हिमाचल में मनाया जाता है शिवरात्रि का अनूठा पर्व

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हिमाचल प्रदेश के प्रमुख नगर मंडी में 600 वर्ष से महाशिवरात्रि का पर्व बड़े अनूठे ढंग से मनाया जाता है। यह पर्व एक सप्ताह तक जारी रहता है और इसमें 370 से अधिक ग्राम देवता भाग लेकर भगवान महादेव को हाजिरी देते हैं। इस समारोह में भाग लेने वाले ग्राम देवताओं को राज्य सरकार द्वारा नजराना पेश करने की भी पुरानी परम्परा है। इस अवसर पर पूरे नगर में आसपास के हजारों लोग जमा होते हैं और ग्राम देवताओं को जुलूस की शक्ल में उनके श्रद्धालु नाचते-गाते पालकियों में बिठाकर मेला स्थल तक विभिन्न गांवों से लाते हैं रियासत के समय से हर ग्राम देवता का कोटा तय है कि वह आपने कितने श्रद्धा ओ को गुरु, भंडारी ओर परम्परागत वाद तंत्र बजाने वाले साथ ला सकता है। इनसे हर को राज की ओर से नगद्दी नजराने देने की पुरानी परम्परा है। सब से पहले कमरूनाग देवता की पालकी आती है। । यह जुलूस पैदल ही सारा सफर तय करते हैं। इस त्यौहार को महाशिवरात्रि के त्योहार में देशभर के पर्यटक और श्रद्धालु भारी संख्या में मंडी आते हैं।

शिवरात्रि को महापर्व के रूप में मनाने का सिलसिला मंडी रियासत के संस्थापक अजबर सेन 15वीं शताब्दी में शुरू किया था। मंडी नगर छोटी काशी के रूप में विख्यात् है और यहां पर भगवान शिव के कई दर्जन प्राचीन मंदिर हैं। इनमें से मुख्य मंदिर भूतनाथ का है जिसका निर्माण 1664 में राजा सूरजसेन ने किया था।

परम्परा के अनुसार महाशिवरात्रि के इस पर्व में पुरानी रियासत मंडी के एक गांव से ग्राम देवताओं का आना जुलूसों की शक्ल में शिवरात्रि से एक सप्ताह पूर्व शुरू हो जाता है। यह ग्राम देवता पालकियों में पंडल मैदान तक उनके पुजारियों और अन्य अधिकारियों द्वारा लाए जाते हैं। पुरानी परम्परा के अनुसार इन ग्राम देवताओं के पुजारी जो गुरु कहलाते हैं उन्हें श्रद्धालु भेंट और नजराने पेश करते हैं और इन गुरुओं पर देवता आते हैं जोकि भविष्यवाणियां करते हैं और श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण के उपाय भी सुलझाते हैं। यह ग्राम देवता एक जुलूस की शक्ल में पहले भूतनाथ के मंदिर में हाजिरी देते हैं । समारोह के समापन अवसर पर यह सभी देवता मंडी रियासत के असली शासक माधवराव (विष्णु) की सेवा में राज महल जा हाजिरी भी देते हैं। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से उन्हें पुराने रियासत काल से ही नजराना भी पेश किया जाता है। इस तरह का शिवरात्रि का महापर्व देश के किसी अन्य भाग में नहीं मनाया जाता। महा शिव रात्रि यह त्यौहार एक सप्ताह तक जारी रहता है।इस के बाद सरकार से नज़राना लेने के बाद यह ग्राम देवता आपने श्रद्धालुओं के साथ पैदल ही गाते बजाते आपने ठिकानों पर लौट जाते हैं।

मनमोहन शर्मा

−वरिष्ठ पत्रकार

#हिमाचलशिवरात्रिअनूठापर्व

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