बायोपोल केमिकल्स के निवेशकों को झटका, पहले दिन ही नुकसान में रहे

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नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। बायोकेमिकल और पॉलीइलेक्ट्रोलाइट केमिकल्स की मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करने वाली कंपनी बायोपोल केमिकल्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 108 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.70 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 111 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण थोड़ी देर में ही यह शेयर 105.45 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। हालांकि बाद में खरीदारी होने की वजह से इसने लोअर सर्किट को ब्रेक कर दिया। इसके बावजूद पूरे दिन के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 105.50 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 2.31 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

बायोपोल केमिकल्स का 31.26 करोड़ रुपये का आईपीओ छह से दस फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 22.33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 21.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 24.49 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 20.80 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 28,94,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी इंडस्ट्रियल प्लॉट खरीदने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.96 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.33 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को छह करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी तेजी आई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 17.43 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 49.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 48.97 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.58 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 14.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.62 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 11.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.43 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 6.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 8.99 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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