राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में किया ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन

0
3

नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन किया। यह भारत की 11 शास्त्रीय भाषाओं की समृद्ध साहित्यिक एवं बौद्धिक परंपरा को समर्पित है। ग्रंथ कुटीर में इन भाषाओं से संबंधित लगभग 2300 पुस्तकें और 50 के आसपास पांडुलिपियां संग्रहित हैं।

शास्त्रीय भाषायें तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओड़िया, मराठी, पालि, प्राकृत, असमिया और बांग्ला हैं। अक्टूबर 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के बाद अब कुल 11 भाषाएँ इस श्रेणी में सम्मिलित हैं।

पांडुलिपियां ताड़पत्र, कागज, छाल और वस्त्र जैसी पारंपरिक सामग्रियों पर हस्तलिखित हैं। इस संग्रह में महाकाव्य, दर्शन, भाषाविज्ञान, इतिहास, शासन, विज्ञान, भक्ति साहित्य तथा शास्त्रीय भाषायें शामिल हैं। साथ ही इनमें भारत का संविधान भी शामिल है।

ग्रंथ कुटीर का विकास केंद्र एवं राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों और व्यक्तिगत दाताओं के सहयोग से किया गया है। शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय तथा उनसे संबद्ध संस्थानों ने इस पहल को समर्थन दिया है। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र पांडुलिपियों के संरक्षण और प्रबंधन में विशेषज्ञ सहयोग प्रदान कर रहा है।

उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि शास्त्रीय भाषाओं ने भारतीय संस्कृति की नींव रखी है और विज्ञान, गणित, आयुर्वेद, खगोल तथा व्याकरण जैसे विषयों में विश्व को मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने युवाओं को कम से कम एक शास्त्रीय भाषा सीखने और विश्वविद्यालयों में इनके अध्ययन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्रंथ कुटीर शास्त्रीय भाषाओं के संरक्षण और प्रचार का एक प्रेरक केंद्र बनेगा।इस अवसर पर संस्कृति राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी, विषय विशेषज्ञ, दानदाता और राज्य प्रतिनिधि शामिल थे।

ष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन किया। यह भारत की 11 शास्त्रीय भाषाओं की समृद्ध साहित्यिक एवं बौद्धिक परंपरा को समर्पित है। ग्रंथ कुटीर में इन भाषाओं से संबंधित लगभग 2300 पुस्तकें और 50 के आसपास पांडुलिपियां संग्रहित हैं।

#राष्ट्रपति _द्रौपदी _मुर्मु #राष्ट्रपति _भवन #ग्रंथ _कुटीर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here