हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

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–गैंगस्टर एक्ट में प्राविधान के बावजूद डीएम को शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है

प्रयागराज, 22 दिसम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से इस बात का स्पष्टीकरण मांगा है कि यूपी गैंगस्टर नियम 2021 के नियम 5(3)(ए) के आदेश के बावजूद डीएम को क्यों शामिल नहीं किया जा रहा था। जिसमें गैंग चार्ट को मंज़ूरी देने के लिए डीएम और एसएसपी-पुलिस कमिश्नर के बीच संयुक्त बैठक अनिवार्य है।

यूपी गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) नियम 2021 के तहत एक मामले की सुनवाई करते हुए, जिसमें एक्ट के अनुसार संतुष्टि के बिना एफआईआर रद्द करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने पाया कि जिन जिलों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया था, वहां गैंग चार्ट को ऐसी मीटिंग में मंजूरी नहीं दी जा रही थी, जिसमें डीएम शामिल हों। हालांकि जहां कमिश्नरेट सिस्टम नहीं था, वहां गैंग चार्ट को मंज़ूरी देने के लिए डीएम और एसएसपी के बीच संयुक्त बैठक होती थी।

यह देखते हुए कि गैंगस्टर नियमित रूप से जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हैं और कोर्ट में बार-बार सुनवाई टाली जाती है। कोर्ट ने कहा कि असल में एक लोकतांत्रिक राज्य की अवधारणा इस बात पर आधारित है कि हर नागरिक न केवल कानून के सामने बराबर है, बल्कि उसे कानून की सुरक्षा का भी उतना ही हक है और एक कल्याणकारी राज्य की नज़र में वह उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासकों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि वे जो फैसले लेते हैं, वे आखिरकार न्याय व्यवस्था को आकार देते हैं और इतिहास न केवल उन फैसलों को दर्ज करता है, बल्कि उन्हें दोहराता भी है। कोर्ट ने कहा कि ’चुनिंदा जांच’ और ’चुनिंदा मुकदमा’ कानून के शासन के खिलाफ हैं और अनिवार्य रूप से शासन में जनता के भरोसे को खत्म करते हैं।”

राज्य ने ऐसे गैंगस्टरों के खिलाफ मामलों के तेज़ी से निपटारे के लिए, गवाहों को पेश करने के लिए, गवाह सुरक्षा योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए, कोर्ट में अभियोजन पक्ष के गवाहों को समय पर पेश करने के लिए, या जिला सरकारी वकीलों को कोर्ट को सार्थक सहायता देने के लिए संवेदनशील बनाने के लिए कोई नीति नहीं बनाई है, और इसके अलावा राज्य सरकार का पुलिस पर जवाबदेही तय करने के लिए पुराने ज़माने की विभागीय जांचों को छोड़कर कोई कार्यक्रम नहीं है, जो अक्सर इंस्पेक्टर और उससे नीचे के रैंक अधिकारियों के खिलाफ शुरू की जाती हैं।

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भाजपा अध्यक्ष नड्डा का कांग्रेस पर बड़ा आरोप- झीरम नक्सल हमले में कांग्रेस ने कांग्रेसियों काे मरवाया

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कोरबा/जांजगीर-चांपा, 22 दिसम्बर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में आयोजित ‘जनदेश परब’ कार्यक्रम में आज जनता को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी नक्सल हमले में कांग्रेस के लोगों ने ही कांग्रेसियों को मरवाने का काम किया है।

जेपी नड्‌डा ने कहा कि मुझे याद है कि मैं जब छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी था उस समय झीरम घाटी नक्सल कांड हुआ था। झीरम घाटी की घटना देखी है। झीरम घाटी कांड की जानकारी उनके बीच के लोगों को थी। नक्सल हमले में कांग्रेस के लोगों ने ही कांग्रेसियों को मरवाने का काम किया है। नक्सलियों के साथ कांग्रेस की दोस्ती रही है।

नड्डा ने कांग्रेस पर नक्सलियों से सांठगाठ का आरोप लगाते हुए कहा, झीरम घाटी कांड में कोई और नहीं उनके ही लोग मुखबिरी कर रहे थे। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा? उन्होंने कहा, डबल इंजन की सरकार ने नक्सलियों से देश को मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया है। मार्च 26 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।

नड्डा का बयान आपत्तिजनक: कांग्रेस कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने नड्डा के बयान को आपत्तिजनक बताया है। कांग्रेस ने मांग की है कि जेपी नड्डा से एनआईए पूछताछ करे। शुक्ला ने पूछा है कि नड्डा के बयान का आधार क्या है? उन्होंने कहा, जेपी नड्डा ने राजनीतिक बयानबाजी की सभी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। जेपी नड्डा अपने बयान के लिए माफी मांगे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में 2013 में विधानसभा चुनाव होने थे। चुनाव से पहले कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की थी। 25 मई 2013 को जब यह यात्रा सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी। उसी दौरान नक्सलियों ने झीरम घाटी के पास हमला कर दिया। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल समेत कई कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और जवान मारे गए थे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री ने नई दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

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दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज यहां वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के 7वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में कहा कि आज आपको जो डिग्रियां मिलेंगी, वे योग्यता प्रमाण पत्र से कहीं बढ़कर हैं। वे करुणा, समर्पण और लगन जैसे गुण एवं विशेषताएं हैं। इन्हें आप अब से अपने चिकित्सा के पेशे में अपनायेंगे।” उन्होंने युवा डॉक्टरों से नैतिक चिकित्सीय कार्यप्रणाली, करूणा और जरूरतमंद एवं हाशिये पर पड़े समुदायों की सेवा करने के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता बनाए रखने का आग्रह किया।सभा को संबोधित करते हुए, श्रीमती पटेल ने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को बधाई दी और भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत बनाने में सार्वजनिक चिकित्सा संस्थानों की अहम भूमिका पर जोर दिया। “

पिछले 11 वर्षों के दौरान देश की स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए, श्रीमती पटेल ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवा  की पूरी प्रणाली को बदल दिया है। उन्होंने कहा, “प्राथमिक स्तर पर, देश में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं जो लोगों को प्राथमिक स्तर की देखभाल की पूरी सेवाएं दे रहे हैं, सरकार सीएचसी व जिला अस्पतालों जैसी द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं में जरूरी कमियों को ठीक कर रही है और हम तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं तथा चिकित्सा शिक्षा के बारे में भी नए सिरे से सोच रहे हैं।”

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “पिछले 11 वर्षों में, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है। अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटें 51,000 से बढ़कर 1,28,000 हो गई हैं और पोस्टग्रेजुएट सीटें 31,000 से बढ़कर आज लगभग 82,000 हो गई हैं।” 

इस अवसर पर, 217 से अधिक पोस्टग्रेजुएट छात्रों, 136 अंडरग्रेजुएट छात्रों एवं 40 सुपर-स्पेशियलिटी छात्रों को डिग्रियां दी गईं और 43 छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं समर्पण  के लिए पदकों से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जीजीएसआईपीयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा , केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. मनस्वी कुमार; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) संदीप बंसल; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) गीतिका खन्ना; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) चारू बंबा तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

योगी सरकार ने चिकित्सा को दिये 3500 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार

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– योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को दिये 300 करोड़- एनआरएचएम को 2000 करोड़ और आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए 1200 करोड़ आवंटित

लखनऊ, 22 दिसंबर (हि.स.)। योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। अनुपूरक बजट में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर योगी सरकार ने यह संकेत दिया है कि आमजन तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अनुपूरक बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए धनराशि दी गई है। अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र को आवंटित धनराशि न केवल स्वास्थ्य योजनाओं को गति देगी, बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम भी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं होंगी सशक्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इससे निजी व सरकारी दोनों प्रकार के सूचीबद्ध अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों की सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी।

गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निरंतर मिलती रहेगी

आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। इस मद में 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। यह कदम आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ गरीब व जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई, कानून के शासन की बहाली की भी मांग

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नई दिल्ली, 22 दिसंबर (हि.स.)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने बांग्लादेश में तेजी से बिगड़ती राजनीतिक, सामाजिक और सुरक्षा की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मौजूदा सत्ता में बैठे लोगों से जिम्मेदारी, संयम और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की ताकि शांति, स्थिरता और जनता का भरोसा बहाल हो सके।

एक बयान में सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रम देश को असीमित अस्थिरता और हिंसा की ओर धकेल रहे हैं। कानून-व्यवस्था के कमजोर होने से असामाजिक तत्वों को स्थिति का लाभ उठाने का मौका मिला है, जिसकी वजह से नागरिकों, संपत्तियों और संस्थानों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने अफवाहें फैलने के बाद बांग्लादेश में एक अल्पसंख्यक नागरिक की हाल ही में हुई लिंचिंग की कड़ी निंदा की और इस घटना को दुखद, निंदनीय और बेहद चिंताजनक बताया।

उन्होंने कहा, कि इस तरह की घटनाएं जहां कहीं भी हो रही हैं, नैतिक रूप से गलत हैं, कानूनी तौर पर अपराध हैं और समाज के लिए नुकसानदायक हैं। कोई भी आरोप, कोई भी भावना और कोई भी राजनीतिक स्थिति भीड़ की हिंसा या इंसान की जान लेने को सही नहीं ठहरा सकती। सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने इस बात पर जोर दिया कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की नैतिक विश्वसनीयता और संवैधानिक वैधता की एक बुनियादी कसौटी है।

उन्होंने बांग्लादेश के अधिकारियों से अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने, इबादतगाहों की रक्षा करने और यह संदेश देने का आग्रह किया कि हिंसा, भेदभाव और भीड़ द्वारा की जाने वाली मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कमज़ोर समुदायों की रक्षा के लिए आम नागरिकों और सिविल सोसायटी समूहों के आगे आने की खबरों का स्वागत किया और कहा कि ऐसी सार्वजनिक एकजुटता स्वस्थ्य समाज की अंतरात्मा को प्रदर्शित करती है और सामाजिक सद्भाव की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है।

उन्होंने उन तत्वों के खिलाफ चेतावनी दी जो डर, नफरत और अशांति फैलाने के लिए संवेदनशील धार्मिक मुद्दों का फायदा उठाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक प्रशासन से हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ यथाशीघ्र और निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया। यह देखते हुए कि न्याय में देरी से हिंसक तत्वों को बढ़ावा मिलता है और लोकतांत्रिक और कानूनी संस्थानों में जनता का विश्वास कम होता है, उन्होंने समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सत्यापित जानकारी के साथ अफवाहों का मुकाबला करने के महत्व पर बल दिया। इस बात पर भी जोर देते हुए कि ऐसे अपराधों के लिए कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई की ज़रूरत है ताकि यह साफ संकेत दिया जा सके कि भीड़ की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा जारी निंदा और अब तक की गई गिरफ्तारियों का भी स्वागत किया।

सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा, “जमाअत-ए-इस्लामी हिंद बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ी है और पूरी उम्मीद करती है कि शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाधान निकलेगा, जिससे लोकतांत्रिक शासन बहाल होगा, कानून का राज मज़बूत होगा और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षा, अधिकार और न्याय की ज़मानत मिलेगी।

पंजाब के पूर्व आईजी चहल ने खुद को गोली मारी, हालत गंभीर

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चंडीगढ़, 22 दिसंबर (हि.स.)। पंजाब पुलिस के पूर्व आईजी एएस चहल ने सोमवार को पटियाला स्थित अपने आवास पर अपने ही सुरक्षा कर्मी की रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। पूर्व आईजी की हालत गंभीर बनी हुई है। वह आईजी पद से रिटायर होने के बाद पटियाला में रह रहे थे।वह अकाली दल की सरकार में बेअदबी की घटनाओं के दौरान हुए बहबल कलां गोलीकांड में आरोपित भी थे।

पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने गोली मारने से पहले 12 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें 8.10 करोड़ रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड का जिक्र किया गया है। उन्होंने कुछ लोगों से पैसे उधार लिए थे, जो वापस नहीं मिल रहे हैं। सुसाइड नोट में चहल ने पुलिस महानिदेश गौरव यादव से इस मामले की एसआईटी या सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है।

इस मामले में 24 फरवरी, 2023 को पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम ने फरीदकोट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुसाइड नोट में चहल ने लिखा कि वे हाल ही में आईपीएस ग्रुप नाम के एक वॉट्सएप ग्रुप से जुड़े थे। वहां लोगों ने निवेश पर बहुत ज्यादा मुनाफा मिलने का लालच दिया। इस भरोसे में उन्होंने धीरे-धीरे बड़ी रकम लगा दी, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि यह पूरा मामला ठगी का था।

पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें तुरंत अमर सिंह चहल के घर पहुंच गईं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ब्लूबर्ड ब्लॉक-दो के सफल प्रक्षेपण की कामना को तिरुपति मंदिर पहुंचे इसराे प्रमुख

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इससे भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी: वी नारायणन

तिरुमला, 22 दिसंबर (हि.स.)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि 24 दिसंबर को ब्लूबर्ड-2 का प्रक्षेपण किया जाएगा। यह मिशन भारत की धरती से प्रक्षेपित किए जाने वाले अब तक के सबसे भारी उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाने का है। इस मिशन से भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे।

इसरो प्रमुख वी. नारायणन साेमवार काे तिरुमाला में बालाजी मंदिर में श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने पहुंचे। उन्हाेंने भगवान के चरणों में ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का मॉडल रख कर सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। इसरो इस संचार उपग्रह काे बुधवार 24 दिसंबर को एलवीएम3-एम6/ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन का प्रक्षेपण करने वाला है। यह एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन है। जिसे एलवीएम3 प्रक्षेपण यान के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह ऐतिहासिक मिशन अमेरिका आधारित एएसटी स्पेसमोबाइल के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाएगा। इसराे प्रमुख नारायण ने यहां पत्रकाराें से वार्ता के दाैरान कहा कि ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का उपयोग 4जी और 5जी संचार उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। 24 दिसंबर, 2025 की सुबह 08:54 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को एलवीए 3-एम6 मिशन के तहत भेजा जाएगा। इस सैटेलाइट के जरिए पहाड़ों, समुद्रों और दूरदराज इलाकों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य है। यह मिशन इसराे के लिए कमर्शियल स्पेस सेक्टर में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह सैटेलाइट करीब 520 किलोमीटर ऊंचाई पर लो-अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा, जहां से यह बेहतर कवरेज देगा।

उन्हाेंने कहा कि लॉन्चिंग के बाद यह भारत से भेजा गया अब तक का सबसे भारी कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा। इस मिशन से भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे। इस मिशन से भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे।

ठाणे के अंबरनाथ से उ.प्र. के दस बंधुआ मजदूरों की रिहाई

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मुंबई, 22 दिसंबर (हि. स.) । अत्यंत आश्चर्यजनक तथ्य है कि 21वीं सदी में भी बंधुआ मजदूरी सिस्टम मौजूद है, यह चौंकाने वाली सच्चाई अंबरनाथ में सामने आई है, और ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल के नेतृत्व में NALSA एनएएलएसए (नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी) स्कीम के तहत ठाणे डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की स्पेशल टीम द्वारा की गई कार्रवाई में, अंबरनाथ वेस्ट में मेसर्स शक्ति फूड इंडस्ट्रीज कंपनी में काम करने वाले उ.प्र . के 10 प्रवासियों को बंधुआ मजदूरी के चंगुल से सुरक्षित रूप से रिहा कराया गया है, यह जानकारी आज ठाणे डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की स्पेशल टीम की सदस्य एडवोकेट तृप्ति पाटिल ने दी।

उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को, उत्तर प्रदेश के रहने वाले कमलेश फुन्नन बनवासी का मामला तब सामने आया जब एक बंधुआ मजदूर ने खुद को आजाद किया और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से संपर्क किया। संबंधित कर्मचारी के अपनी शिकायत बताने के बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्पेशल सेल के ज़रिए तुरंत एक एप्लीकेशन तैयार करके डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी के सेक्रेटरी, जस्टिस रवींद्र पजंकर को दी गई। मामले की गंभीरता को समझते हुए, रवीन्द्र पजंकर ने तुरंत ठाणे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल को एक ऑफिशियल लेटर दिया।नगर निगम और नगर निगम चुनावों के बहुत बिज़ी शेड्यूल के बावजूद भी , डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. पांचाल ने मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और सभी संबंधित डिपार्टमेंट को तुरंत एक्शन लेने का निर्देश दिया। उनकी तेज़ी की वजह से रेवेन्यू, पुलिस और लेबर डिपार्टमेंट के साथ कोऑर्डिनेशन करके तुरंत एक्शन शुरू किया गया। मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों में से उत्तर प्रदेश के भदोही, जौनपुर आदि जिलों से 1. सिंटू विनोद बनवासी, उम्र 18 वर्ष 2. चंदू हरि बनवासी, उम्र 40 वर्ष 3. संजय डॉक्टर बनवासी, उम्र 22 वर्ष 4. कल्लू बनवासी 5. सूरज बनवासी 6. संजय खिल्लारी बनवासी, उम्र 19 वर्ष 7. सुरेश बनवासी 8. सुकुद विजय 9. सुखी पन्ना 10. विजय कुमार श्रीराम, उम्र 34 वर्ष को ठेकेदार निक्की उर्फ ​​कृष्ण कुमार अग्रहरि और नितिन तिवारी ने अंबरनाथ पश्चिम में मी. शक्ति फूड इंडस्ट्रीज कंपनी में काम करने का लालच दिया था। उन्हें एक अच्छी कंपनी में 18 से 20 हजार की नौकरी के साथ-साथ रहने और खाने की व्यवस्था का वादा किया गया था। हकीकत है कि, वास्तव में, उन्हें अत्य रात में कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया था और सुबह काम पर वापस ले जाया गया। उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और उनके रिश्तेदारों से उनका संपर्क काट दिया गया। जांच में पता चला कि यह सब सोच-समझकर और प्लान के साथ किया गया था।जिला कलेक्टर डॉ. पांचाल के निर्देशानुसार, रेजिडेंट डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. संदीप माने के मार्गदर्शन में, अंबरनाथ तहसीलदार श्री अमित पुरी, सर्कल ऑफिसर सागवे, लेबर डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर संभाजी वहनालकर, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर अनघा क्षीरसागर की प्रतिनिधि रजनी भोर और उनके अन्य सहयोगियों के साथ-साथ सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर शब्बीर सैय्यद की एक टीम तैनात की गई थी। चुनाव के काम में व्यस्त होने के बावजूद, सभी अधिकारियों ने बहुत अच्छा सहयोग दिया। यह जॉइंट ऑपरेशन देर रात तक चलता रहा और सुबह 5 बजे अंबरनाथ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। इस ऑपरेशन में 10 बंधुआ मजदूरों को रिहा कराया गया और दो कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया गया।आरोपियों पर बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम और इंडियन पीनल कोड (IPC) के तहत आरोप लगाए गए हैं। बचाए गए मज़दूरों को बॉन्ड सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए हैं और सभी दस बंधुआ मज़दूर उत्तर प्रदेश में अपने गांव सुरक्षित पहुंच गए हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले से यह साफ़ हो गया है कि समाज में आज भी बंधुआ मज़दूरों और असंगठित मज़दूरों का शोषण जारी है। अगर कहीं भी ऐसी घटनाएं मिलती हैं, तो डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी ने लोगों से अपील की है कि वे चुप न रहकर डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी के असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के लिए स्पेशल सेल से संपर्क करें।

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कपलिंग टूटने से दो घंटे खड़ी रही फरक्का एक्सप्रेस

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जौनपुर,22 दिसंबर (हि.स.)। वाराणसी से लखनऊ की तरफ जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन साेमवार की दाेहपर कपलिंग टूटने से जिले के जफराबाद थाना अंतर्गत जफराबाद रेलवे स्टेशन पर लगभग दो घण्टे खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। मरम्मत के बाद ट्रेन रवाना आगे की यात्रा के लिए रवाना हुई।

लखनऊ की तरफ जा रही ट्रेन जफराबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर दिन में 2 बजकर 10 मिनट पर आकर रुकी। यहां से ट्रेन के अयोध्या की तरफ रवाना हाेने के दाैरान ही इंजन के बाद एक बोगी छोड़कर दोनो बोगियों के बीच की कपलिंग टूट गयी। कपलिंग टूटते ही पायलट सदानंद को जानकारी हो गयी उन्होंने तत्काल गाड़ी को वहीं रोक दिया और स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार और सीएलडब्लू को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वहां से सीनियर टेक्नीशियन प्रांजल यादव पूरी टीम के साथ स्टेशन पर पहुंचे और ट्रेन की कपलिंग बदली गई। लगभग दो घण्टे बाद ट्रेन 4 बजकर 5 मिनट पर ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हुई। स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि फरक्का एक्सप्रेस के बिगड़ने से कोई ट्रेन प्रभावित नही हुई। सभी ट्रेनों को दूसरे लाइन से निकाल दिया गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं है। ठंड के कारण अकड़न आने से कपलिंग टूट जाती है।

अनुपूरक बजट में पंचायत चुनावों के लिए 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान

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अनुपूरक बजट के जरिए ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

लखनऊ, 22 दिसंबर (हि.स.)। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के अनुपूरक बजट में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के सफल और सुचारु आयोजन के लिए 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव किया है। पंचायती राज विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव का उद्देश्य चुनावी तैयारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। योगी सरकार के इस कदम को ग्रामीण लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने न केवल चुनावी प्रक्रिया बल्कि पंचायतों से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने का खाका तैयार किया है।

इस तरह मजबूत बनाई जाएंगी पंचायतेंसीएम योगी के निर्देश पर पंचायतों के सशक्तिकरण पर सरकार विशेष जोर दे रही है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए अनुपूरक बजट 2025-2026 के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन निर्माण के लिए 24.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।

हर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण हिस्से में पंचायत उत्सव भवनप्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण हिस्से में पंचायत उत्सव भवन या बारात घर के निर्माण पर योगी सरकार का विशेष ध्यान है। इसके लिए प्रतीकात्मक राशि के तहत एक लाख रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। आवश्यक धनराशि बचत मद से वहन की जाएगी। वहीं, जिला पंचायत शाहजहांपुर में भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। योगी सरकार की कोशिश है कि इन प्रावधानों से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक गतिविधियों को स्थान मिलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ होगी। अनुपूरक बजट से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।