प्रयागराज, 26 दिसम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) उस भूमि पर लीज रेंट वसूलने का अधिकार नहीं रखती, जिसका वास्तविक कब्जा अभी तक आवंटी को नहीं दिया गया। अदालत ने कहा कि बिना कब्जा सौंपे लीज रेंट की मांग करना कानूनन सही नहीं है। ऐसे मामलों में आवंटी को ’ज़ीरो पीरियड’ का लाभ दिया जाना चाहिए।
जस्टिस प्रकाश पडिया ने आलूर डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड बनाम राज्य सरकार व अन्य मामले में यह टिप्पणी की। कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसलों के साथ-साथ दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए यह सिद्धांत दोहराया कि जब तक कब्जा प्रमाणपत्र जारी नहीं होता, तब तक लीज रेंट देय नहीं हो सकता।
मामले के अनुसार याची के पूर्ववर्ती हितधारक को सेक्टर 94, नोएडा में भूमि आवंटित की गई थी। बाद में प्राधिकरण द्वारा क्षेत्रफल घटाया गया, प्रीमियम का भुगतान हुआ और लीज़ डीड निष्पादित की गई। सुधार विलेख के माध्यम से प्लॉट को दो हिस्सों में बांटा गया, जिनमें से एक प्लॉट याचिकाकर्ता को हस्तांतरित किया गया। इसके बावजूद नोएडा ने कब्जा प्रमाणपत्र जारी नहीं किया। नोएडा ने वर्ष 2010 में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में परिवर्तन के नाम पर याचिकाकर्ता से सात करोड़ रुपये से अधिक की मांग की, जिसे जमा कर दिया गया। इसके बाद अतिरिक्त एफ ए आर के लिए भी भारी भरकम की मांग उठाई गई। हालांकि अंततः वर्ष 2023 में आवेदन खारिज कर दिया गया। इसी बीच लीज़ रेंट न चुकाने के आधार पर नोएडा ने आवंटन रद्द कर दिया, जबकि याचिकाकर्ता का कहना था कि उसे कब्जा ही नहीं दिया गया।
कोर्ट ने पाया कि लीज़ की शर्त संख्या-3 के तहत कब्जा प्रमाणपत्र अलग से जारी किया जाना था, जो कभी दिया ही नहीं गया। ऐसे में नोएडा को दोहरे मानदंड अपनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि जब वैध कब्जा न तो पूर्व आवंटी को मिला और न ही याचिकाकर्ता को, तो इस अवधि को ’ज़ीरो पीरियड’ माना जाएगा और लीज़ रेंट की मांग अवैध है।
अदालत ने अपने पूर्व के डिवीजन बेंच के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि केवल शेयर होल्डिंग में बदलाव होने से सीआईसी (चेंज इन कांस्टिट्यूशन) शुल्क नहीं लगाया जा सकता, जब तक कंपनी की कानूनी पहचान में कोई परिवर्तन न हो। कोर्ट ने नोएडा द्वारा लगभग 7.38 करोड़ रुपये की राशि रोके जाने को अवैध, अनुचित और अवमाननापूर्ण बताया।
अदालत ने नोएडा को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता को सीआईसी के रूप में वसूली गई पूरी राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस करे। साथ ही लीज़ रेंट की अवैध मांग को रद्द करते हुए याचिका स्वीकार कर ली गई। इस फैसले से नोएडा क्षेत्र के उन कई आवंटियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें कब्जा दिए बिना वर्षों तक लीज़ रेंट और अन्य शुल्कों का सामना करना पड़ा है।
गुजरात, 26 दिसंबर (हि.स.)। गुजरात के सूरत के डिंडोली इलाके में ‘कृष्णा पैकर्स एंड मूवर्स’ के नाम से चल रही एक दुकान असल में सामान की नहीं, बल्कि काले धन की हेराफेरी का बड़ा अड्डा निकली। ग्रीन वैली बिल्डिंग के पहले मंजिल पर 200 करोड़ रुपये के हवाला रैकेट का पर्दाफाश होते ही एसओजी भी हैरान रह गई। यह रैकेट बीते करीब दो वर्षों से सक्रिय था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित प्रतीक वसावा ने वैध कारोबार का मुखौटा ओढ़कर देश की वित्तीय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला नेटवर्क खड़ा कर रखा था। इस रैकेट का असली संचालक दुबई में बैठा एक रहस्यमय शख्स था, जिसे ‘बिग ब्रो’ कहा जाता है। वह एपीके फाइल के जरिए सूरत में किराये पर लिए गए बैंक खातों का सीधा एक्सेस हासिल करता था। ऑनलाइन गेमिंग और शेयर बाजार के नाम पर ठगे गए लोगों की रकम इन खातों में जमा कराई जाती और फिर तुरंत आगे बढ़ा दी जाती थी।
20–25 हजार में किराये पर खाते, मिनटों में निकासी
प्रतीक वसावा की कार्यशैली बेहद शातिर थी। वह सूरत और आसपास के ग्रामीण इलाकों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बैंक खाते मात्र 20 से 25 हजार रुपये में किराये पर लेता। इन ‘म्यूल अकाउंट्स’ में जैसे ही बड़ी रकम आती, उसे सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर तुरंत नकद निकाल लिया जाता, ताकि साइबर क्राइम अलर्ट से पहले पैसा सिस्टम से बाहर हो जाए।
जांच का बड़ा खुलासा तब हुआ जब पता चला कि नकद रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जा रहा था। लिंबायत के सलीम उर्फ समीर के जरिए नकद के बदले यूएसडीटी खरीदी जाती और फिर वह क्रिप्टो सीधे दुबई में बैठे ‘बिग ब्रो’ के वॉलेट में ट्रांसफर कर दी जाती। इस तरह भारतीय मुद्रा हवाला के जरिए क्रिप्टो में बदलकर विदेश पहुंचाई जाती थी।
प्रतीक वसावा कोई नया नाम नहीं है। साइबर फ्रॉड के एक मामले में वह पहले 90 दिन जेल में रह चुका है। बाहर आते ही उसने दोबारा अपराध का रास्ता अपनाया और हवाला कारोबार को और बड़ा व डिजिटल बना दिया। उसके खिलाफ पहले से 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसओजी के डीसीपी राजदीपसिंह नकुम ने बताया कि इस मामले में प्रतीक वसावा, दीपक पांडे, रूपेश डांडगे और भूषण पाटील को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी दुबई में बैठे ‘बिग ब्रो’ के इशारे पर भारत में नेटवर्क ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और पैसों के अंतिम लाभार्थियों की गहराई से जांच कर रही।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ का उद्घाटन किया
सभी एजेंसियां देश और दुनिया में जितनी भी आतंकी घटनाएं हुई हैं, उनका विश्लेषण कर हमारी आतंकवाद निरोधी क्षमता को और बढ़ाएं
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। अमित शाह ने कहा कि सभी को Need to Know की जगह ड्यूटी टू शेयर के सूत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि केन्द्र की एजेंसियों और राज्यों की पुलिस ने अपने-अपने स्तर पर टेक्नॉलजी का अच्छा इस्तेमाल किया है, लेकिन Silos में डेवलप की हुई टेक्नॉलजी और एकत्र किया हुआ डेटा बिना गोली के बंदूक की तरह है। अगर सारे डेटा एक-दूसरे से संवाद करें और उन्हें एक ही टेक्नॉलजी से बनाया गया हो तो बेहतर है।इसके लिए गृह मंत्रालय, एनआईए और आईबी को चर्चा कर राष्ट्रीय स्तर पर टेक्नॉलजी और डेटा का एक निर्बाध ढांचा विकसित करना चाहिए और राज्यों को इसे मजबूत करने में सहयोग करना चाहिए।
यह दो दिवसीय सम्मेलन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। गृह मंत्री ने NIA द्वारा अपडेट किए गए अपराध मैनुअल, हथियार ई-डेटाबेस और संगठित अपराध नेटवर्क डेटाबेस की भी शुरुआत की। सभी एजेंसियां देश और दुनिया में जितनी भी आतंकी घटनाएं हुई हैं, उनका विश्लेषण कर हमारी आतंकवाद निरोधी क्षमता को और बढ़ाएं ।
अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन मात्र एक चर्चा का फोरम नहीं है बल्कि यहां कुछ एक्श्नेबल पाइंट्स निकलते हैं और उनके क्रियान्वयन की दिशा में NIA और राज्यों की सभी संबंधित एजेंसियां लगातार सालभर काम करती हैं। इससे हम देश में एक मज़बूत आतंकवाद विरोधी ग्रिड बनाने में सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारत की सुरक्षा का संकल्प दोहराने का माध्यम मात्र नहीं है। शाह ने कहा कि सभी एजेंसियां देश और दुनिया में जितनी भी आतंकी घटनाएं हुई हैं, उनका विश्लेषण कर हमारी आतंकवाद निरोधी क्षमता को और बढ़ाएं। गृह मंत्री ने कहा कि दुनिया में अब तकनीक के साथ-साथ आतंकी घटनाओं में तकनीक के उपयोग के कारण आतंकवाद का परिदृश्य भी बदल रहा है और हमें भी इसकी रोकथाम के लिए तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य की दृष्टि से अदृश्य चुनौतियों को परखना और उनकी रोकथाम करने का राष्ट्रीय दायित्व इस सम्मेलन का है।
श्री अमित शाह ने कहा कि आज यहां पर तीन नई शुरूआत हुई हैं। आज यहां एनआईए द्वारा अपडेट किए गए अपराध मैनुअल का विमोचन हुआ है। उन्होंने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से अनुरोध किया कि वे अपने यहां एक टीम बनाकर जांच और अभियोजन के लिए इस मैनुअल की स्टडी ज़रूर कराएं। श्री शाह ने कहा कि आज यहां आयुध ई-डेटाबेस की शुरूआत हुई है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज संगठित अपराध नेटवर्क पर भी एक डेटाबेस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध नेटवर्क शुरूआत में तो फिरौती और उगाही के लिए काम करते हैं लेकिन जब इनके सरगना विदेशों में जाकर बैठ जाते हैं तो वे अपने आप आतंकवादी संगठनों के संपर्क में आ जाते हैं और फिरौती और धन उगाही का उपयोग देश में आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं। श्री शाह ने कहा कि हर राज्य को एनआईए और सीबीआई के तत्वाधान में आईबी का सहयोग लेकर और इस डेटाबेस का उपयोग कर अपने यहां इसे समाप्त करना है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बैसरन गाटी का हमला देश को झंझोड़ देने वाला था। इस हमले से आतंकवादी देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और कश्मीर में शुरू हुए विकास के नए युग और पर्यटन को झटका देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि तीनों आतंकियों को बहुत सटीक आसूचना के आधार पर हमारी फोर्सेस ने न्यूट्रलाइज़ कर पाकिस्तान को कठोर संदेश देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें आतंकी घटना की प्लानिंग करने वालों को हमने ऑपरेशन सिंदूर से दंडित किया और जिन्होंने उनके हथियार बन इस घटना को अंजाम दिया उन्हें ऑपरेशन महादेव से न्यूट्रलाइज़ करने का काम किया। गृह मंत्री ने कहा कि दोनों छोर पर भारत सरकार, भारतीय सुरक्षाबलों और भारतीय जनता का एक मज़बूत मुंहतोड़ जवाब पाकिस्तान के आतंकी आकाओं को देने का काम हमारे सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों ने किया है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने पहलगाम आतंकी हमले का एक कंम्प्लीट और सफल इन्वेस्टिगेशन किया है जिसे पूरी दुनिया की एजेसियां आने वाले दिनों में स्टडी करेंगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की जांच के नतीजे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करेंगी।
श्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में हुए धमाके की जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बहुत अच्छी जांच की है। इस पूरे नेटवर्क की जांच करने का काम हमारी सभी एजेंसियों ने बहुत अच्छे तरीके से किया। श्री शाह ने कहा कि पहलगाम और दिल्ली विस्फोट मामलों की जांच सामान्य पुलिसिंग नहीं बल्कि वाटरटाइट इन्वेस्टिगेशन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह इस बात का भी एक बहुत बड़ा उदाहरण है कि सदैव जागरूक रहकर कोई अधिकारी किस प्रकार देश को इतने बड़े संकट से बचा सकता है।
सम्मेलन में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार, केन्द्रीय गृह सचिव, महानिदेशक, NIA और सचिव, Research & Analysis Wing सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद विरोधी मुद्दों से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों/विभागों के अधिकारी और कानून, फोरेंसिक, प्रौद्योगिकी जैसे संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
अजमेर, 26 दिसंबर(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने नए वर्ष से पहले प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को राहत देते हुए वर्ष 2026 में प्रस्तावित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है।
आयोग द्वारा जारी इस कार्यक्रम में जनवरी से नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाली 16 भर्ती परीक्षाओं की संभावित तिथियां घोषित की गई हैं, जबकि अप्रैल से दिसंबर के बीच पांच तिथियां अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। आयोग के अनुसार वर्ष 2026 की परीक्षाओं की शुरुआत 11 जनवरी को डिप्टी कमांडेंट परीक्षा-2025 से होगी। इसके बाद 12 जनवरी को लेक्चरर (आयुर्वेद विभाग) परीक्षा तथा 1 फरवरी को सहायक विद्युत निरीक्षक और जूनियर केमिस्ट की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। मार्च में सहायक अभियंता संयुक्त भर्ती की मुख्य परीक्षा 15 से 18 मार्च तक आयोजित की जाएगी। अप्रैल माह में सब इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर, वेटेनरी ऑफिसर और असिस्टेंट एग्रीकल्चर इंजीनियर की परीक्षाएं निर्धारित हैं। मई, जून और जुलाई में प्राध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक तथा कनिष्ठ विधि अधिकारी की परीक्षाएं होंगी, जबकि अगस्त से नवंबर तक सांख्यिकी अधिकारी, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी तथा संरक्षण अधिकारी की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त नवंबर और दिसंबर में कुछ तिथियां अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। पारदर्शिता और आधुनिक परीक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट के माध्यम से आयोजित की जाएंगी। इससे पूर्व भी आयोग द्वारा वर्ष 2012 से 2018 के दौरान 160 भर्ती परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से कराई जा चुकी हैं।
आयोग अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने कहा कि परीक्षा कैलेंडर समय पर जारी करने का उद्देश्य अभ्यर्थियों को बेहतर योजना बनाने का अवसर देना है, ताकि वे निश्चित समय सीमा में अपनी तैयारी पूरी कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025 के परीक्षा कैलेंडर का शत-प्रतिशत पालन किया गया था और वर्ष 2026 में भी सभी परीक्षाएं समयबद्ध रूप से आयोजित की जाएंगी। आयोग ने स्पष्ट किया कि भर्ती विज्ञापनों के अनुसार इस कैलेंडर को समय-समय पर अद्यतन किया जाता रहेगा तथा विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी होगा।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स)। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 2025 के दौरान स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने, ईंधन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और तेल एवं गैस क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। उज्ज्वला योजना से देशभर में स्वच्छ रसोई ईंधन की सुविधा का विस्तार जारी है। इस साल की एक बड़ी बात प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) का विस्तार है, जिसके तहत एक दिसंबर तक स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन तक पहुंच पाने वाले लाभार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 10.35 करोड़ हो गई।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2025 के दौरान राष्ट्रव्यापी बुनियादी सुरक्षा जांच अभियान के माध्यम से उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत किया गया। डिजिटल भुगतान, ईवी चार्जिंग और बहु-ईंधन ऊर्जा स्टेशनों के साथ ईंधन खुदरा अवसंरचना को सुदृढ़ किया गया। सरकार ने लगभग सभी लोगों तक कवरेज पहुंचाने के लिए चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी।
एलिजिबिलिटी प्रोसेस को भी एक सिंगल डेप्रिवेशन डिक्लेरेशन के ज़रिए आसान बनाया गया, जिससे एक्सेस तेज़ और ज्यादा समावेशी हो गया। अपना घर पहल ट्रक चालकों के लिए सुविधाओं और सड़क सुरक्षा को मजबूत करती है। 25,400 किमी से अधिक का गैस पाइपलाइन नेटवर्क एक राष्ट्र-एक गैस ग्रिड को गति प्रदान कर रहा है। तेल क्षेत्र संशोधन अधिनियम और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियमों से अपस्ट्रीम क्षेत्र में परिवर्तनकारी सुधार किए गए।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तेल और प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन, शोधन, वितरण एवं विपणन साथ ही इनके आयात, निर्यात एवं संरक्षण के लिए उत्तरदायी है। तेल और गैस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण स्रोत बने हुए हैं। मंत्रालय ने वर्ष 2025 के दौरान सस्ती ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने, घरेलू उत्पादन बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक व्यापक और बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया।
पेट्रोलियम मंत्रालय की यह पहल ऊर्जा उपलब्धता, ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। पात्रता प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पहले की मल्टी प्वांइट स्व-घोषणा प्रणाली के स्थान पर एकल अभाव घोषणा पत्र लागू किया गया, जिससे ईंधन की उपलब्धता तेज और अधिक समावेशी हो गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी के जरिए एलपीजी की सामर्थ्य को बढ़ावा दिया गया। इसमें प्रति वर्ष 9 बार (रिफिल) यानी फिर से भरने की सुविधा है। इस पहल से एलपीजी की खपत में लगातार वृद्धि हुई। प्रति व्यक्ति औसत खपत वर्ष 2019-20 में लगभग तीन रिफिल से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 4.47 रिफिल हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आनुपातिक स्तर पर लगभग 4.85 रिफिल प्रति वर्ष तक पहुंच गई, जो स्वच्छ रसोई ईंधन को निरंतर अपनाने का संकेत है।
आकड़ों के अनुसार सब्सिडी के लक्षित वितरण और पारदर्शिता में सुधार के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को गति दी गई। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण ने 01 दिसंबर 2025 तक 71 फीसदी पीएमयूवाई उपभोक्ताओं और 62 फीसदी गैर-पीएमयूवाई उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाई। उपभोक्ताओं को सरल मोबाइल-आधारित प्रक्रियाओं के माध्यम से निःशुल्क प्रमाणीकरण पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए नवंबर 2025 में एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की गई थी। देशव्यापी बुनियादी सुरक्षा जांच अभियान से उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत किया गया। ग्राहकों के परिसरों में 12.12 करोड़ से अधिक निःशुल्क सुरक्षा निरीक्षण किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी पाइप रियायती दरों पर बदले गए, जिससे घरेलू एलपीजी उपयोग की जागरूकता बढ़ी और सुरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
मंत्रालय ने पेट्रोलियम के विपणन की अवसंरचना को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया। 2.71 लाख से अधिक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनलों का समर्थन प्राप्त 90,000 से अधिक खुदरा दुकानों को डिजिटल भुगतान सुविधाओं से लैस किया गया। 3,200 से अधिक टैंकरों की स्थापना के माध्यम से घर-घर डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया गया, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में पहुंच में सुधार हुआ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत, लगभग सभी खुदरा दुकानों पर शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई, जिनमें से बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय उपलब्ध कराए गए।
इस वर्ष इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अवसंरचना में तेजी से विस्तार हुआ। एफएएमई-II योजना के तहत, खुदरा दुकानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 8,932 चार्जिंग स्टेशन बनाए गए, जबकि तेल विपणन कंपनियों ने अपने संसाधनों से 18,500 से अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए। अपना घर पहल में प्रगति हुई और 500 से अधिक ट्रक चालकों के लिए सड़क किनारे सुविधाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिला।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2028-29 के दौरान प्रमुख मार्गों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर 4,000 ऊर्जा स्टेशन स्थापित कर रही हैं। इन स्टेशनों को एकीकृत गतिशीलता केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो पेट्रोल और डीजल जैसे पारंपरिक ईंधनों के साथ-साथ जैव ईंधन, सीएनजी, एलएनजी (जहां संभव हो) और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधाएं जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराएंगे। 1 नवंबर 2025 तक, देश भर में 1,064 ऊर्जा स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।
गैस आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। देश में परिचालनशील प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों की लंबाई वर्ष 2014 में 15,340 किमी से बढ़कर जून 2025 तक 25,429 किमी हो गई है, जबकि 10,459 किमी पाइपलाइन निर्माणाधीन हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) और सरकार द्वारा अधिकृत इन पाइपलाइनों के पूरा होने से राष्ट्रीय गैस ग्रिड तैयार होगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित होगी और संतुलित आर्थिक एवं सामाजिक विकास को समर्थन मिलेगा।
गैस परिवहन लागत में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने “एक राष्ट्र, एक ग्रिड, एक टैरिफ” के मिशन के तहत एक एकीकृत पाइपलाइन टैरिफ व्यवस्था लागू की है। एक अप्रैल 2023 से लागू यह प्रणाली राष्ट्रीय गैस ग्रिड में परिवहन शुल्कों को मानकीकृत करती है और पहले की दूरी-आधारित टैरिफ संरचना को प्रतिस्थापित करती है। वर्तमान में, लगभग 90 प्रतिशत परिचालन पाइपलाइनें एकीकृत टैरिफ व्यवस्था के अंतर्गत आती हैं, जिससे प्राकृतिक गैस की सामर्थ्य और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होता है।
शहरी गैस के वितरण का 307 भौगोलिक क्षेत्रों तक विस्तार हुआ है। सितंबर 2025 तक, पीएनजी में घरेलू कनेक्शनों की संख्या लगभग 1.57 करोड़ हो गई और सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़कर 8,400 से अधिक हो गई। संशोधित घरेलू गैस आवंटन दिशानिर्देशों ने वास्तविक खपत पैटर्न के साथ बेहतर तालमेल स्थापित किया और उपभोक्ताओं को मूल्य अस्थिरता के जोखिम से बचाया।
किफायती परिवहन के लिए सतत विकल्प पहल के तहत एक नवंबर 2025 तक 130 से अधिक संपीड़ित जैव गैस संयंत्र चालू हो चुके हैं और कई अन्य निर्माणाधीन हैं। सीएनजी और पीएनजी खंडों में सीबीजी के लिए अनिवार्य मिश्रण दायित्व वित्त वर्ष 2025-26 से शुरू हो गए हैं, जिन्हें पाइपलाइन कनेक्टिविटी और बायोमास एकत्रीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
इस वर्ष जैव ईंधन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत में पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण औसतन 19.24 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचत हुई और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई। प्रधानमंत्री जी-वन योजना के तहत उन्नत जैव ईंधनों को बढ़ावा दिया गया, जिसमें पानीपत और नुमालीगढ़ में चालू द्वितीय पीढ़ी के इथेनॉल संयंत्रों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
इस वर्ष सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) पहलों में प्रगति हुई, जिसमें सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन में क्रमशः वर्ष 2027, 2028 और 2030 से 1 प्रतिशत, 2 प्रतिशत और 5 प्रतिशत एसएएफ के सांकेतिक मिश्रण लक्ष्य निर्धारित किए। इस रोडमैप के अनुरूप, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) पानीपत रिफाइनरी में एसएएफ उत्पादन के लिए आईएससीसी सीओआरएसआईए प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई, जिसके बाद एसएएफ आपूर्ति के लिए आईओसीएल और एयर इंडिया के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस वर्ष बायोडीजल मिश्रण में भी विस्तार हुआ, जिसे खरीद की मात्रा में वृद्धि और कच्चे माल के विविधीकरण का समर्थन मिला, जिससे स्वच्छ परिवहन ईंधन की ओर मजबूती मिली।
तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम, 2025 के लागू होने और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम, 2025 की अधिसूचना के साथ अपस्ट्रीम क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार हुए। हाइड्रोकार्बन अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के अंतर्गत, 3.78 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 172 ब्लॉक आवंटित किए गए, जिससे लगभग 4.36 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित हुआ। भूकंपीय सर्वेक्षणों, ड्रिलिंग कार्यक्रमों और मिशन अन्वेषण जैसी सरकारी वित्त पोषित पहलों के माध्यम से अन्वेषण गतिविधियों में तेजी आई।
नए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और द्वितीय चरण की सुविधाओं में हुई प्रगति के माध्यम से रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत किया गया, जिससे आपूर्ति में व्यवधान के विरुद्ध तैयारी बेहतर हुई। भारतीय तेल और गैस सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किए गए विदेशी निवेशों ने आपूर्ति स्रोतों के विविधीकरण के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा को निरंतर समर्थन प्रदान किया।
नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा पहलों के माध्यम से, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 2025 के दौरान ऊर्जा तक पहुंच, सामर्थ्य, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे देश को एक लचीले और समावेशी ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ने में सहायता मिली है।
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (हि.स.)। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के शहर देवास स्थित केंद्रीय विद्यालय, बीएनपी के एक वरिष्ठ अधिकारी को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
सीबीआई के मुताबिक, यह कार्रवाई 23 दिसंबर को एक लिखित शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि केंद्रीय विद्यालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक रंजन भारती ने सुरक्षा और श्रम शक्ति सेवाओं से संबंधित बकाया बिलों को पास करने के लिए 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
इसके आधार पर सीबीआई ने आरोपित अधिकारी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। इसी दौरान आरोपित अधिकारी को बैकिंग चैनल के जरिए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
फिलहाल, आरोपित को आज न्यायालय में पेश किया गया और पूछताछ के लिए उसे 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
अजमेर, 26 दिसंबर(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने आरएएस भर्ती-2023 के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण जारी किया है, जिसमें यह तथ्य सामने आया है कि चयनित अभ्यर्थियों में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वालों की भागीदारी अधिक रही।
आयोग के अनुसार कुल 2166 चयनित अभ्यर्थियों में से 1210, यानी 55.86 प्रतिशत अभ्यर्थी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जबकि 44.14 प्रतिशत अभ्यर्थी शहरी पृष्ठभूमि से संबंधित हैं। यह वर्गीकरण अभ्यर्थियों की स्कूली शिक्षा के स्थान के आधार पर किया गया है। शैक्षणिक स्तर के विश्लेषण में यह पाया गया कि चयनित अभ्यर्थियों में स्नातक स्तर पर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का प्रतिशत सर्वाधिक रहा। कुल चयनित अभ्यर्थियों में से 1707 स्नातक प्रथम श्रेणी होल्डर हैं, जबकि 38.64 प्रतिशत अभ्यर्थी स्नातकोत्तर डिग्रीधारी हैं। आयु वर्ग के अनुसार 21 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 1554 अभ्यर्थी चयनित हुए, जो कुल चयन का लगभग 71.3 प्रतिशत है, जबकि 31 से 33 वर्ष आयु वर्ग के 266 अभ्यर्थी चयनित हुए।
आयोग के आंकड़ों के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों में से 59.9 प्रतिशत पहले से ही सरकारी या निजी सेवाओं में कार्यरत थे, जबकि शेष अभ्यर्थी फ्रेशर्स थे। साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों में अजमेर, अलवर, जयपुर, जोधपुर, नागौर और सीकर जिलों का प्रतिनिधित्व सर्वाधिक रहा, जिसमें जयपुर जिले से सबसे अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। विश्वविद्यालयों के स्तर पर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से सर्वाधिक चयन हुआ, इसके बाद आरटीयू कोटा और एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर का स्थान रहा।
महिला अभ्यर्थियों के संदर्भ में आयोग ने बताया कि भर्ती में महिलाओं के लिए 283 पद आरक्षित थे, जबकि 719 महिला अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में भाग लिया और सफल रहीं, जो आरक्षित पदों की तुलना में 2.54 गुना अधिक है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस भर्ती के लिए विज्ञापन 28 जून 2023 को जारी किया गया था और अंतिम रूप से 2166 अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए सरकार को अनुशंसित किया गया है।
कानपुर, 26 दिसंबर (हि.स.)। बीते मंगलवार को नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा बैराज पर वाहन चेकिंग के दौरान बैरिकेडिंग्स तोड़ते हुए तीन पुलिसकर्मियों को रौंदने वाले कार सवार बीटेक के दो छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके तीन साथी अभी भी फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि अटल घाट चौकी प्रभारी संजय कुमार औए दरोगा पूरन सिंह पुलिस बल के साथ गंगा बैराज पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्नाव की तरफ से एक काले रंग की बिना नंबर प्लेट की हुंडई औरा गाड़ी तेजी से आ रही थी,जिसे उन्हाेंने हाथ देकर रोकने का प्रयास किया गया लेकिन कार चालक ने गाड़ी रोकने की बजाय तेजी से पुलिस पर ही चढ़ा दी।
इस घटना में रास्ते लगी बेरिकेडिंग उछलकर पुलिस कर्मियों को जा लगी, जिससे दो दरोगा संजय कुमार, पूरन सिंह और होमगार्ड हरिकिशन गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए तीनों को हेल्थ वाले भर्ती कराया गया। जहां दोनों दरोगाओं की पैर की हड्डी टूट गई,जबकि होमगार्ड के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है।
आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमों का गठन किया गया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पुलिस ने 48 घंटे के अंदर मथुरा निवासी कार चालक श्याम सुंदर और बिधनू निवासी अभिजीत चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा बिहार का रहने वाला प्रशांत, चित्रकूट निवासी हिमांशु मिश्रा और एक अन्य साथी फरार हैं। छात्रों ने बताया कि बीते मंगलवार को परीक्षा देने के बाद हम सभी जश्न मनाने के लिए पार्टी करने गए थे। शराब पार्टी करने के बाद वापस हॉस्टल जा रहे थे। तभी रास्ते में पुलिस चेकिंग देखी। नशे में होने की वजह से सभी डर गए थे। इसलिए गाड़ी भगाने के प्रयास में यह घटना कारित हुई।
फिलहाल पुलिस ने छात्रों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार को भी बरामद कर लिया है। दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि अन्य तीन आरोपितों की तलाश की जा रही है।
अयोध्या, 26 दिसंबर (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के मंच पर प्रस्तुत रामलीला परंपरा से हटकर विशेष आकर्षण का केंद्र होगी | दो दिवसीय मंचन में प्रसंग रामचरितमानस व वाल्मीकि रामायण के होंगे किंतु प्रस्तुतीकरण गायन एवं नृत्य अति विशिष्ट शैली में होगा|
अंगद टीला परिसर में बने समारोह मंच पर 29 व 30 दिसंबर को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ की छात्र-छात्राओं द्वारा दो दिवसीय रामलीला का मंचन किया जायेगा| कार्यक्रम निर्देशक राहुल राज तिवारी के अनुसार पहले दिन 29 दिसंबर को कार्यक्रम परिचय के साथ स्वर्ग लोक, पुत्र कामेष्टि यज्ञ, राम जन्म एवं नामकरण संस्कार, शिक्षा ग्रहण, ताड़का वध, सीता स्वयंवर एवं परशुराम संवाद, कैकई-मंथरा संवाद, वन गमन, केवट संवाद, कैकई-भरत संवाद, भरत मिलाप, सूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, जटायु प्रसंग व मां शबरी भेंट सहित 17 प्रसंगों का मंचन होगा| इसी तरह दूसरे दिन 30 दिसंबर को किष्किंधा कांड के राम-हनुमान भेंट, सुग्रीव-राम भेंट, सुग्रीव-बाली युद्ध, हनुमान सीता भेंट, लंका दहन, लंका से हनुमान की वापसी, राम विभीषण संवाद, रामसेतु निर्माण, अंगद-रावण संवाद, युद्ध प्रारंभ, रावण का प्रथम दिन युद्ध में आगमन, कुंभकरण का आगमन, मेघनाद एवं संजीवनी बूटी प्रसंग, रावण से अंतिम युद्ध व रावण लक्ष्मण संवाद सहित 16 प्रसंगों का मंचन किया जाएगा|
देश में परंपरागत रूप से होने वाली गद्य संवाद शैली की रामलीलाओं से अलग नृत्य एवं गायन संवाद को प्रमुखता दी गई है| वाद्य यंत्रों की मद्धिम पार्श्व ध्वनि के साथ कलाकारों का गीतमय संवाद अपने आप में अनोखी प्रस्तुति होगी| 40 सदस्यीय मंचन टीम में शास्त्रीय एवं सामान्य प्रचलित संगीत का मिश्रण किया गया है| उक्त जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र संवाद केन्द्र ने दिया।
मानस पाठ में उपस्थित श्रद्धालु भी सम्मिलित हो सकेंगे
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव में होने वाला पंच दिवसीय संगीतमय श्रीराम चरितमानस पाठ मानस प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा| इस कार्यक्रम में मानस प्रेमी श्रोता भी गायक टीम के साथ रामचरितमानस का पाठ कर सकेंगे|
श्री श्री मां आनंदमयी मानस परिवार कानपुर द्वारा आयोजित संगीतमय श्री रामचरितमानस पाठ 22 सदस्यों द्वारा अंगद टीला पर प्रस्तुत किया जायेगा| कार्यक्रम समन्वयक कुमार गौरव शुक्ला ने बताया की आचार्य ऋषिकेश निवासी स्वामी विज्ञानानंद, कानपुर के योगेश भसीन, मुरैना के राजेश ठाकुर की देख रेख में मानसपाठी क्रमशः मंच पर शास्त्रीय एवं सामान्य स्वरों में पाठ करेंगे| मानस प्रेमियों को कार्यक्रम से सीधा जोड़ने के लिए यह भी व्यवस्था दी गई है कि अग्रिम तीन पंक्तियों में बैठने वाले श्रद्धालुओं को श्री रामचरितमानस व रहल उपलब्ध कराई जाएगी| श्रोतागण भी पाठ करने वाली टीम के साथ रुचि पूर्ण मानस पाठ कर सकेंगे| समूह का प्रयास रहेगा कि प्रतिदिन दो नवाह्न पाठ पूर्ण किए जाएं| समय व परिस्थिति के अनुसार इसमें थोड़ा बहुत बदलाव भी किया जा सकता है|
रांची, 26 दिसंबर (हि.स.)। श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में धनर्मास- श्रीगोदा,रंगनाथ का व्रत चल रहा है। यह व्रत सूर्य को मूल नक्षत्र और धनु राशि में संक्रमण करने से जो संक्रांति होती है उस दिन से पूरे एक माह तक यानि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने तक की संक्रांति तक मनाया जाता है।
इस मास को वैष्णव जगत् में धनुर्मास के नाम से जाना जाता है। इस धनुर्मास में जो शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है उसे वैकुंठ एकादशी कहते हैं। इस एकादशी का बड़ा ही महत्व है। यह वैकुण्ठोत्सव सम्पूर्ण दक्षिण भारत के साथ उत्तर भारत के भी सभी वैष्णव मंदिरों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। श्रीतिरुपति बालाजी मंदिर, रांची में यह वैकुंठोत्सव 29 दिसंबर से एक जनवरी 2026 तक मनाया जाएगा। इन चार दिनों तक श्रीविष्णुसहस्त्रनाम अर्चना-अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।
सहस्त्रनामों की शक्ति से ब्रह्महत्या जैसे कई महापापों का होता है नाश
इस सहस्त्रनाम का शास्त्रों में बड़े विस्तार से बखान मिलता है। विष्णु सहस्त्रनाम अर्चना से भगवान को संतुष्ट करने वाला मनुष्य उनसे वांछित वर प्राप्त करता है और अचल लक्ष्मी प्राप्त करके निश्चित रूप से भगवान का प्रिय हो जाता है। आदिदेव श्रीविष्णु वेंकटेश्वर इस सहस्त्रनाम के मंत्रों से अति प्रसन्न होते हैं। सहस्त्रनामों की शक्ति से ब्रह्महत्या जैसे कई महापापों का नाश हो जाता है और अंत में इसके प्रसाद से साधक भगवान नारायण में विलीन हो जाते हैं। उन्हें इस संसार का कष्ट नहीं भोगना पडता है। अनंत सुख भोगी होकर वैकुंठ में वास करता है। उसका पुनर्जन्म नहीं होता। सहस्त्रनाम अर्चना अनुष्ठान में यजमान बनने के इच्छुक श्रद्धालु बुकिंग करा रहें हैं।
वहीं शुक्रवार को धनुर्मास व्रत का 11 वें दिन भगवान को दूध, दधि, हल्दी, चंदन, शहद, नारियल युक्त जल, गंगाजल और केसर युक्त जल से महाभिषेक किया गया। खीर, पोंगल चटनी, फल और मेवा का बाल भोग लगा फिर भगवान की महाआरती हुई और भगवान रंगनाथ संग गोदांबा देवी की स्तुति की गई। भगवान को कट्रउ कनंगल ( गाय के बछड़ा) नाम का पोशाक धारण कराया।
महाभिषेक के यजमान मुकेश केजरीवाल पत्नी श्वेता केजरीवाल थे, जबकि दिनभर का भोग उत्तम कुमार और उनकी पत्नी डिंपल रांची निवासी की ओर से लगाया गया।
भगवान की पूजा-अर्चना करनेवालों में सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और नारायण दास ने अनुष्ठान को विधिवत् संपन्न कराया।
इस अवसर पर राम अवतार नरसरिया, ओमप्रकाश केजरीवाल, अनूप अग्रवाल, सुमन केजरीवाल, सुनील केजरीवाल और रंजन सिंह सहित अन्य मौजूद थे।