नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या से कोई राहत नहीं मिलती दिख रही है। दिल्ली में शुक्रवार शाम 4 बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 332 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में शाम 4 बजे एक्यूआई 332 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा का 394, गाजियाबाद का 382, नोएडा का एक्यूआई 376 और गुरुग्राम का 312 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। आनंद विहार का एक्यूआई 404, चांदनी चौक 374, बुराड़ी क्रॉसिंग 360, सिरी फोर्ट 332, आईटीओ का 348, पूषा डीपीसीसी का 305, आरके पुरम का 345 और वजीरपुर का एक्यूआई 376 दर्ज किया गया।दिल्ली की कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जहां का एक्यूआई 300 से कम दर्ज किया गया है, जो खराब श्रेणी में है। इनमें जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का एक्यूआई 299, श्री अरबिंदो मार्ग का 289, आईआईटी का 267, आईजीआई हवाई अड्डा (टी3) का 245, अया नगर का 242, लोधी रोड, आईएमडी का 239, नजफगढ़ का एक्यूआई 235 दर्ज किया गया।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं। यहां का अधिकतम तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को भी बादल छाए रहने की चेतावनी दी है। सुबह के दौरान कुछ स्थानों पर घना कोहरा जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम कोहरा बने रहने का अनुमान है। इस दिन का अधिकतम तापमान 21-23 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 06-08 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। सुबह धीमी गति से चलने वाली हवाओं का रुख दोपहर में पश्चिम दिशा से बदलकर उत्तर-पश्चिम की ओर हो जाएगा, जिससे हवा की रफ्तार 5 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 15 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाने का अनुमान है। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में 26-28 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी दी है। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
– बाजार की कमजोरी से निवेशकों के 1.06 लाख करोड़ डूबे
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी, कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी और चुनिंदा सेक्टर्स में हुई मुनाफा वसूली की वजह से घरेलू शेयर बाजार आज लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलने के बाद कुछ देर तक खरीदारों ने लिवाली का जोर भी बनाया, लेकिन पहले 15 मिनट के कारोबार के बाद ही बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया। बिकवाली की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की कमजोरी बढ़ती चली गई। पूरे दिन का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 0.43 प्रतिशत और निफ्टी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
आज दिनभर के कारोबार के दौरान मेटल, कमोडिटी, पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में रुक-रुक कर खरीदारी होती रही। दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल, आईटी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर के शेयरों में आज जम कर बिकवाली का दबाव बना रहा। इसी तरह बैंकिंग, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्युरेबल्स, ऑयल एंड गैस तथा टेक इंडेक्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट में भी आज लगातार बिकवाली होती रही, जिसके कारण बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इसी तरह स्मॉलकैप इंडेक्स ने 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ आज के कारोबार का अंत किया।
आज शेयर बाजार में आई कमजोरी के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद घट कर 473.94 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 475 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 1.06 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
आज दिनभर के कारोबार में बीएसई में 4,379 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें 1,745 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,455 शेयरों में गिरावट का रुख रहा, वहीं 179 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के बंद हुए। एनएसई में आज 2,869 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हुई। इनमें से 1,106 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान और 1,763 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 6 शेयर बढ़त के साथ और 24 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 16 शेयर हरे निशान में और 34 शेयर लाल निशान में बंद हुए।
बीएसई का सेंसेक्स आज 183.42 अंक की कमजोरी के साथ 85,225.28 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होते ही खरीदारी के सपोर्ट से थोड़ी ही देर में ये सूचकांक उछल कर 85,378.51 अंक के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि ये तेजी अधिक देर तक टिक नहीं सकी। पहले 15 मिनट के कारोबार के बाद ही बाजार में बिकवाली शुरू हो गई, जिसकी वजह से इस सूचकांक की कमजोरी बढ़ने लगी। लगातार हो रही बिकवाली के कारण शाम 3 बजे के करीब ये सूचकांक 470.88 अंक लुढ़क कर 84,937.82 अंक तक गिर गया। इसके बाद खरीदारों ने एक बार फिर लिवाली का जोर लगाया, जिससे सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 100 अंक की रिकवरी करके 367.25 अंक की गिरावट के साथ 85,041.45 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की तरह एनएसई के निफ्टी ने आज 20.85 अंक लुढ़क कर 26,121.25 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही खरीदारी के सपोर्ट से पहले 15 मिनट के कारोबार में ही ये सूचकांक उछल कर हरे निशान में 26,144.20 अंक तक पहुंच गया। इसके बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसके कारण इस सूचकांक ने दोबारा लाल निशान में गोता लगा दिया। लगातार हो रही बिकवाली की वजह से ये सूचकांक 133.50 अंक की गिरावट के साथ 26,008.60 अंक के स्तर तक आ गया। आज का कारोबार खत्म होने के करीब आधा घंटा पहले खरीदारों ने एक बार फिर लिवाली का जोर बना दिया, जिसके कारण निफ्टी निचले स्तर से करीब 35 अंक की रिकवरी करके 99.80 अंक की कमजोरी के साथ 26,042.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
आज दिनभर हुई खरीद-बिक्री के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से टाइटन कंपनी 2.12 प्रतिशत, नेस्ले 1.02 प्रतिशत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 0.98 प्रतिशत, सिप्ला 0.65 प्रतिशत और एनटीपीसी 0.48 प्रतिशत की मजबूती के साथ आज के टॉप 5 गेनर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स 1.40 प्रतिशत, श्रीराम फाइनेंस 1.38 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.15 प्रतिशत, बजाज ऑटो 1.15 प्रतिशत और सन फार्मास्युटिकल्स 1.01 प्रतिशत की कमजोरी के साथ आज के टॉप 5 लूजर्स की सूची में शामिल हुए।
भागलपुर, 26 दिसंबर (हि.स.)। अलीगढ़ से भागलपुर परीक्षा देने आए 19 वर्षीय छात्र करण सिंह के अपहरण में मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। अपहृत बताया गया उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से भागलपुर आया 19 वर्षीय छात्र करण सिंह पेपर भी सोल्वर गैंग के पास से मिला।
सिटी एसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही भागलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और महज़ ढाई घंटे के भीतर छात्र को सकुशल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय सॉल्वर–अपहरण गिरोह का भी पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से बिहार के परीक्षा केंद्रों को अपना अड्डा बनाकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आए प्रतियोगी छात्रों को निशाना बना रहा था। आरोप है कि गिरोह परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के नाम पर छात्रों और उनके परिजनों से 10 से 15 लाख रुपये तक की अवैध वसूली करता था। पुलिस ने हबीबपुर थाना क्षेत्र के मुरारी यादव के मकान के पास छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।यह साल्वर संबधित छात्र को 24 घंटे पहले अपनी कस्टैडी में ले लेते हैं। उसका मोबाइल बंद कर उसे पेपर की तैयारी कराते हैं। आने वाले पेपर की कापी इनके पास होती है। छात्र को ये सीधे परीक्षा केंद्र पर ही छोड़ते हैं।
हैरानी की बात यह रही कि कथित अपहृत छात्र करण सिंह भी वहीं मौजूद मिला। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क, सॉल्वर व्यवस्था और पैसों की उगाही से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। सिटी एसपी ने बताया कि इस कार्रवाई से परीक्षा माफिया पर बड़ी चोट लगी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 27 से 30 दिसंबर तक गोवा, कर्नाटक और झारखंड की यात्रा पर रहेंगी। राष्ट्रपति 27 दिसंबर की शाम गोवा के लिए रवाना होंगी।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु 28 दिसंबर को कर्नाटक के कारवार हार्बर से एक पनडुब्बी में समुद्री सैर (सी सॉर्टी) करेंगी।
राष्ट्रपति 29 दिसंबर को जमशेदपुर में अल चिकि लिपि के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इसी दिन वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगी।
राष्ट्रपति 30 दिसंबर को झारखंड के गुमला में आयोजित अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम समारोह-कार्तिक जात्रा को संबोधित करेंगी।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)।44वीं जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप 2025-26 का आयोजन 31 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक गुंजूर, बेंगलुरु स्थित अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 26 राज्यों और 6 केंद्रशासित प्रदेशों की लगभग 70 टीमें भाग लेंगी, जिनमें करीब 35 बालक और 35 बालिका टीमें शामिल होंगी।
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, पुदुचेरी, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दिल्ली इस चैंपियनशिप में भाग लेने वाले केंद्रशासित प्रदेश हैं। इसके अतिरिक्त, कोल्हापुर, विदर्भ और मध्य भारत जैसे मान्यता प्राप्त खो-खो संघों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमें भी खिताब की दौड़ में होंगी। प्रतियोगिता का आयोजन लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में किया जाएगा।
पिछले संस्करण की चैंपियन महाराष्ट्र टीम पर इस बार भी सभी की निगाहें टिकी होंगी। महाराष्ट्र ने 25 से 29 नवंबर तक अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में आयोजित 43वीं जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप में बालक और बालिका—दोनों वर्गों में खिताब अपने नाम किए थे।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम
बालक और बालिका वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले 3 जनवरी को सुबह खेले जाएंगे, जबकि उसी दिन दोपहर में क्वार्टर फाइनल होंगे। 4 जनवरी को सुबह सेमीफाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, जिसके बाद फाइनल मैच खेले जाएंगे। दोनों वर्गों की टीमों को 8-8 समूहों में विभाजित किया गया है।
व्यवस्थाएं और तैयारियां
कर्नाटक राज्य खो-खो संघ के अध्यक्ष लोकेश्वरा ने बताया, “रेफरी के अलावा तकनीकी अधिकारियों, कोचों और संघ पदाधिकारियों सहित कुल 25 अधिकारियों को चैंपियनशिप की तैयारियों और सुचारू संचालन के लिए तैनात किया गया है। खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था स्टेडियम से 3–4 किलोमीटर के दायरे में की गई है, जबकि उनके आवागमन के लिए 10 बसों की व्यवस्था की गई है।”
खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया (केकेएफआई) के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा, “यह चैंपियनशिप खो-खो का उत्सव है, जहां देशभर की युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं। यह मंच जूनियर खिलाड़ियों को अपने कौशल प्रदर्शन का अवसर देता है। प्रतिभा की पहचान और उसके प्रोत्साहन से खेल और खिलाड़ियों दोनों का विकास होता है। केकेएफआई खो-खो को एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक में शामिल कराने के लिए प्रतिबद्ध है।”
केकेएफआई के महासचिव उपकार सिंह विरक ने कहा, “प्रतियोगिता के निर्बाध संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हमारा फोकस एथलीट विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण पर है।”
केकेएफआई के चेयरमैन (प्रशासन एवं संगठन) डॉ. एम.एस. त्यागी ने कहा, “इन युवा खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करते देख आशा और आत्मविश्वास मिलता है। हमारा दायित्व है कि हम उन्हें हर संभव मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करें।”
आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन
भारत 9 से 14 मार्च, 2026 तक पहली राष्ट्रमंडल खो-खो चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। इसके अलावा, 58वीं सीनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप (पुरुष एवं महिला) 2025-26: 11–15 जनवरी, 2026, काजीपेट, तेलंगाना में, 35वीं सब-जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका) 2025-26: 31 जनवरी से 4 फरवरी, 2026, कुरुक्षेत्र, हरियाणा में किया जाएगा।
इन आयोजनों के माध्यम से खो-खो को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
यूपी में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक से पार्टी में खलबली मच गई है। नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी नाराज हो गए हैं। उन्होंने ब्राह्मण कुटुंब बनाने और बैठक में शामिल सभी ब्राह्मण विधायकों की क्लास लगाई है।
पंकज चौधरी ने भाजपा विधायकों को सलाह के साथ चेतावनी भी दी है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है।
ज्ञातव्य है कि पिछली बार ठाकुर विधायकों बैठक की थी .इसके बाद 24 को इस बार ब्राह्मण विधायकों की डिनर पार्टी हुई. लखनऊ में BJP के MLA पीएन पाठक के घर पर पार्टी के 32 विधायक जुटे. मंगलवार की शाम कुशीनगर के बीजेपी विधायक पीएन पाठक (पंचानंद पाठक) के लखनऊ आवास पर ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई. मिर्जापुर विधायक रत्नाकर मिश्रा और एमएलसी उमेश द्विवेदी की मुख्य भूमिका रही है. खास बात है कि इस बैठक में अन्य पार्टियों के भी ब्राह्मण विधायक पहुंचे। ब्राह्मण विधायकों की बैठक ठाकुर विधायको की बैठक काप्रति उत्तर बताई जा रही है।
कानपुर, 26 दिसम्बर (हि.स.)। योगी सरकार की कुक्कुट विकास नीति से कानपुर नगर में पशुपालन और रोजगार की दिशा में बड़ा बदलाव आया है। जिले में इस योजना के तहत स्थापित पोल्ट्री इकाइयों से अंडा उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और बड़ी संख्या में किसानों व युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कहा कि शासन का लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। कुक्कुट विकास नीति के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। योजनाओं की नियमित निगरानी से लाभार्थियों को समय पर लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि पोल्ट्री सेक्टर में तेज़ी से विस्तार हुआ है। पशुपालन विभाग द्वारा लागू कुक्कुट विकास नीति–2013 और 2022 के अंतर्गत जिले में अलग-अलग क्षमता की पोल्ट्री इकाइयों को स्वीकृति दी गई।
–नवम्बर 2025 तक संचालित इकाइयां – 30 हजार क्षमता वाली 18 लेयर इकाइयां
– 10 हजार क्षमता वाली 4 लेयर इकाइयां
– 60 हजार क्षमता वाली 5 लेयर इकाइयां
–अंडा उत्पादन में बड़ी उपलब्धि • 30 हजार क्षमता वाली इकाइयों से अब तक करीब 5.32 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ है।
• 10 हजार क्षमता वाली इकाइयों से लगभग 68 लाख अंडे उत्पादित हुए हैं।
• 60 हजार क्षमता वाली इकाइयों से 1.06 करोड़ से अधिक अंडों का उत्पादन दर्ज किया गया है।
–पोल्ट्री से बदली जिंदगी
कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के किसान अनुपम सचान ने कुक्कुट विकास नीति के तहत 30 हजार क्षमता का लेयर फार्म स्थापित किया। पहले सीमित आमदनी पर निर्भर रहे अनुपम अब पोल्ट्री फार्म से नियमित आय अर्जित कर रहे हैं। उनके फार्म से हर महीने हजारों अंडों का उत्पादन हो रहा है और स्थानीय स्तर पर कई लोगों को रोजगार भी मिला है। अनुपम का कहना है कि सरकारी योजना और विभागीय मार्गदर्शन से उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है।
–कुक्कुट विकास नीति की मुख्य बातें
पोल्ट्री व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए लेयर और ब्रॉयलर फार्म की स्थापना
30 हजार पक्षियों की क्षमता वाले लेयर फार्म की अनुमति
10 हजार पक्षियों की क्षमता वाले ब्रॉयलर फार्म की स्थापना
परियोजना लागत के लिए बैंक ऋण की सुविधा
बैंक ऋण पर ब्याज में छूट (इंटरेस्ट सब्सिडी)
फार्म के लिए भूमि खरीद पर स्टांप ड्यूटी में रियायत
लखनऊ, 26 दिसंबर (हि.स.)। दुधवा नेशनल पार्क और आसपास के क्षेत्रों में प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ के कैसरबाग बस अड्डा से चलने वाली विशेष एसी 2×2 बस सेवा को अब दुधवा से आगे गौरीफंटा तक विस्तारित कर दिया गया है। पहले यह बस सेवा केवल दुधवा तक सीमित थी, जो मुख्यतः प्रकृृति और वन्य जीव प्रेमियों के लिए चलाई जाती थी। पर्यटकों की बढ़ती मांग और बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता को देखते हुए अब इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित गौरीफंटा तक चलाया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत, यह बस सुबह 8:00 बजे कैसरबाग से रवाना होकर अपराह्न 2:00 बजे गौरीफंटा पहुंचेगी। वापसी में बस 2:30 बजे गौरीफंटा से चलकर 3:00 बजे दुधवा पहुंचेगी और फिर 3:30 बजे दुधवा से लखनऊ लौटते हुए रात 9:00 बजे कैसरबाग पहुंचेगी। इसके साथ ही लखनऊ से दुधवा का किराया 487 तथा लखनऊ से गौरीफंटा तक 536 रुपये तय किया गया है। इस नई सेवा से दुधवा, कतर्नियाघाट और गौरीफंटा के जंगलों में आने वाले प्रकृति प्रेमियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बस सेवा के विस्तार से अब पर्यटक न केवल दुधवा के जंगल और दलदली इलाकों को देख पाएंगे, बल्कि दुधवा से लगभग 20 किलोमीटर आगे स्थित गौरीफंटा और उससे जुड़े प्राकृतिक इलाकों का अनुभव भी कर सकेंगे। यह प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।”
दुधवा–कतर्नियाघाट: वन्यजीव प्रेमियों का पसंदीदा गंतव्यदुधवा नेशनल पार्क बाघ, एक सींग वाले गैंडे, हाथी, बारहसिंघा, घड़ियाल और 450 से अधिक पक्षी प्रजातियों का सुरक्षित घर माना जाता है। यहाँ के घने साल जंगल, घास के मैदान और दलदली ज़ोन इसे भारत के सबसे समृद्ध प्राकृतिक आवासों में शामिल करते हैं।
कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी- जो दुधवा रिज़र्व का ही हिस्सा है, अपनी अनोखी पारिस्थितिकी, नदियों, दलदली क्षेत्र और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां हाथी, बाघ, तेंदुए, दुर्लभ पक्षी और अन्य जीवों को देखने का अवसर पर्यटकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।
सुलतानपुर, 26 दिसंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में शुक्रवार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचारों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बांग्लादेश सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका गया। बिजनौर में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में आज हिंदू राष्ट्र सेना ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को सौंपा है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में यह विरोध प्रदर्शन जिला कलेक्ट्रेट पर शुक्रवार को आयोजित किया गया। कुश भवनपुर में हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य संगठनों ने मिलकर मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेशी शासन के खिलाफ नारेबाजी की और “जय श्री राम” तथा “वंदे मातरम” के नारे लगाए।
इस मौके पर मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डी.बी. सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। वहां के शासन का सीधा हाथ है। उन्होंने भारत सरकार से बांग्लादेश में हस्तक्षेप कर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। डॉ. सिंह ने सभी हिंदुओं से घरों से बाहर निकलकर सरकार को जनता के आक्रोश का एहसास कराने की अपील की। डॉ. सिंह ने ‘आतंकवादियों’ और ‘जिहादियों’ के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने इसे केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए इस्लाम के कट्टरपंथी स्वरूप से उपजी समस्या बताया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार से अपेक्षा जताई कि हिंदुओं की भावनाओं को समझें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाएं। उनका कहना था कि वे अपने हिंदू भाइयों को असुरक्षित नहीं देख सकते। सरकार को अपनी उपस्थिति और प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहिए।
नागेंद्र सिंह ने मांग की कि देश के किसी भी हिस्से में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों को तुरंत बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा, “पुतला फूंकने से काम नहीं चलेगा, हम सरकार से इस मामले में निर्णायक हस्तक्षेप की मांग करते हैं।”
बिजनौर, 26 दिसंबर (हि.स.)। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में आज हिंदू राष्ट्र सेना ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को सौंपा है। रॉबिन चौधरी के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में हिंदुओं की हत्या, महिलाओं के साथ बलात्कार, लूट, डकैती जैसी घटनाओं को कट्टरपंथियों द्वारा लगातार किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत द्वारा बांग्लादेश के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। हमारे हिन्दू भाई वहां पीड़ित हैं। इस मौके पर संगठन के रमन सहाय, हंसराज, प्रमिला (युवा जिलाध्यक्ष) बीना, स्वाति आदि मौजूद रहे ।
लखनऊ, 26 दिसंबर (हि.स.)। योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे और कोई भी वर्ग मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। इसी क्रम में राज्य सरकार अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे सामाजिक समावेशन को मजबूती मिल सके। वर्ष 2025-26 तक 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले 12 हजार 492 ग्रामों का चयन किया गया है। चयनित ग्रामों की न्यूनतम जनसंख्या 500 निर्धारित की गई है, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
इन ग्राम पंचायतों में पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों का निर्माण, सोलर लाइट व स्ट्रीट लाइट की स्थापना, बोरवेल, डिजिटल लाइब्रेरी, ट्रांसफॉर्मर, मोटर शेड, शवदाह गृह तथा पाइपलाइन एक्सटेंशन जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीणों को बेहतर जीवन स्तर, शिक्षा और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यों में तेजी लाने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू
इस संबंध में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद ने बताया कि समाज कल्याण की कार्यदायी संस्था यूपीसिडकाे (UPSIDCO) के माध्यम से अब तक दो हजार 562 ग्रामों में विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 910 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष ग्रामों में कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि योजना के टर्मिनल वर्ष को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों को ही कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इससे एक ओर जहां प्रशासनिक प्रक्रिया सरल हुई है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर निगरानी और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है।