
नई दिल्ली, 31 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थल के रूप में शामिल किए जाने खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे जैव विविधता संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट का जवाब देते हुए यह प्रतिक्रिया दी और प्रधानमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि एटा का पटना पक्षी अभयारण्य और कच्छ का छारी-ढांड रामसर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय निवासियों और आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की मान्यताएं जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं।
प्रधानमंत्री ने आशा जताई कि ये आर्द्रभूमियां भविष्य में भी असंख्य प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध आवास बनी रहेंगी।
प्रधानमंत्री ने उप्र के पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के छारी-ढांड को रामसर स्थल का दर्जा मिलने पर जताई खुशी
