स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर

0
17

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर, केंद्रीय बजट में 1.06 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय बजट 2026–27 में केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अहम फैसला लिया है। इस वर्ष स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए 1,06,530.42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य बजट में 194 प्रतिशत से अधिक की कुल वृद्धि दर्ज की गई है।

रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए घोषणा की कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के लिए बजट में 67.66 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इस योजना के तहत 4,770 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे देशभर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, आधुनिक लैब, जिला और उप-जिला अस्पतालों को सशक्त बनाया जाएगा।

एम्स और मेडिकल कॉलेजों को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत नए एम्स मौजूदा संस्थानों के संचालन और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन के लिए 11,307 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे देश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।

आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को मजबूती, आयुष्मान भारत के लिए 9,500 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 39,390 करोड़ रुपये

इन योजनाओं के जरिए गरीबों को मुफ्त इलाज, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ और प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।

एड्स नियंत्रण और ब्लड बैंक सेवाओं को बड़ी राहत

राष्ट्रीय एड्स एवं यौन रोग नियंत्रण कार्यक्रम (नैको) के बजट में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाओं के लिए 275 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सुरक्षित और पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।

हर जिले में 24×7 ट्रॉमा और इमरजेंसी केयर

सरकार ने देश के हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा और आपातकालीन देखभाल केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया है। इससे सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों में समय पर इलाज मिल सकेगा।

युवाओं के लिए रोजगार और स्किलिंग

अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही 1.5 लाख जेरियाट्रिक केयरगिवर्स तैयार किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार और बुजुर्गों को बेहतर देखभाल मिलेगी।

मेडिकल रिसर्च को बड़ा प्रोत्साहन

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और आईसीएमआर के बजट में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इससे नई दवाओं, टीकों और आधुनिक इलाज पर रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

दवाइयों पर राहत

कैंसर और दुर्लभ बीमारियों का इलाज सस्ता।

कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इससे मरीजों का इलाज सस्ता होगा और जेब से होने वाला खर्च कम होगा।

‘बायो फार्मा शक्ति’ मिशन की शुरुआत

सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना की घोषणा की है, जिससे भारत में जैविक दवाओं और बायोसिमिलर का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और देश वैश्विक फार्मा हब बनेगा।

इस योजना का उद्देश्य भारत को ग्लोबल बॉयोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विकसित करना है। इस योजना के तहत देश में ही बायोलॉजिक और बायोसिमिलर दवाएं बनाई जाएंगी।

इस योजना के लॉन्च होने से हम डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों को हराने में कामयाब हो सकेंगे।

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना घरेलू स्‍तर पर जैविक घटकों, उत्‍पादों और जैविक दवाओं का उत्‍पादन के लिए एक इकोसिस्‍टम तैयार करेगी। भारत में अब कैंसर, डायबिटीज, ऑटो इम्यून जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। इनके इलाज में बायोलॉजिक दवाएं अहम हैं लेकिन इनकी कीमत बहुत ही ज्यादा है। इस वजह से इलाज महंगा हो जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर जोर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बजट में नए मेंटल हेल्थ इंस्टिट्यूट स्थापित करने की घोषणा की गई है। रांची और तेजपुर में नए राष्ट्रीय मेंटल हेल्थ संस्थान

स्थापित किए जाएंगे। ये संस्थान इलाज, उच्च शिक्षा, ट्रेनिंग और पॉलिसी आधारित रिसर्च के लिए राष्ट्रीय केंद्र के रूप में काम करेंगे। इनका उद्देश्य पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां अब तक स्पेशलाइज्ड सुविधाएं सीमित रही हैं । उत्तर भारत में निमहंस जैसा संस्थान स्थापित किया जाएगा।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा

बजट 2026 में 5 मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की घोषणा की गई है। ये हब निजी क्षेत्र के सहयोग से बनाए जाएंगे। जिन प्रमुख संस्थानों को इसमें शामिल किया गया है, वे हैं अपोलो, मैक्स, फोर्टिस, डॉक्टर लाल पैथ लैब्स और मेट्रोपोलिस। इस पहल से भारत न केवल देशी मरीजों के लिए बल्कि विदेशी मरीजों के लिए भी एक भरोसेमंद मेडिकल डेस्टिनेशन बनेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here