिन क्रीम रंग की शेरवानी में नजर आए। दोनों की केमिस्ट्री और शादी की भव्यता ने फैंस का दिल जीत लिया है।

हिंदी सिनेमा में 30 साल पूरे होने पर भावुक हुईं रानी मुखर्जी

0

अभिनेत्री रानी मुखर्जी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘मर्दानी 3’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जो 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसी बीच रानी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने 30 साल पूरे होने का जश्न मनाया। इस खास मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक और लंबा पोस्ट शेयर करते हुए अपने तीन दशक लंबे सिनेमाई सफर को याद किया। रानी ने अपनी पहली फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने किसी मास्टर प्लान के साथ नहीं, बल्कि अनजाने में सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था।

90 के दशक को याद करते हुए रानी ने यशराज फिल्म्स के सोशल मीडिया पेज पर लिखा, “30 साल पहले मैं बिना किसी बड़ी योजना के एक फिल्म सेट पर पहुंची थी। यह कोई सपना नहीं था जिसका मैंने पीछा किया हो, बल्कि यह कुछ ऐसा था जिसने मुझे खुद ढूंढ लिया।” उन्होंने आगे लिखा कि वह हमेशा मानती हैं कि दर्शक ही कलाकार की नियति तय करते हैं। 90 के दशक में की गई फिल्मों ने उन्हें उनकी पहचान और दिशा दी, जिसने उनके करियर की नींव रखी।

अपने पोस्ट में रानी ने 2000 के दशक को अपनी “आवाज खोजने का दौर” बताया। उन्होंने ‘साथिया’, ‘ब्लैक’, ‘हम तुम’ जैसी फिल्मों और संजय लीला भंसाली व अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव को खास बताया। रानी ने कहा कि वह हमेशा उन मजबूत महिला किरदारों की ओर आकर्षित रहीं, जो समाज को चुनौती देती हैं, चाहे वह ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’ या ‘मर्दानी’ हो। शादी और मां बनने के बाद भी उनका फोकस कम नहीं हुआ, बल्कि और स्पष्ट हुआ। ‘हिचकी’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ जैसी फिल्मों ने उनके भीतर की संवेदनशीलता को और गहराई दी। साल 2025 में ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए मिले राष्ट्रीय पुरस्कार को उन्होंने जीवन का बेहद विनम्र और कृतज्ञ पल बताया और अपने इस सफर के लिए दर्शकों का दिल से धन्यवाद किया

गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में प्रियंका चोपड़ा का ग्लैमरस जलवा

0

गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2026 में एक बार फिर ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा ने अपने स्टाइल और चार्म से सभी का दिल जीत लिया। रेड कार्पेट पर पति और पॉप स्टार निक जोनस के साथ जैसे ही प्रियंका ने एंट्री ली, कैमरों की सारी नजरें उन पर टिक गईं। प्रियंका का एलिगेंट लुक और निक के साथ उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री सोशल मीडिया पर छा गई। इसी बीच, अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान प्रियंका ने के-पॉप सुपरस्टार ब्लैकपिंक की लिसा के साथ मंच शेयर कर फैंस को बड़ा सरप्राइज दिया।

गोल्डन ग्लोब के मंच पर जब प्रियंका और लिसा एक साथ अवॉर्ड प्रेजेंट करने पहुंचीं, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। प्रियंका ने मंच पर कदम रखते ही हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए ‘नमस्ते’ कहा, जिसने दुनियाभर के भारतीयों को गर्व महसूस कराया। दोनों सितारों के बीच शानदार बॉन्डिंग देखने को मिली और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। यह पल बॉलीवुड और के-पॉप के ऐतिहासिक मेल के रूप में देखा जा रहा है। स्टेज पर प्रियंका ने कहा कि इस प्रतिष्ठित मंच पर पुरस्कार प्रदान करना उनके लिए गर्व की बात है, जबकि लिसा ने नामांकित कलाकारों की जमकर सराहना की। इसके बाद दोनों ने टीवी ड्रामा कैटेगरी में नोआ वाइल के नाम की घोषणा की और उन्हें ट्रॉफी सौंपी।

गोल्डन ग्लोब में प्रियंका की हैट्रिक

प्रियंका चोपड़ा अब गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स की नियमित शख्सियत बन चुकी हैं। यह तीसरा मौका था जब उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अवॉर्ड प्रेजेंट किया। इससे पहले वह 2017 और 2020 में भी इस सम्मानित समारोह का हिस्सा रह चुकी हैं। प्रियंका और लिसा का साथ आना न सिर्फ मनोरंजन जगत के लिए खास रहा, बल्कि इसे बॉलीवुड और के-पॉप के बीच अब तक का सबसे बड़ा ग्लोबल मोमेंट भी माना जा रहा है।

सॉल्टलेक के ईडी दफ्तर के बाहर सुरक्षा बढ़ी,गेटों पर 12 केंद्रीय जवान तैनात

0

कोलकाता, 12 जनवरी (हि. स.)। सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कॉम्प्लेक्स के दो प्रवेश द्वारों पर छह-छह, कुल 12 केंद्रीय बल के जवान तैनात रहेंगे। सीजीओ कॉम्प्लेक्स के प्रवेशद्वार पर पहले से ही केंद्रीय जवानों की तैनाती रहती थी, लेकिन अब उनकी संख्या में वृद्धि की गई है।

सुरक्षा बढ़ाने के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के घर और कार्यालय में ईडी की हालिया तलाशी कार्रवाई के दौरान बनी स्थिति के मद्देनज़र यह फैसला लिया गया होगा।

सीजीओ कॉम्प्लेक्स में दो गेट हैं। बीते गुरुवार ईडी की कार्रवाई के समय दोनों प्रवेशद्वारों को कुछ देर के लिए बंद रखा गया था। हालांकि आम लोगों के प्रवेश पर औपचारिक रोक नहीं लगाई गई थी, लेकिन ‘अवांछित’ भीड़ को भीतर जाने से रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे।

उल्लेखनीय है कि पहले सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का भी कार्यालय था। उस समय गेट पर सीआरपीएफ जवानों की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक रहती थी। लेकिन पिछले साल अप्रैल के आसपास सीबीआई का कार्यालय सीजीओ कॉम्प्लेक्स से स्थानांतरित हो गया, जिसके बाद गेट पर तैनात केंद्रीय जवानों की संख्या भी घट गई थी और अक्सर एक-दो जवान ही दिखाई देते थे। मौजूदा हालात को देखते हुए अब सुरक्षा फिर से बढ़ाई गई है।

गौरतलब है कि बीते गुरुवार ईडी की तलाशी के दौरान मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी प्रतीक जैन के आवास पहुंची थीं। इसके बाद वह सॉल्टलेक सेक्टर-5 स्थित आई-पैक के कार्यालय भी गई थीं। ममता के लौटने के बाद भी तृणमूल के कार्यकर्ता-समर्थक भवन के बाहर मौजूद रहे। दिनभर चली तलाशी के बाद शाम को जब ईडी अधिकारी आई-पैक कार्यालय से बाहर निकले, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा और ईडी के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। हालांकि उस दिन ईडी अधिकारियों की गाड़ियों को रोके जाने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई

ईडी की याचिका पर तृणमूल का जवाब-‘चुनाव से पहले राजनीतिक एजेंडा’

0

कोलकाता, 12 जनवरी (हि.स.)।

आई-पैक से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी ने इसे चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय एजेंसी ने शीर्ष अदालत में दायर अपनी याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस महानिदेशक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने कहा है कि मुख्यमंत्री पुलिस की मदद लेकर जबरदस्ती तलाशी वाली जगह पर घुसीं और फाइल छीन कर लेकर चली गईं। पुलिसकर्मियों ने फाइल जबरदस्ती ले जाकर कहीं और रखा।

तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि जिस मामले को ईडी सुप्रीम कोर्ट ले गई है, वह कोई नया नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, “छह साल से सोई हुई फाइल को चुनाव के मुहाने पर अचानक खोल दिया गया है। यह तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक डेटा और सूचना तंत्र तक पहुंच बनाने की कोशिश थी।”कुणाल घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी अध्यक्ष के तौर पर संबंधित स्थान पर गई थीं और इसका उद्देश्य पार्टी से जुड़े दस्तावेजों और सूचनाओं की सुरक्षा करना था। उन्होंने स्पष्ट किया, “तृणमूल के डेटा को जब्त करने की कोशिश हुई। पार्टी की नेता होने के नाते ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया, इसे अपराध बताना हास्यास्पद है।”

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसका मकसद जांच से ज़्यादा राजनीतिक माहौल बनाना है। पार्टी का कहना है कि केंद्र बार-बार संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी के दौरान जांच में बाधा डाली गई। इसी याचिका के बाद तृणमूल कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

उत्तराखंड :यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि

0

देहरादून, 12 जनवरी (हि.स.)। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण को लेकर आम लोगों की जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पुराने अधिनियम की तुलना में विवाह पंजीकरण की प्रतिदिन औसत संख्या में 24 गुना इजाफा दर्ज किया गया है।

राज् सरकार के आंकड़ाें में बताया गया कि राज्य में यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण कराने की रफ्तार तेज हुई है। 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने के बाद जुलाई 2025 तक छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है। जबकि वर्ष 2010 में लागू पुराने अधिनियम के तहत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3 लाख 30 हजार 064 विवाह पंजीकरण दर्ज किए गए थे। प्रतिदिन के औसत आंकड़ों पर नजर डालें तो पुराने अधिनियम के अंतर्गत जहां प्रतिदिन औसतन 67 विवाह पंजीकरण होते थे, वहीं यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1634 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का एक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में किए गए वादे के अनुरूप पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया गया था। सभी औपचारिकताओं और व्यापक जनमत संग्रह के बाद 27 जनवरी 2025 से प्रदेश में यूसीसी कानून प्रभावी हुआ। इस कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके तहत विवाह की आयु निर्धारित की गई है तथा सभी धर्मों में तलाक सहित अन्य प्रक्रियाओं के लिए समान और कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं से राहत मिली है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार