गायक समर हजारिका के निधन पर मुख्यमंत्री सरमा ने जताया शोक

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गुवाहाटी, 13 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने माघ बिहू के उरुका के दिन मंगलवार काे असम की सांस्कृतिक जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व और प्रसिद्ध कलाकार समर हजारिका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने शोक संदेश में कहा कि समर हजारिका के निधन का समाचार अत्यंत मर्माहत करने वाला है और यह असम की सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दिवंगत कलाकार ने अपने गायन और रचनात्मक योगदान से असमिया संगीत और सिनेमा को समृद्ध किया।

समर हजारिका, महान गायक और सांस्कृतिक प्रतीक डॉ. भूपेन हजारिका के कनिष्ठ भ्राता थे। उन्होंने आकाशवाणी और विभिन्न संगीत एलबमों के लिए गीत गाए, साथ ही कई असमिया फिल्मों में पार्श्वगायक के रूप में ख्याति अर्जित की। उनकी आवाज में सजी ‘प्रथम मरमे जदि’ और ‘इ जे रणांगणर कहानी’ जैसी कालजयी रचनाएं आज भी श्रोताओं के हृदय में जीवंत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समर हाज़रिका का निधन ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। इस शोकाकुल क्षण में उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिरशांति की कामना की और शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मशहूर गायक समर हजारिका का निधन

गुवाहाटी, 13 जनवरी (हि.स.)। असम के दिग्गज गायक भूपेन हजारिका के छोटे भाई और मशहूर गायक-संगीतकार समर हजारिका का निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। परिवार की ओर से उनके निधन की पुष्टि की गई है।

हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मंगलवार 13 जनवरी को गुवाहाटी के निजारापार स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। 75 वर्षीय समर हजारिका अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके निधन से असम की सांस्कृतिक दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जताया शोक

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने समर हजारिका के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि समर की भावपूर्ण आवाज हर मंच और अवसर को रोशन करती थी। उन्होंने असम के सांस्कृतिक परिदृश्य में अहम योगदान दिया और डॉ. भूपेन हजारिका की विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर हजारिका के जाने से असम ने एक और अनमोल और सुनहरी आवाज खो दी है। उन्होंने दिवंगत कलाकार के परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ओम शांति कहा।

कौन थे समर हजारिका

समर हजारिका का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जिसने आधुनिक असमिया संगीत को नई पहचान दी। जहां उनके बड़े भाई भूपेन हजारिका वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा और संगीत के दिग्गज बने, वहीं समर हजारिका ने असम की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर अपनी अलग पहचान कायम की। उन्होंने 1960 के दशक में अपने संगीत करियर की शुरुआत की और कई असमिया फिल्मों को अपनी आवाज दी। इसके अलावा उनके कई संगीत एल्बम भी रिलीज हुए, जिन्हें श्रोताओं का भरपूर प्यार मिला। समर हजारिका असमिया संगीत जगत के उन कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने सादगी और भावनाओं के साथ संगीत को लोगों के दिलों तक पहुंचाया।

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