बिजनौर, 12 जनवरी । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी का जन्मदिन मनाने के लिए सोमवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं के दो पक्षों में किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। ये बहस बाद में जल्द ही लात-घूंसे में तब्दील हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और नाम न छापने की शर्त पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि विवाद की शुरुआत फोटो खिंचवाने को लेकर हुई थी। आरोप है कि एक नेता ने दूसरे पक्ष के लोगों को फोटो खिंचवाने के दौरान टोकने पर यह बहस छिड़ी। इसके बाद विवाद और बोलचाल ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
मारपीट के समय जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेनरीता राजीव सिंह, नगर अध्यक्ष हुमायू बेग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद थे। हंगामा बढ़ता देख वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। हालांकि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
-54.13 करोड़ की लागत से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट को प्रयागराज मार्ग से जोड़ेगी नई सड़क
-मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अयोध्या को मिल रही बुनियादी ढांचे की बड़ी सौगात
-1.6 किमी लम्बा चार लेन मार्ग बनेगा एयरपोर्ट यात्रियों और राम भक्तों के लिए राहत
-मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट को सीधे जोड़ने से आवागमन होगा सुगम
-मार्च 2026 तक पूरा होगा स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट, 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण
अयोध्या, 12 जनवरी (हि.स.)।योगी सरकार में आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस होकर अयोध्या विकास के नए प्रतिमान गढ़ रही है। इसी कड़ी में अयोध्या–प्रयागराज मार्ग से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक एक नया फोर लेन मार्ग निर्माणाधीन है। यह परियोजना लगभग 54.13 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। यह सड़क 1.6 किलोमीटर लम्बी होगी।
यह चार लेन सड़क प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के चांदपुर–हरवंश गांव क्षेत्र से शुरू होकर राजर्षि दशरथ स्वशासी मेडिकल कॉलेज के बगल से गुजरते हुए एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 तक पहुंचेगी। वर्तमान सड़क के दाहिने हिस्से से निकलकर बन रही यह आधुनिक सड़क मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट को सीधे जोड़ेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों, स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों को तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त यात्रा सुविधा प्रदान करना है। यह सड़क निर्माण अयोध्या के समग्र विकास का अहम हिस्सा है। राम मंदिर के साथ-साथ रिंग रोड, परिक्रमा मार्गों का विस्तार, अन्य हाईवे कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट विस्तार जैसी परियोजनाएं अयोध्या को आध्यात्मिक राजधानी के साथ-साथ आधुनिक शहर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
–यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच जरूरी था मार्ग निर्माण
अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन दिसम्बर 2023 से शुरू हो चुका है। इस एयरपोर्ट ने राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले ही अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 10 लाख यात्रियों की है और यह राम भक्तों के लिए सीधी उड़ान सुविधा उपलब्ध करा रहा है। लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए यह चार लेन मार्ग बनाया जा रहा है।
–मेडिकल स्टाफ को भी मिलेगी सहूलियत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास को प्राथमिकता देते हुए कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह परियोजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूरा होने से एयरपोर्ट टर्मिनल-2 से प्रयागराज मार्ग तक की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। मेडिकल कॉलेज के छात्रों, मरीजों और स्टाफ को भी बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।
–समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा कार्य
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य प्रकाश भारती के अनुसार सड़क निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सड़क के दोनों किनारों पर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि मार्च 2026 तक इस परियोजना को पूर्ण कर लिया जाएगा। इस सड़क को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। लाखों राम भक्तों के लिए एयरपोर्ट से राम मंदिर तक पहुंच और अधिक आसान होगी।अयोध्या अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है, जहां आस्था और आधुनिकता का सुंदर संगम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
कोलकाता, 12 जनवरी (हि. स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आई-पैक (आईपैक) पर की गई छापेमारी और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। ईडी की कार्रवाई के चार दिन बाद सोमवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच चल रही है और मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस समय किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को ईडी ने आई-पैक के संस्थापक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और कार्यालय पर छापेमारी की थी। इसके बाद बीते चार दिनों में घटनाक्रम ने कई मोड़ लिए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों के आधार पर पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कीं, जबकि ईडी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ईडी की ओर से दायर याचिका में पुलिस आयुक्त का भी उल्लेख किया गया है। सोमवार दोपहर को लालबाजार में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने यह बयान दिया।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित हाफ मैराथन की जर्सी लॉन्च के लिए बुलाई गई थी, जिसमें अभिनेता एवं तृणमूल कांग्रेस सांसद देव भी मौजूद थे। हालांकि पत्रकारों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी ईडी की आई-पैक छापेमारी को लेकर पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया जानने में रही।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में मनोज वर्मा ने कहा कि इस मामले में दो केस दर्ज किए गए हैं और दोनों की जांच चल रही है। इसके अलावा इस समय कुछ भी कहना संभव नहीं है। संभव है कि किसी अन्य दिन इस विषय पर बात की जाए।
जब उनसे पूछा गया कि छापेमारी के दौरान ऐसी क्या स्थिति बनी कि डीसी (दक्षिण) को भी मौके पर जाना पड़ा, तो उन्होंने कोई विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इस स्तर पर जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।
ईडी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में पुलिस के संदर्भ में ‘चोरी’ या ‘डकैती’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी सवाल किए गए। इस पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि मैंने अभी तक वह लिखा हुआ नहीं पढ़ा है। केवल सुनी-सुनाई बातों पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा। मामला अदालत में है, इसलिए इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
एफआईआर की जांच की स्थिति, नोटिस जारी किए जाने या पुलिस के पास उस दिन की किसी विशेष सूचना के बारे में पूछे गए सवालों पर भी उनका जवाब संक्षिप्त रहा। उन्होंने बार-बार दोहराया कि जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
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कोलकाता में कम हुई सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या
इस बीच, उसी पत्रकार वार्ता में कोलकाता पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर आंकड़े भी साझा किए। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बीते वर्ष कोलकाता में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2025 में कुल 154 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की संख्या को और कम करने के लिए जागरूकता अभियान जारी रहेंगे। अभिनेता देव ने भी सड़क सुरक्षा के लिए कोलकाता पुलिस के प्रयासों की सराहना की।
तेहरान (ईरान), 12 जनवरी (हि.स.)। ईरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के धर्मतंत्र को चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान शनिवार रात और रविवार सुबह देश की राजधानी और दूसरे सबसे बड़े शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए। अमेरिकी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, 28 दिसंबर से हो रहे प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 538 हो गई है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान ने सारी हदें पार कर दी हैं। निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। अब बर्दाश्त करना मुश्किल है। अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ हमले के लिए मजबूत विकल्पों पर विचार कर रही है।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कटी होने के कारण दूसरे देशों से सही स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों और ईरान के सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि मारे गए लोगों में से 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य हैं। अब तक 10,600 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरानी सरकार ने हताहतों की कोई समग्र संख्या नहीं बताई है।
अमेरिका ने कहा- ईरान ने सारी हदें पार की, सैन्य आक्रमण के मजबूत विकल्पों पर विचार
वाशिंगटन, 12 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान ने सारी हदें पार कर दी हैं। निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। अब बर्दाश्त करना मुश्किल है। अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ हमले के लिए मजबूत विकल्पों पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक गणराज्य ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। वह एलन मस्क से स्टारलिंक के लिए बात करेंगे।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ” अमेरिका ईरान को लेकर बहुत ही मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहा है। वहां के शासन ने सारी हदें पार कर दी हैं। अब फैसला लेने का वक्त आ गया है।” उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का नाम लिए बिना कहा कि ईरान के नेता हिंसा के जरिये राज करते हैं।
उन्होंने ईरान की हमले की धमकी के बारे में पूछे जाने पर कहा, “अगर ईरान ऐसा करता है तो उस पर अब तक का सबसे बड़ा आक्रमण किया जाएगा।” ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के प्रदर्शनकारियों को स्टारलिंक की सुविधा उपलब्ध कराने के बारे में एलन मस्क से बात करेंगे।
अमेरिका में ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में रैली, भीड़ में घुसा ट्रक
वाशिंगटन, 12 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका के लॉस एंजिल्स के वेस्टवुड इलाके में ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आहूत रैली में एक ट्रक घुस गया। रविवार दोपहर विल्शायर बुलेवार्ड के 11000 ब्लॉक में विल्शायर फेडरल बिल्डिंग के बाहर होने वाली रैली में शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग जुटे थे।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान एक ड्राइवर ने कथित तौर पर भीड़ में ट्रक घुसा दिया। इस घटना में दो लोग घायल हो गए। लॉस एंजिल्स दमकल विभाग के अनुसार, ट्रक दोपहर लगभग 3:30 बजे से वेटरन एवेन्यू और ओहियो एवेन्यू के पास फेडरल बिल्डिंग से लगभग एक ब्लॉक दूर भीड़ में घुस गया।
अधिकारियों ने अभी तक इस घटना के संबंध में किसी की भी गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में अधिकारियों को एक व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए दिखाया गया है । इस व्यक्ति को ट्रक से नीचे उतारकर ले जाया गया। इस दौरान भीड़ ने उस पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि ट्रक के ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद शाम 4:30 बजे रैली की गई। लोगों ने ईरान की आजादी के नारे लगाए। कुछ लोगों ने ईरानी झंडा भी लहराया।
ग्रीनलैंड, 12 जनवरी (हि.स.)। ग्रीनलैंड की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी भी परिस्थिति में अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा को स्वीकार नहीं कर सकती। सरकार ने दो टूक कहा कि ग्रीनलैंड न तो बिकाऊ है और न ही किसी दूसरे देश के अधीन आने का सवाल पैदा होता है।
ग्रीनलैंड सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और डेनिश कॉमनवेल्थ के अंतर्गत होने के कारण वह नाटो (NATO) का सदस्य है। ऐसे में ग्रीनलैंड की सुरक्षा और रक्षा नीतियां नाटो के ढांचे के भीतर ही तय और लागू की जाएंगी।
बयान में यह भी कहा गया कि हाल ही में नाटो के छह सदस्य देशों द्वारा ग्रीनलैंड के समर्थन में दिए गए सकारात्मक संदेश के बाद, ग्रीनलैंड सरकार अब अपनी रक्षा को नाटो के अंतर्गत और मजबूत करने के प्रयास तेज करेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि नाटो के सभी सदस्य देश, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, ग्रीनलैंड की सुरक्षा में समान हित रखते हैं। इसी कारण ग्रीनलैंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार डेनमार्क के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि ग्रीनलैंड की रक्षा से जुड़े सभी संवाद, योजनाएं और विकास कार्य नाटो सहयोग के दायरे में ही हों।
ग्रीनलैंड सरकार ने यह भी दोहराया कि वह पश्चिमी रक्षा गठबंधन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा और उसकी संप्रभुता, पहचान और राजनीतिक स्थिति पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड की सामरिक अहमियत को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है, जिस पर यूरोप और नॉर्डिक देशों में भी चिंता जताई जा रही है।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर (गुजरात) में बैठक हुई। इस दौरान भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के लिए रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, ऊर्जा और जन-जन संपर्क सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक समझौते हुए और बाद में कई घोषणाएं की गईं।
दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग, आर्थिक सहयोग के लिए सीईओ फोरम, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, क्रिटिकल मिनरल्स, दूरसंचार और उभरती तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त घोषणापत्रों पर सहमति जताई।
हरित हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, नवीकरणीय ऊर्जा और जैव-अर्थव्यवस्था में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए समझौते हुए। आयुर्वेद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग को विस्तार दिया गया। सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करने हेतु खेल, डाक सेवाएं, समुद्री विरासत और युवा हॉकी विकास पर समझौते किए गए।
इसके अलावा, भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी में वीज़ा-फ्री ट्रांजिट, इंडो-पैसिफिक संवाद, डिजिटल डायलॉग और हरित विकास के लिए 1.24 अरब यूरो की नई फंडिंग जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने 12–13 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह उनकी भारत की पहली और चांसलर बनने के बाद एशिया की भी पहली यात्रा थी, जो भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जर्मनी के एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में दिए गए महत्व को दर्शाती है। चांसलर मर्ज के साथ 23 प्रमुख जर्मन सीईओ और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया।
दोनों नेताओं के बीच आज सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। बातचीत में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को गहरा करने पर जोर दिया गया। सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, नौसैनिक सहयोग और नई ‘ट्रैक 1.5 विदेश नीति एवं सुरक्षा संवाद’ की स्थापना का स्वागत किया गया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए सीमा-पार आतंकवाद सहित सभी रूपों में आतंक के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता के बाद प्रेसवार्ता में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारत के साथ संबंधों को रणनीतिक संपत्ति बताया। मिस्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय और आशाजनक प्रगति हो रही है। साथ ही, लोगों से लोगों के संपर्क संबंधों की बड़ी ताकत है। जर्मनी में भारतीय प्रवासी और छात्रों की संख्या तेजी से बढ़कर क्रमश: लगभग तीन लाख और 60 हजार हो गई है।
भारत-जर्मनी सुरक्षा सहयोग पर विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत की रक्षा खरीद नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है, न कि किसी विचारधारा पर। किसी एक देश से खरीद को दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाता। यदि स्वदेशी उत्पादन संभव न हो, तो भारत विश्व में जहां सबसे उपयुक्त हो, वहां से रक्षा सामग्री प्राप्त करता है।
ईरान और ग्रीनलैंड पर चर्चा के विवरण साझा किए बिना विदेश सचिव ने कहा कि भारत ईरान के घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और छात्र मौजूद हैं। प्रतिबंधों के बावजूद भारतीय दूतावास छात्रों से संपर्क में है और सभी सुरक्षित हैं। भारतीयों को अशांति वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
जर्मनी में फोस्टर केयर में रह रही भारतीय बच्ची आरिहा शाह के मामले पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत सरकार जर्मन अधिकारियों के साथ लंबे समय से संवाद में है। इसे कानूनी के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। भारत परिवार की पीड़ा को समझता है और हर संभव सहायता कर रहा है। प्रयास है कि आरिहा भारतीय परिवेश, भाषा और संस्कृति से जुड़ी रहे।
वार्ता में दोनों देशों ने व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का स्वागत किया। 2024 में भारत-जर्मनी व्यापार 50 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। दोनों नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के समर्थन को दोहराया और जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया।
वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में दोनों नेताओं ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर अपनी चिंता दोहराई, जिससे भारी मानवीय पीड़ा और दुनिया भर में नकारात्मक परिणाम हो रहे हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार यूक्रेन में एक व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति हासिल करने के प्रयासों के लिए समर्थन व्यक्त किया।
दोनों नेताओं ने गाजा शांति योजना का स्वागत किया और गाजा में संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक कदम के रूप में पिछले साल 17 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 को अपनाने पर ध्यान दिया। उन्होंने सभी पक्षों को इस प्रस्ताव को पूरी तरह से लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के लिए अपने मजबूत समर्थन की पुष्टि करते हुए, नेताओं ने वैश्विक वाणिज्य, कनेक्टिविटी और समृद्धि को नया आकार देने और बढ़ावा देने में इसकी परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया। इस संदर्भ में, वे इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए पहली आईएमईसी मंत्रिस्तरीय बैठक की उम्मीद कर रहे हैं।
नेताओं ने जलवायु परिवर्तन पर त्वरित वैश्विक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और यूएनएफसीसीसी प्रक्रिया का स्वागत किया। उन्होंने पेरिस समझौते के महत्व और बेलेम में कॉप-30 की पुष्टि की।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद में चांसलर मर्ज का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लिया। इसके अलावा दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी सीईओ फोरम को संबोधित किया। चांसलर मर्ज की बेंगलुरु यात्रा भी प्रस्तावित रही, जहां व्यापार और तकनीकी सहयोग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मथुरा, 12 जनवरी(हि.स.)। मशहूर गायक पद्मश्री कुमार शानू सोमवार को वृंदावन के श्रीहित राधा केलीकुंज आश्रम पहुंच कर संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। अमेरिका से सीधे वृंदावन आए कुमार शानू ने संत प्रेमानंद के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
पद्मश्री गायक कुमार शानू वृंदावन आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने उनका परिचय कराते हुए बताया कि वह 90 के दशक से लगातार गायन कर रहे हैं और अब तक लगभग 27 हजार से अधिक गीत गा चुके हैं। दर्शन के दौरान कुमार शानू ने कहा कि वह महाराजजी के दर्शन और आशीर्वाद के उद्देश्य से ही यहां आए हैं। इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि सांस अनमोल है, इसलिए भगवान के नाम का निरंतर स्मरण करते रहना चाहिए। महाराज ने कुमार शानू की लोकप्रियता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पूर्व जन्म में उन्होंने बड़े तप किए हैं, तभी आज वे इतने लोकप्रिय हैं, लोकप्रिय होना कोई छोटी बात नहीं होती, आपने जनमानस के हृदय में स्थान बनाया है। आपकी वाणी भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए कर्णप्रिय है, यह आपके पूर्व जन्म के पुण्य का प्रताप है। महाराज ने उन्हें प्रेरणा देते हुए कहा कि ऐसे भजन और लोकोपकार के कार्य करें, जिससे अगला जन्म भी भारत में हो और यश बना रहे। इस पर कुमार शानू ने बताया कि उनका एक गीत उनके दिल के बेहद करीब है, जिसे कोई भी अपने प्रियजनों के लिए गा सकता है- चाहे वह भगवान हों, भाई-बहन हों या जीवनसाथी। इसके बाद उन्होंने “जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए… तुम देना साथ मेरा” गीत गाकर सभी को भावविभोर कर दिया। शानू के साथ मौजूद लोगों ने बताया कि वह विशेष रूप से अमेरिका से वृंदावन सीधे केवल महाराज के दर्शन के लिए आए हैं।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि 10 जनवरी को जगदीप धनखड़ को दो बार बेहोशी का दौरा पड़ा था। एहतियात के तौर पर विस्तृत जांच के लिए उन्हें आज एम्स में भर्ती कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि साल 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने वाले जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए 21 जुलाई 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले साल 2019 में वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनाए गए थे।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय आम बजट एक फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा।
लोकसभा सचिवालय के सोमवार को जारी बयान के अनुसार संसद के बजट सत्र के पहले दिन 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित होगा। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद अवकाश होगा। सत्र का दूसरा चरण नौ मार्च से दो अप्रैल तक चलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जो रविवार को प्रस्तावित है। सत्र के दौरान वित्तीय प्रस्तावों के अलावा कई विधायी और अन्य सरकारी कार्यों पर भी चर्चा होगी, जिसमें नीतिगत, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर बहस शामिल हैं।
बजट सत्र परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति का यह अभिभाषण संसद में सरकारी एजेंडा प्रस्तुति और चर्चा का मार्ग खोलता है, जिससे सदन की कार्यवाही का औपचारिक आरंभ होता है और सदस्यों को मुख्य नीतिगत दिशा-निर्देश मिलते हैं।
उल्लेखनीय है कि बजट से जुड़ी तैयारियों में आ रही दिक्कतों को देखते हुए वर्ष 2017 में बजट की तारीख बदलने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद आम बजट को फरवरी की शुरुआत यानी एक फरवरी को पेश किया जाने लगा। इससे केंद्र और राज्यों को योजनाओं को लागू करने के लिए करीब दो महीने का समय मिलने लगा।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। भारतीय रेल जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत करने जा रही है। पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का परिचालन हावड़ा से कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच किया जाएगा। यह ट्रेन 958 किलोमीटर लंबे हावड़ा–कामाख्या रूट पर चलेगी। तृतीय वातानुकूलित (3एसी) श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 2,299 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 1,334 रुपये और हावड़ा से मालदा टाउन के लिए 960 रुपये किराया देना होगा।
द्वितीय वातानुकूलित (2एसी) श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 2,970 रुपये होगा। इसी श्रेणी में हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 1,724 रुपये तथा हावड़ा से मालदा टाउन के लिए 1,240 रुपये किराया तय किया गया है। प्रथम वातानुकूलित (1एसी) श्रेणी में हावड़ा से कामाख्या का किराया 3,640 रुपये होगा, जबकि हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए 2,113 रुपये और हावड़ा से मालदा टाउन के लिए 1,520 रुपये चुकाने होंगे।
कामाख्या से मालदा टाउन के बीच तृतीय वातानुकूलित श्रेणी में किराया 1,522 रुपये, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में 1,965 रुपये और प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में 2,409 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं कामाख्या से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच तृतीय वातानुकूलित श्रेणी का किराया 9,62 रुपये, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी का 1,243 रुपये और प्रथम वातानुकूलित श्रेणी का 1,524 रुपये होगा।
इसके अलावा यात्रियों को टिकट पर 5 प्रतिशत जीएसटी का भी भुगतान करना होगा। भारतीय रेल की इस प्रीमियम वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में किराया निर्धारण के लिए न्यूनतम दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है।