नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, सांसद और पूर्व केंद्रीयमंत्री रविशंकर प्रसाद के सरकारी आवास (मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड स्थित आवास संख्या 21) पर बुधवार सुबह 8ः05 बजे अचानक आग लग गई। दमकल विभाग ने इसकी पुष्टि की।
दमकल विभाग के अनुसार, शुरुआती कॉल में आग लगने की जगह कोठी नंबर-2 बताई गई। त्वरित जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि आग रविशंकर प्रसाद के आवास पर लगी है। दमकल विभाग की तीन गाड़ियां भेजी गईं। साथ ही दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी तुरंत सतर्क हो गया।
दमकल विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, आग घर के एक कमरे में रखे बिस्तर में लगी। इससे कमरे में भारी धुआं भर गया। दमकलकर्मियों ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 8:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
−केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति शुभकामनाएं दी
−शुभकामनाएं देने वालों में विपक्षी नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं। आज देशभर के पवित्र सरोवरों, कुओं और नदियों में डुबकी लगाने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट के धार्मिक स्थानों में भी लोग मकर संक्रांति की पूजा करने से पूर्व स्नान कर रहे हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति शुभकामनाएं दी हैं। शुभकामनाएं देने वालों में विपक्षी नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह व्हाट्स ऐप पर संदेश लिखा, ” सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्य देव सबका कल्याण करें।”
मकर संक्रांति पर चित्रकूट के भरतकूप पर पांच दिवसीय मेले की शुरुआत हो गई है। चित्रकूट के रामघाट पर स्नानार्थियों की भीड़ सुबह से जुटी है। भरतकूप पर पांच तीर्थों के पवित्र जल से स्नान की खास मान्यता है। रामचरित मानस के अयोध्याकांड की चौपाई- ” भरतकूप अब कहिहहिं लोगा, अतिपावन तीरथ जल योगा। प्रेम सनेम निमज्जत प्राणी, होईहहिं विमल कर्म मन वाणी।।” भरतकूप के महात्म का बोध कराती है।
चित्रकूट प्रभु श्रीराम वनवास काल में आए थे। तभी भरत अयोध्या की जनता के साथ भइया राम को मनाने यहां पधारे थे। साथ में राज्याभिषेक के लिए समस्त तीर्थों का जल भी लेकर आए थे। भगवान श्रीराम 14 साल वनवास के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ थे। अयोध्या वापस जाने और राज्याभिषेक से इनकार करने पर भरत निराश हो गए थे और श्रीराम के आदेश पर सभी तीर्थों का जल और सामग्री कूप में छोड़ दी थी। तब से इस कूप का नाम भरतकूप हो गया। मकर संक्रांति पर मंदाकिनी तट रामघाट, सूर्यकुंड, भरतकूप, वाल्मीकि आश्रम लालापुर, साईपुर. पालेश्वर नाथ पहाड़ी. मंदाकिनी-यमुना संगम स्थल कनकोटा, तुलसी जन्मस्थली राजापुर, परानू बाबा बरगढ़, शबरी जल प्रपात, मारकंडेय आश्रम में लोग स्नान के लिए जुटे हुए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में कहा कि ऊर्जा, उमंग और उत्साह के पर्व मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व सभी के जीवन में असीम खुशियाँ और समृद्धि लेकर आए। केंद्रीयमंत्री नितिन गडकरी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मकर संक्रांति का यह पावन पर्व सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि लेकर आए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मकर संक्रांति, उत्तरायण, माघ बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व नवचेतना, शुभ आरंभ और प्रकृति की शाश्वत लय के प्रतीक हैं। ये भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में गहराई से रचे-बसे हैं और एकता में विविधता, संतुलन व सामंजस्य को दर्शाते हैं।
अल्पसंख्यक मामलो के मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। सिक्योरिटी सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी आर्मर सिक्योरिटी इंडिया का 26.51 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 19 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 20 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 21 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 22 जनवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 55 रुपये से लेकर 57 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। आर्मर सिक्योरिटी इंडिया के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,28,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 46.50 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 0.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 46.88 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 47.10 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सौभाग्या कैपिटल ऑप्शंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काई लाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं एनएनएम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.62 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 3.97 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 में कंपनी को 2.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 28.97 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 33.10 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 36.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 19.69 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 85 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.80 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 6.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 2.24 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 6.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 9.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 3.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.67 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 4.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के अंत तक ये 4.30 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
कोलकाता, 14 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में निपा वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में निपा वायरस से संक्रमित दो नर्सों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। दोनों नर्स फिलहाल वेंटिलेशन पर हैं। इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की थी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।
घटना सामने आते ही राज्य सरकार हरकत में आ गई है। केंद्र सरकार की ओर से भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है। राज्य और केंद्र के स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बारासात के अस्पताल का निरीक्षण किया है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि दोनों नर्स कैसे संक्रमित हुईं और पिछले कुछ दिनों में वे किन-किन लोगों के संपर्क में आई थीं। दोनों नर्सों के परिवार और संपर्क में आए लोगों को भी मॉनिटरिंग में रखा गया है और उन्हें क्वॉरेंटाइन किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘संपर्क जांच’ का काम तेज कर दिया गया है। जिन लोगों का भी दोनों नर्सों से संपर्क रहा है, उनकी पहचान कर नमूने लिए जा रहे हैं और सभी को पृथकवास में रहने का निर्देश दिया गया है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बुधवार सुबह इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए कोलकाता के बेलियाघाटा संक्रामक रोग अस्पताल को पूरी तरह तैयार रखा गया है। अस्पताल में 10 आपातकालीन बेड और वार्ड में 68 बेड तैयार हैं। वेंटिलेशन की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।
अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य स्वपन समाद्दार ने बताया कि निपा वायरस को लेकर बैठक की जा चुकी है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन पूरी सावधानी बरतें। आधा खाया फल न खाएं, फल के रस की दुकानों से दूरी बनाए रखें और फल को गर्म पानी से धोकर ही सेवन करें।
सूत्रों के अनुसार, संक्रमित दोनों नर्स कुछ दिन पहले पूर्व बर्धमान जिले के कटवा भी गई थीं। वहां वे जिन लोगों के संपर्क में आई थीं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। अब तक 48 लोगों की पहचान की गई है और सभी की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पूरे मामले की निगरानी के लिए स्वास्थ्य भवन की ओर से एक विशेष टीम गठित की गई है और मानक कार्यप्रणाली तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक घबराहट न फैलाएं और सतर्क रहें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
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कैसे फैलता है निपा वायरस
चिकित्सकों के अनुसार निपा वायरस का मुख्य स्रोत चमगादड़ होते हैं। चमगादड़ों द्वारा खाए गए अधखाए फलों के माध्यम से यह वायरस फैल सकता है। कभी-कभी संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए गए सामान से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण सामान्य होते हैं, जैसे बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, पेट खराब होना, कमजोरी और भूख कम लगना। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने बताया कि निपा वायरस तेजी से नहीं फैलता, लेकिन इसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है, जो 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है। इसलिए हाथ साबुन से बार-बार धोना, फल और सब्जियां अच्छी तरह साफ कर खाना और अधखाए फल या ताजे रस से परहेज करना बेहद जरूरी है।
उत्तरकाशी के गंगा घाटों में बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी गंगा में स्नान कर पर्व मनाया।
कोलकाता, 14 जनवरी (हि. स.)। मकर संक्रांति के अवसर पर कोलकाता और हावड़ा सहित गंगा तटवर्ती इलाकों में बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। गंगा स्नान के लिए लोगों का उत्साह सुबह से दोपहर तक बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान और पूजा-अर्चना के लिए घाटों पर पहुंचे।गंगा सागर में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया।मकर संक्रांति के अवसर पर कड़ाके की ठंड के बावजूद उत्तरकाशी के गंगा घाटों में बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी गंगा में स्नान कर पर्व मनाया।
।हालांकि इस वर्ष मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त रात आठ बजे के बाद प्रारंभ होकर अगले दिन मंगलवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा, लेकिन परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को ही पर्व मनाए जाने के कारण श्रद्धालुओं ने सोमवार को गंगा स्नान किया। हावड़ा, हुगली, कोलकाता और उत्तर 24 परगना के अलावा नदिया समेत अन्य जिलों से भी लोग गंगा के दोनों तटों पर पहुंचे।
घाटों पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या मौजूद रही। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में पुरोहित भी मौजूद थे, जिन्होंने वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा और क्रियाकर्म संपन्न कराया।
पुरोहित भीम बनर्जी ने बताया कि परंपरा के अनुसार 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक का समय ‘खरमास’ माना जाता है, जिसे पितृपक्ष का ही एक हिस्सा माना जाता है। इस अवधि में शुभ कार्य नहीं किए जाते। मकर संक्रांति के दिन पुण्य स्नान के साथ यह अवधि समाप्त हो जाती है और इसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत की जाती है। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
उन्होंने बताया कि गंगासागर में स्नान का अपना अलग धार्मिक महत्व है, लेकिन मान्यता है कि राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को जिस गंगा से मुक्ति मिली, उस गंगा में कहीं भी स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते सोमवार को गंगा तटवर्ती शहरों और गांवों से हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे।
देव डोलियों के साथ मकर संक्रांति पर उत्तरकाशी में गंगा स्नान, भक्तिमय हुआ माहौल
उत्तरकाशी, 14 जनवरी (हि. स.)।मकर संक्रांति के अवसर पर कड़ाके की ठंड के बावजूद उत्तरकाशी के गंगा घाटों में बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी गंगा में स्नान कर पर्व मनाया।
तड़के चार बजे से पौराणिक मणिकर्णिका घाट, लक्षेश्वर, शंकर मठ, नाकुरी, देवीधार, गंगोरी अस्सी गंगा तट सहित अन्य स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। देव डोलियों की मौजूदगी और ढोल-नगाड़ों के साथ निकले जुलूसों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
स्नान पर्व के दौरान बाड़ाहाट, बाड़ागड्डी, रनाड़ी, डुंडा, धनारी और टिहरी क्षेत्र से कंडार देवता, हरिमहाराज, खंडधारी माता, नाग देवता, रिंगाली देवी, नागराजा, त्रिपुरा माता, राजराजेश्वरी सहित अनेक देवी-देवताओं की डोलियां उत्तरकाशी पहुंचीं।
वहीं यमुना घाटी क्षेत्र में स्थित गंगा-यमुना एवं केदार गंगा के संगम स्थल गंगनानी कुंड में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की ओर से स्नान किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए है।
चीन की सत्ताधारी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। यह पहले बीजेपी मुख्यालय गया और फिर दिल्ली स्थिति आरएसएस मुख्यालय पहुंचा। विशेषकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुई मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने भी इन मुलाकातों पर सवाल उठाये है। इन मुलाकातों को केवल औपचारिक शिष्टाचार बताकर नजरअंदाज करना सियासी क्षेत्रों में आसान नहीं माना जा रहा। गलवान घाटी की घटना के बाद इस तरह की कूटनीतिक और सियासी बैठकों के मायने अहम हैं। भाजपा नेता अरुण सिंह के नेतृत्व वाले दल से मिलने के बाद चीनी नेताओं ने आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की। इस दौरान यह बैठक करीब एक घंटे चली। यह शिष्टाचार भेंट चीनी पक्ष के अनुरोध पर हुई। चीन भारत के मित्र देशों में नहीं माना जाता है। मगर बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अमेरिका से ठन्डे गर्म रिश्तों के बाद इसे अहम् माना जा रहा है। यह भी साझी है चीन ने कभी भारत की सहायता नहीं की। यहाँ तक कि सुरक्षा परिषद् में भारत को स्थाई सदस्य बनाने में भी कभी आगे आकर समर्थन नहीं किया। विरोध जरूर किया। पाकिस्तान की गिनती भारत के दुश्मन देशों में की जाती है। चीन पाकिस्तान की सहायता करता रहा है और आज भी कर रहा है। चीन भारत का पडोसी देश जरूर है और इस नाते भारत से उसके रिश्ते सामान्य होने की उम्मीद की जाती है। चीन भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है तो उसे भारत से मिलकर रहना भी पड़ेगा। अब देखना है भारत चीन की दोस्ती परवान चढ़ेगी या नहीं। सब कुछ चीन के भरोसे पर टिकी है। चीन यदि सीमा विवाद सुलझाकर भारत को सुरक्षा परिषद् का स्थाई सदस्य बनने में रुकावट नहीं डाले तथा पाकिस्तान को अवांछित मदद नहीं करें तो दोनों देश प्रगति और विकास का मार्ग वरण कर सकते है। वैश्विक जगत में यह बहुत बड़ी बात होंगी।
बीजेपी के राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, ‘इंटरनेशन डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के वाइस मिनिस्टर सुन हैयान ने बीजेपी मुख्यालय का दौरा किया। बैठक के दौरान हमने बीजेपी और सीपीसी के बीच संवाद और बातचीत कैसे बढ़ाएं, इसपर चर्चा की।’ सीपीसी नेताओं से बैठक के बाद बीजेपी के विदेश मामलों के इंचार्ज डॉ विजय चौथाईवाले ने एक्स पर बताया कि ‘महासचिव अरुण सिंह की अगुवाई में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल और सीपीसी डेलिगेशन के बीच इंटर पार्टी कम्युनिकेशन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग भी शामिल हुए।’ चीन के स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस के मुताबिक जून 2024 के अंत में चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के कुल 10.27 करोड़ सदस्य थे। वहीं बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताती है। पार्टी का दावा है कि पिछले सदस्यता अभियान के बाद 2025 में इसके सदस्यों की संख्या 18 करोड़ से ज्यादा है।
गौरतलब है कि गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच रिश्तों में खटास आई थी. नागरिकों के बीच संपर्क भी टूट गया था। भारत ने चीनी कंपनियों और निवेश को लेकर कई पाबंदियां भी लगाई थीं। हालांकि अब रिश्तों में सुधार हो रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की चीन यात्रा के बाद रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें सीधी हवाई सेवाओं को बहाल करना भी शामिल है। भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और यहां जनता से चुनी हुई सरकार शासन करती है। चीन में एक पार्टी की तानाशाही है। अपनी विस्तारवादी नीति के लिए यह देश जाना है। हिंदी चीनी भाई भाई के नारे को भारत भुला नहीं है। भारत के साथ शत्रुता पूर्ण व्यवहार उसकी पहचान है।
इसी बीच ट्रंफ टैरिफ ने एक बार फिर भारत और चीन के आपसी सम्बन्ध सुधरने का अवसर प्रदान किया है। दोनों देशों के बीच फिर से सकारात्मक बातचीत होती दिख रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमारे सदियों पुराने मित्र देश रूस ने चीन से कहा है की वह भारत से अपने सभी रिश्ते शांति के साथ निपटाएं। रूस का मानना है भारत, चीन और रूस एक होते है तो दुनिया की कोई ताकत इन्हें आँख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकते। इससे पूरी दुनिया की चाल और सत्ता का संतुलन ही बदल जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार तीनों देश लंबे समय अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। चीन युआन, रूस रूबल, और भारत रुपया ट्रेड को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में तीनों साथ आकर नई करेंसी या पेमेंट सिस्टम बना सकते हैं जो डॉलर को चुनौती देगा। चीन को भी अब समझ आ गया है कि भारत के साथ टकराव से दोनों देशों का नुकसान है। इसके अलावा चीन के इस बदले रुख के पीछे भारत की मजबूत रणनीति और सरहद पर तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा भी है। भारत ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सड़कों, पुलों, सुरंगों और हवाई पट्टियों का निर्माण तेज कर दिया है।
15 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में भारत और नेपाल के लिए एक त्रासदी के रूप में दर्ज है। वर्ष 1934 में इसी दिन आए विनाशकारी भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस भूकंप का केंद्र भारत के बिहार क्षेत्र और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के आसपास था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.4 मापी गई।
भूकंप के तेज़ झटकों से शहरों और गांवों में इमारतें धराशायी हो गईं। बिहार के कई हिस्सों में सड़कें, पुल और घर पूरी तरह नष्ट हो गए, वहीं नेपाल में भी भारी जन-धन की हानि हुई। इस प्राकृतिक आपदा में अनुमानित रूप से लगभग 11 हजार लोगों की जान चली गई, जबकि असंख्य लोग घायल और बेघर हो गए।
1934 का यह भूकंप उस दौर की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। सीमित संसाधनों और संचार व्यवस्था के अभाव के कारण राहत और बचाव कार्य भी अत्यंत कठिन रहा। इस त्रासदी ने न केवल तत्कालीन जनजीवन को झकझोर दिया, बल्कि भविष्य में भूकंप-रोधी निर्माण और आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
आज भी 15 जनवरी की यह तारीख हमें प्रकृति की अपार शक्ति और उससे निपटने के लिए सतर्कता, वैज्ञानिक सोच और मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र की अहमियत की याद दिलाती है।
महत्वपूर्ण घटनाचक्र
1759 – लंदन स्थित मोंटेगुवे हाउस में ब्रिटिश संग्रहालय की स्थापना हुई।
1784 – एशियेटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना।
1934 – बिहार में जबरदस्त भूकंप से करीब 20 हजार लोगों की मौत।
1949 – के. एम. करियप्पा भारतीय थल सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ बने। तब से 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1949 में फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी।
1965 – भारतीय खाद्य निगम की स्थापना।
1975 – पुर्तगाल ने अंगोला की आजादी के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1986 – थल सेना के प्रथम कमांडर इन चीफ के एम करियप्पा (सेवानिवृत्त) को फील्ड मार्शल की पदवी दी गई।
1986 : इंडियन एयरलाइंस की एक वाणिज्यिक यात्री उड़ान को पहली बार केवल महिला चालक दल ने संचालित किया।
1988 – भारत के पूर्व गेंदबाज नरेंद्र हिरवानी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में ही 16 विकेट लिए।
1992 – बुल्गारिया ने बाल्कन के देश मैसिडोनिया को मान्यता दी।
1998 – ढाका में त्रिदेशीय भारत, बांग्लादेश तथा पाकिस्तान का शिखर सम्मेलन प्रारम्भ।
1999 – ‘एनी फ्रैंक घोषणा पत्र’ पर हस्ताक्षर करने वाले प्रथम विश्व नेता संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव कोफी अन्नान बने, पाकिस्तान में सभी नागरिक प्रशासनिक कार्य सेना को हस्तांतरित।
2001 : विकिपीडिया लॉन्च किया गया।
2006 – ब्रिटिश हाईकोर्ट ने क्वात्रोच्चि के दो बैंक खातों पर से प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया।
2007 – सद्दाम के सौतेले भाई एवं इराकी अदालत के पूर्व प्रमुख फांसी पर चढ़ाये गये।
2008 – सरकारी क्षेत्र की कंपनी गैस अथोरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (गेल) के बोर्ड ने महाराष्ट्र के दाभोल से बंगलुरु तक गैस पाइप लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी।
2008 – उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने ‘गंगा र्क्सप्रेस वे परियोजना’ का शिलान्यास किया।
2008 – प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चीन यात्रा के दौरान भारत-चीन सीमा विवाद पर बातचीत की गई।
2008 – खगोलविदों ने धरती से 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर की आकाश गंगा के जीवन के लिये जरूरी तत्त्व खोजने का दावा किया।
2009 – दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता व प्रसिद्ध फिल्म निर्माता तपन सिन्हा का निधन।
2009 – फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर को बाफ्टा पुरस्कार की श्रेणियों में स्थान मिला।
2010 – तीन घंटे से भी अधिक की अवधि वाला शताब्दी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगा।
2013 – सीरिया की अलेप्पो यूनिवर्सिटी में रॉकेट हमले में 83 लोगों की मौत तथा 150 लोग घायल।
2016 – पश्चिमी अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में ऑगाडोगू के होटल में आतंकवादी हमले में 28 लोगों की मौत तथा 56 लोग घायल।
2020 – आईसीसी ने भारतीय क्रिकेट टीम के (सीमित ओवरों के फॉर्मेट) रोहित शर्मा को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ वनडे क्रिकेटर चुना।
2020 – विराट कोहली को ‘आइसीसी स्प्रिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड ऑफ द ईयर’ चुना गया।
2020 – रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने अपने मंत्रिमंडल के साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
2020 – भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपना 145वां स्थापना दिवस मनाया। यह दिवस पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा मनाया गया।
2020 – आईपीएस अधिकारी आनंद प्रकाश माहेश्वरी ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ के नए महानिदेशक के रूप में पदभार संभाला।
जन्म
1856 – अश्विनी कुमार दत्त – भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और देश भक्त।
1888- सैफ़ुद्दीन किचलू- पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी।
1899 – ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफ़िर – भारतीय राजनीतिज्ञ और पंजाबी भाषा के विख्यात साहित्यकार थे।
1921- बाबासाहेब भोसले – राजनीतिज्ञ, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री।
1926 – खाशाबा जाधव – भारत के ऐसे पहले कुश्ती खिलाड़ी थे, जिन्होंने हेलसिंकी ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता था।
1932 – जगन्नाथ पहाड़िया – राजस्थान के भूतपूर्व नौवें मुख्यमंत्री रहे हैं।
1934 – वी. एस. रमादेवी – भारत की प्रथम महिला मुख्य चुनाव आयुक्त थीं।
1938 – चुनी गोस्वामी – प्रसिद्ध भारतीय फ़ुटबॉलर थे।
1946 – हरप्रसाद दास – उड़िया भाषा के प्रसिद्ध निबंधकार, कवि और स्तम्भकार हैं।
1947 – संचमान लिम्बू – सिक्किम के भूतपूर्व चौथे मुख्यमंत्री थे।
1956- मायावती – राजनीतिज्ञ।
1957- भानुप्रिया अभिनेत्री।
1961- सरदूल सिकंदर – पंजाबी भाषा के लोक और पॉप संगीत से जुड़े प्रसिद्ध गायक तथा अभिनेता थे।
1982- नील नितिन मुकेश – भारतीय अभिनेता हैं, जो हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध गायक नितिन मुकेश के पुत्र हैं।
निधन
1761 ई. – सदाशिवराव भाऊ – भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध एक मराठा वीर थे।
1990 – आर. आर. दिवाकर – भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के राजनीतिज्ञ थे।
1998 – गुलजारीलाल नन्दा – भारत के भूतपूर्व कार्यकारी प्रधानमंत्री।
2004 – मोहम्मद सलीम – 16वीं लोकसभा में सांसद थे।
2009 – तपन सिन्हा – प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक।
2012 – होमाई व्यारावाला – भारत की प्रथम महिला फ़ोटो पत्रकार।
2014 – नामदेव ढसाल – मराठी कवि, लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता थे।
2015 – रामेश्वर ठाकुर- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे।
वाशिंगटन, 14 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की इस्लामिक सरकार के आदेश पर वहां प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा की जा रही है। मरने वालों की संख्या बढ़कर 12,000 हो गई है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि वह मदद भेज रहे हैं। कुछ देर पहले की गई इस घोषणा में यह साफ नहीं किया गया है कि यह मदद किस प्रकार की होगी।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में इस सारे घटनाक्रम पर अहम जानकारी दी गई है। इसमें ट्रंप प्रशासन की हलचल के अलावा ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी के हवाले से भी स्थिति पर टिप्पणी की गई है। पहलवी ने मंगलवार को कहा कि ईरान में अशांति के कारण मरने वालों की संख्या हाल के दिनों में बढ़ गई है। उन्होंने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने का आग्रह किया।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पहलवी ने कहा, “दुखद खबर यह है कि पिछले दो दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। यह 9/11 के आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों की संख्या से चार गुना ज्यादा है। अब तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार कम से कम 12,000 लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, ” निहत्थे प्रदर्शनकारियों को मारने के लिए सैन्य हथियारों, एके-47, बख्तरबंद ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके शव बुलडोजर से उठाए जा रहे हैं।”
ईरान इंटरनेशनल के संपादकीय बोर्ड ने सूत्रों और मेडिकल डेटा की समीक्षा के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि आठ और नौ जनवरी की रात विरोध प्रदर्शन के दौरान कम से कम 12,000 लोग मारे गए। इस पर नीदरलैंड, स्पेन और फिनलैंड सहित कई यूरोपीय देशों ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का विरोध करने के लिए ईरान के राजदूतों को तलब किया।
ईरान के मौजूदा हालात से आहत वहां के सर्वोच्च सुन्नी धर्मगुरु मौलवी अब्दुल हामिद ने मंगलवार को देश भर के शहरों में प्रदर्शनकारियों की हत्या की निंदा की और चेतावनी दी कि ऐसे आदेश देने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने एक्स पर कहा, “तेहरान और देश के अन्य शहरों में कुछ ही दिनों में हजारों प्रदर्शनकारियों का नरसंहार दुखद है। इस घटना ने ईरान को दुख और गुस्से में डुबो दिया है और दुनिया भर आजादी पसंद लोगों की अंतरात्मा को गहरी चोट पहुंचाई है। ऐसा आदेश देने वाला परलोक में भी ईश्वरीय दंड का हकदार होगा।”
इस बीच अमेरिकी प्रतिनिधि क्लाउडिया टेनी ने मंगलवार को एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता ली खामेनेई की तस्वीर को सिगार सुलगाने के लिए जलाया जा रहा है। इस तरह की विरोध वाली तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं।
न्यूयॉर्क की रिपब्लिकन हाउस सदस्य ने कहा, “अगर आपके पास हैं तो उन्हें जलाओ।”
बमाको (माली), 14 जनवरी (हि.स.)। उत्तरी माली के टिम्बकटू में नाइजर नदी में एक फेरी नाव (बोट) चट्टानों से टकराकर डूब गई। इस हादसे में दर्जनों लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों और मृतकों के रिश्तेदारों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा गुरुवार को डिरे शहर में हुआ। स्थानीय अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या जारी नहीं की है, लेकिन इलाके के निवासी और पूर्व नेशनल असेंबली के डिप्टी अल्काइडी टूरे ने 38 लोगों की मौत हो गई और 23 को बचा लिया गया।
अमेरिका के एबीसी न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, डिरे नवासी मूसा अग अल्मोबारक ट्राओरे ने बताया कि उन्होंने इस हादसे में अपने परिवार के 21 सदस्यों को खो दिया।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाव में किसान सवार थे। यह हादसा रात को हुआ। इस इलाके में अल-कायदा के आतंकवादियों के हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों के कारण रात को डॉकिंग पर प्रतिबंध लगा है। ट्राओरे ने कहा कि नाव का चालक सुबह तक इंतजार नहीं करना चाहता था और उसने दूसरी जगह किनारे आने की कोशिश की, जहां नाव चट्टानों से टकराकर डूब गई।
माली अपने पड़ोसी बुर्किना फासो और नाइजर के साथ मिलकर कई दशकों से आतंकवादियों से लड़ रहा है। अल-कायदा समर्थित जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन ( समूह के आतंकवादी माली के टिम्बकटू इलाके में सक्रिय हैं। नाइजर नदी पर फेरी नावों से जुड़े हादसे आम बात हैं।
सिंगापुर, 14 जनवरी (हि.स.)। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने तमिल समुदाय को पोंगल पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ” हमारा तमिल समुदाय जिस पोंगल पर्व को मनाता है, वह परिवार के साथ एकजुट होने, कृतज्ञता व्यक्त करने, अपनी पारंपरिक जड़ों का सम्मान करने और आने वाले आशावादी वर्ष का स्वागत करने का उपयुक्त समय है।”
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने कहा, ”इस अवसर पर मैं सभी को पोंगल की शुभकामनाएं देता हूं। पोंगल पर्व की भावना का अनुभव करने के लिए लिटिल इंडिया या इंडियन हेरिटेज सेंटर में कुछ समय अवश्य बिताएं।”
उल्लेखनीय है कि भारत के तमिलनाडु में पोंगल पर्व कल ताई थिरुनाल के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए पारंपरिक तरीके से नए मिट्टी के बर्तन में पोंगल बनाकर खुशी और उत्साह के साथ त्योहार मनाया जाता है। तमिलनाडु में पोंगल पर्व चार दिन तक (भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और काणुम पोंगल) धूमधाम से मनाया जाता है। इस क्रम में आज भोगी पर्व मनाया जा रहा है।