बलोचिस्तान में डीआरए की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारी सड़कों पर

0

क्वेटा (बलोचिस्तान), 13 जनवरी (हि.स.)। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में असमानता न्यूनीकरण भत्ता (डिसपैरिटी रिडक्शन अलाउंस ‘डीआरए’) की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, क्वेटा समेत बलोचिस्तान के विभिन्न जिलों में दर्जनों सरकारी कार्यालयों से जुड़े कर्मचारी पिछले सात महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बलोचिस्तान ग्रैंड अलायंस के बैनर तले संगठित कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उन्हें 30 प्रतिशत डीआरए दिया जाए, जैसा कि अन्य प्रांतों और संघीय सरकार में लागू है। बलोचिस्तान ग्रैंड अलायंस के नेताओं का कहना है कि राज्यपाल भवन, मुख्यमंत्री सचिवालय, सिविल सचिवालय, विधानसभा सचिवालय और उच्च न्यायालय सहित कुछ संस्थानों में एक ही श्रेणी के कर्मचारियों को अधिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि अन्य अदालतों में एक ही श्रेणी के कर्मचारी कम वेतन पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस अंतर को दूर करने के लिए नवीकरणीय राजस्व अधिनियम अपरिहार्य है। सरकार की समिति ने भी इसकी सिफारिश की है लेकिन मुख्यमंत्री ने अभी तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया है। विरोध आंदोलन की शुरुआत के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। बातचीत का हर दौर बेनतीजा रहा।

ईरान ने ट्रंप की चुनौती स्वीकार की,कहा-अमेरिका से युद्ध के लिए तैयार

0

तेहरान/वाशिंगटन, 13 जनवरी (हि.स.)। इस्लामिक गणराज्य ईरान में 28 दिसंबर को महंगाई के खिलाफ शुरू प्रदर्शन देश के सर्वोच्च शासक अली खामेनेई को हटाने के आंदोलन के रूप में बदल गया है। समूचे ईरान में लोग सड़कों पर हैं। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। सुरक्षा बलों की गोलियों से अब तक कम से कम 2000 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबरें हैं। लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। खामेनेई का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को अमेरिका भड़का रहा है। उधर, अमेरिकी ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर दमन जारी रहा तो मजबूत सैन्य हमले के लिए ईरान तैयार रहे। ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि वह हर तरह से युद्ध के लिए तैयार हैं।

ईरान ने कई देशों के राजदूतों को तलब किया

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बहुत मजबूत सैन्य हमले पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि तेहरान को प्रदर्शनकारियों पर दमन न करने की चेतावनी की अनदेखी करना बहुत महंगा पड़ेगा। इस पर ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान निष्पक्ष बातचीत के लिए भी तैयार है, लेकिन वह युद्ध के लिए भी हर तरह से तैयार है। ईरान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दावा किया है कि दो हफ्ते से ज्यादा समय से जारी अशांति में मरने वालों की शुरुआती संख्या हाल के दिनों में बढ़कर कम से कम 2,000 पहुंच गई है। ईरान ने ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली के राजदूतों को तलब किया है। ईरान ने उनकी सरकारों पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने और उसके आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया।

ट्रंप को तीन विकल्पों की जानकारी दी गई

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों से ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए तीन विकल्पों की जानकारी दी है। पहला- सैन्य हमला। दूसरा- साइबर ऑपरेशन। तीसरा -प्रदर्शनकारियों का सहयोग करने के लिए मनोवैज्ञानिक रणनीति। अधिकारियों ने कहा कि यह तीनों एक साथ भी हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, “दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और कूटनीतिक दरवाजे खुले हुए हैं।”

ऑस्ट्रेलिया ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की निंदा की

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के लोग मौजूदा सरकार को हटाकर एक लोकतांत्रिक ईरान स्थापित करेंगे, जहां मानवाधिकारों का सम्मान किया जाएगा।

मंगलवार को कैनबरा में एक संवाददाता सम्मेलन में अल्बानीज ने कहा, “हम ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं जो एक दमनकारी शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं। मुझे उम्मीद है, लोग खामेनेई को हटा देंगे।” विदेशमंत्री पेनी वोंग ने कहा कि मौजूदा ईरानी सरकार की कोई वैधता नहीं है। वह सत्ता बचाने के लिए अपने ही नागरिकों की हत्या कर रही है।

इजराइल में अमेरिकी राजदूत ने कहा- ट्रंप ईरान में नरसंहार नहीं होने देंगे

इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे। वह ईरान में प्रदर्शनकारियों का चल रहा नरसंहार जारी नहीं रहने देंगे। माइक हकाबी ने सोमवार को स्काई न्यूज से कहा, ” ट्रंप लोगों को मरते हुए नहीं देखेंगे। वह यकीनन दखल देंगे। उन्होंने कहा, ” ईरान के लोग खामेनेई का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे अपने परिवारों को खाना नहीं खिला सकते। पानी की कमी है। महंगाई इतनी ज्यादा है कि एक ब्रेड का पैकेट खरीदना मुश्किल है।

अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की

अमेरिकी दूतावास ईरान ने सोमवार को एक वर्चुअली सुरक्षा परामर्श जारी किया। इसमें अमेरिकी नागरिकों से देश भर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की गई। नागरिकों को सलाह दी गई है कि अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर हुए बिना अपने खुद के इंतजाम से तुरंत ईरान छोड़ दें।

ईरान पुलिस प्रमुख ने ट्रंप को चुनौती दी

ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेज़ा रादान ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों की हत्याओं को लेकर इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का जवाब देते हुए कहा: “उन्होंने एक बार यह गलती की थी और उन्हें जवाब मिल गया था, लेकिन अगर वे फिर से आते हैं, तो हम उनकी सेवा के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा: “हमारे पिछले हमले के जवाब को पचाने में उन्हें बहुत समय लगेगा।” इस बीच निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने सोमवार को सीबीएस न्यूज पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा कि वह ट्रंप प्रशासन के सीधे संपर्क में हैं। यह वक्त गेम-चेंजर हो सकता है। पहलवी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के अंत और सोवियत संघ के पतन का उदाहरण देते हुए कहा, “कोई भी मुक्ति अभियान तब सफल हुआ है जब दुनिया ने आखिरकार दमनकारी सरकारों को ललकारा।

खामेनेई ने कहा-अमेरिका की साजिश विफल

अली खामेनेई ने सोमवार को एक संदेश में इस्लामिक शासन खत्म करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को अमेरिका समर्थित भाड़े के सैनिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अमेरिकी साजिश को विफल कर दिया है। संदेश में कहा गया कि ” महान ईरान राष्ट्र ने अपने संकल्प और पहचान के साथ खुद को अपने दुश्मनों के सामने पेश किया। यह अमेरिकी राजनेताओं के लिए एक चेतावनी थी कि वे अपना धोखा बंद करें और धोखेबाज भाड़े के सैनिकों पर भरोसा करना बंद करें।”

मुरादाबाद रेल मंडल के लक्सर स्टेशन पर चार रेलगाड़ियों का ठहराव शुरु

0

मुरादाबाद, 12 जनवरी (हि.स.)। मुरादाबाद रेल मंडल

के लक्सर स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12358 अमृतसर -कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस सहित 4 गाड़ियों के ठहराव दिए जाने के अवसर पर सोमवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमृतसर से कोलकाता जाने वाली गाड़ी संख्या 12358 दुर्गियाना एक्सप्रेस को हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और अपर मंडल रेल प्रबंधक पारितोष गौतम ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ी को रवाना किया।

उत्तर रेलवे के मुरादाबाद रेल मंडल में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि मंडल के लक्सर स्टेशन पर नगर क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा हेतु लंबी दूरी की 04 गाड़ियां 14627 (सहरसा- छैहरटा अमृत भारत एक्सप्रेस ),गाड़ी संख्या 14628 ( छैहरटा-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस ), गाड़ी संख्या 12357 ( कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस ) एवं गाड़ी संख्या 12358 ( अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस ) का लक्सर स्टेशन पर ठहराव दिया गया है।

इस सुअवसर पर गाड़ी संख्या 12358 (अमृतसर कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस) के लक्सर स्टेशन पर ठहराव समय 12:18- 12: 20 बजे पर गाड़ी के स्वागत हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मुरादाबाद रेल मंडल सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक संख्या में नगर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, यात्रीगण, रेलवे कर्मचारीगण, अनेक संख्या में मीडिया बंधुगण, मुरादाबाद मंडल सांस्कृतिक टीम, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की टीम उपस्थित रहीं।

निम्नलिखित गाड़ियों का उनके संचालन दिवस पर लक्सर स्टेशन पर नियमित ठहराव दिया गया है –

1. गाड़ी संख्या 12358 (अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना एक्सप्रेस) जिसका नियमित आगमन व प्रस्थान समय 12:18-12:20 बजे रहेगा I (संचालन दिवस-अमृतसर स्टेशन से प्रत्येक सोमवार एवं प्रत्येक गुरुवार)।

2. गाड़ी संख्या 14627 (सहरसा- छैहरटा अमृत भारत एक्सप्रेस) का जेसीओ 12.01.2026 को सहरसा से चलकर लक्सर स्टेशन पर कल दिनांक 13.01.2025 को आगमन व प्रस्थान समय साय: 18:32-18:34 बजे रहेगा I (संचालन दिवस :- सहरसा से प्रत्येक सोमवार को केवल) I

3. गाड़ी संख्या 14628 (छैहरटा-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस ) का जेसीओ 17.01.2026 को छैहरटा से चलने वाली का लक्सर स्टेशन पर दिनांक 18.01.26 को आगमन व प्रस्थान समय प्रातः 06:21-06:23 बजे रहेगा I (संचालन दिवस – छैहरटा स्टेशन से प्रत्येक शनिवार केवल) I

4. गाड़ी संख्या 12357 (कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस) जेसीओ 13.01.2026 को कोलकाता से चलने वाली गाड़ी का लक्सर स्टेशन पर दिनांक 14.01.2026 को आगमन व प्रस्थान समय प्रातः 09:42-09:44 बजे रहेगा I (संचालन दिवस :- कोलकाता से प्रत्येक मंगलवार एवं प्रत्येक शनिवार केवल )

विवेक विश्वविद्यालय में रन फाॅर स्वदेशी आयोजित

0


प्रत्येक विद्यार्थियों को हो स्वदेशी के मूल्य और आत्मनिर्भर भारत की समझ – अमित गोयल
उत्तर प्रदेश के बिजनौर के विवेक विश्वविद्यालय की ओर से स्वामी विवेकानंद के 164 वी जयंती के अवसर पर ”एक दौड़ स्वदेशी” के लिए रन फोर स्वदेशी का आयोजन किया गया। इस दौड का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अमित गोयल, प्रतिकुलाधिपति इं. दीपक मित्तल, कुलपति एन. के. गुप्ता, कुलसचिव डा. हितेश शर्मा ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर किया।


रन फौर स्वदेशी में विज्ञान, नर्सिंग, फार्मेसी और आयुर्वेद स्कूल के विद्यार्थियों ने भागीदारी की। राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर कुलाधिपति ने खेलों के महत्व और युवा जोश के महत्व को बताते हुए कहा की भारत एक युवा देश है युवाओं को स्वदेशी का मूल्य एवं आत्मनिर्भर भारत का प्रत्यय ना केवल समझना है बल्कि उसके नए प्रतिमान भी स्थापित करने हैं। कुलपति प्रो0 एन0 के0 गुप्ता ने अपने संबोधन में युवाओं को शारीरिक संतुलन, अनुशासन, टीम वर्क और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को समझने तथा बढाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि इसी से देश का विकास होगा तथा भारत विश्वगुरु के पद पर अग्रसर होगा। कुलसचिव डा हितेश शर्मा ने स्वदेशी बनाने और स्वदेशी अपनाने और स्वदेशी बढाने पर जोर देते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। रन फौर स्वदेशी को सफल बनाने में डा0 संजय त्यागी, डा मीना चैधरी, डा प्रदीप शर्मा कुमार शर्मा, डा विशाल कुमार, डा. रंगनाथन, डा माया देवी, डा सतीश चंद्र, डा मीनाक्षी, डा विनेश कुमार आदि ने अपना सहयोग दिया।

बीएसई−एनएसई के बाद देश को मिलेगा तीसरा स्टॉक एक्सचेंज एमएसई

0

बीएसई और एनएसई के बाद अब देश को मिलेगा तीसरा स्टॉक एक्सचेंज एमएसई

– अगले दो सप्ताह में मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज शुरू हो सकती है एक्टिव ट्रेडिंग

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बाद अब देश को जल्दी ही मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (एमएसई) के रूप में एक तीसरा स्टॉक एक्सचेंज मिलने वाला है। माना जा रहा है कि अगले दो सप्ताह में मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज में एक्टिव ट्रेडिंग की शुरुआत हो सकती है। जानकारी के अनुसार मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए इस एक्सचेंज में खास योजना तैयार की गई है, जिसके तहत फिलहाल मार्केट मेकर्स की नियुक्ति की जा रही है। इस एक्सचेंज के जरिए फिलहाल 130 शेयरों के लिए लिक्विडिटी देने की तैयारी की गई है।

मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (एमएसई) के एक्टिव होने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। शुरुआती कारोबार के लिए एमएसई ने दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में दो चरणों में 1,240 करोड़ रुपये जुटाए हैं। मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज में ग्रो और जेरोधा जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने मुख्य रूप से निवेश किया है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (एमएसई) के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुकाबले खड़ा होना आसान नहीं होगा‌। फिलहाल बीएसई और एनएसई की पकड़ काफी मजबूत बनी हुई है। इसलिए एमएसई के लिए इसको तत्काल चुनौती देना आसान नहीं होगा। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का मानना है कि बीएसई और एनएसई की मजबूत पकड़ के साथ ही फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में मार्केट रेगुलेटर सेबी के नियम भी एमएसई के लिए मुश्किल बढ़ाने का काम करेंगे।

सेबी के नियमों के अनुसार फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में वीकली एक्सपायरी मंगलवार और गुरुवार को होती है। फिलहाल इसमें बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। मौजूदा व्यवस्था में निफ्टी की एक्सपायरी मंगलवार को होती है, जबकि सेंसेक्स की एक्सपायरी गुरुवार को होती है। अगर सेबी के नियमों में बदलाव नहीं हुआ, तो एमएसई को भी एक्सपायरी के लिए मंगलवार या गुरुवार में से किसी एक दिन का चयन करना होगा। ऐसी स्थिति में एमएसई के लिए डेरिवेटिव्स में पकड़ बना पाना आसान नहीं होगा।

दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज, कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज, मगध स्टॉक एक्सचेंज जैसे छोटे स्टॉक एक्सचेंजों का दौर खत्म होने के बाद अब देश में स्टॉक मार्केट की लगभग पूरी गतिविधि बीएसई और एनएसई के जरिए ही होती है। जहां तक मार्केट शेयर की बात है, तो फिलहाल एनएसई के पास सबसे अधिक हिस्सेदारी है। कैश में एनएसई की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक है। वहीं स्टॉक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 95 प्रतिशत है, जबकि इंडेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में एनएसई की हिस्सेदारी लगभग 80 प्रतिशत है। दूसरी ओर, कैश में बीएसई की हिस्सेदारी 9 से 10 प्रतिशत के बीच है। स्टॉक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में बीएसई की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत तथा इंडेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:योगी

0

मुख्यमंत्री का निर्देश, अपरिहार्य होने पर ही वृक्षों की कटान हो, जितने वृक्ष कटें उससे अधिक पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए

एनएचएआई सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समन्वय और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी साप्ताहिक एवं मुख्य सचिव पाक्षिक समीक्षा कर परियोजनाओं को समय से पूर्ण कराएं: मुख्यमंत्री

भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से सीधा संवाद करें, बिचौलियों का हस्तक्षेप न हो: मुख्यमंत्री

लखनऊ, 12 जनवरी:-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किंतु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा करते हुए उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लंबित हो, उसे मुख्य सचिव की सोमवारीय समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।

भूमि अधिग्रहण से संबंधित विषयों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।

उज्जैन में पहली बार महाकाल महोत्सव, सीएम 14 को करेंगे शुभारंभ

0

– महाकाल महालोक में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव के पहले दिन शंकर महादेवन अपने बेटों के साथ देंगे प्रस्‍तुति

भोपाल, 12 जनवरी (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। यहां पहली बार श्री महाकल महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को शाम 7 बजे श्री महाकाल महालोक में इस पांच दिवसीय ‘ महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे।

वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने सोमवार को बताया कि 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्री महाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

सुरों की सरिता: दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुतियां उन्होंने बताया कि महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। इनमें 14 जनवरी को महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की संगीतमय प्रस्तुति देंगे।

– 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देगा।- 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।- 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी।- 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव केंद्रित नृत्य नाटिका’ से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा।

लोक और जनजातीय कला का वैभव

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। साथ ही, प्रतिदिन निकलने वाली ‘कला यात्रा’ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुंचेगी, जिसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।

बौद्धिक विमर्श: ‘शिव तत्व और र महाकाल’

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय ‘शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में’ रखा गया है, जहां विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराइयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

इस संगोष्ठी में दस से अधिक देशों और भारत के बारह से अधिक राज्यों के विद्वान विषय के विविध पक्षों पर प्रकाश डालेंगे। इन देशों में मॉरीशस, नीदरलैंड, फीजी, यूएसए, यूके, आयरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल आदि सम्मिलित हैं। संगोष्ठी में भारत के राज्यों उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश आदि के विशेषज्ञ विद्वान सम्मिलित होंगे।

वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस संगोष्ठी का आयोजन त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय, जयसिंहपुरा, महाकाल लोक में प्रातः काल 11 से सन्ध्या 4:30 बजे तक किया जाएगा। संगोष्ठी में देश – विदेश के विविध क्षेत्रों में शिवोपासना, पुराख्यान, पुरातत्व, इतिहास, शैव दर्शन, साहित्य, वास्तु, मुद्राशास्त्र, शिल्प, चित्र आदि पर गहन मंथन किया जाएगा। संगोष्ठी में भाग लेने वाले विद्वानों में आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा, डॉ. रामा तक्षक, नीदरलैंड, डॉ. सोमदत्त काशीनाथ, वकोका, मॉरीशस, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, फिजी, डॉ. बीर बहादुर महतो नेपाल, डॉ. मीरा सिंह फिलाडेल्फिया यूएसए, डॉ. सदाशिव कुमार द्विवेदी वाराणसी, डॉ. शुभंकर मिश्रा मॉरीशस, डॉ. अजय कुमार झा, जनकपुर नेपाल, डॉ. हरिसिंह पाल नई दिल्ली, पुरातिहासकार डॉ. शांतिस्वरूप सिन्हा वाराणसी के अलावा अनेक विद्वान भाग लेंगे।——————–

धारा 342 को समाप्त करने से समाप्त होगा धर्मांतरण :होसबाले

0

रांची, 12 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सोमवार को प्रवास के दौरान रांची पहुंचे। रांची के हरमू स्थित एक बैंंक्‍वेट हॉल में सामाजिक सद्भाव को लेकर बैठक का आयोजन किया गया, इसमें समाज के विभिन्न संगठन, विभिन्न जाति और समुदायों के सैकडों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य समाज में व्याप्त समसामयिक समस्याओं पर चर्चा करना और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर विचार करना था।

बैठक के प्रथम सत्र में समाज के विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा कार्यों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने अपने कार्यों के दौरान सामने आ रही सामाजिक चुनौतियों को भी साझा किया।

इनमें प्रमुख रूप से धर्मांतरण, घुसपैठ, नशाखोरी, अशिक्षा, अंधविश्वास, परस्पर सहयोग की कमी, बाल-विवाह, लव-जिहाद जैसी गंभीर समस्याओं का उल्लेख किया गया।

वहीं, द्वितीय सत्र में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय ने समाज के प्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए प्रश्न और विषयों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। धर्मांतरण पर उन्होंने तीन प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया। इसमें झारखंड का छोटानागपुर क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्र और दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना राज्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय क्षेत्रों में साजिश के तौर पर चर्च से जुड़े लोगों का प्रवेश कराया गया और हिंदू धर्मगुरुओं को रोकने का प्रयास हुआ। होसबाले ने गरीबी, अशिक्षा और अंधविश्वास को उन्होंने धर्मांतरण के प्रमुख कारण बताया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में तथाकथित 3-डी समस्या का उल्लेख किया, जिसमें धर्मांतरण, डीजे संस्कृति और शराब शामिल है।

धर्मांतरण की समस्या को कम करने के उपायों पर उन्होंने समाज में परस्पर सहयोग, छुआछूत और जातिगत भेदभाव से दूरी, ऊंच-नीच की भावना त्यागने और हिंदू समाज की जनसंख्या सुदृढ़ करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने घर-वापसी के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि धर्मजागरण समाज का कार्य है, जिसे समाज को स्वयं करना होगा।

सरकार्यवाह ने जातिगत समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारा जन्म किस परिवार या जाति में होगा, यह हमारे हाथ में नहीं होता, फिर हम जातिवाद क्यों करते हैं। किसी भी जाति को नीचा या ऊंचा नहीं समझना चाहिए।

पुरुष-महिला समानता माैजूदा समय की आवश्यकता

उन्होंने महिलाओं-बहनों के सम्मान पर विशेष ज़ोर देते हुए कहा कि पुरुष-महिला समानता आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब पुरुष और महिलाएं साथ-साथ कार्य कर रहे हैं, तो उनके बीच असमानता का कोई औचित्य नहीं है।

दत्तात्रेय ने कहा कि आज सोशल मीडिया सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के कंटेंट से भरा हुआ है। बच्चों को इसके नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए बच्चों के साथ संवाद की प्रक्रिया अपनाने पर उन्होंने बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को मंदिर जाने के लिए प्रेरित करना चाहिए, क्योंकि मंदिर जाने से अहंकार दूर होता है और मन को शांति मिलती है। उन्होंने विभिन्न पर्वों पर बनाए जाने वाले पंडालों में अत्यधिक खर्च पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे मनोरंजन की प्रवृत्ति से जोड़कर देखने की जरूरत बताई।

वहीं सरकार्यवाह ने स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें स्मरण करते हुए ने भारतीय युवाओं से उनके कथन, थिंक लिटिल लेस, एक्टल लिटिल मोर को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने हिंदू समाज के करने योग्ये कार्यों के रूप में जोर देते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबी, अशिक्षा और अभावग्रस्त लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही। उन्होंने पारसी समुदाय का उदाहरण देते हुए मेहनत के बल पर आगे बढ़ने की बात कही और बताया कि आज़ादी के समय पारसी समाज ने सरकार से किसी प्रकार के आरक्षण की मांग नहीं की थी। उन्हों ने दिव्यांग बच्चों को समाज के आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों की ओर से गोद लेने का आग्रह किया और समाज के विभिन्न समूहों से ऐसे बच्चों की सहायता करने की अपील की।

बांग्लादेशी घुसपैठ पर जताई चिंता

बांग्लादेशी घुसपैठ के विषय पर उन्होंने कहा कि घुसपैठ के माध्यम से लंबे समय तक राजनीतिक लाभ उठाया जाता रहा है। आज बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमा पर फेंसिंग एक बड़ी चुनौती है और कई बार हमारे ही लोग घुसपैठियों को शरण देते हैं। सरकार एसआईआर सहित विभिन्न माध्यमों से इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रही है।

बैठक में दत्तात्रेय होसबाले ने हिंदू समाज के विभिन्न समूहों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने समुदाय के विकास के साथ आपसी सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने एक-दूसरे के कार्यक्रमों में सहभागिता, परस्पर आदर-सम्मान, कमजोर समुदायों की सहायता और हम सभी हिंदू हैं इस भाव को हमेशा याद रखने की अपील की।

इधर, तीसरे सत्र में दत्तात्रेय होसबोले ने झारखंड के कई संतों के साथ आध्यात्मिक-धार्मिक विषयों पर चर्चा की।

बैठक में धारा 342 पर चर्चा हुई जिसमें धर्मांतरण के बाद जनजाति वर्ग के स्टेटस में कोई बदलाव नहीं आता और धर्मांतरण के बाद ईसाई या मुस्लिम बनने के बाद भी जनजातियों को सुविधाओं का लाभ मिलता रहता है। उन्हाेंने कहा कि यदि इस धारा को समाप्त कर दिया जाए तो धर्मांतरण बहुत हद तक समाप्त हो जाएगा।

इस सत्र में गुरुकुल की स्थापना जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

वहीं, सामाजिक अध्यात्मिक संगठन की बैठक में उन्होंने कहा कि समाज की सामाजिक, आध्यात्मिक संस्थाओं ने सेवा, साहित्य, कला, धार्मिक क्षेत्रों में कार्य किया है। हजारों वर्षों से यह परम्परा चली आ रही है। ऐसा एक महान लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकारें भी कई कार्यों में योगदान देती रही हैं, लेकिन बहुत सारे अनुकरणीय कार्य परिवार की भी होती है। इसमें अपने बच्चों को संस्कार देना और उन्हें बड़े-बुज़ुर्गों का आदर करना सिखाना शामिल है। होसबाले ने कहा कि समाज की एकता जरूरी है। जंजीर की प्रत्येक कड़ी स्वयं मजबूत रहे और एक कड़ी दूसरे कड़ी से जुड़े रहे, यह जरूरी है। सरकार के समक्ष याचना की स्थिति में हमारे युवा न रहें, ऐसे समाज निर्माण पर बल देना चाहिए। संस्कृत के उपयोग पर भी जोर दिया गया।

बिजनौर में प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर भिड़े कार्यकर्ता,मारपीट

0

बिजनौर, 12 जनवरी । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी का जन्मदिन मनाने के लिए सोमवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं के दो पक्षों में किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। ये बहस बाद में जल्द ही लात-घूंसे में तब्दील हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों और नाम न छापने की शर्त पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि विवाद की शुरुआत फोटो खिंचवाने को लेकर हुई थी। आरोप है कि एक नेता ने दूसरे पक्ष के लोगों को फोटो खिंचवाने के दौरान टोकने पर यह बहस छिड़ी। इसके बाद विवाद और बोलचाल ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

मारपीट के समय जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेनरीता राजीव सिंह, नगर अध्यक्ष हुमायू बेग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद थे। हंगामा बढ़ता देख वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। हालांकि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अयोध्या में विकास को नई रफ्तार, एयरपोर्ट तक बनेगा फोर लेन मार्ग

0

-54.13 करोड़ की लागत से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट को प्रयागराज मार्ग से जोड़ेगी नई सड़क

-मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अयोध्या को मिल रही बुनियादी ढांचे की बड़ी सौगात

-1.6 किमी लम्बा चार लेन मार्ग बनेगा एयरपोर्ट यात्रियों और राम भक्तों के लिए राहत

-मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट को सीधे जोड़ने से आवागमन होगा सुगम

-मार्च 2026 तक पूरा होगा स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट, 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण

अयोध्या, 12 जनवरी (हि.स.)।योगी सरकार में आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस होकर अयोध्या विकास के नए प्रतिमान गढ़ रही है। इसी कड़ी में अयोध्या–प्रयागराज मार्ग से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक एक नया फोर लेन मार्ग निर्माणाधीन है। यह परियोजना लगभग 54.13 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। यह सड़क 1.6 किलोमीटर लम्बी होगी।

यह चार लेन सड़क प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के चांदपुर–हरवंश गांव क्षेत्र से शुरू होकर राजर्षि दशरथ स्वशासी मेडिकल कॉलेज के बगल से गुजरते हुए एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 तक पहुंचेगी। वर्तमान सड़क के दाहिने हिस्से से निकलकर बन रही यह आधुनिक सड़क मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट को सीधे जोड़ेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों, स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों को तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त यात्रा सुविधा प्रदान करना है। यह सड़क निर्माण अयोध्या के समग्र विकास का अहम हिस्सा है। राम मंदिर के साथ-साथ रिंग रोड, परिक्रमा मार्गों का विस्तार, अन्य हाईवे कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट विस्तार जैसी परियोजनाएं अयोध्या को आध्यात्मिक राजधानी के साथ-साथ आधुनिक शहर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

–यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच जरूरी था मार्ग निर्माण

अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन दिसम्बर 2023 से शुरू हो चुका है। इस एयरपोर्ट ने राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले ही अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 10 लाख यात्रियों की है और यह राम भक्तों के लिए सीधी उड़ान सुविधा उपलब्ध करा रहा है। लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए यह चार लेन मार्ग बनाया जा रहा है।

–मेडिकल स्टाफ को भी मिलेगी सहूलियत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास को प्राथमिकता देते हुए कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह परियोजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूरा होने से एयरपोर्ट टर्मिनल-2 से प्रयागराज मार्ग तक की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। मेडिकल कॉलेज के छात्रों, मरीजों और स्टाफ को भी बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

–समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा कार्य

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य प्रकाश भारती के अनुसार सड़क निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सड़क के दोनों किनारों पर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि मार्च 2026 तक इस परियोजना को पूर्ण कर लिया जाएगा। इस सड़क को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। लाखों राम भक्तों के लिए एयरपोर्ट से राम मंदिर तक पहुंच और अधिक आसान होगी।अयोध्या अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है, जहां आस्था और आधुनिकता का सुंदर संगम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।