सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनी ज्योत्सना पटेल

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रायगढ़, 13 जनवरी (हि.स.)।मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में राज्य भर में विकास की नई राह प्रशस्त हो रही है। शासकीय योजनाओं का सही लाभ उठाकर आम लोग अपने जीवन को बेहतर बना रहे हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण हैं श्रीमती ज्योत्सना पटेल, जिन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाकर सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनने का साहसिक और प्रेरक कदम उठाया।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ विनोबानगर की श्रीमती ज्योत्सना पटेल पति-श्री राजाराम पटेल पहले एक सामान्य गृहणी थीं। उनका जीवन घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन उनकी मेहनत और सपनों की बड़ी इच्छा ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया। वर्ष 2024-25 में उन्हें राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 70 हजार रुपए की वित्तीय सहायता मिली। यह सहायता उनके लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि एक सपनों को सच करने का अवसर बन गई। उन्होंने नवम्बर 2024 में दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदी। ये गायें प्रतिदिन 20 लीटर दूध देती थीं। दूध बेचने से उन्हें प्रतिदिन 800 रुपये और प्रतिमाह लगभग 24 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होने लगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदलने का फैसला किया।

श्रीमती ज्योत्सना ने अपने छोटे व्यवसाय को बड़ी मेहनत और बुद्धिमानी से बढ़ाया। आज उनके पास 14 दुधारू गाय और 6 बछिया हैं। आज वह डेयरी से प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन कर रही है। इसके माध्यम से उन्हें प्रतिदिन 3-4 हजार रुपये तक की आमदनी होती है। उनके व्यवसाय की सफलता केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रही। जुलाई 2025 में उन्होंने सवा लाख रुपये की ई-बाइक खरीदी, जो उनके व्यवसाय और जीवन को और सुविधाजनक बना रही है। विभाग द्वारा समय-समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, डिवर्मिंग और उपचार सुविधा उपलब्ध कराए जाने से उनका व्यवसाय सुरक्षित और लाभकारी बना।

श्रीमती ज्योत्सना पटेल न केवल अपनी मेहनत से सफल उद्यमी बनी हैं, बल्कि वे महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल भी हैं। उनके साहस, दृढ़ संकल्प और मेहनत को देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय की ओर बढ़ रही हैं।

कर्तव्य पथ पर उप्र का परचम लहराएंगे 42 चयनित ग्राम प्रधान

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गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधान होंगे विशेष अतिथि

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। आगामी 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में उत्तर प्रदेश का भी परचम लहराएगा। प्रदेश स्तर पर चयनित 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है। ये प्रधान अपने जीवनसाथी व अभिभावकों के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह जानकारी प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को जारी बयान में दी।

पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदेश से 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को उनके जीवनसाथी अथवा अभिभावकों के साथ राष्ट्रीय परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए नामित किया गया है। उत्तर प्रदेश से कुल 93 प्रतिभागी इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करेंगे।

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि गांवों की मेहनत, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलना पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह आमंत्रण उन पंचायत प्रतिनिधियों के समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने विकास को जन-आंदोलन बनाया। यह सम्मान प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।

पैकेज्ड ड्रिंकिंग−मिनरल वाटर इकाइयों की सघन जांच,नमूने लिए

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बरेली, 13 जनवरी (हि.स.) । जनपद में आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और मिनरल वाटर निर्माण इकाइयों पर सघन जांच अभियान चलाया। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी बरेली के निर्देश पर की गई।

अभियान के तहत विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण कर नमूने संग्रहित किए गए। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित वृन्दावन बेजरेजेज प्रा.लि. से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक नमूना लिया गया। वहीं, रजऊ परसपुर फरीदपुर स्थित किस्टल बेवरेज से भी एक नमूना संग्रहित किया गया। अंधरपुर फरीदपुर की एसआरएम स्प्रिंग प्रा.लि. से मिनरल वाटर तथा बहेड़ी बाइपास रोड स्थित सिंह बेजरेजेज से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक-एक नमूना लिया गया। सभी नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, लखनऊ भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा अन्य इकाइयों के निरीक्षण में कुछ फैक्ट्रियां बंद, कुछ निर्माणाधीन और कुछ में उत्पादन कार्य नहीं पाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने मंगलवार काे बताया कि मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ जनपद में अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन की सेहत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

19 साल बाद ‘खोसला का घोसला 2’ में पुराने सितारों की एंट्री

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साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘खोसला का घोसला’ ने अपनी सादगी, दमदार अभिनय और जबरदस्त हास्य के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। अब करीब 19 साल बाद इसके सीक्वल ‘खोसला का घोसला 2’ के ऐलान ने फैंस के बीच उत्साह की नई लहर पैदा कर दी है। सीक्वल में भी उसी पारिवारिक और हल्के-फुल्के हास्य का तड़का देखने को मिलेगा, जिसने पहली फिल्म को कल्ट का दर्जा दिलाया था।

‘खोसला का घोसला 2’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें फिल्म के कई पुराने कलाकार वापसी कर रहे हैं। अनुपम खेर और बोमन ईरानी के साथ-साथ रणवीर शौरी, परवीन डबास, किरण जुनेजा और तारा शर्मा भी एक बार फिर अपने-अपने किरदारों में नजर आएंगे। वहीं, अभिनेता रवि किशन की एंट्री ने इस सीक्वल को लेकर दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है।

फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है और इसकी जानकारी खुद अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर दी है। सेट से तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि खोसला परिवार की धमाकेदार वापसी हो रही है और इस सीक्वल को लेकर दर्शकों में जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। अनुपम खेर के इस पोस्ट के बाद फैंस भी फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार करने लगे हैं।

टाटा मोटर्स ने ‘पंच’ का नया अवतार पेश किया,शुरुआती कीमत 5.59 लाख

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नई दिल्‍ली, 13 जनवरी (हि.स)। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) ने एसयूवी खंड पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने लोकप्रिय सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी मॉडल ‘पंच’ को अब नए अवतार में पेश किया है। इस मॉडल की शुरुआती कीमत 5.59 लाख रुपये है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि कंपनी अपने लोकप्रिय सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी मॉडल ‘पंच’ को नए अवतार में पेश किया है। टर्बो पेट्रोल इंजन विकल्प से लैस इस मॉडल की शुरुआती कीमत 5.59 लाख रुपये रखी गई है।

चंद्रा ने कहा कि नई टाटा पंच फ़ेसलिफ़्ट में अब 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन का विकल्प दिया गया है, जो 118बीएचपी का पावर और 170 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। देश में यात्री वाहनों की बिक्री वर्ष 2026 में करीब 10 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। इसमें एसयूवी खंड की भूमिका अहम रहने की संभावना है।

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आईआईएसईआर देश की ज्ञान-शक्ति को करेंगे सुदृढ़: धर्मेंद्र प्रधान

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नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और ये संस्थान देश की ज्ञानशक्ति को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेंगे।

प्रधान ने यह बात यहां आईआईएसईआर की स्थायी समिति की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में देश के सभी सात आईआईएसईआर के शैक्षणिक एवं शोध कार्यों की समीक्षा की गयी और भविष्य की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। मंत्री ने छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने, परिणामोन्मुख और समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा देने तथा अकादमिक एवं शोध उत्कृष्टता के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि आईआईएसईआर भारत की उच्च शिक्षा के “ताज के नगीने” हैं। उन्होंने छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे युवाओं की प्रतिभा का पूरा दोहन होगा और जीवन-स्तर को आसान बनाने तथा सामाजिक प्रगति से जुड़े परिणामोन्मुख शोध को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्थायी समिति ने अकादमिक और शोध उत्कृष्टता प्राप्त करने, छात्र अनुभव को समृद्ध करने और विश्वस्तरीय वैज्ञानिक शिक्षा एवं अनुसंधान प्रदान करने के मूल मिशन को और सशक्त बनाने के रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी आईआईएसईआर अकादमिक एवं शोध उत्कृष्टता की नई संस्कृति स्थापित करेंगे और ऐसे वैज्ञानिकों, नवोन्मेषकों व उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करेंगे जो राष्ट्रीय और वैश्विक वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान कर सकें।

बैठक में अकादमिक लचीलापन बढ़ाने के तहत ‘आई-फ्लेक्स’ ढांचे को लागू करने, पीएचडी कार्यक्रमों में सुधार, समाजोपयोगी अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने, प्रत्येक आईआईएसईआर में शोध पार्क व इनक्यूबेटर स्थापित करने तथा विशिष्ट शोध क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर सहमति बनी। इसके अलावा, उद्योग और अनुसंधान के बीच सेतु बनाने के लिए प्रत्येक आईआईएसईआर में सेक्शन-8 कंपनी स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया।

बैठक में मेधावी छात्रों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश में विशेष प्रावधान, स्नातक स्तर पर खेल कोटा शुरू करने की संभावनाओं और भारतीय भाषाओं की पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को सहयोग देने के उपायों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में आईआईएसईआर के 5-वर्षीय और 10-वर्षीय विज़न दस्तावेज जारी किए गए तथा शैक्षणिक, शोध और नवाचार सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

जल से विषैले प्लास्टिक प्रदूषकों को हटाने की नैनो तकनीक विकसित की

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आईआईटी रुड़की : वैज्ञानिकों ने की खोज

हरिद्वार, 13 जनवरी (हि.स.)। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक के विघ्नकारी रसायन फ़्थेलेट्स को पानी से अलग करने की नेनो सक्षम तकनीक विकसित की है। यह शोध एसीएसईएस एंड टी वॉटर में प्रकाशित हुआ है।

शोध दल ने अध्ययन में यह पाया कि विशेष रूप से डिजाइन नैनोफॉस्फेट प्रदूषक-विघटन करने वाले जीवाणुओं को उत्तेजित करते हैं, जिससे कुछ ही घंटों के भीतर फ़्थेलेट्स को हटाया जा सकता है, यहाँ तक कि पोषक-तत्व-विहीन जल में भी। फ़्थेलेट्स सामान्यतः नदियों, भूजल और अपशिष्ट जल में पाए जाते हैं।

फ़्थेलेट्स को दूर करने के लिए, आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने बहु-पोषक नैनोफॉस्फेट कण डिज़ाइन किए, जो सूक्ष्म पोषक-भंडार के रूप में कार्य करते हैं। ये कण फॉस्फ़ोरस, मैग्नीशियम, कैल्शियम और सूक्ष्म धातुओं जैसे आवश्यक तत्वों को धीरे-धीरे ठीक उसी स्थान और समय पर मुक्त करते हैं, जब जीवाणुओं को उनकी आवश्यकता होती है। इस विकसित नैनोफॉस्फेट्स ने तीन घंटों के भीतर फ़्थेलेट्स का लगभग पूर्ण निष्कासन संभव बनाया।

शोधकर्ताओं का कहना कि हमारा अनुसंधान दर्शाता है कि नैनोफॉस्फेट्स पर्यावरण पर भार डाले बिना सतत पोषण प्रदान करते हैं। नैनो फास्फेट का यह प्रयोग नल जल, नदी जल और कृत्रिम अपशिष्ट जल नमूनों सहित अनेक वास्तविक जल प्रकारों में सफल सिद्ध हुआ। सभी मामलों में, जल रसायन में अंतर के बावजूद जीवाणुओं ने उच्च सक्रियता बनाए रखी और फ़्थेलेट्स को कुशलतापूर्वक विघटित किया। शोध दल का मानना है कि इस अवधारणा को अन्य प्रदूषकों और सूक्ष्मजीवी प्रणालियों तक विस्तारित किया जा सकता है, जिससे सतत जल और मृदा पुनर्स्थापन के लिए मापनीय, कम-इनपुट प्रौद्योगिकियों के नए द्वार खुलेंगे।

शाेध कार्य के महत्व पर टिप्पणी करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर केके पंत ने कहा कि यह अनुसंधान वैश्विक सततता चुनौतियों के लिए विज्ञान-आधारित समाधान विकसित करने की आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

‘फूलों की घाटी’ की ऊंची चोटियों पर चार दिन से आग का तांडव

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सेना की मदद के लिए सरकार को लिखा पत्र

देहरादून, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’ के बफर जोन क्षेत्र में स्थित ऊंची चोटियों के जंगलों में पिछले चार दिन से आग लगी हुई है। वन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण टीम को पीछे हटना पड़ा। जिला प्रशासन ने आग पर काबू पाने के सेना से मदद के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

जिले में समुद्र तल से लगभग 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पुलना और भ्यूंडार गांव के ठीक सामने की पहाड़ियों पर 9 जनवरी से आग धधक रही है। आग की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई थी। विभाग ने सर्वप्रथम स्थानीय ग्राम पुलना के महिला मंगल दल और अन्य ग्रामीणों से सहयोग की अपील की, ताकि सामूहिक प्रयासों से आग को बुझाया जा सके। हालांकि, आग वाले स्थान के अत्यधिक दुर्गम और जोखिम भरा होने के कारण ग्रामीणों ने वहां जाने में असमर्थता व्यक्त की।

ग्रामीणों का कहना था कि ऐसी खड़ी और खतरनाक पहाड़ियों पर जाना जीवन को सीधे तौर पर संकट में डालना है। विभागीय टीम ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ने का निर्णय लिया और दांडीसाल के रास्ते लक्ष्मण गंगा को पार किया,लेकिन जैसे-जैसे टीम ऊपर की ओर बढ़ी, प्रकृति की चुनौतियों ने रास्ता रोक दिया। भीषण ठंड के कारण मार्ग में पड़ने वाले झरने पूरी तरह जम चुके हैं, जिससे चट्टानों पर बर्फ की चादर बिछ गई है और फिसलन बढ़ गई है। पहाड़ियों के एकदम सीधे और खड़े (वर्टिकल) होने के कारण टीम 2 किलोमीटर से आगे नहीं बढ़ सकी और सुरक्षा कारणों से उन्हें वापस लौटना पड़ा।

इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इन चोटियों तक पैदल पहुंचना फिलहाल नामुमकिन है। स्थानीय जानकारों और अधिकारियों का मानना है कि यदि आग दोबारा फैलती है, तो इसे बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर ही अंतिम सहारा होगा। फिलहाल वन विभाग की टीम स्थिति पर नजरन रखे हुए है।

जिला अधिकारी गौरव कुमार ने बताया की फूलों की घाटी के पीछे के पर्वतों में आग लगने की सूचना मिली है जिसमे वन विभाग की और से आग बुझाने की चुनौतियों को देखते हुए सेना की मदद पर विचार किया जा रहा है जिसके लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र लिखा है।सेना की ओर से आग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है जिसके बाद आग बुझाने का कार्य शुरू किया जाएगा।

राहुल गांधी का शिक्षा,रोजगार−सामाजिक सौहार्द पर दिया जोर

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नीलगिरि में पोंगल उत्सव में शामिल हुए राहुल गांधी

नीलगिरि, 13 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने नीलगिरि जिले के गुडलूर (कूडलोर क्षेत्र) स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित धर्मनिरपेक्ष समानता पोंगल उत्सव में भाग लिया और छात्रों को संबोधित किया।

अपने संबोधन की शुरुआत में राहुल गांधी ने बारिश में बच्चों को बैठने की असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज का दौर सूचना का युग है, जहां जानकारियां आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन उन जानकारियों को ज्ञान में बदलने की क्षमता विकसित करना ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना सोचे-समझे सूचनाओं को स्वीकार किया गया, तो समाज गलत दिशा में चला जाएगा।

राहुल गांधी ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्कूल के दिनों में काफी शरारती थे और शिक्षकों के लिए एक कठिन छात्र माने जाते थे। उन्होंने बताया कि छात्रावास में रहते हुए भी वे खुश रहते थे और अपनी दादी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उन्होंने जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सीखे। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता से मिलने की चाह में वे कभी-कभी यह कह देते थे कि वे खुश नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा अत्यधिक महंगी नहीं होनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में सरकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। रोजगार सृजन पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश को उत्पादन, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के क्षेत्र में अधिक अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।

महिलाओं की भूमिका पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक सक्षम और दूरदर्शी होती हैं, इसलिए उन्हें समाज के हर क्षेत्र में अधिक अवसर और जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि लोगों के बीच प्रेम, सौहार्द और स्नेह से भरा भारत बनाना ही उनका संघर्ष और लक्ष्य है।

अपने 20 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के अनुभव का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विनम्रता किसी भी नेता का सबसे बड़ा गुण होती है।

कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने तमिल भाषा में राहुल गांधी को पोंगल की शुभकामनाएं दीं।इसका जवाब राहुल गांधी ने तमिल में ही देकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के समीप कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित पोंगल समारोह में पारंपरिक तमिल वेशभूषा में भाग लिया। इस समारोह में छात्रों और महिलाओं सहित एक हजार से अधिक लोग उपस्थित थे।

इससे पहले दिल्ली से कर्नाटक के मैसूरु पहुंचे राहुल गांधी का वहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्वागत किया। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से तमिलनाडु के गुडलूर पहुंचे। यहां तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुंतगई, डीएमके के उप महासचिव एवं सांसद ए. राजा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। केरल सीमा से सटे होने के कारण मलप्पुरम जिले के कांग्रेस कार्यकर्ता भी स्वागत कार्यक्रम में शामिल रहे।

गुडलूर स्थित निजी विद्यालय पहुंचने पर नीलगिरि की पहाड़ी जनजातियों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से राहुल गांधी का स्वागत किया। इस अवसर पर राहुल गांधी स्वयं भी आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ नृत्य करते नजर आए। उन्होंने विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया और बारिश के बावजूद छात्रों को संबोधित किया।

राहुल गांधी की इस यात्रा को देखते हुए विद्यालय परिसर से लेकर सेंट थॉमस स्कूल मैदान तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी पुनः मैसूरु के लिए रवाना हो गए। –

यूपी के हमीरपुर का अंशुल बना यूपी कबड्डी टीम का कप्तान

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हमीरपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान माँ गीता माहेश्वरी इण्टर कालेज के एक पूर्व छात्र ने खेल जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पूर्व छात्र को उत्तर प्रदेश पुरुष कबड्डी टीम का कप्तान नियुक्त किया है। इससे जनपद और उनके माता-पिता का गौरव बढ़ा है।

कस्बा सुमेरपुर निवासी अंशुल बचपन से ही खेलकूद के प्रति समर्पित रहा है, निरंतर अभ्यास और सच्ची लगन की बदौलत उसने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में अंशुल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। उसकी इस सफलता ने साबित कर दिया कि ग्रामीण प्रतिभाएं यदि ठान लें, तो प्रदेश स्तर पर नेतृत्व कर सकती हैं। मंगलवार को छात्र की इस ऐतिहासिक सफलता पर एमजीएम काॅलेज के प्रबंधक डॉ. पुनीत पालीवाल एवं प्रधानाचार्य अशोक शर्मा ने अंशुल को सम्मानित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

उन्होंने कहा कि अंशुल ने न केवल काॅलेज बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि अंशुल आगामी समय में राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगे। इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय के कोषाध्यक्ष इस्लाम खान, अध्यापक राकेश सोनी, नसीम खान, कुलदीप सहित समस्त स्टाॅफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया।

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