इतिहास के पन्नों में 28 दिसंबर : भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की नींव और राष्ट्रभक्ति की चेतना

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28 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में दो घटनाओं को रेखांकित करती हैं। 1885 में राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और 1896 में राष्ट्रभक्ति की चेतना को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

1885 में बंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अधिवेशन ने भारत में संगठित राजनीतिक संघर्ष की नींव रखी। 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि शिक्षित भारतीय वर्ग अब औपनिवेशिक शासन के खिलाफ एक मंच पर आकर अपनी बात रखने लगा था। कांग्रेस ने प्रारंभ में संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों से भारतीयों की समस्याएँ उठाईं, लेकिन आगे चलकर यही संस्था स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बनी।

1896 के कोलकाता अधिवेशन में “वंदे मातरम्” का पहली बार गायन भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में भावनात्मक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना। यह गीत केवल एक रचना नहीं रहा, बल्कि देशभक्ति, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण का मंत्र बन गया। इसने जनता को भावनात्मक रूप से जोड़ा और स्वतंत्रता संघर्ष को जन-आंदोलन में बदलने में अहम भूमिका निभाई।

इस प्रकार, ये दोनों घटनाएँ भारत के स्वतंत्रता संग्राम की वैचारिक और भावनात्मक आधारशिला मानी जाती हैं।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1668 – मराठा शासक शिवाजी के पुत्र संभाजी की मुग़ल शासक औरंगजेब द्वारा कैद में यातना देने के कारण मौत हो गयी।

1767 – किंग ताकसिन थाईलैंड के राजा बने तथा उन्होंने थोनबुरी को अपनी राजधानी बनाया।

1836 – स्पेन ने मेक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता दी।

1885 – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन बंबई में हुआ, जिसमें 72 प्रतिनिधि शामिल हुए।

1896- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में पहली बार वन्दे मातरम गाया गया।

1906 – दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर ने अपना दूसरा उदारवादी संविधान अंगीकार किया।

1908 – इटली के मेसिना में भूकंप से करीब 80 लोग मारे गये।

1926- इंपिरियल एयरवेज ने भारत और इंग्लैंड के बीच यात्री और डाक सेवा शुरू की।

1928- कोलकाता में पहली बार बोलती फ़िल्म मेलोडी ऑफ लव प्रदर्शित हुई।

1942 – रॉबर्ट सुलिवन पहले पायलट बने , जिन्होंने अटलांटिक महासागर के ऊपर एक सौ बार उड़ानें भरी।

1950 – द पीक डिस्ट्रिक्ट ब्रिटेन का पहला राष्ट्रीय पार्क बना।

1957 – सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।

1966 – चीन ने लोप नोर में परमाणु परीक्षण किया।

1974 – पाकिस्तान में 6.3 तीव्रता के भूकंप में 5200 मरे।

1976 – अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।

1984 – राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में जीत मिली।

1995 – पोलैंड के अन्वेषक मारके कार्मिस्की एक ही वर्ष में उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुवों पर झंडा फहराने वाले पहले व्यक्ति बने, विश्व सिनेमा का दूसरी सदी में प्रवेश।

2000 – भारतीय डाक विभाग द्वारा वीरता पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में पांच डाक टिकटों के सेट में 3 रुपये का एक सचित्र डाक टिकट जारी किया गया।

2003 – इस्रायल ने कज़ाकिस्तान के बैंकानूर अंतरिक्ष स्टेशन से दूसरा वाणिज्य उपग्रह छोड़ा।

2003 – अमेरिका में ब्रिटेन के कुछ विमानों में स्काई मार्शल यानी सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया।

2007 – रूस ने ईरान के बुशेहर विद्युत संयंत्र के लिए परमाणु ईधन की दूसरी खेप खेप भेजी।

2008- अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि और साहित्यकार प्रो. सुरेश वात्स्यायन का निधन हो गया।

2013 – आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनायी।

जन्म

1932 – धीरूभाई अंबानी – भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति।

1932 – नेरेला वेणु माधव – भारतीय मिमिक्री कलाकार थे।

1900 – गजानन त्र्यंबक माडखोलकर – मराठी उपन्यासकार, आलोचक तथा पत्रकार थे।

1937 – रतन टाटा- भारतीय उद्योगपति।

1952 – अरुण जेटली- भारतीय राजनेता।

निधन

1972 – चक्रवर्ती राजगोपालाचारी- वकील, लेखक, राजनीतिज्ञ और दार्शनिक।

1974 – हीरा लाल शास्त्री – प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री।

1977 – सुमित्रानंदन पंत- हिन्दी कवि।

2003 – कुशाभाऊ ठाकरे – 1998 से 2000 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

2007 – शान्ता राव – प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगनाओं में से एक थीं।

2016 – सुंदर लाल पटवा – भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व 11वें मुख्यमंत्री थे।

2023 – विजयकान्त – भारतीय राज्य तमिलनाडु में सबसे पसंदीदा अभिनेता और राजनेताओं में से एक थे।

महत्वपूर्ण दिवस

केन्द्रीय आरक्षी पुलिस दिवस

हेरोइन तस्करी मामले में नाइजीरियाई सप्लायर एएनटीएफ ने दिल्ली से किया गिरफ्तार

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मथुरा, 26 दिसम्बर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ आगरा) ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हेरोइन तस्करी गिरोह का शुक्रवार दोपहर पत्रकारों के सामने खुलासा किया है। आगरा जोन की एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट ने इस मामले में नाइजीरिया के नागरिक को दिल्ली से गिरफ्तार किया है, जो मथुरा सहित कई जिलों में हेरोइन की सप्लाई कर रहा था।

ज्ञात हो कि इस पूरे मामले की शुरूआत 8 अक्टूबर 2025 को मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र से हुई थी। नौहझील पुलिस द्वारा बाजना कट के पास चैकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों वकार और फैजल को करीब एक किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और आगे की विवेचना एएनटीएफ आगरा जोन को सौंपी गई। विवेचना के दौरान आरोपितों ने खुलासा किया कि उन्हें हेरोइन की सप्लाई एक नाइजीरियाई नागरिक द्वारा की जाती थी, जो दिल्ली में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। एएनटीएफ टीम ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल डेटा विश्लेषण और अन्य भौतिक साक्ष्यों के आधार पर मुख्य सप्लायर की पहचान की।

मुख्य आरोपित की पहचान इके प्रिंस (41) पुत्र इके चुकु निवासी लागोस (नाइजीरिया) के रूप में हुई। आरोपित वर्तमान में दिल्ली के फतेहपुर बेरी, असोला क्षेत्र में रह रहा था। 25 दिसम्बर को एएनटीएफ आगरा जोन की टीम ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित नाइजीरियाई नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहा था। उसके पास न तो वैध पासपोर्ट था और न ही वीजा। इस कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ-साथ विदेशी अधिनियम के अंतर्गत भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तारी के उपरांत जाँच में यह ज्ञात हुआ कि अभियुक्त आईके प्रिंस एक विदेशी नागरिक है और वह बिना किसी वैध पासपोर्ट अथवा वीज़ा के अवैध रूप से भारत में निवास कर रहा था। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) टीम में हवेंद्र मिश्रा टीम प्रभारी, उनि गौरव शर्मा एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट आगरा जोन आगरा। सुधीर कुमार एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट आगरा, अजीत सिंह एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट, आरक्षी वसीम अकरम एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट, चालक मुकेश चन्द्र एएनटीएफ ऑपरेशनल आदि शामिल रहे।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वैश्विक हिंदू प्रेरणा महोत्सव को संबोधित किया

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अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि जब देश कोरोना की दूसरी लहर से गुजर रहा था, उस समय पूज्यश्री द्वारा लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट्स ने न केवल लाखों लोगों के जीवन को बचाया, बल्कि उनका उपयोग आज भी अनेक अस्पतालों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय प्रत्येक अनुयायी को धर्ममय और अनुरागपूर्ण जीवन की प्रेरणा देता है, साथ ही शांति, संतुलन और अस्तित्व के त्रिवेणी संस्कार को भी पुष्टिमार्गियों के मन में स्थापित करता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 21 से 29 दिसंबर, 2025 के दौरान वडोदरा, विश्व की वैष्णव राजधानी के रूप में उभरकर सामने आएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान विश्व के 25 देशों से आए वैष्णव एक ही मंच पर, एक ही भावना और एक ही भक्ति भाव के साथ कथा का अमृत पान करेंगे, जिससे निश्चित रूप से आने वाले समय में सेवा के सभी क्षेत्रों में लाभ होगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पूज्यश्री व्रजराज कुमारजी महाराज जी के नेतृत्व में इस महोत्सव के दौरान पाँच बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तनावमुक्त विश्व, भूखे को भोजन, हर घर गौ सेवा, हिंदू विद्यालय परियोजना और राष्ट्र सेवा परियोजना रूपी इन पाँच परियोजनाओं के माध्यम से न केवल देशवासियों में धर्म के प्रति अनुराग दृढ़ होगा, बल्कि “नर ही नारायण है” के सेवा भाव को पुनः स्थापित करने में भी यह अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि पूज्यश्री ने अपने 15 वर्षों की यात्रा में 15 से अधिक देशों और 46 से अधिक शहरों में लाखों समर्पित स्वयंसेवकों को गति देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मात्र 39 वर्ष की आयु में 25 देशों में पुष्टिमार्ग की ध्वजा फहराने का कार्य और पाँच लाख से अधिक लोगों को ब्रह्मसंबंध देकर आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का पुण्य कार्य पूज्यश्री के करकमलों से ही संपन्न हुआ है। श्री शाह ने कहा कि धर्म, करुणा, सेवा और समाज के साथ धर्म को जोड़ने का पूज्यश्री का यह पुरुषार्थ निश्चय ही अत्यंत महान है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि “वैष्णव जन तो तेने कहिए जो पीर पराई जाणे रे” की उक्ति को चरितार्थ करते हुए पूज्यश्री द्वारा शुरू किए गए ये 5 प्रोजेक्ट आने वाले समय में भारत और संपूर्ण विश्व के पुष्टिमार्गियों के लिए अनुकरणीय सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति में कथा का अर्थ है मन की शुद्धि, विवेक का जागरण और जीवन की दिशा का परिवर्तन और स्वकेंद्रित जीवन से समाजकेंद्रित जीवन की ओर अग्रसर होना। श्री शाह ने कहा कि पूज्यश्री व्रजराज कुमार जी महाराज जी ने इस परंपरा को विश्व के अनेक स्थानों पर पुनर्जीवित किया है। आठ देशों में 250 से अधिक कथाओं के माध्यम से उन्होंने लाखों अनुयायियों को जोड़ा है और पाँच लाख से अधिक लोगों के ब्रह्म से जुड़ने का माध्यम बने हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘जीवन की सुगमता’ को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार ‘जीवन सुगमता’ को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में सुधारों की गति और भी तेज होगी। श्री मोदी ने एक्स पर एक श्रृंखला भी साझा की जिसमें दिखाया गया है कि उनकी सरकार ने इस दिशा में किस प्रकार से कार्य किया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा:

“हमारी सरकार जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और नीचे दिए गए लेख में हमने इस दिशा में किए गए कार्यों के उदाहरण दिए हैं। आने वाले समय में हमारी सुधार यात्रा और भी अधिक उत्साह के साथ जारी रहेगी।”

सैंटाक्लाज का बुत तोड़ने को गलत बताया

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अपनी जनतादल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मार्य ने छततीसगढ के रायपुर में सैंटाक्लाज का बुत तोड़ने को गलत बतााया।

उन्होने एक टविट में उत्तर प्रदेश के बरेली व लखनऊ में चर्च के सामने हनुमान चालीसा पढ़ना, धर्म नहीं, अपितु धर्म के नाम पर गुंडागर्दी एवं दहशत पैदा करना धार्मिक कट्टरवादिता व आतंक का प्रर्याय है। यही हनुमान चालीसा यदि अपने घरों व मन्दिरों में पढ़ा जाता तो वह धर्म और आस्था होता। ऐसी आतंकी हरकत करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि क्रिसमस मनाने वाले देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों की रोजी रोटी चलती है, कही आपके कुकृत्यो का खामियाजा उन्हें ना उठाना पड़े।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन लखनऊ में 27 से

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 मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश  योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में दिनांक 27 एवं 28 दिसंबर 2025 को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन पुलिस मंथन आयोजित किया जा रहा है। इसमें आमजन-केन्द्रित पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ करने, तकनीक-समर्थ व आधुनिक पुलिस व्यवस्था विकसित करने तथा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं तत्पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर अलग-अलग सत्रों में प्रस्तुतीकरण दिए जाएंगे।

पुलिस मंथन में उक्त प्रस्तुतीकरण को 11 अलग-अलग सत्रों में विभाजित किया गया है। सत्रों का प्रस्तुतीकरण 11 वरिष्ठ नोडल आईपीएस अधिकारी एवं उनके सहयोगी 45 पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाएगा । 
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को संबोधित करते हुए श्री राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ने कहा कि, पुलिस मंथन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि एक सुविचारित, लक्ष्य-आधारित और भविष्य को ध्यान में रखकर की गई पहल है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पेशेवर, जवाबदेह और आमजन-केंद्रित बनाना है।

प्रस्तुतीकरण के 11 अलग-अलग सत्र का विवरण निम्नवत है:-

दिनांक 27-12-2025 (शनिवार) पूर्वाह्नन सत्र

• सत्र- 01 में Beat Policing विषय के पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।
• सत्र- 02 में Crime Against Women, Children and Human Trafficking विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।
• सत्र- 03 में Police Station Management and Upgradation विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।

दिनांक 27-12-2025 (शनिवार) अपराह्न सत्र

• सत्र- 04 में Cyber Crimes विषय के पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
• सत्र- 05 में Human Resource Development, Welfare, Police Behavior and Training विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
• सत्र- 06 में Prosecution and Prisons विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
• सत्र- 07 में CCTNS 2.0, Nyay Sanhita and Forensics विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।
दिनांक 28-12-2025 (रविवार) पूर्वाह्नन सत्र

• सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।
• सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।
• सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges like Social Media/NGOs and Nepal Border विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।
• सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा ।

दिनांक 28-12-2025 (रविवार) अपराह्न सत्र
• उत्तम प्रथाओं(Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र

सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह- 2026 के लिए तय किया गया ‘जीरो फेटेलिटी’ का लक्ष्य

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परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और सूचना विभाग समन्वित रूप से चलाएगा प्रदेशव्यापी अभियान

नो हेलमेट, नो फ्यूल का चलेगा प्रदेशव्यापी अभियान, दोपहिया वाहन चालकों को किया जाएगा जागरूक

लखनऊ- 26 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य करने के लक्ष्य के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को ‘जीरो फेटेलिटी माह’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह- 2026, एक जनवरी से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगा । इस दौरान प्रदेश का परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और सूचना विभाग सहित सभी संबंधित स्टेकहोल्डर विभागों को समन्वित रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में प्रदेश के सभी जनपदों में 25 दिसंबर से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सड़क सुरक्षा माह के दौरान चलाये जाने वाले विशेष अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

प्रदेश में 363 हाई रिस्क कॉरिडोर चिह्नित, होगी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई

सीएम के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में जीरो फेटेलिटी के लक्ष्य को पाने के उद्देश्य से प्रदेश के परिवहन एवं पुलिस विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस क्रम में प्रदेश में 363 हाई रिस्क कॉरिडोर चिह्नित किये हैं, जहां सख्त प्रवर्तन अभियान चलाये जाएंगे। इसके साथ ही पहले से चल रही जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत चुने गये 20 जनपदों में 233 क्रिटिकल पुलिस थाना क्षेत्रों का चयन किया गया है। जिनमें विशेष अभियान चलाकर दुर्घटनाओं पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, लेन उल्लंघन, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट व सीट-बेल्ट न पहनने, रिफ्लेक्टर टेप, फॉग लाइट, बिना परमिट व बिना फिटनेस संचालित वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।

स्वास्थ्य विभाग कर रहा इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल में सुधार

जनवरी माह में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” का प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा, ताकि दोपहिया चालकों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित की जा सके। रोड एक्सीडेंट से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लायी जा सके। लोक निर्माण विभाग व अन्य रोड ओनिंग एजेंसियों को चिह्नित किये गये 1484 ब्लैक स्पॉट्स पर अल्पकालिक सुधार कार्यों जैसे- रोड मार्किंग, साइनेज और क्रैश बैरियर लगाने का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल सुधारने, एएलएस एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने तथा ट्रॉमा केयर सेंटरों में गैप, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर की कमी दूर करने के जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं।

शिक्षा और सूचना विभाग चलायेगा जागरूकता अभियान

पंचायती राज विभाग, प्रत्येक ग्राम सभा में सड़क सुरक्षा पर बैठकें आयोजित करेगा, जो ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाली सड़कों पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के जरूरी इंतजाम को सुनिश्चित करेगीं। तो वहीं शिक्षा विभाग स्कूलों में चित्रकला, भाषण और नाटक प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा, जबकि सूचना विभाग परिवहन विभाग के साथ मिलकर यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार का कार्य को अंजाम देगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन समन्वित प्रयासों से विशेषकर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह, जनवरी 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जाए और सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो फेटेलिटी’ के सपने को साकार किया जा सके। साथ ही इस अभियान को आगे भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री याेगी का निर्देश : माघ मेला में मुख्य स्नान पर्वों पर नहीं मिलेगा वीआईपी प्रोटोकॉल

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माघ मेला सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, 26 दिसंबर (हि.स.)।मुख्यमंत्री याेगीआदित्यनाथ ने निर्देश दिए है कि माघ मेला में मुख्य स्नान पर्वों पर वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं मिलेगा । मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का सजीव उदाहरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परंपरा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। इस वर्ष 15 से 25 लाख श्रद्धालु केवल कल्पवासी होंगे। महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला-2026 को लेकर देश और दुनिया में विशेष उत्साह है। यह मेला समाज को संयम, समरसता और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या असुविधा न हो। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल न दिया जाए, इन संबंध में आवश्यक सूचना जारी कर दी जानी चाहिए।

बैठक में मंडलायुक्त प्रयागराज ने बताया कि माघ मेला-2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। इस दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। पूरे मेला काल में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जा रही हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि मेला क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर लगभग 800 हेक्टेयर किया गया है। सेक्टरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। स्नान घाटों की कुल लंबाई में पिछले माघ मेले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल, 9 पांटून पुल, बेहतर आंतरिक सड़क व्यवस्था और सुगम आवागमन की विस्तृत कार्ययोजना पर काम अंतिम चरण में है।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने ट्रैफिक एवं क्राउड मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

पुलिस आयुक्त, प्रयागराज कमिश्नरेट ने बताया कि मेला अवधि के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। लगभग 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 250 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस एवं क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मेले में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय का भुगतान प्रत्येक दशा में 15 दिवस के भीतर कर दिया जाए। नगर विकास विभाग को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे गंगा-यमुना की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में बताया गया कि मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो अस्पताल, 12 प्राथमिक उपचार केंद्र, 50 एंबुलेंस तथा आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।

ट्रायल के दौरान धराशाई हुआ बिहार में रोहतासगढ़ रोपवे

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डेहरी इन सोन, 26 दिसंबर (हि.स.)। बिहार में रोहतास जिले के नगर पंचायत रोहतास से कैमूर पहाड़ी स्थित रोहतासगढ़ स्थित रोहितेश्वर धाम तक निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का ऊपरी स्टेशन और उससे जुड़ा टावर ट्रायल के दौरान अचानक धराशाई हो गया।

इस हादसे में ट्रायल में लगी चार बोगियां क्षतिग्रस्त हो गईं।मौके पर काम कर रहे मजदूर और कारीगर समय रहते इधर-उधर भाग गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुल निर्माण निगम ने इस घटना कि जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया हैँl

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मात्र चार डब्बों का भार टावर सहन नहीं कर सका, तो भविष्य में 12 डब्बों के संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।

पूर्व मुखिया संतोष कुमार भोला ने कहा कि यह रोहतास नगर पंचायत के लिए दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। रोपवे की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची है।

डीएम उदिता सिंह ने बताया कि आज रोहतास जिले में रोपवे से संबंधित घटित घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह द्वारा एक जांच समिति का गठन किया गया है।

उन्होने बताया कि जांच समिति को निर्देश दिया गया है कि वह घटना के सभी पहलुओं—तकनीकी, प्रशासनिक एवं मानवीय कारणों—की विस्तृत जांच करते हुए यह स्पष्ट करे कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, क्या मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया गया था तथा कहीं कोई लापरवाही या तकनीकी त्रुटि तो नहीं रही। समिति को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि संबंधित को निर्देश दिया है कि वे जांच समिति को आवश्यक सभी दस्तावेज, तकनीकी विवरण एवं सहयोग उपलब्ध कराएं।

जिला प्रशासन आमजनों को आश्वस्त करता है कि इस मामले में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

विदेश यात्रा करना मूलभूत अधिकार, पासपोर्ट नवीनीकरण कराने के लिए रिलीज करने के आदेश

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जयपुर, 26 दिसंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि विदेश यात्रा करने का अधिकार संविधान की ओर से दिए गए मूलभूत अधिकार में शामिल है। ऐसे में याचिकाकर्ता के पासपोर्ट को जब्त रखना उसके जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होगा। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता का पासपोर्ट जारी करने के आदेश देते हुए याचिकाकर्ता को कहा है कि वह इसके नवीनीकरण के बाद कोर्ट में जमा कराएगा और बिना अनुमति देश नहीं छोडेगा। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश चरण सिंह की आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता संबंधित अदालत की अनुमति के बिना विदेश गया, ऐसे में उसके इस कृत्य को उचित नहीं कहा जा सकता। याचिकाकर्ता जेल में रहा है और उसके परिवार के सदस्य विदेश में रह रहे हैं। ऐसे में उसे पासपोर्ट की जरूरत है। इसलिए पासपोर्ट जब्त करने के आदेश को रद्द किया जाता है। याचिका में अधिवक्ता पीयूष नाग के अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। वहीं उसे अग्रिम जमानत इस शर्त पर मिली थी कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोडेगा। इस दौरान अमेरिका में रह रहे बेटों के बीच पैदा हुए विवाद का निपटारा करने के लिए उसे विदेश यात्रा करनी पडी। वहीं संबंधित अदालत ने उसके पासपोर्ट को जब्त करने के आदेश दे दिए। याचिकाकर्ता के वापस लौटने पर उसकी जमानत जब्ती और गिरफ्तारी हुई। वहीं बाद में समान शर्त पर उसे नियमित जमानत मिली। याचिका में कहा गया कि उसके खिलाफ लंबे समय से सुनवाई चल रही है और पासपोर्ट जब्त होने के कारण उसका नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसका पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए जारी करने को कहा है।