कठुआ के बिलावार इलाके में आतंकवादियों−सुरक्षा बलों में मुठभेड़

0

जम्मू, 13 जनवरी (हि.स.)। जम्मू संभाग के कठुआ जिले के बिलावार इलाके में मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है।

सूत्रों के अनुसार आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी हुई। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल इलाके में भेजे गए। क्षेत्र में फिलहाल मुठभेड़ जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में चलाया जा रहा है और सुरक्षा बल आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

गुजरात की पहली बीएसएल-4 लैब बनेगी देश को गेमचेंजर :अमित शाह

0

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने गांधीनगर में देश की पहली अत्यधुनिक बीएसएल-4 लैब का किया शिलान्यास

गांधीनगर, 13 जनवरी (हि.स.)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात की पहली बीएसएल-4 लैब देश के लिए गेमचेंजर बनेगी। आज प्रदेश की धरती से भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा और बायो-सेफ्टी क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह मंगलवार को गांधीनगर में राज्य सरकार से संचालित देश की पहली अत्यधुनिक ‘बायो-सेफ्टी लेवल-4’ (बीएसएल-4) लैब और एनिमल बायो-सेफ्टी लेवल सुविधा का शिलान्यास करने के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अमित शाह ने कहा कि गुजरात में इस लैब के शुरू होने से भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा और बायो-सेफ्टी क्षेत्र में एक नए युग की शुभारंभ हुआ है।उन्होंने कहा कि पुणे के बाद यह देश की दूसरी हाई-लेवल लैब है, लेकिन राज्य सरकार की पहल से यह देश की पहली बीएसएल-4 लैब बनेगी। यह लैब भविष्य में जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए भारत का मजबूत सुरक्षा कवच सिद्ध होगी। 362 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह लैब गृह मंत्री शाह के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में बनाई जाएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक राष्ट्र विकास का आधार स्तंभ हैं। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैब शोधकर्ताओं और युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी। खासतौर पर पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए ‘वन हेल्थ मिशन’ को इससे मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की बायो-इकोनॉमी 10 बिलियन डॉलर थी, जो 2024 में बढ़कर 166 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई है। स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 10 हजार से ज्यादा हो चुकी है। पेटेंट फाइलिंग और निजी निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि भारत के युवा अब जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब गिवर बन रहे हैं। शाह ने कहा कि इस लैब के शुरू होने से अब सैंपल जांच के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बल मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्ष 2027 तक भारत बायो-टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होगा।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री के हेल्थ केयर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के विजन का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बीएसएल-4 लैब के संचालन से हाई रिस्क वायरस पर राज्य में ही शोध संभव होगा और समय पर सटीक निदान उपलब्ध होगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि यह लैब गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय जैव-प्रौद्योगिकी विभाग ने गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग को आशय पत्र (एलओआई) सौंपा गया, जिसके तहत गुजरात बायो-टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर की इस सुविधा को ‘नेशनल सेंटर फॉर हाई कंटेनमेंट पैथोजन रिसर्च फैसिलिटी’ के रूप में नामित किया गया।

इस अवसर पर गांधीनगर की महापौर मीराबेन पटेल, सांसद हसमुखभाई पटेल, हरिभाई पटेल, मयंकभाई नायक, विधायक रीटाबेन पटेल, अल्पेश ठाकोर, भारत सरकार के बायो-टेक्नोलॉजी सचिव राजेश गोखले, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

देश को जल्द मिलेगी 9 नई अमृत भारत ट्रेन की सौगात

0

पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक लाभ

नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को घोषणा की है कि भारतीय रेलवे जल्द ही 9 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेगा। रेल मंत्री द्वारा घोषित रूटों के अनुसार, 9 में से 7 अमृत भारत एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल से शुरू होंगी या पश्चिम बंगाल को जोड़ेंगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा कर इन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के प्रस्तावित रूटों की जानकारी दी है। असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिलेंगी। इनमें पहली ट्रेन कामाख्या (असम) से रोहतक (हरियाणा) के बीच चलेगी, जिससे पूर्वोत्तर का सीधा संपर्क हरियाणा और उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से स्थापित होगा। दूसरी ट्रेन डिब्रूगढ़ (असम) से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) को जोड़ेगी, जिससे असम का संपर्क उत्तर प्रदेश जैसे बड़े आबादी वाले राज्य से मजबूत होगा।

घोषित ट्रेनों में पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक लाभ मिलने जा रहा है। कुल मिलाकर बंगाल से या बंगाल होकर सात से अधिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी से तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल तक दो लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं, जो पूर्वी भारत को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ेंगी। इसके अलावा अलीपुरद्वार से एसएमवीटी बेंगलुरु (कर्नाटक) और अलीपुरद्वार से मुंबई/पनवेल (महाराष्ट्र) के बीच भी अमृत भारत एक्सप्रेस चलेगी, जिससे बंगाल का संपर्क देश के आईटी और आर्थिक केंद्रों से होगा।

पश्चिम बंगाल से दक्षिण भारत को जोड़ने वाली एक अन्य महत्वपूर्ण सेवा कोलकाता (संतरागाछी) से तांबरम (तमिलनाडु) के बीच प्रस्तावित है। वहीं, हावड़ा (कोलकाता) से आनंद विहार टर्मिनल (नई दिल्ली) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू होने से पूर्वी भारत और राष्ट्रीय राजधानी के बीच सीधी और तेज रेल सेवा उपलब्ध होगी। इसके अलावा सियालदह (कोलकाता) से बनारस (उत्तर प्रदेश) के बीच प्रस्तावित ट्रेन से धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों का आपसी संपर्क मजबूत होगा।

घोषित रूटों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि इन नई सेवाओं का सबसे अधिक लाभ पश्चिम बंगाल को मिला है, जबकि असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों की रेल कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी।

इन रूटों के जरिए पश्चिम बंगाल का सीधा रेल संपर्क दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), उत्तर प्रदेश (बनारस), महाराष्ट्र (मुंबई/पनवेल), कर्नाटक (एसएमवीटी बेंगलुरु) और तमिलनाडु (तिरुचिरापल्ली, नागरकोइल और तांबरम) से स्थापित होगा। इससे राज्य का संपर्क उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख शहरी व आर्थिक केंद्रों से और मजबूत होगा।

घोषित रूटों में पूर्वोत्तर और असम को भी अहम कनेक्टिविटी मिली है। कामाख्या (असम)–रोहतक (हरियाणा) और डिब्रूगढ़ (असम)–लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के बीच प्रस्तावित अमृत भारत एक्सप्रेस से पूर्वोत्तर क्षेत्र का सीधा संपर्क उत्तर भारत से स्थापित होगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन रूटों के माध्यम से पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु आपस में सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। घोषित कनेक्टिविटी से संकेत मिलता है कि रेलवे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने पर विशेष जोर दे रहा है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन और संपर्क को मजबूती मिलेगी।

पतंगबाजी प्रतियोगिता:आसमानी जंग’ में बनारस काइट क्लब चैंपियन

0

—फायर काइट को 4-0 से दिया पटखनी,बंटी और शुभम बने काशी के ‘पतंग सम्राट’

वाराणसी, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के उस पार रेती में मंगलवार को खुले नीले आसमान में दो दिनों से जारी रंग-बिरंगी पतंगों के जंग में बनारस काइट क्लब की शानदार जीत हुई। इसी के साथ पतंगबाजी प्रतियोगिता में सेमीफाइनल के उतार-चढ़ाव और फाइनल के रोमांचक पेंच के बीच ‘भाक्काटे’ (पतंग कटने के बाद स्थानीय भाषा में कहा जाने वाला शब्द) का शोर भी गूंजता रहा। खिताबी मुकाबले में बनारस काइट क्लब ने जबरदस्त कौशल दिखाते हुए फायर काइट क्लब को एकतरफा 4-0 से हराकर विजेता की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

​दूसरे दिन पहले दौर में सेमीफाइनल के मुकाबले खेले गए। पहले सेमीफाइनल में बनारस काइट क्लब ने अपनी सधी हुई डोर और कलाबाजी से एयर लाइन्स काइट क्लब को बाहर का रास्ता दिखाया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में फायर काइट क्लब और स्काई लाइन काइट क्लब के बीच कांटे की टक्कर हुई, जिसमें हवा के रुख का सही अंदाजा लगाते हुए फायर काइट क्लब ने फाइनल में जगह बनाई। ​वहीं, फाइनल मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर था, लेकिन बनारस काइट क्लब के बंटी और शुभम की जोड़ी के आगे प्रतिद्वंद्वी टिक नहीं सके। अपनी महारत का लोहा मनवाते हुए बनारस क्लब ने प्रतिद्वंद्वी फायर काइट क्लब की पतंगों को एक के बाद एक चार बार काटा और 4-0 की अजेय बढ़त के साथ चैंपियन बने।

समापन समारोह में वाराणसी महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विजेताओं को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें बनारस काइट क्लब के बंटी व शुभम को प्रथम पुरस्कार, फायर काइट क्लब के समीर को द्वितीय पुरस्कार तथा एयर लाइन्स काइट तृतीय पुरस्कार पुरस्कार देकर सम्मानित किया । वहीं प्रथम को 51 हजार, द्वितीय को 21 हजार तथा तृतीय को 11 हजार रुपये पुरस्कार राशि 14 जनवरी को नगर निगम कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान करने की घोषणा की। विजेता टीम के शानदार प्रदर्शन से गदगद होकर आयोजन स्थल पर ही पार्षदों और समाजसेवियों ने नकद पुरस्कारों की झड़ी लगा दी। अजय शंकर तिवारी ‘गुड्डू’ व पार्षद विजय द्विवेदी ने 2500-2500, शंभू निषाद ने 2100, अजय त्रिवेदी ने 2000, सत्यनारायण साहनी ने 1500, जगन्नाथ ओझा ने 1100 तथा सोमनाथ यादव ने 1000 रुपये का नकद पुरस्कार देकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

अब राष्ट्रीय स्तर पर सजेगा पतंगबाजी का महाकुंभ: महापौर

गंगा पार की रेती पर पतंगबाजी के सफल आयोजन के बाद महापौर अशोक कुमार तिवारी ने भविष्य के लिए बड़ा विजन साझा किया है। उन्होंने घोषणा की कि “काशी की पतंगबाजी की परंपरा को वैश्विक पटल पर ले जाएंगे। अगले वर्ष से यह आयोजन केवल स्थानीय न होकर ‘नेशनल इवेंट’ बनेगा। युवा रील की आभासी दुनिया छोड़ मैदान के रोमांच से जुड़ें, इसके लिए हम पुरस्कार राशि में दस गुना वृद्धि कर रहे हैं। महापौर ने बताया कि अगले वर्ष होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से देशभर के दिग्गज पतंगबाजों को काशी आमंत्रित किया जाएगा।

मोबाइल के चक्कर में अपनी जड़ों को न भूलें युवा: उपसभापति

इस अवसर पर नगर निगम के उपसभापति नरसिंह दास ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, तकनीक और मोबाइल के इस दौर ने हमारे पारंपरिक आउटडोर खेलों को हाशिए पर धकेल दिया है। आज का युवा मैदान की ताजी हवा और पतंगबाजी जैसे रोमांचक खेलों के बजाय बंद कमरों में स्क्रीन पर समय बिताना ज्यादा पसंद कर रहा है। यह न केवल हमारी शारीरिक सेहत के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इससे हमारी सांस्कृतिक विरासत भी विलुप्त हो रही है। पतंगबाजी जैसे आयोजन हमें फिर से मैदानों की ओर लौटने और अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश देते हैं। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए इन पारंपरिक खेलों को सहेज कर रखना होगा । समापन समारोह में पार्षद, राम गोपाल, इंद्रेश सिंह, सुशील गुप्ता, प्रवीन राय, श्रवण गुप्ता, अमरेश गुप्ता, भाजपा मंडल अध्यक्ष सोमनाथ यादव, जगरन्नाथ ओझा आदि की उपस्थिति रही।

 ओपन कास्ट खदान में अवैध रूप से कोयला निकालते तीन की मौत,दो घायल

0

आसनसोल, 13 जनवरी (हि. स.)। कुल्टी थाना क्षेत्र के बोडरा इलाके में मंगलवार सुबह बीसीसीएल की एक ओपन कास्ट खदान में अवैध रूप से कोयला निकालने के दौरान अचानक जमीन धंस गई। इस घटना में गीता बाउरी (लक्ष्मणपुर), सुरेश बाउरी (कन्यापुर), टीपू मल्लिक (लालबाजार) की मृत घोषित किया गया। वहीं, दो लोग सुभाष मलिक, गोविंदा बाउरी गंभीर रुप से घायल है जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस हादसे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुबह के समय कुछ लोग खदान के भीतर अवैध तरीके से कोयला निकाल रहे थे। इसी दौरान खदान की कमजोर दीवार और ऊपर जमी मिट्टी अचानक धंस गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में एक महिला भी शामिल है।

कुल्टी ब्लॉक यूथ तृणमूल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शुभाशीष मुखर्जी ने बताया कि सुबह आठ बजे के करीब घटना की जानकारी मिली। वह भी बोडरा गांव के ही निवासी हैं। उस वक्त वह ड्यूटी पर थे लेकिन घटना की जानकारी पाते ही तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां पुलिस तथा सीआईएसएफ के जवान भी पहुंच चुके थे।

सड़क से लगभग ढाई सौ फीट नीचे माइंस में खदान से कोयला निकालने गए कुछ मजदूर के ऊपर चल गिर गया जिसमें वह फंस गए थे। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। दो लोगों को जिंदा निकाला गया। सूचना मिली है कि तीन से चार लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं।

—————

वाहन स्क्रैपिंग में उत्तर प्रदेश बना देश का नंबर एक राज्य

0

94 हजार से अधिक पुराने वाहन हुए नष्ट

-देश में सबसे ज्यादा 45 आरवीएसएफ केंद्र यूपी में संचालित, इसके बाद हरियाणा और राजस्थान

-प्रदूषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं यूपी के आरवीएसएफ केंद्र

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। प्रदूषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वाहन स्क्रैपिंग में उत्तर प्रदेश देश का नंबर एक राज्य है। भारत सरकार के सड़क परिवहन और हाइवे मंत्रालय के डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार राज्य में दिंसबर 2025 तक लगभग 94,094 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं जो देश में स्क्रैप वाहनों की कुल संख्या का लगभग 42 प्रतिशत है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल का असर है ।

वाहन स्क्रैपिंग में उत्तरप्रदेशके बाद हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र का नंबर आता है। पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग की नीति न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि आधुनिक, सुरक्षित और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उत्तर प्रदेश में हो रहा है सबसे ज्यादा आरवीएसएफ केंद्रों का संचालन

डैश बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक पूरे भारत में लगभग 3.94 लाख वाहन स्क्रैप हो चुके हैं जिनमें 1.65 लाख सरकारी और 2.29 लाख निजी/व्यावसायिक वाहन हैं। देश में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फेसेलिटी (आरवीएसएफ) केंद्रों के मामले में भी उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रदूषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के तहत प्रदेश में अब तक 84 आरवीएसएफ केंद्र खोले जा चुके हैं, जिनमें से 45 केंद्रों का सफल संचालन किया जा रहा है। इनमें वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से नष्ट करने से न केवल सड़कों पर प्रदूषण का स्तर कम हुआ है, बल्कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। आरवीएसएफ केंद्रों की संख्या के मामले में हरियाणा दूसरे स्थान पर है और उसके बाद राजस्थान और गुजरात का स्थान है।

पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की पुराने और अधिक प्रदूषण करने वाले वाहनों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने की नीति वर्तमान में देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। लेकिन इस मामले में यूपी की सक्रियता बेजोड़ है, जहां परिवहन विभाग स्क्रैपिंग का संचालन और निगरानी सीधे तौर पर करता है। परिवहन विभाग की यह नीति पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है।

हिमाचल में गैस सिलेंडर विस्फोट ,नेपाल के एक ही गांव के 9 की मौत

0

काठमांडू, 13 जनवरी (हि.स.)। भारत के हिमाचल प्रदेश के अर्की बाजार में गैस सिलेंडर विस्फोट की घटना में मारे गए सभी नौ लोग नेपाल के सल्यान जिले के टाकुरा स्थित सिद्धकुमाख गांवपालिका-2 के रहने वाले थे।

सिद्धकुमाख गांवपालिका–2 के वडाध्यक्ष मेकबहादुर बुढाथोकी ने मंगलवार को बताया कि यह घटना 11-12 जनवरी की मध्यरात्रि को हुई, जब टाकुरा के दो परिवारों के 9 लोग अपने कमरे में रखे गैस सिलेंडर के अचानक विस्फोट और उसके बाद लगी आग की चपेट में आ गए। मृतकों में 33 वर्षीय धनबहादुर विक, उनकी 32 वर्षीय पत्नी कविता विक, 16 वर्षीय बेटी राधा विक, 10 वर्षीय बेटी रेणुका विक और 22 माह का बेटा राजन विक शामिल हैं। इसी तरह दूसरे परिवार के 46 वर्षीय काशीराम विक, उनकी 32 वर्षीय पत्नी टीका विक, 11 वर्षीय बेटी अनु विक और 7 वर्षीय बेटा किरण विक की भी मौत हो गयी।

वडाध्यक्ष ने बताया कि जिन कमरों में वे सो रहे थे, वहीं रखा गैस सिलेंडर अचानक फट गया। विस्फोट के बाद लगी आग से आसपास के मकान भी जल गए। कुछ शव इस कदर जल गए हैं कि पहचान करना मुश्किल हो गया है।

धनबहादुर विक और काशीराम विक के परिवार पिछले दो वर्षों से रोज़गार के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार में रह कर मजदूरी का काम करते थे। एक ही गांव के 9 लोगों की मौत से सिद्धकुमाख गांवपालिका गहरे शोक में डूबी हुई है।

ईरान पर और सख्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ

0

ब्रसेल्स, 13 जनवरी (हि.स.)। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित दमन को लेकर यूरोपीय संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द ही नए प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा जाएगा।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान में लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या बेहद चिंताजनक और भयावह है। वॉन डेर लेयेन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग और स्वतंत्रतां पर जारी पाबंदियों की कड़ी निंदा की।

यूरोपीय आयोग अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यूरोपीय संघ पहले ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आरआरजीसी) को मानवाधिकार प्रतिबंधों की सूची में शामिल कर चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर यूरोपीय संघ की नीति में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने इससे पहले भी ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति फ्रीज करने जैसे कदम शामिल हैं। अब नए प्रतिबंधों के जरिए उन लोगों को निशाना बनाया जाएगा, जिन्हें विरोध प्रदर्शनों के दमन का जिम्मेदार माना जा रहा है।

सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनी ज्योत्सना पटेल

0

रायगढ़, 13 जनवरी (हि.स.)।मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में राज्य भर में विकास की नई राह प्रशस्त हो रही है। शासकीय योजनाओं का सही लाभ उठाकर आम लोग अपने जीवन को बेहतर बना रहे हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण हैं श्रीमती ज्योत्सना पटेल, जिन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाकर सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनने का साहसिक और प्रेरक कदम उठाया।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ विनोबानगर की श्रीमती ज्योत्सना पटेल पति-श्री राजाराम पटेल पहले एक सामान्य गृहणी थीं। उनका जीवन घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन उनकी मेहनत और सपनों की बड़ी इच्छा ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया। वर्ष 2024-25 में उन्हें राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 70 हजार रुपए की वित्तीय सहायता मिली। यह सहायता उनके लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि एक सपनों को सच करने का अवसर बन गई। उन्होंने नवम्बर 2024 में दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदी। ये गायें प्रतिदिन 20 लीटर दूध देती थीं। दूध बेचने से उन्हें प्रतिदिन 800 रुपये और प्रतिमाह लगभग 24 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होने लगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदलने का फैसला किया।

श्रीमती ज्योत्सना ने अपने छोटे व्यवसाय को बड़ी मेहनत और बुद्धिमानी से बढ़ाया। आज उनके पास 14 दुधारू गाय और 6 बछिया हैं। आज वह डेयरी से प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन कर रही है। इसके माध्यम से उन्हें प्रतिदिन 3-4 हजार रुपये तक की आमदनी होती है। उनके व्यवसाय की सफलता केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रही। जुलाई 2025 में उन्होंने सवा लाख रुपये की ई-बाइक खरीदी, जो उनके व्यवसाय और जीवन को और सुविधाजनक बना रही है। विभाग द्वारा समय-समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, डिवर्मिंग और उपचार सुविधा उपलब्ध कराए जाने से उनका व्यवसाय सुरक्षित और लाभकारी बना।

श्रीमती ज्योत्सना पटेल न केवल अपनी मेहनत से सफल उद्यमी बनी हैं, बल्कि वे महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल भी हैं। उनके साहस, दृढ़ संकल्प और मेहनत को देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय की ओर बढ़ रही हैं।

कर्तव्य पथ पर उप्र का परचम लहराएंगे 42 चयनित ग्राम प्रधान

0

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधान होंगे विशेष अतिथि

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। आगामी 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में उत्तर प्रदेश का भी परचम लहराएगा। प्रदेश स्तर पर चयनित 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है। ये प्रधान अपने जीवनसाथी व अभिभावकों के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह जानकारी प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को जारी बयान में दी।

पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदेश से 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को उनके जीवनसाथी अथवा अभिभावकों के साथ राष्ट्रीय परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए नामित किया गया है। उत्तर प्रदेश से कुल 93 प्रतिभागी इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करेंगे।

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि गांवों की मेहनत, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलना पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह आमंत्रण उन पंचायत प्रतिनिधियों के समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने विकास को जन-आंदोलन बनाया। यह सम्मान प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।