सुप्रीम कोर्ट ने एआर रहमान और डागर को मध्यस्थता से मामला सुलझाने को कहा

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नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने 2023 के फिल्म पोन्नियनसेलवन 2 का गाना वीरा राजा वीरा के संगीत के कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में एआर रहमान और ध्रुपद गायक फैयाद वसीफुद्दीन डागर के बीच चल रहे विवाद में समझौते की सलाह दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह मामला केवल कानूनी अधिकारों का नहीं है, बल्कि डागरवाणी परंपरा और शास्त्रीय विरासत के सम्मान का मामला है।

सुनवाई के दौरान एआर रहमान की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह धुन पहले भी कई बार सार्वजनिक रुप से गायी जा चुकी है। तब कोर्ट ने कहा क सिंगर फैयाद वसीफुद्दीन डागर परिवार के पूर्वजों का डागरवाणी परंपरा और ध्रुपद गायकी में काफी बड़ा योगदान रहा है। कोर्ट ने सिंघवी से कहा कि शास्त्रीय संगीत के उपासक अक्सर व्यावसायिक प्रतिस्पर्द्धा से दूर रहते हैं और वे सम्मान और अपनी कला की पहचान होती है। अगर इन पारंपरिक घरानों ने शास्त्रीय संगीत की नींव नहीं रखी होती तो आज के आधुनिक संगीतकारों के लिए इस मुकाम तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता।

याचिका ध्रुपद संगीतकार उस्ताद वसीफुद्दीन डागर ने दायर की है। याचिका में गाना वीरा राजा वीरा के कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पिता नासिर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा जहीरुद्दीन डागर द्वारा तैयार किए गए संगीत पर उनका कॉपीराइट है। इस किस्म के गायन को डागर वाणी का नाम दिया गया है और ये ध्रुपद गायन का आधार है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पिता के पुराने गीतों में से एक शिव स्तुति है जिसे 1970 में गाया गया था।

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