ज्यूडिशियल कमीशन बनाने का फैसला
शिलांग, 09 फरवरी (हि.स.)। मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला में एक गैर-कानूनी कोयला खदान में हुए धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। कुछ घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में भी इलाज के दौरान तीन श्रमिकों की मौत होने की बातें बतायी गयी। इस बीच, साेमवार काे राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने सोमवार को घोषणा की कि गैर-कानूनी कोयला खदान में धमाके से जुड़ी घटना की जांच के लिए ज्यूडिशियल कमीशन ऑफ इंक्वायरी बनाने का फैसला किया गया है।
ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने आज बताया कि उमसनागत गांव के थांगस्कू इलाके में कई एजेंसियों के जॉइंट सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किए गए। मुश्किल इलाके और सुरक्षा जोखिमों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन और पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस सुपरिटेंडेंट ने कहा कि कुछ लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों के मिलने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर एनडीआरएफ के सूत्रों ने बताया है कि बीते तीन दिनों तक चले अभियान में कुछ भी सफलता नहीं मिली है, जिसके चलते सर्च अभियान को रोकने का निर्णय लिया गया है। घटनास्थल से सभी एजेंसियां रवाना हो रही है। इस बीच पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने कहा कि मरने वालों की पहचान सुनिश्चित करने का काम भी चल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस घटना में खलिहरियत पुलिस स्टेशन में स्वतः से एफआईआर दर्ज की गई है। इंडियन पीनल कोड, माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड कंट्रोल) एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
गैरकानूनी कोयला माइनिंग और डायनामाइट ब्लास्टिंग में शामिल होने के आरोप में दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जलापेट पोरडुंग गांव के रहने वाले किसान चिरमांग (36) और सुतांगा पोहवाइलैंग गांव के रहने वाले शमेही वार (42 ) शामिल हैं। पुलिस सुपरिटेंडेंट ने कहा कि बार-बार बैन और कोर्ट के आदेशों के बावजूद गैर-कानूनी गतिविधियां जारी हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है। पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने संकेत दिया कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।–
