सरयू तट पर इतिहास का अनावरण: क्वीन हो की प्रतिमा से अयोध्या–कोरिया के 2000 वर्ष पुराने रिश्ते हुए और मजबूत

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– मुख्यमंत्री योगी के विज़न को मिली वैश्विक पहचान, क्वीन हो मेमोरियल पार्क में महारानी हो की प्रतिमा का अनावरण

– अंतरराष्ट्रीय मैत्री का प्रतीक बना क्वीन हो मेमोरियल पार्क, महापौर ने किया प्रतिमा का अनावरण

अयोध्या, 24 दिसंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बुधवार को देखने को मिला। सरयू तट से सटे क्वीन हो मेमोरियल पार्क में अयोध्या की राजकुमारी एवं दक्षिण कोरिया की महारानी हो (क्वीन हो) की भव्य कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने किया। यह ऐतिहासिक अवसर भारत और कोरिया गणराज्य के बीच लगभग 2000 वर्ष पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने वाला है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। इसके पश्चात विधि-विधान से महारानी हो की प्रतिमा का अनावरण किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जुड़ा नया आयाम

महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि आज का दिन भारत और कोरिया गणराज्य के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नया और विशेष आयाम जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की वह राजकुमारी, जो लगभग 2000 वर्ष पूर्व समुद्री मार्ग से कोरिया गई थीं, वहां के कांस्य वंश की जननी मानी जाती हैं। आज भी दक्षिण कोरिया में उनका गहरा सम्मान और व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है।

सरकारों की पहल से सजी सांस्कृतिक विरासत

महापौर ने कहा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत–कोरिया के इन ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों को समय रहते पहचानते हुए सरयू तट पर क्वीन हो मेमोरियल पार्क का निर्माण कराया। उसी क्रम में महारानी हो की प्रतिमा की स्थापना हम सभी के लिए गर्व, श्रद्धा और शुभ अवसर का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हम अपने उस पूर्वज को श्रद्धा के साथ स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अयोध्या से कोरिया जाकर दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच सेतु का कार्य किया।

प्रतिमा की विशेषताएं और ऐतिहासिक महत्व

पार्क की चीफ कोऑर्डिनेटर वंदना शर्मा ने बताया कि क्वीन हो मेमोरियल पार्क अयोध्या और कोरिया के ऐतिहासिक रिश्तों का प्रतीक स्थल है। महारानी हो अयोध्या की राजकुमारी थीं, जो लगभग 2000 वर्ष पूर्व समुद्री मार्ग से कोरिया गईं और वहां के राजा से विवाह किया। उनके माध्यम से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत नींव पड़ी। उन्होंने जानकारी दी कि स्थापित की गई प्रतिमा लगभग 12 फुट ऊंची है। रॉक स्टोन मटेरियल से निर्मित यह प्रतिमा अत्यंत आकर्षक ढंग से डिजाइन की गई है। इसका निर्माण कोरिया के कुशल कारीगरों द्वारा किया गया है और इसे अयोध्या तक पहुंचाने में लगभग 20 दिन का समय लगा।

अतीत से होगा वर्तमान का साक्षात्कार

पार्क में आने वाले दर्शकों का गौरवशाली अतीत से साक्षात्कार हो और भावी पीढ़ी भी इतिहास से अवगत हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। पार्क में ध्यान केंद्र, प्रदर्शनी कक्ष के साथ विशाल सरोवर एवं उस पर आकर्षक सेतु का निर्माण किया गया है। सेतु के एक छोर पर राजा सूरो का किंग पवेलियन तथा दूसरे छोर पर अयोध्या का प्रतिनिधित्व करता रानी हो का क्वीन पवेलियन स्थित है। राजकुमारी श्रीरत्ना की कोरिया यात्रा की प्रतीकात्मक नाव तथा मार्ग में प्राप्त गोल्डन एग भी पार्क में स्थापित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से विकसित क्वीन हो मेमोरियल पार्क का निर्माण सितंबर 2019 में प्रारंभ हुआ था और नवंबर 2021 में इसका कार्य पूर्ण कर लिया गया था। इस पार्क का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में मार्च 2024 में किया था। पार्क में मेडिटेशन हॉल, क्वीन पवेलियन, किंग पवेलियन, वाटर टैंक, फुट ओवर ब्रिज, सब स्टेशन, ट्यूबवेल, पाथवे, शौचालय, फाउंटेन, ओपन एयर थिएटर, लैंडस्केपिंग, स्कल्प्चर, गार्ड रूम, म्यूरल, ऑडियो–वीडियो सिस्टम, बाउंड्री वॉल, पार्किंग तथा पॉण्ड जैसी आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया गया है।

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संविदा और आउटसो​र्सिंग में भी हमारी सरकार आरक्षण देगी: केशव प्रसाद मौर्य

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सपा सरकार में एक जाति में सिमट कर रह जाता था ओबीसी का आरक्षण

लखनऊ,24 दिसंबर (हि.स.)। विधान परिषद में बुधवार को समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने भर्तियों में आरक्षण का पालन न किये जाने का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन से वाकआउट किया। सपा सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुये नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरक्षण के मामले में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया रहा है, इसमें किसी भी तरह गड़बड़ी किसी भी दशा में नहीं होने दी जायेगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लेखपाल की भर्ती का विज्ञापन पुन: प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कहीं एक पद भी है,तो वहां भी आरक्षण की कोई चोरी नहीं होने दी जायेगी। सपा सरकार में ओबीसी का 27 प्रतिशत आरक्षण एक ​जाति में सिमट कर रह जाता था। हम संविदा और आउटसोर्सिंग में भी आरक्षण देंगे। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संविधान में पिछड़े वर्गो के लिये 27 प्रतिशत, अनूसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, अनुसूचित जन जाति के लिए 2 प्रतिशत और गरीब सवर्णो के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है, इसके साथ कोई छेड़छाड़ किसी भी दशा में नहीं होने दिया जायेगा।

नए युवा अधिकारियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ भावना के साथ विकसित भारत के लिए युवाओं का नेतृत्व करने का आह्वान 

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केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नवनियुक्त जिला युवा अधिकारियों (डीवाईओ) के ओरिएंटेशन समारोह को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लिए युवाओं को तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने समारोह में प्रतिभा सेतु पोर्टल के ज़रिए चुने गए नए भर्ती हुए डीवाईओ को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।उन्होंने ने युवाओं को विकसित भारत का भविष्य बताते हुए नवनियुक्त अधिकारियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ मिशन मोड में स्पष्ट लक्ष्य लेकर कार्य करने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने यह संबोधन नई दिल्ली स्थित सीएसओआई में आयोजित DIKSHA (दीक्षा)  (डीवाईओ डेडिकेटेड इंडक्शन ट्रेनिंग फॉर नॉलेज, स्किल, एंड होलिस्टिक एटीट्यूड फॉर सर्विस)) नामक इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान के दौरान नए नियुक्त अधिकारियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने समारोह में प्रतिभा सेतु पोर्टल के ज़रिए चुने गए नए भर्ती हुए डीवाईओ को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।

भगवद्गीता का जिक्र करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि कड़ी मेहनत, नैतिकता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता, नव नियुक्त अधिकारियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगी। कहा कि जिला युवा अधिकारी और ‘मेरा युवा भारत’ देश के युवाओं की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए अवसरों की महत्वाकांक्षी खिड़कियां हैं।उन्होंने देश के जनसांख्यिकीय लाभांश का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जिसे सही दिशा देना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में ‘माय भारत’ के नवनियुक्त जिला युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए युवा मामलों के मंत्रालय की सचिव पल्लवी जैन गोविल ने सार्वजनिक सेवा में ‘स्वार्थ से पहले सेवा’ की भावना को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों को समाज निर्माण और सार्वजनिक सेवा के माध्यम से समाज को लौटाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरियाणा को दी कई सौगात

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चंडीगढ़, 24 दिसंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पंचकूला आगमन पर हरियाणा को एक साथ कई सौगातें दी। अमित शाह ने जिला भिवानी में दूध शीतकरण केंद्र सलेमपुर प्लांट,जिला रेवाड़ी के हैफेड आटा मिल जाटूसाना तथा सहकारिता मंत्रालय द्वारा तैयार आईवाईसी के पोर्टल का पंचकुला से रिमोट द्वारा ई -लोकार्पण किया।

उन्होंने ने इसी अवसर पर हरियाणा राज्य सहकारी बैंकों के पांच लाभार्थियों को रुपे-प्लैटिनम डेबिट कार्ड तथा हरियाणा में कृभको द्वारा बनाए गए 2 एम-पैक्स के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र का वितरण किया। उन्होंने कृभको द्वारा तैयार आईवाईसी के समारोहों पर आधारित वर्ष पुस्तिका का विमोचन भी किया।

इस अवसर परइस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, खेल मंत्री गौरव गौतम, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अलावा कृभको के अध्यक्ष वी.सुधाकर चौधरी, प्रबंध निदेशक एस.एस यादव भी उपस्थित थे।

लोकसभा सदस्यों को मिली मनपसंद भाषा में बोलने की सुविधा, प्रधानमंत्री ने पहल को सराहा

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नई दिल्ली, 24 दिसंबर (हि.स.)। भारत की विविध संस्कृति और भाषाओं का सम्मान करने के लिए 18वीं लोकसभा का शीतकालीन सत्र बहुत खास रहा। इस बार सांसदों ने संविधान की अनुसूची आठ में बताई गई 22 भाषाओं में समानांतर अनुवाद सेवा का इस्तेमाल किया। इसका मतलब है कि सांसद अपनी भाषा में बोल सकते हैं और बाकी लोग उसे अपनी भाषा में सुन सकते हैं। यह सेवा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 19 अगस्त को शुरू की थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पहल की बहुत तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह भारत की बहुभाषी विरासत को मनाने का एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की भाषाओं और संस्कृतियों की विविधता हमारी ताकत है। प्रधानमंत्री ने सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष को इस काम के लिए बधाई दी। अब सांसद अपनी मातृभाषा में भाषण दे सकते हैं। इससे सांसदों के विचार लोगों तक आसानी से पहुंचेंगे और संसद में हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व होगा।

लोकसभा सचिवालय के अनुसार अध्यक्ष बिरला ने बार-बार कहा कि यह पहल संविधान की भावना के अनुसार है, क्योंकि संविधान क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व को मानता है। हर भाषा का अपना इतिहास, संस्कृति और पहचान है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जानी चाहिए। इस पहल को राजनीतिक नेताओं और समाज ने बहुत सराहा। इससे संसद की चर्चाएं और भी समावेशी और आसान समझ में आने वाली होंगी। सांसद अपनी सबसे अच्छी भाषा में बोलकर बहस को ज्यादा असरदार और स्पष्ट बना पाएंगे। यह कदम उस समय आया है जब माता-पिता, स्कूल और सरकार अपनी भाषाओं को पढ़ाई, मीडिया और कामकाज में ज्यादा महत्व दे रहे हैं। भारत यह दिखा रहा है कि विविधता हमारी ताकत है और इसे अपनाना चाहिए।

इस नई पहल से लोकसभा ने यह संदेश दिया कि हर भाषा और हर समुदाय की आवाज़ महत्वपूर्ण है। यह कदम संसद को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दिल्ली मेट्रो के फेज-5(ए) के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

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नई दिल्ली, 24 दिसंबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी, सशक्त एवं निर्णायक नेतृत्व में दिल्ली मेट्रो के ‘फेज–5ए’ को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलना आधुनिक एवं विकसित दिल्ली के निर्माण की दिशा में दूरगामी कदम है। उन्होंने शहरी बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए दिल्ली की जनता की ओर से प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर बुधवार को पोस्ट करते हुए कहा कि लगभग 12,015 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत 16 किलोमीटर लंबे इस विस्तार के साथ दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 400 किलोमीटर के महत्वपूर्ण मील के पत्थर को पार करेगा, जो राष्ट्रीय राजधानी की शहरी कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय दिल्लीवासियों के लिए सुरक्षित, सुगम और तीव्र परिवहन सुनिश्चित करेगा तथा ‘ईज ऑफ लिविंग’ के संकल्प को सशक्त रूप से साकार करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो के 13 नए अत्याधुनिक स्टेशनों वाला यह विस्तार सड़क यातायात पर बढ़ते दबाव को कम करने, यात्रियों के समय की बचत करने तथा पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कैबिनेट : मेट्रो कोरिडोर विस्तार की तीन परियोजनाएं मंजूर, कर्तव्य भवन और डोमेस्टिक एयरपोर्ट जुड़ेंगे

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5ए के लिए कुल 12,014.91 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए कॉरिडोर को मंज़ूरी दी है। परियोजना 16.076 किलोमीटर लम्बी है। इससे राष्ट्रीय राजधानी में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इसे मंज़ूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में मीडिया को इस बारे में जानकारी दी। ये तीन कॉरिडोर हैं- आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी), एयरोसिटी से डोमेस्टिक एयरपोर्ट टी-1 (2.263 किमी), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी)। इस विस्तार में 13 स्टेशन होंगे। इनमें से 10 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। परियोजना की लागत केन्द्र सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों से आएगी।

पूरा होने के बाद कॉरिडोर-1 पश्चिम, उत्तर और पुरानी दिल्ली की कनेक्टिविटी को सेंट्रल दिल्ली से बेहतर बनाएगा और बाकी दो कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली को साकेत, छतरपुर के रास्ते डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल-1 से जोड़ेंगे।

आरके आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ सेक्शन पर आर.के आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केन्द्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, समर स्मारक- हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम, और इंद्रप्रस्थ स्टेशन होंगे। तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज सेक्शन पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन होंगे। वहीं, एयरोसिटी स्टेशन को आगे डोमेस्टिक-1 स्टेशन से जोड़ा जाएगा।

अश्नवी वैष्णव के अनुसार सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर सभी कर्तव्य भवनों को कनेक्टिविटी देगा। इससे इलाके में ऑफिस जाने वालों और विजिटर्स को डोर स्टेप कनेक्टिविटी मिलेगी। इस कनेक्टिविटी से रोज़ाना करीब 60 हज़ार ऑफिस जाने वाले और 2 लाख आगंतुकों को फायदा होगा। आरके आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ सेक्शन बॉटनिकल गार्डन-आर.के. आश्रम मार्ग कॉरिडोर का एक्सटेंशन होगा। यह सेंट्रल विस्टा इलाके को मेट्रो कनेक्टिविटी देगा। एयरोसिटी–आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल 1 और तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज सेक्शन एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर का एक्सटेंशन होगा। यह एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को नेशनल कैपिटल के दक्षिणी हिस्सों जैसे तुगलकाबाद, साकेत, कालिंदी कुंज से बेहतर बनाएगा।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने शिष्टाचार भेंट की

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लखनऊ, 24 दिसंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से बुधवार को लखनऊ राजभवन में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने शिष्टाचार भेंट की।

प्रशांत कुमार को हाल ही में प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है और उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षक भर्तियों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।

कोहरे और कम दृश्यता के कारण रांची एयरपोर्ट से सात उड़ानें रद्द

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रांची, 23 दिसंबर (हि.स.)। राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में इन दिनों घने कोहरे की चादर छाई हुई है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर देखने को मिला। बुधवार को रनवे पर अत्यधिक कम दृश्यता के चलते कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कुछ फ्लाइट्स घंटों की देरी से संचालित हुईं।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, कोलकाता से रांची आने वाली फ्लाइट 6ई 7561 अपने निर्धारित समय सुबह 7:10 बजे के बजाय 9:40 बजे एयरपोर्ट पहुंची। इसी तरह पुणे से रांची आने वाली फ्लाइट 6ई 6484 तय समय 8:25 बजे की जगह 10:25 बजे लैंड की। रांची से बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट 6ई 6799 का प्रस्थान समय 8:55 बजे था, लेकिन कोहरे के कारण यह विमान 10:55 बजे टेक-ऑफ कर सका।

इसके अलावा हैदराबाद से रांची आने वाली फ्लाइट 6ई 421 सुबह 9:00 बजे के बजाय 10:45 बजे पहुंची, जबकि रांची से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट 6ई 398 ने अपने निर्धारित समय 9:30 बजे की जगह 11:15 बजे उड़ान भरी।

कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए कुल सात उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इनमें 6ई 7089/7014, 6ई 7674/7235 और 6ई 7561/7562 (कोलकाता–रांची–कोलकाता), 6ई 6287/576 (दिल्ली–रांची–दिल्ली), आईएक्स 1239/1248 (बेंगलुरु–रांची–बेंगलुरु), आईएक्स 1046/1047 (दिल्ली–रांची–दिल्ली) तथा आईएक्स 1237/1238 (मुंबई–रांची–मुंबई) शामिल हैं।

उड़ानों के रद्द और विलंबित होने से एयरपोर्ट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक एयरपोर्ट परिसर में इंतजार करते नजर आए, वहीं कुछ यात्रियों ने वैकल्पिक व्यवस्था न मिलने पर नाराजगी भी जताई।

इन सबके बीच एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि सुबह के समय रनवे पर दृश्यता निर्धारित सुरक्षा मानकों से नीचे चली गई थी, जिसके कारण विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ संभव नहीं हो सका।

गोरखपुर का आदिवासी बहुल वनटांगिया गांव बनेगा प्रदेश का पहला “जल अर्पण गांव”

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लखनऊ, 24 दिसंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हर घर जल अभियान एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंचने जा रहा है। इसी कड़ी में गोरखपुर का वनटांगिया गांव (आदिवासी बहुल गांव) प्रदेश का पहला और देश का दूसरा जल अर्पण गांव बनने जा रहा है। यह पहल ग्रामीण भारत में सुरक्षित, शुद्ध और निरंतर पेयजल आपूर्ति के नए मॉडल के रूप में स्थापित होगी। इसके तहत, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल अभियान का दायित्व ग्राम पंचायत को सौंप दिया जाएगा।

गांवों में बुनियादी सुविधाओं का मिलेगा लाभ

तीन महीने तक चले सफल ट्रायल के बाद अब इस योजना को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी के विजन से 26 दिसंबर को वनटांगिया गांव से जल जीवन मिशन योजना से संबंधित हर काम पंचायतों के जिम्मे सौंपा जाएगा। इसके साथ ही जंगल तीनकोनिया नंबर तीन गांव पंचायतों के अधीन देश का दूसरा ऐसा गांव बनेगा, जो ग्राम स्वशासन और बुनियादी सुविधाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा उदाहरण होगा।

बिना रुकावट, मानक के अनुरूप मिलेगा नल से शुद्ध जल

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका दीर्घकालिक और टिकाऊ मॉडल है। पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली कार्यदायी एजेंसी अगले 10 वर्षों तक संचालन, रखरखाव और गुणवत्ता की सतत निगरानी करेगी। इससे ग्रामीणों को बिना रुकावट, मानक के अनुरूप नल से शुद्ध जल उपलब्ध होता रहेगा।

योगी सरकार की प्राथमिकता में पिछड़े, दलित और आदिवासी

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि वनटांगिया गांव से शुरू हो रहा यह अभियान पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बनेगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले और हर गांव तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय के अफसरों की एक्सपर्ट टीम भी योजना की प्रगति, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर लगातार बारीक नजर रखे हुए है। वनटांगिया दलित और आदिवासी बहुल गांव है। यहां से प्रदेश की इस बड़ी योजना की शुरुआत करना योगी आदित्यनाथ सरकार की पिछड़े समुदाय की बेहतरी को लेकर प्राथमिकता से किए जा रहे प्रयासों का सशक्त उदाहरण है।

योजना की जमीनी सफलता की जा रही प्रमाणित

प्रदेश स्तर पर हर घर जल अभियान के तहत 51 हजार गांवों (राजस्व गांव) में 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित की गई है। अब तक प्रदेश के 26,531 राजस्व गांव ‘हर घर जल’ से प्रमाणित हो चुके हैं। गोरखपुर जिले में ही 5,55,478 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जो योजना की जमीनी सफलता को दर्शाता है।

वनटांगिया गांव के हेलीपैड ग्राउंड में भव्य समारोह में ग्राम पंचायत को सौंपा जाएगा जल कलश

पूरे प्रदेश में आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम के तहत हर जिले के सांसद और क्षेत्रीय विधायक की सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। गोरखपुर में होने जा रहे आयोजन के मुख्य अतिथि सांसद रवि किशन होंगे। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से योजना को सामाजिक स्वीकार्यता और मजबूती मिलेगी। 26 दिसंबर की दोपहर वनटांगिया गांव के हेलीपैड ग्राउंड में एक भव्य समारोह में यह आयोजन किया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत को जल कलश सौंपा जाएगा। कार्यक्रम के लिए जिलाधिकारी, सीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

राष्ट्रपति से दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने की मुलाकात

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नई दिल्ली, 24 दिसंबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जैन आध्यात्मिक आर्यिका पूर्णमति माताजी भी मौजूद रहीं। भेंट के दौरान पूर्णमति माताजी ने सार्वजनिक जीवन के नैतिक मूल्यों पर अपने विचार साझा किए तथा आत्मसंयम, करुणा और नैतिक स्पष्टता को उत्तरदायी सार्वजनिक सेवा के लिए अनिवार्य बताया।

विजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति को दिल्ली विधान सभा द्वारा पारदर्शिता, कार्यकुशलता और उत्तरदायी शासन को सुदृढ़ करने हेतु किए जा रहे प्रमुख संस्थागत सुधारों से अवगत कराया। यह जानकारी बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी करके दी गई।

विजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति को नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के क्रियान्वयन की जानकारी दी, जिसके माध्यम से दिल्ली विधानसभा पूर्णतः डिजिटल एवं पेपरलेस सदन के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने विधानसभा को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित हरित विधानसभा के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों तथा दिल्ली विधानसभा को एक हेरिटेज साइट के रूप में विकसित कर उसकी लोकतांत्रिक विरासत के संरक्षण एवं ऐतिहासिक परिसर को आम जनता के लिए खोलने के सतत प्रयासों का भी उल्लेख किया।

राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार एवं दिल्ली विधानसभा द्वारा किए जा रहे संस्थागत सुधारों और कार्यो की सराहना कीl