बलरामपुर पुलिस का सबसे अनोखा जवान

बलरामपुर, 05 फ़रवरी (हि.स.)। मनुष्य और जानवरों के बीच अपनत्व की कई मिसालें आपने देखी होंगी, लेकिन बलरामपुर जिले के चांदो थाना की यह कहानी सचमुच हैरान करने वाली है। यहां एक बकरा पिछले 13 वर्षों से पुलिस विभाग का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। न कोई नियुक्ति पत्र, न वेतन, फिर भी जिम्मेदारी में किसी सिपाही से कम नहीं। यह बकरा पुलिस जवानों के साथ परेड में खड़ा होता है, जंगलों में गश्त करता है और बाजार ड्यूटी के दौरान भी थाने का प्रतिनिधित्व करता नजर आता है।
चांदो थाना इन दिनों किसी बड़े केस की वजह से नहीं, बल्कि अपने इस अनोखे सदस्य के कारण चर्चा में है। थाने की पुलिस लाइन में जहां आमतौर पर डॉग स्क्वॉड दिखाई देता है, वहीं यहां एक बकरा पूरे अनुशासन के साथ जवानों के बीच मौजूद रहता है। स्थानीय लोग भी अब इसे थाने के स्थायी ‘जवान’ के रूप में पहचानते हैं।
बताया जाता है कि करीब 13 साल पहले यह बकरा एक कार्यक्रम के दौरान चांदो थाना लाया गया था और तत्कालीन थाना प्रभारी को भेंट किया गया था। कुछ समय बाद थाना प्रभारी का तबादला हो गया, लेकिन बकरा थाने में ही रह गया। इसके बाद जो भी थाना प्रभारी आया, उसने इसकी सहजता और शांत स्वभाव को देखकर इसे थाने से जुड़ा रहने दिया। धीरे-धीरे यह बकरा पुलिस परिवार का हिस्सा बन गया।
आज स्थिति यह है कि बकरा जवानों के साथ परेड में खड़ा होता है, जंगल क्षेत्र में गश्त पर भी उनके साथ निकलता है और सप्ताह में लगने वाले बाजार के दौरान खुद ही थाने से निकलकर बाजार तक जाता है। ड्यूटी खत्म होने के बाद समय पर वापस थाने लौट आना उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। शाम के वक्त मोर्चे पर जाकर खड़ा होना भी उसकी आदत में शामिल है।
मजेदार पहलू यह है कि जब भी नया थाना प्रभारी चांदो थाने में पदभार संभालता है, तो सबसे पहले इस बकरे से उसका सामना जरूर होता है, मानो थाने में उसकी मौजूदगी एक अनकही परंपरा बन चुकी हो।
चांदो थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह टेकाम बताते हैं कि यह बकरा वर्षों से थाने में रह रहा है। यह हर गतिविधि को देखता, समझता और अनुशासन में रहता है। किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता और बिल्कुल शांत स्वभाव का है। पुलिसकर्मियों के बीच यह केवल एक जानवर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह माना जाता है।
चांदो थाना का यह बकरा आज इस बात का प्रतीक बन चुका है कि वर्दी केवल पहनावे से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अपनत्व से पहचानी जाती है। यही वजह है कि यह अनोखा ‘बकरा जवान’ लोगों के दिलों में खास जगह बना चुका है।
