नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। भारतीय फुटबॉल को एक और बड़ा झटका लगा है। सिटी फुटबॉल ग्रुप (सीएफजी) ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) क्लब मुंबई सिटी एफसी में अपनी हिस्सेदारी से बाहर निकलने का फैसला किया है। क्लब ने शुक्रवार को बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।
मुंबई सिटी एफसी ने अपने बयान में कहा, “मुंबई सिटी एफसी यह पुष्टि करता है कि सिटी फुटबॉल ग्रुप लिमिटेड (सीएफजी) ने क्लब में अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। अब क्लब के संस्थापक मालिक आगे से संगठन का पूर्ण नियंत्रण संभालेंगे।”
बयान में कहा गया कि 2019 से सीएफजी के जुड़ने के बाद मुंबई सिटी एफसी ने नई ऊंचाइयों को छुआ। इस दौरान क्लब ने दो बार आईएसएल लीग विनर्स शील्ड और दो बार आईएसएल कप का खिताब जीता। साथ ही क्लब के फुटबॉल संचालन को मज़बूती मिली और भारत में खेल के विकास में भी अहम योगदान दिया गया।
सीएफजी ने यह फैसला व्यापक व्यावसायिक समीक्षा के बाद लिया है। क्लब के अनुसार, आईएसएल के भविष्य को लेकर जारी अनिश्चितता इस निर्णय की एक बड़ी वजह रही। बयान में कहा गया, “यह कदम सीएफजी के अनुशासित और रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, ताकि वह उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सके जहां दीर्घकालिक प्रभाव सबसे अधिक हो।”
गौरतलब है कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट 8 दिसंबर को समाप्त हो चुका है। एफएसडीएल ने 2014 से 2025 तक आईएसएल का आयोजन किया था। हालांकि 2025-26 सीज़न अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
एआईएफएफ ने सितंबर में नए व्यावसायिक साझेदार के लिए टेंडर जारी किया था, लेकिन उसे कोई भी बोलीदाता नहीं मिला। इसके चलते कई क्लबों ने अपनी सीनियर टीमों के संचालन बंद कर दिए हैं, जबकि कई खिलाड़ियों ने सार्वजनिक रूप से लीग शुरू करने की अपील की है।
मौजूदा हालात में भारतीय फुटबॉल एक गंभीर संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है। लगभग तीन दशकों में पहली बार ऐसा हो सकता है कि देश में शीर्ष स्तर का पुरुष फुटबॉल न खेला जाए। इसके अलावा, एशियाई प्रतियोगिताओं में जगह बनाने का खतरा भी मंडरा रहा है, क्योंकि इसके लिए एक सीज़न में कम से कम 27 मैच खेलना अनिवार्य होता है।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर कहा कि जेन जी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी डिजिटल-सक्षम युवा पीढ़ी और जेन अल्फा यानी 2013 के बाद जन्मे तकनीक-केंद्रित बच्चे ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाएंगे।
प्रधानमंत्री ने यहां भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जेन जी और जेन अल्फा ही भारत को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य तक ले जाने वाली पीढ़ी है। उन्होंने कहा कि वे युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और सामर्थ्य को समझते हैं और इसलिए उन पर उन्हें पूरा भरोसा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उम्र नहीं, कर्म और उपलब्धियां व्यक्ति को बड़ा बनाती हैं, और कम उम्र में भी ऐसे कार्य किए जा सकते हैं जो पूरे समाज को प्रेरणा दें।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वीर साहिबजादों के अदम्य साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि साहिबजादों ने यह नहीं देखा कि रास्ता कितना कठिन है, उन्होंने केवल यह देखा कि रास्ता सही है या नहीं। यही भावना आज भारत के युवाओं से अपेक्षित है—बड़े सपने देखना, कठिन परिश्रम करना और आत्मविश्वास को कभी डगमगाने न देना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसके बच्चों और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा। उनका साहस, प्रतिभा और समर्पण ही देश की प्रगति का मार्गदर्शन करेगा। आज देशभर में लाखों बच्चे अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से नवाचार, शोध, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी और डिजाइन थिंकिंग से जुड़ रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा का विकल्प बच्चों के लिए सीखने को और सहज बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने गुलामी की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा कि साहिबजादों की गाथा देश के हर नागरिक की जुबान पर होनी चाहिए थी लेकिन दुर्भाग्यवश आज़ादी के बाद भी देश इस मानसिकता से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि 1835 में मैकाले द्वारा बोए गए गुलामी के विचारों के बीजों ने भारत की अनेक सच्चाइयों को दबा दिया। अब देश ने तय कर लिया है कि इस मानसिकता से मुक्ति पानी ही होगी। उन्होंने कहा कि 2035 तक, जब मैकाले की इस सोच को 200 साल पूरे होंगे, तब तक हमें पूरी तरह गुलामी की मानसिकता से मुक्त होना है— यह 140 करोड़ भारतीयों का साझा संकल्प होना चाहिए।
मोदी ने हालिया शीतकालीन सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा भारतीय भाषाओं में लगभग 160 भाषण दिए गए, जिनमें तमिल, मराठी और बंगाली प्रमुख रहीं। उन्होंने कहा कि यह दृश्य दुनिया की किसी भी संसद में दुर्लभ है और यह भारत की भाषाई विविधता की ताकत को दर्शाता है। मैकाले ने जिस विविधता को दबाने की कोशिश की थी, वही आज भारत की शक्ति बन रही है।
वीर साहिबजादों के बलिदान का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि औरंगजेब की क्रूर सत्ता के सामने भी चारों साहिबजादे अडिग रहे। यह संघर्ष भारत के मूल्यों और मजहबी कट्टरता के बीच, सत्य और असत्य के बीच था। गुरु गोबिंद सिंह जी त्याग और तपस्या के साक्षात प्रतीक थे और वही विरासत साहिबजादों को मिली थी। इसलिए पूरी मुगलिया ताकत भी उनके साहस को नहीं डिगा सकी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस भावना और श्रद्धा से भरा दिन है। पिछले चार वर्षों में वीर बाल दिवस की परंपरा ने नई पीढ़ी तक साहिबजादों की प्रेरणा पहुंचाई है और बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए मंच दिया है। हर वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है; इस वर्ष भी देश के अलग-अलग हिस्सों से 20 बच्चों को यह सम्मान दिया गया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि वे शॉर्ट-टर्म लोकप्रियता की चमक-दमक में न फंसे, महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लें और अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत न मानें। उनका लक्ष्य होना चाहिए कि उनकी सफलता देश की सफलता बने। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं को मंच दिया है। अब आवश्यकता है फोकस, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की—ताकि भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ सके।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट चरण में दिल्ली और गुजरात के बीच खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने एक और शानदार अर्धशतक जड़ते हुए अपनी फॉर्म का दमदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को बेंगलुरु में खेले गए इस मैच में कोहली ने 61 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें उनका अर्धशतक महज 29 गेंदों में पूरा हुआ।
37 वर्षीय विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान 11 चौके और एक छक्का लगाया। वह अंततः बाएं हाथ के स्पिनर विशाल बी जायसवाल की गेंद पर स्टंप आउट हुए, जहां विकेट के पीछे उर्विल पटेल ने उन्हें आउट किया।
इससे पहले पिछले मुकाबले में विराट कोहली ने 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी करते हुए शानदार शतक जड़ा था। आंध्र प्रदेश के खिलाफ खेले गए मैच में कोहली ने 101 गेंदों पर 131 रनों की पारी खेली थी, जिसकी बदौलत दिल्ली ने 4 विकेट से जीत दर्ज की थी।
उसी मुकाबले में कोहली ने पुरुष लिस्ट-ए क्रिकेट में 16,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक कारनामा भी किया। उन्होंने यह उपलब्धि अपनी 330वीं पारी में हासिल कर सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए इस मुकाम तक सबसे तेज़ पहुंचने वाले बल्लेबाज़ बने।
विराट कोहली अब 10,000 रन के बाद लिस्ट-ए क्रिकेट में हर 1000 रन के आंकड़े तक सबसे तेज़ पहुंचने वाले बल्लेबाज़ का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं।
रोहित शर्मा की तरह विराट कोहली भी भारत की प्रमुख घरेलू 50 ओवर प्रतियोगिता में वापसी कर रहे हैं। कोहली ने इससे पहले आखिरी बार साल 2009-10 सीज़न में विजय हजारे ट्रॉफी खेली थी, जबकि रोहित शर्मा की पिछली उपस्थिति 2017-18 सत्र में रही थी।
हालांकि विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन वे साल 2027 वनडे विश्वकप के लिए अब भी चयन की दौड़ में बने हुए हैं।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय रेलवे के लिए रिकॉर्ड निवेश, ज़मीनी बदलाव और यात्री एवं माल परिवहन के समग्र सुदृढ़ीकरण का वर्ष रहा। अभूतपूर्व पूंजीगत व्यय, तेज़ी से आगे बढ़ती स्टेशन पुनर्विकास योजनाएं, स्वदेशी रेल सेवाओं का विस्तार, हरित ऊर्जा को अपनाने की गति और जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर में ऐतिहासिक कनेक्टिविटी उपलब्धियां- इन सबने मिलकर एक ऐसे रेलवे तंत्र की तस्वीर पेश की जो पैमाने, गति और रणनीतिक स्पष्टता के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं हादसों और सुरक्षा चुनौतियों ने यह भी याद दिलाया कि रेल संचालन में जोखिमों को पूरी तरह समाप्त करना एक सतत प्रक्रिया है।
वर्ष के दौरान नीति से निर्णयों का ज़मीन पर साक्षात परिणाम देखने को मिला। प्रधानमंत्री द्वारा 42 परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण, 13 परियोजनाओं का उद्घाटन और 21 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई—कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं ज़मीन पर उतरीं। यह उपलब्धि भारतीय रेल के परिवर्तनकारी एजेंडे की ठोस अभिव्यक्ति है।
रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय और निवेश की गति
रेल बजट में 2,65,200 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय आवंटन किया गया। इसमें रेलवे के लिए 2,52,200 करोड़ रुपये, आरओबी/आरयूबी निर्माण के लिए 7,000 करोड़ रुपये, नई रेल लाइन बिछाने के लिए 32,235.24 करोड़ रुपये, लाइन दोहरीकरण के लिए 32,000 करोड़ रुपये, गेज परिवर्तन के लिए 4,550 करोड़ रुपये और रोलिंग स्टॉक के लिए 57,693 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस निवेश ने यात्री अनुभव, माल क्षमता और परिचालन दक्षता को नई ऊंचाई दी।
अमृत भारत स्टेशन योजना: शहरों के नए केंद्र
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 स्टेशनों का पुनर्विकास आधुनिक सिटी सेंटर के रूप में किया जा रहा है। मई में 103 स्टेशनों का उद्घाटन हुआ, जबकि सैकड़ों स्टेशन निर्माणाधीन हैं। छोटे कस्बों से लेकर बड़े जंक्शनों तक स्टेशन अब केवल ट्रांजिट प्वाइंट नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं के समन्वित केंद्र बन रहे हैं।
वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस
वित्त वर्ष में 15 नई वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं शुरू हुईं। देश में कुल 164 सेवाएं संचालित हैं, जो पर्यटन, तीर्थ और उभरते आर्थिक केंद्रों को जोड़ रही हैं। क्षेत्रीय उच्च-आवृत्ति कनेक्टिविटी के लिए नमो भारत रैपिड रेल की दो सेवाएं—भुज–अहमदाबाद और जयनगर–पटना—संचालित हैं।
सामान्य यात्रियों के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ने लंबी दूरी की किफायती यात्रा को सशक्त किया। वर्ष 2025 में 13 नई सेवाएं शुरू हुईं; कुल 30 सेवाएं गैर-एसी श्रेणी में आधुनिक सुविधाएं दे रही हैं।
वंदे भारत स्लीपर का रहा इंतजारदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लॉन्च का यात्रियों को सालभर इंतजार ही रहा। पहले यह ट्रेन सितंबर में लॉन्च होने वाली थी लेकिन इसके डिजाइन और सुरक्षा से जुड़ी कुछ खामियों जैसे इमरजेंसी अलार्म बटन की गलत जगह, परदों के हैंडल का गलत डिजाइन और बर्थ कनेक्टर के बीच की कमी जैसी समस्याएं आदि के चलते इसे दिसंबर तक के लिए टाल दिया गया। वहीं रेलवे का कहना है कि ये बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए जरूरी हैं और जल्द ही ट्रेन को लॉन्च किया जाएगा।
कश्मीर घाटी को बाकी भारत से जोड़ा 2025 में जम्मू और कश्मीर ने एक ऐतिहासिक पल देखा, जब कश्मीर घाटी को बाकी भारत से जोड़ने वाली पहली सीधी ट्रेन का उद्घाटन हुआ। छह जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कटरा से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। कटरा के श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर के लिए यह पहली वंदे भारत ट्रेन, मुश्किल रास्तों को पार करते हुए इस क्षेत्र को बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी देने के दशकों पुराने सपने को पूरा करती है।
जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर: इंजीनियरिंग की मिसाल
उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) 272 किमी लंबा, 43,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाला प्रोजेक्ट है, जिसमें 36 प्रमुख सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। चेनाब ब्रिज—दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज—और अंजी ब्रिज—भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज—इंजीनियरिंग के प्रतीक बने।
कश्मीर घाटी में पहली बार अनंतनाग गुड्स टर्मिनल तक खाद्यान्न मालगाड़ी पहुंची, जिससे राष्ट्रीय माल नेटवर्क से औपचारिक एकीकरण हुआ।
पूर्वोत्तर में बायरबी–सैरांग रेल परियोजना (सितंबर 2025) ने 78 वर्षों बाद मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल को रेल से जोड़ा। 51.38 किमी लंबी इस लाइन पर चार नए स्टेशन बने। ब्रिज नंबर 144, कुतुब मीनार से भी ऊंचा, क्षेत्र की इंजीनियरिंग क्षमता दर्शाता है। उद्घाटन के तुरंत बाद सीमेंट, निर्माण सामग्री, ऑटोमोबाइल्स सहित माल परिवहन शुरू हुआ; पहली बार कारें रेल से मिज़ोरम पहुंचीं।
यात्री किराया में बदलाव
कई सालों तक कोई बड़ा बदलाव न होने के बाद 2025 में यात्री किराया दो बार संशोधित किया गया। भारतीय रेलवे ने जुलाई में मामूली किराया बढ़ोतरी लागू की। उसके बाद 26 दिसंबर में एक और किराया संशोधन लागू किया गया, जिसमें दूरी-आधारित दरों को संतुलित करते हुए लंबी दूरी की ट्रेनों में मामूली वृद्धि की गई ताकि परिचालन लागत और सेवाओं की गुणवत्ता संतुलित रहे। नई बढ़ोतरी के तहत 500 किलोमीटर तक नॉन एसी यात्रा के लिए महज 10 रूपये अतिरिक्त देने होंगे। साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से अधिक दूरी पर यात्रा करने पर 1 पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई। मेल/एक्सप्रेस नॉन-एसी श्रेणी में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। एसी श्रेणी में भी 2 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। वहीं उपनगरीय सेवाओं और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है। साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्रा पर कोई किराया वृद्धि नहीं की गई।
हादसों और सुरक्षा की चुनौती
जहां भारतीय रेल ने सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार किया है और दुर्घटनाओं की संख्या दशक के उच्च स्तर से 93 प्रतिशत घटकर अब केवल 11 गंभीर रेल दुर्घटनाएं 2025-26 (नवंबर तक) में दर्ज हुई हैं, वहीं यह वर्ष पूरी तरह हादसों से मुक्त नहीं रहा। इनमें से दो बड़े रेल हादसों ने विशेष रूप से ध्यान खींचा। छत्तीसगढ़-बिलासपुर ट्रेन टक्कर: 4 नवंबर 2025 को एक मेमू यात्री ट्रेन ट्रेलिंग मालगाड़ी से टकराई, जिसमें कम से कम 11 यात्री मारे गए और करीब 20 घायल हुए। प्रारंभिक रिपोर्ट बताती है कि सिग्नल अनदेखा होना टक्कर का कारण था। दूसरा, जलगांव ट्रेन हादसा: जनवरी 2025 में महाराष्ट्र के पास पुस्पक एक्सप्रेस में आग की अफ़वाह फैलने पर यात्रियों ने ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया, जिससे ट्रेन से टकराने पर 13 लोगों की मौत और कई घायल हुए।
इन घटनाओं में तकनीकी खामियां, सिग्नलिंग व्यवस्था में त्रुटियां व मानवीय लापरवाही प्रमुख कारणों में गिनी गईं, जिससे रेल प्रशासन ने सिग्नल अपग्रेड, ट्रेन सुरक्षा सिस्टम और निगरानी को और अधिक तेज़ किया। रेल सुरक्षा बजट तीन गुणा बढ़कर 1,16,470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो कि व्यापक सुरक्षा तकनीकों और प्रक्रियाओं में लगाया गया है। इसके अलावा स्टेशनों पर भी भीड़ नियंत्रण एक चुनौती बनी रही। फरवरी में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ की भगदड़ में कई लोगों की मौत और कई घायल हुए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भीड़-प्रबंधन और आपात स्थिति सेंसिंग तकनीकों में और सुधार की आवश्यकता है।
हरित ऊर्जा, विद्युतीकरण और गति
भारतीय रेल ने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.2 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल किया—14 ज़ोन और 25 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शत प्रतिशत विद्युतीकृत। 812 मेगावाट सौर, 93 मेगावाट पवन और 1,600 मेगावाट आरटीसी हाइब्रिड ऊर्जा से ट्रैक्शन सुदृढ़ हुआ। 2,626 स्टेशन सौर ऊर्जा से संचालित हैं।
पिछले 11 वर्षों में 110 किमी/घंटा या उससे अधिक गति-सक्षम ट्रैक का अनुपात 40 प्रतिशत से बढ़कर 79 प्रतिशत हो गया। 60 किग्रा रेल, कंक्रीट स्लीपर, लॉन्ग वेल्डेड रेल और आधुनिक रखरखाव मशीनों से यह संभव हुआ।
सुरक्षा में ऐतिहासिक सुधार
परिणामस्वरूप ट्रेन दुर्घटनाएं 2004-14 के औसत 171 प्रति वर्ष से घटकर 2024-25 में 31 और 2025-26 (नवंबर तक) में 11 रह गईं। सुरक्षा बजट 39,463 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,16,470 करोड़ रुपये हुआ। फॉग सेफ्टी डिवाइस 90 से बढ़कर 25,939 हो गए। केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और ट्रैक सर्किटिंग का विस्तार तेज़ी से हुआ। स्वदेशी ‘कवच 4.0’ को दिल्ली–मुंबई मार्ग के मथुरा–कोटा खंड पर कमीशन किया गया।
आधुनिकीकरण, उत्पादन और डिजिटल सेवाएं
11 वर्षों में 42,600 से अधिक एलएचबी कोच बनाए गए; 2025-26 (नवंबर तक) में 4,224 कोच—पिछले वर्ष से 18 प्रतिशत अधिक। 2025 में 1,542 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बने। 82 ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट, 70 विस्ताडोम कोच और 25 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल कार्यरत हैं। रेलवन ऐप से टिकटिंग, ट्रैकिंग, ई-कैटरिंग और शिकायत निवारण एक मंच पर आए। ई-टिकटिंग 89 प्रतिशत तक पहुंची। 6,117 स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई और 1,731 स्टेशनों व 11,953 कोचों में सीसीटीवी से सुरक्षा बढ़ी।
माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स
वित्त वर्ष 2025-26 में एक बिलियन टन माल ढुलाई का ऐतिहासिक आंकड़ा पार हुआ; दैनिक लोडिंग 4.4 मिलियन टन तक पहुंची। बल्क सीमेंट के लिए नई टैरिफ नीति लागू हुई। दिल्ली–कोलकाता आश्वस्त कंटेनर सेवा और मुंबई–कोलकाता डोर-टू-डोर पार्सल सेवा शुरू हुई। मानेसर स्थित इन-प्लांट गति शक्ति टर्मिनल से 100वां ऑटो रेक रवाना होना एक और मील का पत्थर रहा।
यात्री सुविधाएं और सामाजिक पहल
वर्ष 2025 में 693.25 करोड़ यात्रियों को सेवा दी गई। 43,000 से अधिक विशेष ट्रेनें—कुंभ, दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ—संचालित हुईं। 1,161 आरओबी/आरयूबी बने। 1,931 लिफ्ट और 1,687 एस्केलेटर से सुगमता बढ़ी। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर, बैटरी वाहन उपलब्ध कराए गए। आरपीएफ ने बच्चों के संरक्षण, जीवन रक्षा, नशा-रोधी कार्रवाई और खोई संपत्ति की बरामदगी में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज कीं।
यह दिखाता है कि भारतीय रेल समग्र रूप से विकास, निवेश और सेवा विस्तार की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षा चुनौतियां अभी भी निरंतर निगरानी, तकनीकी उन्नयन और प्रशिक्षण के ज़रिये संबोधित किए जा रहे हैं। इस वर्ष में रेल प्रशासन ने नए निवेश, किराया नीति सुधार और सुरक्षा प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ उन चुनौतियों का सामना कर के एक संतुलित प्रगति दर्ज की है—जो यात्रियों की भलाई और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी की दिशा में अहम है।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली उम्रकैद की सजा को निलंबित करने के फैसले से नाराज महिलाओं ने शुक्रवार काे दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि उच्च न्यायालय का ये फैसला सरासर गलत है। इस प्रदर्शन में दुष्कर्म पीड़िता की मां और कई महिला संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान पुलिस भी चाक चौबंद थी और महिला प्रदर्शनकारियों को हटने की अपील कर रही थी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए 23 दिसंबर को जमानत दे दी थी। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की अध्यक्षता वाली बेंच ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका के लंबित रहने के दौरान सजा को निलंबित रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सेंगर को जमानत के दौरान दिल्ली में ही रहने और पीड़िता के निवास से पांच किलोमीटर दूर रहने का आदेश दिया है।
तीस हजारी कोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर समेत सभी सातों आरोपितों को भी 10-10 साल की कैद और 10-10लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी। चार जून 2017 को दुष्कर्म पीड़िता ने जब कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था उसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। पीड़िता के पिता को जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद जिला अस्पताल में लड़की के पिता की मौत हो गई थी।
20 दिसंबर 2019 को पीड़िता से रेप के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख पीड़िता को देने का आदेश दिया था। तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली उच्च न्यायालयमें याचिका दायर की है।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ चरमपंथियों के लगातार अत्याचार की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बांग्लादेश में हाल ही में एक हिंदू युवक की हत्या की निंदा की और उम्मीद जताई कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में आज प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पड़ोसी देश से जुड़े कई प्रश्नों का उत्तर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत करीब से नज़र रख रहा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को मीडिया की अतिश्योक्ति या राजनीतिक हिंसा कह कर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अंतरिम सरकार के कार्यकाल में स्वतंत्र स्रोतों द्वारा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की 2,900 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं।
प्रवक्ता ने कहा कि बांग्लादेश पर हमारा रुख शुरू से बहुत स्पष्ट और सुसंगत रहा है। भारत, बांग्लादेश के लोगों के साथ संबंधों को मजबूत करने के पक्ष में है। हम बांग्लादेश में शांति और स्थिरता चाहते हैं। हम बांग्लादेश में शांतिपूर्ण माहौल में होने वाले स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और भागीदारी वाले चुनावों के पक्ष में हैं।
चुनाव से पहले 17 साल बाद बीएनपी नेता तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी पर उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का समर्थन करते हैं और इस घटनाक्रम को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। वहीं, बांग्लादेश में पेश किए जा रहे भारत विरोधी झूठे नैरेटिव को खारिज करते हुए उन्होंने दोहराया कि कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है।
काठमांडू, 26 दिसंबर (हि.स.)। नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल में सेना के पूर्व उप प्रमुख ले.ज. बालानंद शर्मा को शामिल किया। शर्मा ने यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित सादे समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
प्रधानमंत्री बनने के बाद कार्की ने पांचवीं बार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। इसके बाद मंत्रियों की संख्या बढ़कर 15 हो गयी है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि शर्मा को विदेश मंत्री बनाया जा सकता है।
सीतापुर 26 दिसंबर (हि.स.)। जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार पद्मकांत शर्मा ‘प्रभात’ द्वारा संपादित साहित्यिक कृति ‘वातायनी – सफरनामा’ का विमोचन उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने राजभवन लखनऊ में किया। यह पुस्तक कवयित्री व लेखिका डॉ. छाया त्यागी, सीतापुर की साहित्यिक सृजन यात्रा पर केंद्रित है, जिसमें विविध विधाओं की रचनाओं का समावेश किया गया है।
गरिमामय वातावरण में आयोजित लोकार्पण समारोह में संपादक पद्मकांत शर्मा प्रभात ने पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वातायनी लेखिका के व्यक्तित्व, विचार-जगत और साहित्यिक अवदान का सार है। कृतिकार डॉ. छाया त्यागी ने इस पुस्तक को अपने जीवन, अनुभवों और रचनात्मक यात्रा की “वैचारिक खिड़की” बताया।
डॉ. त्यागी ने पुस्तक के विमोचन हेतु राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कई साहित्यकार व साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे और उन्होंने इस कृति को समकालीन साहित्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
जानकारी हो कि पदमकान्त शर्मा कस्बा बिसवां के निवासी हैं उनकी कई पुस्तको का प्रकाशन पूर्व में हो चुका है। श्री शर्मा ने बताया कि यह पुस्तक साहित्यिक सृजन यात्रा पर आधारित है।मेरे लिए अत्यंत खुशी का पल है कि राज्यपाल ने इस पुस्तक का विमोचन किया है।
जौनपुर ,26 दिसंबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम सिद्दीकपुर में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित प्रदेश स्तरीय महिला वॉलीबॉल और खो-खो प्रतियोगिता का शुक्रवार को दूसरा दिन रहा। इस दौरान खो-खो के क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्यामबाबू यादव और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के चीफ वार्डेन डॉ. अविनाश डी. पाथार्डीकर उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने वॉलीबॉल और खो-खो के चल रहे मैचों का अवलोकन किया। उन्होंने क्रीड़ा अधिकारी और प्रशिक्षकों से खेल की बारीकियों पर चर्चा की और स्टेडियम में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। अंत में क्रीड़ा अधिकारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। आज के खेल के बारे में जानकारी देते हुए जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन राय ने बताया कि खो-खो प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मैचों में गोरखपुर ने कानपुर को 14-1 से हराया। दूसरे मैच में आजमगढ़ ने प्रयागराज को 3-2 से पराजित किया। वाराणसी ने मुरादाबाद को 7-2 से हराकर जीत दर्ज की, जबकि बस्ती ने मिर्जापुर को 6-0 से हराया।
अयोध्या, 26 दिसंबर, राम जन्मभूमि के प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगाँठ प्रतिष्ठा द्वादशी 31 दिसंबर को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे I इसी दिन रक्षा मंत्री श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर परिसर में स्थित मां अन्नपूर्णा मन्दिर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी है । श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर की व्यवस्था से जुड़े गोपाल ने शुक्रवार को कार्यकर्ताओं की बैठक में यह जानकारी दी।